
Ansh Pratap
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वकील:-हुज़ूर, इसे सोमवार (Monday) को कर दिया जाए। जज:-नहीं-नहीं, सोमवार नहीं होगा। यह कोर्ट आज यहीं बैठी रहेगी। मुझे 12:00 बजे रात तक बैठने में भी कोई दिक्कत नहीं है। यह मेरा कोर्ट है, मैं रात के 12:00 बजे तक बैठ सकता हूँ। वकील:-तो हम एसपी (SP) साहब से बात करते हैं हुज़ूर। जज:-तारीख 12:00 बजे के बाद बदलेगी, मालूम है ना? यह आज का हमारा कोर्ट है और रात के 12:00 बजे से पहले तक यह बेंच उपलब्ध है। आप उनसे पूछिए कि उन्हें आने में और कितनी देर लगेगी। वकील:-लेकिन हुज़ूर, यह भी तो एक सच है कि वो अपने खिलाफ एफआईआर (FIR) तो दर्ज नहीं करेंगे। जज: -खान साहब, ऐसा है कि क्या होगा और क्या नहीं होगा, वो हम देखेंगे... आप लग रहा होगा कि ये जॉली LLB फ़िल्म का सीन पर ऐसा नहीं है , ये पटना हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ऐसा हुआ है !..see more
Ansh Pratap308,800 Aufrufe • vor 5 Monaten

She tried to remove me from the photo, I removed her from my reality.📸 Keep the SIM, I’m keeping my respect (and the phone too!).📱 वो मुझे अपने 'फ्रेम' से निकाल रही थी, मैंने उसे उसकी 'औकात' से ही बाहर कर दिया, अपना सिम संभाल के रख पगली, क्योंकि ये फ़ोन और ये खाना अब तेरे नसीब में नहीं!
Ansh Pratap303,017 Aufrufe • vor 6 Monaten

कल तक जो साथ बैठकर केस की प्लानिंग करते थे, आज वही सामने जज की कुर्सी पर बैठकर गंभीर नज़रें चला रहे हैं। वकील की फ़ाइल हाथ में है, पर दिमाग़ में पुराने दिन घूम रहे है वकील साहब जज को डांट लगाते हुए नजर आ रहे हैं! जज साहब सहमे से नजर आ रहे हैं माय लॉर्ड कहते-कहते ज़ुबान लड़खड़ा जाती है, क्योंकि सामने सिर्फ़ जज नहीं, पुराना साथी बैठा है। ये वीडियो बताता है कि कुर्सी बदलते ही सम्मान भी बदल जाता है...
Ansh Pratap157,873 Aufrufe • vor 7 Monaten

एक तरफ हाईकोर्ट का जज, दूसरी तरफ एडिशनल कमिश्नर और बीच में कानून की ऐसी गरज कि कुर्सी नहीं, ज़मीर हिल जाए। जज साहब की फटकार में गुस्सा नहीं, सिस्टम से पूछा गया वो सवाल था जिसका जवाब सालों से टल रहा था। हर शब्द हथौड़े की तरह पड़ा, मानो अदालत नहीं, आईना लगा दिया गया हो प्रशासन के सामने। उस पल समझ आ गया कि पद बड़े होते हैं, लेकिन जवाबदेही उससे भी बड़ी होती है।
Ansh Pratap150,259 Aufrufe • vor 7 Monaten

शिक्षा और पद के बीच की सच्चाई जब अदालत के कटघरे में उजागर हुई। जज:- अखिलेश कुमार यादव, कहाँ तक पढ़े हैं? मैट्रिक कि नॉन-मैट्रिक? इंस्पेक्टर:- मैट्रिक। जज:- पास कर गए हैं? इंस्पेक्टर:- जी सर। जज:- पढ़कर पास किये थे? इंस्पेक्टर:- जी सर। जज:- अंग्रेजी पढ़ना जानते हैं? इंस्पेक्टर:- कम जानते हैं। जज:- पढ़कर बताइये। जज:- पढ़िये! वकील:- ही वोंट बी एबल टू रीड, माई लॉर्ड। (ये पढ़ नहीं पाएंगे, हुज़ूर) जज: पढ़िये! इंस्पेक्टर कागज़ को देखता रहता है और कुछ नहीं बोल पाता! "वीडियो 👇 ( पटना हाईकोर्ट)Credit to respective owners"
Ansh Pratap37,742 Aufrufe • vor 5 Monaten

यह मामला सितंबर 2004 का है और यह देहरादून (उत्तराखंड) में हुआ था। आप इस मामले को सुनेंगे दंग रह जाएंगे! ये सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रभा देवी हैं। इन्होंने ने ही इस मामले में निचली अदालत (Trial Court) में फैसला सुनाया था। महेंद्र शर्मा को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी, जिसे बाद में उच्च न्यायालय (High Court) और उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने बरकरार रखा था। इसने अपनी ही बेटी और बेटे की हत्या कर दी थी। जैसा कि वीडियो में बताया गया है, यह मामला आपसी अवैध संबंधों और पारिवारिक कलह से जुड़ा हुआ था! हिंदी में संवाद पढ़ने के कॉमेंट बॉक्स 👇 Credit to respective owners
Ansh Pratap26,243 Aufrufe • vor 5 Monaten

पहला दोस्त (मोहित): "चलिए राहुल बाबू, बाहर से कुछ खा-पीकर आते हैं।" दूसरा दोस्त (राहुल): "नहीं भैया आप जाइए, मुझे थोड़ा पढ़ाई करना है।" मोहित: "अरे चलो भाई! आज संडे है... 50 हज़ार की नौकरी के लिए इतना सैक्रिफाइस?" राहुल (गंभीरता से): "ये जो मेरा दोस्त है न भैया मोहित, हम दोनों एक ही गाँव के हैं। इसके दादाजी किसी समय पर सरकारी टीचर थे। जब हम दोनों गाँव जाते हैं, तो जब ये किसी के द्वार पर जाता है, तो लोग कहते हैं- 'मास्टर साहब के पोता आइल बा' (मास्टर साहब का पोता आया है)। और जब मैं जाता हूँ, तो लोग कहते हैं- 'फलानवा के बेटा आइल बा' (फलाने का बेटा आया है)। पूछते हैं- 'का काम करे?' (क्या काम करता है?)" राहुल: "बस, बाबूजी के नाम में जो ये 'फलानवा का बेटा' है न, इसे 'फलाना जी का बेटा' बना देना है। और उसके लिए जितना सैक्रिफाइस करना होगा, हम करेंगे।" इतनी शिद्दत से मेहनत करें कि जब लोग आपके पिता का नाम लें, तो उनका सिर गर्व से ऊंचा हो जाए। अपना समय वहां निवेश करें जहाँ भविष्य संवरता हो, न कि वहां जहाँ खुशियाँ पल भर की और पछतावा उम्र भर का हो। याद रखिए, जीवन एक ही बार मिला है-कुछ ऐसा कर गुजरिए कि आपकी पहचान आपकी मेहनत की गवाह बने।
Ansh Pratap26,848 Aufrufe • vor 5 Monaten
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