
V Ashish Nautiyal
@ashu_nauty • 19,947 subscribers
Activist | Reader | Writer | Multimedia & Digital Editor at OpIndia | Founding Editor (Previously) The Pamphlet | #CivilizationStories
Shorts
Videos

“What makes you think I am a Hindu?” “Kashmir ki Booking cancel mat karo” Yahi atul kulkarni ab Cockroach Janta Party ke 6 June ke protest me bhi apni attendance laga raha hai. Every other day, another Hindu hater or pro-Islamist appears to be joining the CJP bandwagon.
V Ashish Nautiyal293,246 просмотров • 5 месяцев назад

मसूरी की जैबा अली बता रही है कि भारत के प्रधानमंत्री जब मुस्लिम थे तब यहाँ सब ठीक था लेकिन Narendra Modi जी के रहते उसका दम घुट रहा है इस देश में। मदरसा से पढ़ी हुई जैबा ऐसी ठोस जानकारी के साथ भी परीक्षाएं नहीं निकाल पा रही हैं। वाक़ई में तानाशाही का दौर है, जैबा अली की अंतिम उम्मीद भी राहुल गांधी ही हैं; आप मानें या ना मानें।
V Ashish Nautiyal132,868 просмотров • 3 месяцев назад

शाका लाका बूम बूम अभिनव अरोड़ा तुझे इसने सही से मरोड़ा
V Ashish Nautiyal657,129 просмотров • 2 лет назад

देवभूमि उत्तराखंड में कोटद्वार की इस नाजुक कली से मिलिए-- टोनी जिसकी बेटी है, चुम्मा चिपक के लेती है।
V Ashish Nautiyal409,243 просмотров • 1 год назад

जंतर मन्तर पर रात के 2 बजे असल क्रांति से साक्षात्कार हुआ
V Ashish Nautiyal87,434 просмотров • 3 месяцев назад

यूट्यूबर ऑफिसर का धामी जी ने यूट्यूब पर ही फैक्ट चेक कर दिया
V Ashish Nautiyal482,186 просмотров • 3 лет назад
0:48
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

इस वीडियो में परेशान होने की जरूरत नहीं है, इसे ही सायकोलॉजिकल कंडीशनिंग कहते हैं; अब्राहमिक रिलीजन वाले अपने बच्चों को खून- रक्तपात से वास्ता करवाते हैं ताकि वे किसी डिज़्नीलैंड में ना जियें. हिंदू इसे आवश्यक नहीं समझते; पूजा भी करते हैं तो आँख बंद कर के
V Ashish Nautiyal87,133 просмотров • 5 месяцев назад

Instagram ना आता तो ये सब टैलेंट कितना वेस्ट हो रहा होता 🫡
V Ashish Nautiyal131,623 просмотров • 9 месяцев назад

इंस्टाग्राम पर सिर्फ बकैती ही नहीं, कुछ लोग बढ़िया कंटेंट भी बना रहे हैं। दैनिक नंगई के बीच आज ये वीडियो दिखा।
V Ashish Nautiyal93,248 просмотров • 11 месяцев назад

3M थ्योरी लागू है पहाड़ों में - मच्छर, मक्खी और मुसलमान यहाँ होते ही नहीं थे, तो ये मजारें भी कहाँ से उग आईं किसी को ख़बर नहीं, किसी भी मजार के पास कागज नहीं हैं, अतीत की गलतियों को ठीक किया जा रहा है। मसूरी के घने जंगलों के बीच एक अवैध ढाँचा बना दिया गया था मोमिनों द्वारा, Pushkar Singh Dhami जी के कुशल नेतृत्व में उसका 'स्ट्रेचर' गिरकर उसे समतल कर दिया गया है।
V Ashish Nautiyal32,050 просмотров • 3 месяцев назад
