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भारतीय अब्दुल

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” إِنَّمَا الْمُؤْمِنُوْنَ إِخْوَۃٌ۔‘‘ ㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ तर्जुमा: “ मुसलमान आपस में एक दूसरे के भाई हैं ” अल हुजुरात:10 from:Bhartiya_Abdul -filter:replies

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👉 ये क्या चल रहा कोई बताएगा !! 👉 क्या कर रहा है ये बाबा ? 🫵 क्या आप जानते है ये क्या हो रहा है ? Source : Social Media फोलो 👉 @cnandu029 फोलो 👉 Arvind Singh फोलो 👉 @BappiLaher57499 👇👇

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कोई पूछे ना इस्लाम की खूबसूरती क्या है ? उसको कहना मस्जिद की पहली लाइन में अगर कोई कूड़ा बीनने वाला भी बैठ जाए तो उसे उठाना किसी बादशाह के बस की बात नहीं है

कोई पूछे ना इस्लाम की खूबसूरती क्या है ? उसको कहना मस्जिद की पहली लाइन में अगर कोई कूड़ा बीनने वाला भी बैठ जाए तो उसे उठाना किसी बादशाह के बस की बात नहीं है

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" क्या माडर्न ज़माना था " मेरे नबी सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम के जमाने में औरतें कारोबार भी करती थीं कारोबार करने के लिए गुलाम व नौकर रखती थीं हर क़िस्म के सवाल भी करती थीं सदक़ा भी देती थीं और मर्द को क़व्वाम (निगहबान) भी मानतीं थीं पसंद की शादी भी करती थीं यहां तक कि खुद निकाह का पैगाम भी भेजती थीं घर के काम के लिए नौकर भी रखती थीं ज़रा सा मसला होता तो फौरन नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम से शिकायत करने पहुंच जाती थीं वह दौर जिस में तलाक बोझ नहीं बनती थी विधवा होना जुर्म नहीं था कौन कहता है इस्लाम माडर्न दीन नहीं है ? ज़रा हमारा शानदार अतीत तो देखिए ख़ुदा की क़सम ज़ुबान दराजी भूल जाओगे

भारतीय अब्दुल

39,336 次观看 • 23 天前

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_ अल्लाह तआ़ला का इरशाद है: कितने ही जानवर हैं जो अपना रिज़्क़ उठाए नहीं फिरते, अल्लाह इनको रिज़्क़ देता है और तुम्हारा राज़िक भी वही है वह सब कुछ सुनता और जानता है! खुलासा: अल्लाह की जिम्मेदारी: दुनिया में बहुत से ऐसे छोटे-बड़े जीव-जंतु और जानवर हैं, जो हमारी तरह कल के लिए खाना जमा करके नहीं रखते।सबका पालने वाला: अल्लाह तआला उन बेजुबान जानवरों को भी हर दिन खाना (रिज़्क़) देता है और हम इंसानों को भी वही पालता है।वह सब जानता है: अल्लाह हमारी हर जरूरत को सुनता है और जानता है। हमें कभी भी अपनी रोजी-रोटी को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि उस पर भरोसा रखना चाहिए। सूरह अल-अंकबूत (Surah Al-Ankabut), आयत संख्या 60 है।

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25,916 次观看 • 2 个月前