
Ashok Shera
@ashokshera94 • 133,837 subscribers
Digital Media Influencer | Founder @TheKhatak | 6M+ Strong Community on Social Media | 500M+ Monthly Reach | DM for Inquiries
Shorts
Videos

जयपुर के सांगानेर क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। घरेलू विवाद के दौरान एक बेटे ने अपने 67 वर्षीय बुजुर्ग पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है। पुलिस के अनुसार, शिकायत दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में अदालत से जमानत मिल गई। मामले की जांच जारी है। बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Ashok Shera105,070 次观看 • 24 天前

"मुझे दया नहीं चाहिए... मुझे सिर्फ न्याय चाहिए।" जयपुर की एक साधारण बेटी रेशु गुप्ता की यह पुकार आज हजारों नहीं, लाखों लोगों का दिल झकझोर रही है। रेशु बताती हैं कि उन्होंने बीएससी (मैथ्स) की पढ़ाई की, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन पिता के कोरोना काल में निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मजबूरी में उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और आखिरकार अपनी मेहनत से मोमोज का छोटा-सा ठेला शुरू किया, ताकि मां और बहन का सहारा बन सकें। लेकिन उनका दावा है कि 25वें दिन ही उनकी जिंदगी बदल गई। रेशु के अनुसार, कार्रवाई के दौरान गर्म पानी से भरा स्टीमर गिरने से वे गंभीर रूप से झुलस गईं। उनका कहना है कि वे मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन उन्हें समय पर राहत नहीं मिली। इसके बाद भी न्याय की लड़ाई आसान नहीं रही। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर लगाने पड़े। रेशु कहती हैं कि आज भी वह अपने इलाज का खर्च खुद और उनका परिवार उठा रहा है। वह किसी से बदला नहीं चाहतीं, सिर्फ निष्पक्ष जांच, इलाज में सहायता और न्याय की मांग कर रही हैं। उनका सबसे बड़ा दर्द यह है कि उनके चेहरे और भविष्य को लेकर उनके मन में गहरी चिंता है। वे कहती हैं, "मैं हारना नहीं चाहती... बस थोड़ा टूट गई हूं।" रेशु ने सरकार से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। उन्होंने अपने इलाज का पूरा खर्च, आर्थिक सहायता और सुरक्षा की भी मांग की है। साथ ही कहा कि यदि सड़क किनारे रोजगार गलत है, तो ऐसे लोगों को सम्मानजनक रोजगार का विकल्प दिया जाए। यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और जवाबदेही की कसौटी भी है। निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने आना जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Ashok Shera79,423 次观看 • 23 天前

जल मंत्री जी थोड़ा यहां ध्यान भी दे दीजिए हालात खराब सीमावर्ती गांवों की और यह वीडियो शत प्रतिशत सही है कि एक ऊंट थक हार कर बड़ी दूर से इस आश के साथ आया कि यहां पानी मिलेगा लेकिन क्या स्थिति बनी आपके सामने है जिस व्यक्ति ने यह वीडियो भेजा है वो फोन पर बात करते करते रो पड़ा ऐसे हालात को बताते हुए। CMO Rajasthan
Ashok Shera181,105 次观看 • 2 个月前

"पानी आएगा... और पानी मैं ही पिलाऊंगा!" ये सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि शेखावाटी से किया गया एक वादा था। आज जब 32 वर्षों से लंबित यमुना जल परियोजना पर राजस्थान और हरियाणा के बीच MoA पर हस्ताक्षर हुए हैं, तो वह भरोसा हकीकत बनता नजर आ रहा है। जो बात कभी तानों में थी, आज वही पहचान बनी, जो सपना वर्षों से अधूरा था, आज उसकी नई उड़ान बनी। चूरू, सीकर और झुंझुनू के लाखों लोगों के लिए यह समझौता भविष्य में पेयजल की नई उम्मीद लेकर आया है। कभी विधानसभा में किया गया दावा, आज विकास की दिशा में मजबूत कदम बनकर सामने है। Bhajanlal Sharma
Ashok Shera49,605 次观看 • 21 天前