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Harish Chaudhary

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Nehruvian, AICC In-Charge Madhyapradesh,MLA Baytu, Ex Minister, Former MP ,Former President Student Union JNVU,RT's are Not Endorsements.

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बढ़ते बायतु की जीत का सर्टिफिकेट प्राप्त किया ! #बढ़ता_बायतु

बढ़ते बायतु की जीत का सर्टिफिकेट प्राप्त किया ! #बढ़ता_बायतु

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गाँव ढाणी की सड़को पर बढ़ते बायतु की सुनहरी तस्वीर #बढ़ता_बायतु

गाँव ढाणी की सड़को पर बढ़ते बायतु की सुनहरी तस्वीर #बढ़ता_बायतु

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गत दिवस थार की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित रेलवे स्टेशन “ मुनाबाव” जाने का अवसर मिला, यहाँ का सुनसान वातावरण कई सवाल खड़े करता है। एक समय था जब यह रेलवे स्टेशन भारत-पाकिस्तान के संबंधो को जोड़े रखने में एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में था, जो भारत-पाक विभाजन का साक्षी भी रहा है ओर आजादी से पहले जोधपुर और सिंध रियासत के रिश्तों के डोर को भी बांधे था। वर्ष 2006 में 18 फरवरी को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के प्रयासों से भारत से पाकिस्तान को जोड़ने वाली “थार एक्सप्रेस” को शुरू किया जिससे भारत-पाक के बीच आवागमन में आसानी हुई, लेकिन वर्ष 2019 से इस थार एक्सप्रेस के पहिए थमे हुए हैं और करोड़ो रुपये खर्च कर बनाया गया अंतर्राष्ट्रीय रेलवे स्टेशन मुनाबाव आज कबाड़ बन रहा है,ओर भारत- पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस बंद होने से जिसका असर हिंद और सिंध के रोटी-बेटी के रिश्ते पर भी पड़ रहा है, थार इलाके के वो लोग प्रभावित हुए हैं जिनकी रिश्तेदारी सीमा पार है। मेरा भारत सरकार से यह अनुरोध है कि दोनों देशों की अवाम की भावनाओं को समझते हुए थार एक्सप्रेस को पुनः शुरू किया जाये।PMO India Ministry of Railways

गत दिवस थार की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित रेलवे स्टेशन “ मुनाबाव” जाने का अवसर मिला, यहाँ का सुनसान वातावरण कई सवाल खड़े करता है। एक समय था जब यह रेलवे स्टेशन भारत-पाकिस्तान के संबंधो को जोड़े रखने में एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में था, जो भारत-पाक विभाजन का साक्षी भी रहा है ओर आजादी से पहले जोधपुर और सिंध रियासत के रिश्तों के डोर को भी बांधे था। वर्ष 2006 में 18 फरवरी को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के प्रयासों से भारत से पाकिस्तान को जोड़ने वाली “थार एक्सप्रेस” को शुरू किया जिससे भारत-पाक के बीच आवागमन में आसानी हुई, लेकिन वर्ष 2019 से इस थार एक्सप्रेस के पहिए थमे हुए हैं और करोड़ो रुपये खर्च कर बनाया गया अंतर्राष्ट्रीय रेलवे स्टेशन मुनाबाव आज कबाड़ बन रहा है,ओर भारत- पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस बंद होने से जिसका असर हिंद और सिंध के रोटी-बेटी के रिश्ते पर भी पड़ रहा है, थार इलाके के वो लोग प्रभावित हुए हैं जिनकी रिश्तेदारी सीमा पार है। मेरा भारत सरकार से यह अनुरोध है कि दोनों देशों की अवाम की भावनाओं को समझते हुए थार एक्सप्रेस को पुनः शुरू किया जाये।PMO India Ministry of Railways

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पाली और जोधपुर से आने वाले प्रदूषित पानी की वजह से आज हम थार वासियो का जीवन दूभर हो गया है,आज इस समस्या से पीड़ित गाँव अराबा के हालातो का जायज़ा लिया। इस प्रदूषित पानी की वजह से विद्यालय बंद है,लोगो के घरों के रास्ते बंद है सब कुछ बर्बाद हो रहा है लेकिन इस विपदा से मुक्त करने की हिम्मत न तो सरकार कर रही न कोई और,आख़िर कब तक लोग इस पानी की वजह से अपने घरों में क़ैद रहेंगे ? Bhajanlal Sharma जी सरकार को इस संबद्ध में कोई विशेष योजना बनाकर इसके स्थायी समाधान के प्रयास करने चाहिये ताकि हम थारवासियो का जीवन संकट में नही पड़े। इस दौरान पचपदरा पूर्व विधायक मदन प्रजापत जी ,युवा नेता थानसिंह जी डोली सहित स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद रहे।

पाली और जोधपुर से आने वाले प्रदूषित पानी की वजह से आज हम थार वासियो का जीवन दूभर हो गया है,आज इस समस्या से पीड़ित गाँव अराबा के हालातो का जायज़ा लिया। इस प्रदूषित पानी की वजह से विद्यालय बंद है,लोगो के घरों के रास्ते बंद है सब कुछ बर्बाद हो रहा है लेकिन इस विपदा से मुक्त करने की हिम्मत न तो सरकार कर रही न कोई और,आख़िर कब तक लोग इस पानी की वजह से अपने घरों में क़ैद रहेंगे ? Bhajanlal Sharma जी सरकार को इस संबद्ध में कोई विशेष योजना बनाकर इसके स्थायी समाधान के प्रयास करने चाहिये ताकि हम थारवासियो का जीवन संकट में नही पड़े। इस दौरान पचपदरा पूर्व विधायक मदन प्रजापत जी ,युवा नेता थानसिंह जी डोली सहित स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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मैंने गाड़ी पर जो स्टिकर लगाया है,यह सिर्फ एक स्टिकर नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज़ को बुलंद करने का संकल्प है। 19 सितंबर को इंदौर में होने वाली ‘छात्रों की गूंज’ देश के छात्रों और युवाओं के हक, अधिकार, शिक्षा, रोजगार और भविष्य की आवाज़ को मजबूती देने का मंच है। मैं MP Congress परिवार के प्रत्येक साथी से आग्रह करता हूँ कि अपनी गाड़ी पर ‘छात्रों की गूंज’ का स्टिकर लगाएं। हमारी हर गाड़ी जहाँ से गुजरे, वहाँ यह संदेश पहुंचे कि छात्र अकेले नहीं हैं उनकी आवाज़ के साथ हम मजबूती से खड़े हैं। आइए, इस आवाज़ को घर-घर, गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचाएं। हर गाड़ी पर ‘छात्रों की गूंज’, हर युवा की आवाज़ बुलंद। 19 सितंबर, इंदौर आइए, छात्रों की आवाज़ बनें। #ChhatronKiGoonj #Indore Congress Mallikarjun Kharge Rahul Gandhi K C Venugopal MP Congress

Harish Chaudhary

17,262 просмотров • 10 дней назад

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राष्ट्र एक संस्था है तथा कोई भी संस्था तब बनी रहती है जब वहाँ के निवासी वैचारिक मजबूत होते हैं। आज देश के प्रत्येक कौने में भाई इरफान के विचारों को सराहा जा रहा है, कोई उनके हालातों पर चर्चा कर रहा है। इसी चर्चा में आज बायतू मुख्यालय पर परिवार के बड़े बुजुर्गों तथा युवा साथियों के साथ इरफान के विचारों पर चर्चा हुई तथा सभी की इच्छा थी कि उनसे फ़ोन लगाकर बात की जाए। उनसे बात करके मन को बहुत संतोष मिला। उनके विचारों, सादगी, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के अधिकार के लिए किए जा रहे संघर्ष ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। ऐसे युवा समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, जो अपने लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि इरफान जी का साहस, विश्वास और संकल्प सदैव अटूट रहे।

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16,874 просмотров • 1 месяц назад

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आदरणीय Shivraj Singh Chouhan जी आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मनमोहन सिंह जी की सरकार ने 19 मई 2011 को जातिगत सर्वे करवाने का आदेश जारी किया, जिसे आपकी सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया। इसके लिए आप ही की पार्टी के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली जी ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस सरकार के इस आदेश पर जातिगत आंकड़े सार्वजनिक करने के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष पनघड़िया जी की अध्यक्षता में कमिटी बनाने की घोषणा की थी। बेहद दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि आंकड़े तो दूर की बात उस कमिटी का गठन भी नहीं हुआ। अगर आप भूल गए हैं तो आपकी जानकारी के लिए प्रेस कांग्रेस के कुछ अंश आपके साथ साझा कर रहा हूँ।

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बात थार की। #थार_बचाओ

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भारतमाला हाईवे पर आगोलाई के पास देवीगढ़ क्षेत्र में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद और कई गंभीर सवाल खड़े करती है। भारतमाला हाईवे पर बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, फ्लैशिंग लाइट और सुरक्षा व्यवस्था के बैरिकेड लगाना किस नियम के तहत किया गया? क्या यह NHAI और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के सुरक्षा मानकों के अनुरूप था? बताया जा रहा है कि यह बैरिकेडिंग प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी के लिए की गई थी। यदि ऐसा है, तो कार्यक्रम से कई दिन पहले बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बैरिकेड लगाने की क्या आवश्यकता थी? और अगर यह बेरीकेटिंग नियमो के तहत थी तो इस हादसे के बाद हटाई क्यो ? यह हादसा बैरिकेड से कार टकराने से हुआ है जिसमें बायतु परिवार के मेगावास निवासी दलपत सिंह जी राजपुरोहित का दुखद निधन हो गया और मंडल कांग्रेस कमेटी के हमारे अध्यक्ष बाबूराम मेघवाल जी गंभीर रूप से घायल होकर आईसीयू में भर्ती हैं तथा दलपत सिंह जी की धर्मपत्नी का पैर फ्रैक्चर हो गया। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही का मामला है। मै Rajasthan Police ,NHAI और Government of Rajasthan से मांग करता हूँ कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। किसी भी वीआईपी व्यवस्था के साथ आम नागरिक की जान और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।

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📍बायतु ढाणी

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“नाथी का बाड़ा” यह शब्द राजस्थान के इतिहास में समर्पण व परोपकार का प्रतीक है। नाथी का बाड़ा जोधपुर के त्रिपोलिया बाजार में नाथी बाई नामक महिला की ज़मीन थी जिसमें बाड़ा बनाया हुआ था जहाँ दूर दराज से आने वाले जरुरतमंद जिन्हें रुकने का कोई स्थान नहीं मिलता था वे बिना किसी शुल्क के रुक सकते थे। गाँवों व आसपास के क्षेत्रों से लकड़ी, घी इत्यादि सामान शहर में देने आने वाले लोग इस जगह रुकते थे। आम आदमी के लिए हमेशा सुलभ व बिना शुल्क के उपलब्ध होने की वजह से यह जगह धीरे-धीरे सब जगह प्रसिद्ध हो गई। आज परोपकार व बिना किसी लालच के समर्पण की भावना से बनाये गए स्थान को “नाथी का बाड़ा” की संज्ञा दी जाती है। इस शब्द का सही अर्थ समझते हुए इसका उपयोग राजनैतिक कटाक्षों में नकारात्मक पक्ष में ना करके इसे सकारात्मक रूप में लिया जाए। #नाथी_का_बाड़ा

Harish Chaudhary

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