
Harish Chaudhary
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Nehruvian, AICC In-Charge Madhyapradesh,MLA Baytu, Ex Minister, Former MP ,Former President Student Union JNVU,RT's are Not Endorsements.
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मैं इन भाई को नहीं जानता, इनका क्या नाम है मुझे नहीं पता। लेकिन इन भाई के चंद मिनटों के विचारों ने स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र क्या है, संविधान क्या है और भारत देश क्या है। मैं स्वयं तथा तमाम राजनीतिक दलों, राजनेताओं, नीति निर्माताओं, देश के जिम्मेदार पदों पर बैठे ओहदेदारों से लेकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक को यदि किसी एक चीज के पालन की जरूरत है तो वो है देश के संविधान की मूल भावना की। हमारा सच्चा राष्ट्रवाद हमारे संविधान में निहित है।
Harish Chaudhary45,828 görüntüleme • 9 gün önce

भारतमाला हाईवे पर आगोलाई के पास देवीगढ़ क्षेत्र में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद और कई गंभीर सवाल खड़े करती है। भारतमाला हाईवे पर बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, फ्लैशिंग लाइट और सुरक्षा व्यवस्था के बैरिकेड लगाना किस नियम के तहत किया गया? क्या यह NHAI और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के सुरक्षा मानकों के अनुरूप था? बताया जा रहा है कि यह बैरिकेडिंग प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी के लिए की गई थी। यदि ऐसा है, तो कार्यक्रम से कई दिन पहले बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बैरिकेड लगाने की क्या आवश्यकता थी? और अगर यह बेरीकेटिंग नियमो के तहत थी तो इस हादसे के बाद हटाई क्यो ? यह हादसा बैरिकेड से कार टकराने से हुआ है जिसमें बायतु परिवार के मेगावास निवासी दलपत सिंह जी राजपुरोहित का दुखद निधन हो गया और मंडल कांग्रेस कमेटी के हमारे अध्यक्ष बाबूराम मेघवाल जी गंभीर रूप से घायल होकर आईसीयू में भर्ती हैं तथा दलपत सिंह जी की धर्मपत्नी का पैर फ्रैक्चर हो गया। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही का मामला है। मै Rajasthan Police ,NHAI और Government of Rajasthan से मांग करता हूँ कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। किसी भी वीआईपी व्यवस्था के साथ आम नागरिक की जान और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
Harish Chaudhary21,036 görüntüleme • 1 ay önce

जो लोग मुद्दे भटकाकर विवाद करना चाहते है उनसे मेरा निवेदन है की इस कविता को ज़रूर पढ़े और इसके शब्दों पर गौर करे की आख़िर यह कविता कवि ओमप्रकाश जी ने लिखी क्यों थी? यह कविता कभी भी उन लोगो को अच्छी नही लगेगी जिन्हें इस कविता के शब्दों में अपनी ख़ुद की सोच नज़र आयेगी। #हक़_की_बात
Harish Chaudhary169,284 görüntüleme • 2 yıl önce

विधानसभा क्षेत्र शिव के थुंबली में Congress के हमारे पोलिंग एजेंट के साथ मारपीट कर वहाँ मौजूद दलित समाज की महिलाओं के साथ अभद्रता करना,IG पुलिस की मौजूदगी में पुलिस निरीक्षक पर हमला कर उन्हें लहूलुहान करना और ग्रामीणों द्वारा फर्जी मतदान को रोकने की माँग करने के बाद भी नियमानुसार मतदान नही रोकना आख़िर Government of Rajasthan किसके इशारे पर लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ा रही है।मेरी Election Commission of India से माँग है कि इस प्रकरण की जाँच करके त्वरित उचित कार्यवाही की जाये।
Harish Chaudhary166,723 görüntüleme • 2 yıl önce

आदरणीय Shivraj Singh Chouhan जी आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मनमोहन सिंह जी की सरकार ने 19 मई 2011 को जातिगत सर्वे करवाने का आदेश जारी किया, जिसे आपकी सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया। इसके लिए आप ही की पार्टी के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली जी ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस सरकार के इस आदेश पर जातिगत आंकड़े सार्वजनिक करने के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष पनघड़िया जी की अध्यक्षता में कमिटी बनाने की घोषणा की थी। बेहद दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि आंकड़े तो दूर की बात उस कमिटी का गठन भी नहीं हुआ। अगर आप भूल गए हैं तो आपकी जानकारी के लिए प्रेस कांग्रेस के कुछ अंश आपके साथ साझा कर रहा हूँ।
Harish Chaudhary96,963 görüntüleme • 1 yıl önce

रात के अंधेरे में लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश! जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे NSUI कार्यकर्ताओं को देर रात पुलिस द्वारा जबरन उठाकर गिरफ़्तार करना भाजपा सरकार की दमनकारी मानसिकता का शर्मनाक उदाहरण है। जब सरकार के पास छात्रों के सवालों का जवाब नहीं होता, तब वह आधी रात को पुलिस भेजती है। यह लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है। क्या अब इस सरकार में अपने अधिकारों की बात करना भी अपराध हो गया है? याद रखिए, रात के अंधेरे में आवाज़ों को दबाने की कोशिश करने वाली सरकारें इतिहास में कभी सफल नहीं हुईं। छात्रों की आवाज़ को गिरफ़्तार किया जा सकता है, उनके हौसलों को नहीं। लोकतंत्र लाठियों से नहीं, संवाद से चलता है। छात्रों की आवाज़ दबाना बंद करो! Government of Rajasthan Bhajanlal Sharma Rajasthan Police
Harish Chaudhary10,993 görüntüleme • 1 ay önce

“नाथी का बाड़ा” यह शब्द राजस्थान के इतिहास में समर्पण व परोपकार का प्रतीक है। नाथी का बाड़ा जोधपुर के त्रिपोलिया बाजार में नाथी बाई नामक महिला की ज़मीन थी जिसमें बाड़ा बनाया हुआ था जहाँ दूर दराज से आने वाले जरुरतमंद जिन्हें रुकने का कोई स्थान नहीं मिलता था वे बिना किसी शुल्क के रुक सकते थे। गाँवों व आसपास के क्षेत्रों से लकड़ी, घी इत्यादि सामान शहर में देने आने वाले लोग इस जगह रुकते थे। आम आदमी के लिए हमेशा सुलभ व बिना शुल्क के उपलब्ध होने की वजह से यह जगह धीरे-धीरे सब जगह प्रसिद्ध हो गई। आज परोपकार व बिना किसी लालच के समर्पण की भावना से बनाये गए स्थान को “नाथी का बाड़ा” की संज्ञा दी जाती है। इस शब्द का सही अर्थ समझते हुए इसका उपयोग राजनैतिक कटाक्षों में नकारात्मक पक्ष में ना करके इसे सकारात्मक रूप में लिया जाए। #नाथी_का_बाड़ा
Harish Chaudhary39,986 görüntüleme • 5 ay önce

देश में इससे पहले कभी इस प्रकार के नोटिस के आधार पर कोई नामांकन रद्द नहीं किया। भाजपा ने अपनी हार के डर से सुनियोजित रणनीति के तहत यह नामांकन रद्द किया है हमारा शीर्ष नेतृत्व दिल्ली में और हम यहाँ भोपाल में चुनाव आयोग के सामने मज़बूती से डटे हुए। Congress Mallikarjun Kharge Rahul Gandhi K C Venugopal
Harish Chaudhary15,351 görüntüleme • 1 ay önce

यह विवाद करने के लिए नही यह हमारे हक़ और अधिकार की बात है बिहार की तर्ज पर राजस्थान में भी ओबीसी आरक्षण 21 से 27 प्रतिशत करने की माँग हमारा हक़ है इसलिए हम अपने हक़ की बात यहाँ कर रहे है।ओबीसी आरक्षण विसंगतियों से युवाओं के हुए नुक़सान की भरपाई करना सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए
Harish Chaudhary175,718 görüntüleme • 3 yıl önce

हमारे नेता Rahul Gandhi जी के जन्मदिन के अवसर पर आज जैसलमेर की ग्राम पंचायत अमरसागर में मनरेगा श्रमिकों के साथ श्रमदान कर श्रम की गरिमा और जनसेवा के मूल्यों को सम्मान दिया। यह अवसर केवल जन्मदिन का नहीं, बल्कि मेहनतकश हाथों के सम्मान, सामाजिक न्याय और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का भी है। #HBDRahulGandhi
Harish Chaudhary12,472 görüntüleme • 1 ay önce

हम हमारा हक माँगते नहीं किसी से भीख माँगते। #OMR_घोटाला #बाड़मेर
Harish Chaudhary35,482 görüntüleme • 6 ay önce

अपनी ढाणी से अपने मतदान केंद्र की और बैलेट नंबर 1, उम्मेदाराम बैनीवाल #अपना_वोट_अपने_साधन_से
Harish Chaudhary88,948 görüntüleme • 2 yıl önce

ऑयल फ़ील्ड के पूरे घटनाक्रम- ऑयल ड्रिलिंग के लिए पॉलिसी परिवर्तन, प्रथम वाणिज्यिक उत्पादन (MPT), रिफायनरी के लिए कैबिनेट बैठक के माध्यम से स्वीकृति सहित तमाम निर्णयों का श्रेय किसी एक व्यक्ति को जाता है तो वह है पूर्व प्रधानमंत्री स्व मनमोहन सिंह जी। ऐसे में माननीय प्रधानमंत्री जी से निवेदन है कि HRRL राजस्थान रिफायनरी का नाम स्व मनमोहन सिंह जी के नाम पर रखा जाए। PMO India Narendra Modi
Harish Chaudhary15,891 görüntüleme • 3 ay önce

थार की अपणायत की लिए मोहब्बत का पैग़ाम लेकर कल दिनांक 19 जुलाई को थार की अपणायत और थार की संस्कृति और सभ्यता में विश्वास रखने वाले हम सभी लोग जैसलमेर जिले के बासनपीर चलेंगे मेरा सभी साथियों से अनुरोध है की मोहब्बत के इस पैग़ाम का हिस्सा जरूर बने। #थार_की_अपणायत #मोहब्बत_का_पैग़ाम
Harish Chaudhary40,214 görüntüleme • 1 yıl önce

बायतु परिवार की सेवा का एक बार फिर से मौका देने के लिए कांग्रेस आलाकमान का आभार। हमारे बायतु विधानसभा परिवार के लगातार समर्थन और कांग्रेस पार्टी के विश्वास से एक बार फिर बायतु विधानसभा की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। आइए बायतु में कांग्रेस पार्टी को भारी मतों से विजयी बनाते हुए बढ़ते बायतु को भारत के मानचित्र में विशेष स्थान दिलाने का संकल्प करें। #बढ़ता_बायतु #विश्वास_के_साथ_विकास
Harish Chaudhary82,499 görüntüleme • 2 yıl önce

हमारे लिए सामाजिक सौहार्द,संस्कृती और सभ्यता ही हमारी थार की अपणायत है। आज बाड़मेर में पूज्य संत श्री जगदीश पुरी जी ने अपने वक्तव्य में जो पीड़ा व्यक्त की, वह हम सभी के हृदय को झकझोरने वाली है। बाड़मेर जैसलमेर जिला सीमा पर आयोजित गांधी रामधुन में राधेश्याम कल्ला जी द्वारा आवेश में आकर दिया गया बयान थार की हमारी अपणायत के अनुकूल नहीं था। मैं व्यक्तिगत रूप से श्रद्धेय जगदीशपुरी जी एवं सभी संतजनों से मिलने और उनसे क्षमा याचना करने को तैयार हूँ। लेकिन मेरा एक सवाल है — क्या बासनपीर में प्रतापपुरी जी द्वारा दिया गया बयान हमारी थार की अपणायत के अनुकूल था? हमारे लिए पद, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है — थार की आपसी भाईचारा और सद्भाव की वह भावना, जो इस रेगिस्तान की रेत के कण-कण में समाहित है। इसी के लिए हम सब कुछ समर्पित करने को सदैव तैयार हैं। श्रद्धेय जगदीश पूरी जी मैं 140 मठो में से जहाँ भी आप कहोगे वहाँ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी पूरी बात रखूँगा और उसके बाद जो भी आपका निर्णय होगा उसे मैं सहर्ष स्वीकार करूँगा।
Harish Chaudhary36,653 görüntüleme • 1 yıl önce