
Bharat Suraj भारत सूरज
@bharatsuraj01 • 17,076 subscribers
नाम और काम दोनों में 🇮🇳 | घर बिहार| Studying Society, System And Politics | Ex-@VistaarNews/@WittyChokha | यहां सब मेरे ठोस निजी विचार हैं.
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सोनम वांगचुक कॉकरोचों के प्रदर्शन में आए और महफिल लूट गए. दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की एक-एक बात और एक-एक वाक्य में जितनी संजीदगी और गंभीरता थी, वो कॉकरोच वाली सेना के बाकी सिपाहियों में तो आज दूर-दूर तक नहीं दिखी. शायद यही कारण रहा कि सोनम वांगचुक के आने से पहले तक तो जंतर मंतर पर सब बिखरा-बिखरा सा लग रहा था। प्रदर्शन कम, इंफ्लूएंसर मीट अप ज्यादा लग रहा था, ऐसा कि मानो सब इस प्रदर्शन से अपना यूट्यूब कंटेंट ही निकालने आए हों. तब तक वहां कैमरे ज़्यादा और लोग कम दिख रहे थे. लेकिन फिर सोनम आए और अपने साथ कुछ संगठित भीड़ भी खींच लाए. लद्दाख वाले मास्टर साहब को देख कर ये कॉकरोचेस भी फिर थोड़े से अनुशासन में आए. सोनम वांगचुक ने बेहद जरूरी और बढ़िया भाषण दिया. वे शिक्षा और परीक्षा की बात को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग से भी आगे लेकर गए. लेकिन फिर वही, जैसे ही मास्टर साहब ने उत्साहित कॉकरोचेस को कहा कि अब आप लोग थोड़ी देर और जारी रखिए हम निकलते है, ठीक उनके निकलते ही कॉकरोच के इस कक्षा के क्लास मॉनिटर की ही तबियत खराब हो गई. अभिजीत बाहर गाड़ी में AC चलवाकर कर बैठ गए , फिर क्या हुआ मालूम है? सभी कॉकरोचेस चटक गए, किसपे तो अपने ही दिपके पे ! #CockroachJantaParty #cjp_पार्टी #CJP #AbhijitDipke #SonamWangchuk #Delhi
Bharat Suraj भारत सूरज126,494 görüntüleme • 2 ay önce

जंतर मंतर की भीड़ को विशुद्ध छात्रों की भीड़ बताने वाले लोगों को "ढोंगी पत्रकार" कहिए. इंटरनेट पर न्यूज़ के नाम पर व्यूज़ और फिर उसी व्यूज के सहारे खुद को मसीहा बताने वालों को इस भीड़ के भीतर छुपा हुड़दंग भी If and But के साथ ही नजर आएगा. बात 20 जुलाई की भी नहीं है, दरअसल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और फिर सोनम वांगचुक के अनशन का मंच सजते ही, छात्रों के मुद्दों की आड़ में मोदी का कपार फोड़ने पर आमदा रहने वाली जमात ने वहां अपना डेरा डालना शुरू कर दिया था. 20 जुलाई को जो कुछ भी हुआ वो बहुत सोची समझी रणनीति के तहत हुआ. GenZ की एक बड़ी भीड़ को उद्वेलित करके दिल्ली के जंतर मंतर बुलाया गया, फिर उस भीड़ को बिना किसी नेतृत्व या संरक्षण के दिल्ली की सड़कों पर लाठी खाने छोड़ दिया गया. निर्दोष-निहत्थों का खून बहा और अब उस खून के नाम पर एक भीड़ और खून बहाने पर तुली है. ये भीड़ उन्हीं लोगों की है जो मोदी, मोदी सरकार, बीजेपी और RSS की विचारों को मानने वाले लोगों से नफरत करते हैं, नफरत ऐसी कि उन्हें नोच खाये. इस भीड़ को दिल्ली पर कब्ज़ा करने से रोका जाना चाहिए.
Bharat Suraj भारत सूरज34,612 görüntüleme • 17 gün önce

6 जून, दोपहर साढ़े 12 बजे तक जब मैं जंतर मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन पर अपनी पहली रिपोर्ट फाइल कर रहा था तब ही इस आयोजन को लेकर बहुत कुछ स्पष्ट समझ आ गया था, जिसपर शाम 4 बजे के बाद मुहर भी लग गई. इस वक्त तक सोनम वांगचुक इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे. बेशक उनके पहुंचते ही तस्वीर बदल गई, मैने वो रिपोर्ट भी की है और उसपर आगे मैं लिखूंगा भी. लेकिन फिलहाल तो आप इस रिपोर्ट का आखिरी अंश देखिए और बताइए कि क्या सचमुच इस प्रदर्शन के खत्म होने के बाद ये समीक्षा सही मालूम नहीं पड़ रही? #cjp_पार्टी #CockroachJantaParty #AbhijitDeepke #NEETPaperLeak #CJP_Protest #DharmendraPradhan
Bharat Suraj भारत सूरज103,255 görüntüleme • 2 ay önce

जंग का बारूद कपड़ा नहीं पहचानता. भारत ने पाकिस्तान के जिन 9 ठिकानों पर मिसाइल अटैक किया है उन मस्जिदों को पाकिस्तानी भी "मुजाहिद मस्जिद" कहते हैं. ये सच है कि इस एयर स्ट्राइक में कुछ civilian casuality भी हुई है. यही जंग है जो इस बार भी पाकिस्तान ने ही शुरू की है. #Pakisatan #IndiaPakistanWar #OperationSindoor
Bharat Suraj भारत सूरज415,257 görüntüleme • 1 yıl önce

आप पप्पू यादव को पसंद या नापसंद कर सकते हैं लेकिन कोसी सीमांचल के इलाके में इनके मजबूत जनाधार को इनकार नही सकते..बिहार फिर डूबा हुआ है, गरीब बिहारी अपनी आंखों के सामने अपनी झोपड़ी बहते देख रहा है..चाचा-भतीजा दोनों गायब हैं और Rajesh Ranjan Pappu Yadav आंसू पोंछ रहे हैं. #BiharFlood #बिहार
Bharat Suraj भारत सूरज576,273 görüntüleme • 1 yıl önce

अयोध्या में श्री राम मंदिर में हुए चंदा चोरी को लेकर एक सवाल खूब पूछा गया कि ट्रस्ट को दान में सौंप दी गई वस्तुओं को लेकर इतना हो हंगामा क्यों? कहा गया कि प्रभु राम को दान देकर हिसाब मांगने वाले सनातनी नहीं, सियासतधारी हैं? ऐसे श्रद्धालुओं को पापी बताया गया जिन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खबर निकलने के बाद ये कहते हुए सामने आए कि राम लला के दरबार में उनको उनके कीमती दान के बदले आज तक कोई पावती रसीद नहीं सौंपी गई। लेकिन जब दानग्राही पर ही गबन के आरोप लगने लग जाएं तब अपने दान को लेकर सवाल पूछना क्या कोई पाप है या फिर उनको पापी बताना महापाप है? अयोध्या चंदा चोरी को लेकर सबसे मुखर आवाज, धर्म सेना अध्यक्ष और पूर्व के कारसेवक संतोष दुबे को सुनिए. पूरी बातचीत WittyChokha के YouTube Channel पर मिलेगी. #Ayodhya #RamMandirChandaChori #SantoshDubey
Bharat Suraj भारत सूरज29,827 görüntüleme • 1 ay önce

बिहार के पटना में इस वक्त सिर्फ फैज़ल खान और उनके खान कोचिंग सेंटर की माफियागिरी ही Expose ही नहीं हुई है, बल्कि खान को लेकर पटना पुलिस की क्यूटीपाई वाली पुलिसिंग के साथ-साथ फैजल खान और बिहार सरकार के बीच की सेटिंगबाजी भी Expose हो गई है. नहीं तो बताए Patna Police कि आखिर उसने 2 जून को हुई घटना की रात ये क्यों कहा कि मुसल्लहपुर हाट में कोई फायरिंग नहीं हुई है? क्यों ये फैजल खान भी बाद में अपने ही बयान से पलट गए? अगर खान के गार्ड द्वारा की गई फायरिंग का वीडियो वायरल नहीं होता तो फिर तो मामला सेट था? पटना पुलिस बताए कि आखिर कहां हुई सेटिंग? जब ज्ञानबिंदु कोचिंग के मालिक रौशन आनंद को इस बिनाह पर गिरफ्तार कर लिया गया कि उसने ही अपने लोगों को कह कर खान के गार्ड को पिटवाया है और मारपीट करवाई है तो फिर अब तक फैजल खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है? अगर उस फायरिंग में कोई बच्चा मर जाता तब ही बवाल होता? जब पटना पुलिस अपनी ही नाक कटवा कर अब कह रही है कि हां, फैजल खान के गार्ड ने गोली चलाई है, दोनों की गिरफ्तारी भी हुई है यहां तक कि हथियार भी ज़ब्त किए गए हैं तो फिर उन दोनों गार्ड के गॉड-फादर फैजल खान अब तक फॉरच्यूनर में बैठ कर भौकाली कैसे काट रहे हैं? बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बताएं कि उनकी नजर में क्या सिर्फ ज्ञानबिंदु वाले रौशन आनंद ही शिक्षा माफिया हैं या फिर वो इन गालीबाज और गोलीबाज फैजल खान को भी माफिया मानेंगे? बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बताएं कि क्या वो भी इस फैजल खान के उतने ही ग्रिप में आ गए हैं जितना कि उनके पिता तुल्य नीतीश कुमार थे? Patna Police Mithilesh Tiwari Samrat Choudhary CMO Bihar #Bihar #Patna #KhanCoachingCentre #biharnews
Bharat Suraj भारत सूरज43,373 görüntüleme • 2 ay önce

सच्ची जागरूकता आपको भीड़ से अलग कर देती है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी भीड़ है. लेकिन इसी भीड़ में आज एक शख्स मिला, जयप्रकाश मिश्रा. वो बिहार के जहानाबाद से जंतर मंतर आया है. शिक्षा-परीक्षा के मुद्दे पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को अपनी आवाज़ की ताकत देने. वो आंदोलन, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा है. UPSC की तैयारी कर रहे जयप्रकाश के अलावे इलाहाबाद के दीपक भी मिले जो बिना घर वालों को बताए ही जंतर मंतर पहुंचे हैं. Bsc Second Year के दीपक वहीं सो रहे हैं, वहीं खा रहे हैं, वहीं चिल्ला रहे हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज की चेष्टा से भी बात हुई जो इस प्रदर्शन में आज अपनी मौजूदगी दर्ज कराने पहुंची थीं, लेकिन वहां हुड़दंगई कर रहे लोग और उनकी ओछी-टुच्ची नारेबाजियों से नाराज़ थीं. जब मैंने इन लोगों से पूछा कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से देश की शिक्षा-परीक्षा में व्याप्त खामियां सुधर जाएंगी, तो सबने जवाब में "न" ही कहा. लेकिन साथ ही सबका ये भी कहना था कि ये इस्तीफा केंद्र सरकार की हेकड़ी तोड़ने के लिए जरूरी है. छात्रों के प्रति सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए जरूरी है. मेरा अगला सवाल था कि इस लिहाज से तो पंजाब, झारखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, लगभग लगभग सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए भी ऐसा ही प्रदर्शन होना चाहिए. आखिर शिक्षा-परीक्षा तो राज्य का भी विषय है? इस सवाल पर वो गुम से हो गए. मैंने पूछा कि अगर इस्तीफा हो गया तो फिर क्या? व्यवस्था सुधर जाएगी? सबने कहा कि नहीं शिक्षा और परीक्षा में व्यापक सुधार के लिए तो पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है, सिर्फ मंत्री के इस्तीफे से काम तो नहीं बनेगा. इसके लिए बहुत चर्चा और प्लानिंग की जरूरत है. लेकिन संसद तो चल नहीं रहा है, राहुल गांधी भी इस्तीफे पर अड़े हैं, ऐसे में कैसे निकलेगा निदान? क्या जंतर मंतर की भीड़ ये बात समझती है? इस सवाल का उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था. इस बीच मंच पर उन तमाम विपक्षी नेताओं के आने-जाने का सिलसिला जारी था, जिनको इस भीड़ के हिस्से की लाठी खाने के लिए बहुत पहले ही सड़क पर उतर जाना चाहिए था. इन नेताओं में वो लोग भी थे जिनके राज्यों में उनके शासन के दौरान भी खूब पेपर लीक हुए और अब भी हो रहे हैं. लेकिन किसी ने भी मंच से अपने कार्यकाल के पेपर लीक पर माफी नहीं मांगी. शायद उनको भी पता है कि रील की फील में रहने वाले GenZ को trending reels के अलावा कुछ और ढूंढने की फुर्सत नहीं है. कोई नहीं पकड़ पाएगा कि जो नेताजी अभी-अभी छात्रों के नाम पर इकठ्ठा भीड़ को कोल्ड ड्रिंक, बिस्कुट, भुजिया और भाजी देकर गए हैं, उन्होंने भी सत्ता में रहते छात्रों के साथ जालसाजी ही की है. बाकी पंजाब पेपर लीक के सवाल पर अभिजीत दिपके का झेंपू जवाब और छात्रों पर लाठी बरसने वक्त गायब रहने के सवाल कर आप सांसद संजय सिंह का तिलमिलाया व्यवहार इंटरनेट पर वायरल है ही. थोड़ा भी चेहरा पढ़ना जानते हैं तो कहानी समझ जाइएगा कि ये आखिर ये कहानी गढ़ कौन रहा है.
Bharat Suraj भारत सूरज13,312 görüntüleme • 16 gün önce

"ई पुलिसिया रौब हमको मत दिखाइए" "आपने जनसुराज के कार्यकर्ता पर लाठी क्यों चलाया" "जाइए, नीतीश कुमार से परमीशन लेकर आइए और चलाइए हम पर लाठी" "या तो मुख्य सचिव लिखित में दे कि कब तक मांगें पूरी होंगी नहीं तो हम नहीं उठेंगे" 📍पटना की सड़कों पर प्रशांत किशोर #PrashantKishor #BiharElections2025 #Bihar
Bharat Suraj भारत सूरज164,446 görüntüleme • 1 yıl önce

"परमहंस जी की मृत्यु की जांच हो जाए सब पता चल जाएगा.. उनका वेंटीलेटर हटाने वाले यही लोग थे." संतोष दुबे ने स्वर्गीय परमहंस रामचंद्र दास जी की मृत्यु को लेकर ये बड़ा आरोप लगाया है। उनके मुताबिक परमहंस महाराज की मृत्यु की वजह कोई कार्डियक अरेस्ट नहीं बल्कि राम शिलाओं के गायब होने की गुत्थी और असहनीय वेदना ही थी। परमहंस महाराज अयोध्या के दिगंबर अखाड़ा के महंत और श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष थे। वे राम मंदिर आंदोलन के सबसे प्रमुख अगुआ और 'सलाखा पुरुष' माने जाते थे। 1949 में रामलला के प्रकटीकरण से लेकर कानूनी लड़ाई और कारसेवा के नेतृत्व तक, उनका पूरा जीवन मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित रहा। 2003 में उनका निधन हो गया था। संतोष दुबे का दावा है कि साल 2002 में देश भर से श्रद्धालुओं द्वारा भेजी गई सोने, चांदी और कीमती पत्थरों की 'राम शिलाएं' ट्रिपल लॉक से गायब हो गई थीं। उनके अनुसार, जब महंत परमहंस रामचंद्र दास ने वहां जाकर निरीक्षण किया था, तो वे शिलाएं वहां नहीं थीं, जिसे देखकर वे बेहद नाराज हुए थे। इसको लेकर वो दिल्ली के सियासी मठाधीशों के समक्ष भी गए थे लेकिन उनको दिल्ली में डांटने तक की कोशिश हुई. यूं तो अयोध्या को पाप हारिणी भूमि कहते हैं लेकिन इस नगरी में ही महापाप हुआ है। आस्था की अशर्फियों को लूटा गया है. चंदा चोरी के शोर के बाद अब ट्रस्ट के भीतर इस्तीफा, गिरफ्तारी और जांच, सब जारी है। इन सब पर सियासत भी भारी है। लेकिन इस मामले में पूर्व कारसेवक संतोष दुबे का ये दावा कि परमहंस महाराज जी के देहावसान के पीछे भी राम नाम के डकैती की पीड़ा ही थी, बेहद संगीन और गंभीर है। पूरी बातचीत WittyChokha के Youtube Channel पर मिलेगी. देखिए और बताइए आप क्या सोच रहे हैं. 👇
Bharat Suraj भारत सूरज14,847 görüntüleme • 1 ay önce

दिल्ली MCD में इस वक्त बीजेपी की बपौती है. इससे पहले आम आदमी पार्टी मलाई खा रही थी. अब ये बात ये दोनों पार्टी मिलकर तय करें कि मालवीय नगर के Flourish Stays होटल के बेसमेंट में रेस्टोरेंट आखिर कैसे चल रहा था? आप देखिए कि बेसमेंट के आगे वाले लोहे की ग्रिल को बंद करके रखा जाता था. क्या ये पिछले 15 साल में किसी को नहीं दिखा? कोई प्रशासन को नहीं? क्या पिछले 20 साल से पूरी दिल्ली सरकार, पूरा दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन और तमाम अधिकारी भांग खा-खा कर इन सबको FIRE NOC बांट रहे थे? होटल चलाने की इजाजत के नाम पर इनको मनमानी करने की इजाजत किसने दी? बात करते हैं कार्रवाई की? दिल्ली बीजेपी सरकार को तो अभी इसी वक्त से तमाम ऐसे होटलों पर छापेमारी शुरू कर देनी चाहिए. क्यों नहीं निकल रहा बुलडोजर? कब निकलेगा? जब कहीं और 10-50 मर जाएंगे तब? अभी तुरंत दो दिन पहले ही तो साकेत में भी ऐसी ही एक अवैध बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी. 6 लोगों की मौत हुई और दर्जन भर लोग अभी भी घायल हैं. फिर कहते हैं ये लोग कि ये हादसा है? ये हत्या है, हत्या. #Delhi #DelhiFire #MalviyaNagarFire
Bharat Suraj भारत सूरज27,379 görüntüleme • 2 ay önce

जिस बिहार के लोग महीने का मात्र ₹15000 कमाने के लिए भी ट्रेनों में खुद को टांग कर दिल्ली, मुंबई, गुजरात जाने को मजबूर रहते हैं, उन्हें आगे भी मजबूर रहना होगा. क्योंकि केंद्र सरकार बिहार को इंडस्ट्री नहीं दे सकती. गृहमंत्री जी के मुताबिक बिहार में जमीन कम है. इसलिए यहां वो ऐसा कुछ बनाएंगे जिसमें जमीन लगे ही नहीं. मतलब वही AI hub, IT Parks, Software Technology in Space Technology of Bihar and World International जैसा कुछ. मतलब देखिए न क्या नियति है बिहार की! दिवाली में अपने आंगन दिया जलाने के लिए जो बिहार दयनीय तरीके से ट्रेनों और बसों में लटकता नजर आता है, उसके लिए गृह मंत्री जी बिहार को AI हब बनाने वाले हैं. इस मजाक पर हंस भी नहीं सकते हैं. #AmitShah #BiharElection2025 #BiharElections #BiharPolitics
Bharat Suraj भारत सूरज87,368 görüntüleme • 9 ay önce

अंधभक्त हैं अगर आप, तब भी आप एक पल को मेरी बात से सहमत तो हो जायेंगे लेकिन जन्मांध यानी जन्म से अंधे पैदा हुए हैं तो मेरी बात शायद आपको तब समझ नहीं आएगी. कि कैसे आज सरकारी तंत्र, कोचिंग माफिया, Abhinay Maths और खान सर जैसे लोगों ने आपके बच्चों और उनके भविष्य को अपनी राजनैतिक दुकान चलाने के लिए पॉडकास्ट इंडस्ट्री से लेकर सियासत के हलके बाजार में एक भारी भरकम रकम पर बेच दिया है. नोट कर लीजिए इनमें से कोई भी सरकारी सिस्टम से लड़ नहीं रहा है, बस बुलावे के इंतज़ार में है कि या तो सत्ता के गलियारे से फोन आ जाए जैसे बिहार में BPSC आंदोलन के वक्त आ गया था या फिर अपना Youtube Analytics बढ़िया हो जाए. बस इससे ज्यादा कुछ नहीं. Anjana Om Kashyap Anuranjan Jha हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi The Abhishek Tiwary Show Shubham Shukla Dharmendra Pradhan PMO India #CoachingMafiya #NEET #CBSE
Bharat Suraj भारत सूरज23,012 görüntüleme • 2 ay önce

सीधे मुद्दे की बात तो यही है कि इतना कुछ होने के बाद भी पटना के फैसल खान उर्फ 'खान सर' को जो डिजिटल पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर, अभी भी आदरणीय और अविस्मरणीय बताने में लगे हुए हैं, उन्हें Vistaar News पर Gyanendra Tiwari (Vistaar News) और Himanshu Dhariwal की ये रिपोर्ट बहुत ध्यान से देखने और सुनने की जरूरत है. ताकि वो ये समझ जाएं कि अब पटना में जारी इस मौजूदा विवाद के बीच ऐसे गालीबाज और गोलीबाज व्यक्ति की पैरोकारी करने के लिए उन्हें थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. अब सिर्फ 'खान' वाला खदान खोदने से ही काम नहीं चलेगा, हिन्दू-मुस्लिम का एंगल ढूंढ कर फैजल खान जैसे फूहड़ मास्टरों को सहानुभूति का बैंगल पहनाने वाला ट्रिक भी पुराना हो गया है. अब कानून के मुताबिक कार्रवाई की बात तो होकर रहेगी. मतलब ज्ञानबिंदु वाले रौशन आनंद की गिरफ्तारी पर दबी जुबान में सिर्फ ये कहकर आगे बढ़ जाना कि हां, वो गिरफ्तारी भी गलत है! ऐसा होना तो नहीं चाहिए था! ये कहकर काम नहीं चलेगा...और फिर इस फैसल खान के हिस्से बिहार के सिस्टम और शासन प्रशासन की बपौती सौंपने वाले लहजे में ये कह कर भी काम नहीं बनेगा कि 'खान सर' को पुलिस से कह कर रौशन आनंद को भी छुड़वा लेना चाहिए.. कि जैसे फैसल खान मुसल्लहपुर हाट वाले खान सर नहीं हुए कि गैंग्स ऑफ वासेपुर वाले फैजल खान हो गए! न न न न , ये PR स्टंट तो अब बच्चा भी पकड़ लेगा। सीधे मुद्दे की बात तो ये भी है कि जो बात आज भोपाल के न्यूज़रूम से निकल कर दिल्ली और पटना तक पहुंच रही है, वो बात नोएडा के स्टूडियो में बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी और बिल्कुल इसी लहजे और एटीट्यूड में कही जानी चाहिए थी.. लेकिन नोएडा से ये इसलिए भी संभव नहीं हो पाया क्योंकि कभी इसी नोएडा ने फैजल खान को अपना मंच दिया था..पॉडकास्ट के नाम पर जब यही फैजल खान इस देश के पत्रकारों को लेकर घटिया, गलीच और धमकी भरी बकवास करता था तब उसके सामने बैठे नोएडा के इसी न्यूज़रूम से निकले हुए पॉडकास्टर पत्रकार खीखी कर दांत निकाल रहे होते थे... सब खाली व्यूज के चक्कर में! बाकी @Abhinav_Pan भैया, आपको तो ये पूरी रिपोर्ट दो बार देखनी चाहिए. आप कहां अदाणी और अनिल अग्रवाल पर चले गए! आप फैसल खान और रौशन आनंद के बीच की इस कोचिंग क्लैश को सिर्फ 'खान' के नाम पर फ्लैश मार कर कैसे दिखा सकते हैं? #bihar #patna #KhanCoachingCentre #GyanbinduCoachingCentre #PatnaPolice
Bharat Suraj भारत सूरज21,528 görüntüleme • 2 ay önce

ये रोज रोज पटना एयरपोर्ट पर उतरते ताबूत बता रहे हैं कि बिहार के हिस्से देश को देने के लिए क्या-क्या है. भारतीय सेना के शहीद रामबाबू प्रसाद का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पहुंचा. वो बिहार के सीवान जिले के बड़हरिया प्रखंड अंतर्गत वसिलपुर गांव के रहने वाले थे. मात्र 28 साल के थे रामबाबू. शादी हाल ही में 14 दिसंबर 2024 को हुई थी. गजब की बात देखिए. राम बाबू की जगह सीमा पर जाने के लिए सैकड़ों युवा आपको पटना के गांधी मैदान में दिख जाएंगे. यही बिहार है. त्यागी. #Bihar #IndiaPakistanWar
Bharat Suraj भारत सूरज94,448 görüntüleme • 1 yıl önce

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और इस प्रदर्शन को अभयदान देने वाले पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का बिना लाग लपेट वाला विश्लेषण. ज़रूरी सवाल यही कि क्या ये कहना गलत होगा कि अब कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन Sonam Wangchuk के उधार वाले अनशन के सहारे ही प्रासंगिक रहने वाला है? जंतर-मंतर पर ये अनशन-प्रदर्शन कब तक चलेगा? क्या सोनम वांगचुक के अनशन पर बैठ जाने के बाद अब केंद्र सरकार पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का दबाव बढ़ेगा या फिर जंतर-मंतर में अब सब जल्दी ही तितर-बितर होने वाला है? #CockroachJantaParty #cjp_पार्टी #SonamWangchuk
Bharat Suraj भारत सूरज13,816 görüntüleme • 1 ay önce

पटना में खान कोचिंग सेंटर के बाहर मारपीट की खबर को खान जैसे शिक्षा माफियाओं के लिए फर्जी सहानुभूति में मत बदलने दीजिएगा। अरे ये तो बहुत सही समय पर इन्होंने अपना असली रूप दिखा दिया। यही तो मुद्दा है कि गोली, बंदूक और बमबाजी शिक्षकों के बीच होती हैं कि माफियाओं के ? क्योंकि ये बात खुद खान कह रहा है कि ये बाकी कोचिंग वालों की करतूत है। इस घटना की CCTV Footage में जिस ज्ञानविंदु कोचिंग सेंटर के लोगों का नाम आ रहा है, आज से दो दिन पहले उसमें और खान में कंप्टीशन चल रहा था कि किसके यहां से कितना दारोगा निकला है और वो इन दोनों के दावे फर्जी थे। दारोगा भर्तियां मात्र 19000 हजार थीं और ये दोनों मिलकर 22000 दारोगा बनाने का दावा कर रहे थे। मतलब दारोगा निकालने वाले इन शिक्षक के कोचिंग के बाहर बंदूक बज रहा है, लाठियां टूट रहीं हैं और ये पत्रकार और सरकार को ज्ञान दे रहे हैं? सोचिए अगर आपका बच्चा भी इनकी लड़ाई में आज पिट गया होता, मर गया होता तो फिर ये लोग किसको गाली देते? पुलिस को, पत्रकार को या सरकार को? इस मुद्दे को खान की सहानभूति में बदलिएगा. ये सब मिलकर आपके बच्चों की लाश बिछा देंगे जमीन पर, पैसे के लिए अपनी इस लड़ाई में. CMO Bihar Patna Police आपलोग इन माफियाओं पर नकेल कस पाइएगा कि नहीं? Anjana Om Kashyap हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi NRIPENDRA SINGH Chitra Tripathi Dibang #KhanSir #KhanCoachingCentre #Bihar
Bharat Suraj भारत सूरज20,069 görüntüleme • 2 ay önce