
Anuj Agnihotri Swatntra
@ASwatntra • 14,699 subscribers
Advocate | Businessman | #ब्राह्मण
Shorts
Videos

युवक – मैं थोड़ी नशे में हूं, मेरी बीबी प्रेगनेंट है उसे हॉस्पिटल ले कर जा रहा हूं। पुलिस जाने नहीं दे रही है। रात के लगभग 10 बजे आगे नाके में पुलिस पकड़ लेती है। पुलिस – बाहर आओ। युवक की पत्नी – सर मैं पहले ही बहुत तकलीफ में हूं जाने दीजिए। पुलिस – मैडम अगर इन्होंने एक बूंद भी पी रखी है तो मैं आगे जाने की परमिशन नहीं दे सकता। युवक – सर 2 किमी की बात है जाने दो, बीबी दर्द से चिल्ला रही है। फिर पुलिस वाले ने उस आदमी को ड्राइविंग सीट से उतार कर पीछे बैठने को कहता है और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और बोला हम पुलिस वाले आपकी सेवा के लिए हैं हमारा फर्ज है आपको सुरक्षित हॉस्पिटल तक ले जाना।। वीडियो 👇👇👇
Anuj Agnihotri Swatntra567,301 次观看 • 5 个月前

तुम एक सेक्स वर्कर हो… 🚨❌ जाओ और मेरे पति को टेस्ट करो। मेरा बेड खुला है।" 🚨 नई दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट की UPSC एस्पिरेंट लड़कियों को "सेक्स वर्कर," "मोमो," "पार्लर लेडी," और "ड्रग एडिक्ट.." जैसी नस्लभेदी गालियां दी गईं। कपल, हर्ष सिंह और रूबी, नस्लभेदी गालियां देते रहे। पत्नी ने उन्हें धमकी भी दी, यह दावा करते हुए कि उसका पति पॉलिटिकल कनेक्शन वाले एक कस्टम ऑफिसर का बेटा है। इस तरह का नस्लभेद बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कुछ महीने पहले, नॉर्थ ईस्ट की एक स्टूडेंट एंजेल चकमा को "चिंकी," "चाइनीज," और "मोमो" कहने पर लिंच कर दिया गया था। अगर नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ नेशनल कैपिटल में, पुलिस के सामने भी ऐसा बर्ताव होता है, तो वे कहां सुरक्षित हैं? सख्त एक्शन की ज़रूरत है। हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन को तुरंत अरेस्ट किया जाना चाहिए। किसी को भी लोकल, अधिकारी या पॉलिटिकल कनेक्शन होने की आड़ में NE के नागरिकों को बेइज्जत करने की इजाज़त नहीं है।
Anuj Agnihotri Swatntra255,814 次观看 • 3 个月前

भावुक कर देने वाला वीडियो 👇 केरल कुंभ मेले में एक अघोरी साधु बैठे हैं, जिनसे लोग आशीर्वाद लेने आ रहे हैं आमतौर पर लोग साधु-संतों के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं। यहाँ भी बड़े-बूढ़े और अन्य लोग साधु का आशीर्वाद ले रहे हैं जब एक छोटी बच्ची साधु के पास आती है, तो साधु का व्यवहार बदल जाता है। वह स्वयं उस बच्ची के सामने हाथ जोड़ते हैं, उसे देवी के रूप में सम्मान देते हैं और उससे आशीर्वाद माँगते हैं। यह दृश्य इस बात का प्रतीक है कि हिंदू धर्म में 'कन्या' (छोटी बच्ची) को साक्षात शक्ति या देवी का रूप माना जाता है। एक तपस्वी, जिसने सांसारिक मोह माया त्याग दी है, वह भी एक छोटी बच्ची के सामने नतमस्तक होकर समाज को नारी शक्ति के सम्मान का संदेश दे रहा है। यह वीडियो केवल धार्मिक भक्ति के बारे में नहीं है, बल्कि यह बेटियों के प्रति आदर और उनके देवी तुल्य होने के भाव को दर्शाता है।
Anuj Agnihotri Swatntra247,798 次观看 • 4 个月前

पत्रकार- मैम एक सवाल का जवाव दीजिए कि आपने कहा सवर्णों को फंसाया जाना चाहिए? कंचना यादव- नहीं मैं निकलूंगी लेट हो रहा। पत्रकार- एक मिनट रुकिए आपने कहा UGC पर सवर्णों को फंसाया जाना चाहिए? कंचना यादव- धक्का क्यों दे रही हों, ओए कहां गए हो सब आओ धक्का दे रही है 😃😃 कंचना यादव के पास जवाव नहीं है, बोलती बंद हो गई है, बनी प्रोफेसर घूम रही है, इसको हर गली चौराहे जहां मिले वहां इससे यही सवाल सब पूछो? यह बहुत बड़ी काबिल बनी घूम रही है पूछो क्यों फंसाया जाना चाहिए? और तुम्हारे पुर्खों का देश की आजादी में क्या योगदान है?
Anuj Agnihotri Swatntra150,399 次观看 • 4 个月前

हल्के में ले रहे हो? अरे अग्निहोत्री जी IIT पास आउट हैं कोई आरक्षण से नौकरी नहीं पाई है? अग्निहोत्री वह ब्राह्मण होते हैं जो अग्निहोत्र करते हैं? भाजपा का अग्निहोत्र शुरू हो गया है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद अग्निहोत्री जी को 2 ADM, 4 SDM समझाने पहुंचे हैं, बंद करने में वार्ता जारी है, अग्निहोत्री जी की ईमानदारी के चर्चे पूरे विभाग में हैं 🔥 जो लोग कहते है ब्राह्मणों ने इस देश मे किया क्या है? बात जब राष्ट्र और धर्म की आती है तो ब्राह्मण पहली पंक्ति में खड़े होते हैं, अब समझिए मेरे समाज का व्यक्ति अपनी नौकरी भाजपा से आहत होकर छोड़ रहा है और हम उस भाजपा को वोट दें, मर जाएंगे, मिट जाएंगे, लेकिन भाजपा को वोट नहीं देंगे।
Anuj Agnihotri Swatntra148,390 次观看 • 4 个月前

बड़ी खबर 🔥 बिहार में भाजपा सरकार ने लागू किया UGC नीतिश की सरकार नहीं मानती है सुप्रीम कोर्ट का आदेश। सुप्रीम कोर्ट के स्टे के वावजूद भागलपुर की तिलकामांझी विश्वविद्यालय में UGC एक्ट के तहत कमेटी का गठन, इसका छात्र संगठनों ने विरोध किया। बांकी सब राधे राधे तो हइयै।
Anuj Agnihotri Swatntra131,336 次观看 • 4 个月前

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री- अच्छा बताओ बन्ना क्या होता है? बनना जानते हो? इंद्रेश उपाध्याय- नहीं! धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री- दूल्हा 😃 वृन्दावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी में धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे, फिर आगे कि चर्चा सुनिए... मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि इस वीडियो को देखकर एक खास वर्ग बहुत आहत होगा।
Anuj Agnihotri Swatntra173,239 次观看 • 6 个月前

एक व्यक्ति की रात में ढाई बजे गुलाब जामुन खाने की इच्छा चली तो उसने तुरंत ऑनलाइन ऑर्डर किया जब डिलीवरी वॉय रात के ढाई बजे ऑर्डर लेकर गया, कस्टमर उसे ऊपर आने के लिए फ़ोर्स करने लगा और बद्तमीजी देने लगा कि हमारा ऑर्डर ऊपर तक पहुंचाओ पैसे नहीं लेते हो क्या अनाप शनाप बकने लगा? डिलीवरी वॉय स्वाभिमानी आदमी था उसने ऑर्डर कैंसल कर दिया और गुलाब जामुन खुद ही खा गया वीडियो 👇
Anuj Agnihotri Swatntra134,610 次观看 • 5 个月前

"मुझे बस 10 मिनट चाहिए" ⏳ ये शब्द किसी सीनियर वकील के नहीं थे। ये एक 19 साल के स्टूडेंट — अथर्व चतुर्वेदी — के थे, जो बस डॉक्टर बनने का एक सही मौका चाहता था। 🩺✨ अथर्व ने दो बार NEET पास किया। उसके 530 मार्क्स आए। उसने कड़ी मेहनत की, फोकस रखा और कभी हार नहीं मानी। फिर भी, पॉलिसी में कमियों की वजह से, उसे EWS कोटे के तहत MBBS सीट नहीं मिली। कई लोगों के लिए, यही अंत होता। निराशा। चुप्पी। मान लेना। लेकिन अथर्व ने हिम्मत चुनी। 💪 बिना किसी फॉर्मल लीगल बैकग्राउंड के, उसने खुद सीखना शुरू कर दिया। उसने जजमेंट पढ़े। उसने कोर्ट के प्रोसीजर समझे। उसने अपनी पिटीशन खुद बनाई। उसने अपना केस खुद फाइल किया। दिन में बायोलॉजी का स्टूडेंट… रात में लॉ का स्टूडेंट। और फिर वो खास पल आया। सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ⚖️🇮🇳 के अंदर, उसका केस जस्टिस सूर्यकांत की लीडरशिप वाली तीन जजों की बेंच के सामने लिस्टेड था। सीनियर वकीलों से घिरा, एक 19 साल का लड़का अकेला खड़ा था — तैयार और कॉन्फिडेंट। जैसे ही बेंच उठने वाली थी, उसने अपनी सारी हिम्मत जुटाई और कहा: 👉 “माई लॉर्ड्स, मुझे बस 10 मिनट चाहिए।” कोई डर नहीं। कोई हिचकिचाहट नहीं। सिर्फ़ ईमानदारी। जज रुके। उन्होंने सुना। और उन 10 मिनटों में… अथर्व ने अपनी स्ट्रगल के बारे में बताया। उसने फैक्ट्स पेश किए। वह साफ और पक्के यकीन के साथ बोला। वह सिर्फ़ अपने लिए नहीं, बल्कि कई काबिल स्टूडेंट्स के लिए बोला। कोर्टरूम में सन्नाटा था। तीनों जजों ने ध्यान से सुना। और उन्हीं 10 मिनटों में, इंसाफ़ हो गया। 🌟 उसका एडमिशन कन्फर्म हो गया। एक MBBS सीट अलॉट हो गई। उसका सपना फिर से पूरा हुआ। यह सिर्फ़ एक कानूनी जीत नहीं है। यह खुद पर विश्वास, तैयारी और हिम्मत की कहानी है। यह हमें याद दिलाता है: 👉 उम्र काबिलियत तय नहीं करती। 👉 बैकग्राउंड किस्मत तय नहीं करता। 👉 हिम्मत किरदार तय करती है। अथर्व का सफ़र आज मुश्किलों का सामना कर रहे हर स्टूडेंट और प्रोफ़ेशनल के लिए एक प्रेरणा है। जब आप खुद पर विश्वास करते हैं और सच बोलते हैं, तो सबसे बड़े अधिकारी भी सुनते हैं। 💫 इस युवा योद्धा को सलाम 🙌 उसे एक उज्ज्वल और असरदार भविष्य की शुभकामनाएँ। 🚀✨
Anuj Agnihotri Swatntra103,481 次观看 • 3 个月前