
Kuldeep Bishnoi
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Served two terms as a Member of Parliament Lok Sabha (Bhiwani & Hisar). Served four terms as a Member of Legislative Assembly (Adampur), Haryana
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आज हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के साथ पर्यावरण संरक्षण की अमर प्रतीक, वीरांगना माँ अमृता देवी बिश्नोई जी की प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य प्राप्त हुआ। माँ अमृता देवी का जीवन त्याग, साहस, नारी शक्ति और प्रकृति के प्रति अटूट समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। अपने प्राणों की आहुति देकर उन्होंने यह संदेश दिया कि वृक्ष, वन्यजीव और प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी कि पर्यावरण की रक्षा केवल हमारा दायित्व नहीं, बल्कि आने वाले कल के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। मैं हरियाणा सरकार तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने माँ अमृता देवी बिश्नोई जी के अद्वितीय बलिदान को सम्मानित करते हुए पर्यावरण संरक्षण की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य किया। माँ अमृता देवी का त्याग हम सभी के लिए प्रेरणा है और सदैव रहेगा। “सिर सांटे रुख रहे, तो भी सस्तो जाण” — यह अमर संदेश आज भी हमें प्रकृति की रक्षा के लिए समर्पण और बलिदान की प्रेरणा देता है। आज मुझे इस विश्वविद्यालय में आकर अपने पूज्य पिताजी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री, युगपुरुष, बिश्नोई रत्न स्वर्गीय चौधरी भजन लाल जी की बहुत याद आई। उन्होंने इस विश्वविद्यालय की स्थापना केवल ईंट, पत्थर और भवनों का परिसर बनाने के लिए नहीं की थी। उनका सपना था कि यहाँ से निकलने वाला हर विद्यार्थी केवल डिग्री लेकर न जाए, बल्कि ज्ञान, संस्कार, सेवा, संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर निकले। उनका विश्वास था कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज का उत्थान है। उन्होंने राजनीति को कभी सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि जनसेवा का सबसे बड़ा दायित्व समझा। उनके दरवाज़े पर आने वाला कोई भी व्यक्ति स्वयं को आम नागरिक नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य महसूस करता था। हर वर्ग, हर समाज, हर क्षेत्र और हर व्यक्ति के सुख-दुःख में खड़े रहना ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय भी उनकी उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उनका मानना था कि किसी प्रदेश का वास्तविक विकास केवल सड़कों, पुलों और इमारतों से नहीं होता, बल्कि शिक्षा, संस्कार, शोध और जागरूक युवाओं से होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने हरियाणा के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विश्वविद्यालय की स्थापना की। वे अक्सर कहा करते थे—“जनता का विश्वास ही सबसे बड़ा पद होता है।” यही वाक्य आज भी मेरे सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। आज मेरे लिए यह क्षण इसलिए भी अत्यंत भावुक है कि उसी विश्वविद्यालय की धरती पर, जिसकी कल्पना मेरे पिताजी ने की थी, आज पर्यावरण संरक्षण की अमर प्रतीक, वीरांगना माँ अमृता देवी बिश्नोई जी की प्रतिमा का अनावरण हमारे लोकप्रिय एवं यशस्वी मुख्यमंत्री श्री Nayab Saini जी के कर-कमलों द्वारा की गई। यह केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं है, बल्कि दो महान विचारधाराओं का संगम है(स्वर्गीय चौ भजन लाल जी एवं माता अमृता देवी जी) एक, जिसने शिक्षा के माध्यम से भविष्य गढ़ने का संकल्प लिया और दूसरी, जिसने प्रकृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर मानवता को अमर संदेश दिया। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यदि आज मेरे पिताजी हमारे बीच होते, तो वे इस पल को अपने जीवन के सबसे संतोषजनक और गौरवपूर्ण क्षणों में से एक मानते। गुरु महाराज की जय माँ अमृता देवी अमर रहे चौ भजन लाल जी अमर रहे।
Kuldeep Bishnoi13,861 次观看 • 1 个月前

सार्वजनिक मंच से बिश्नोई समाज के बारे में ऐसी अशोभनीय टिप्पणी करने वाली इस मोहतरमा के खिलाफ़ मैं राजस्थान सरकार से कड़ी कार्यवाही की मांग करता हूं। अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में ऐसे लोग भड़काऊ बयानबाजी करके जातिवाद को बढ़ावा देने की कोशिश करते हैं, जिन पर अंकुश लगाना अति आवश्यक है। Jagat Prakash Nadda जी, Arun Singh BJP से नम्र निवेदन की इन्हें तुरंत प्रभाव से सभी पदों से मुक्त किया जाये। चाहे बिश्नोई हो या जाट या किसी भी जाती से हो, सभी आदरणीय होते हैं। अपनी छोटी राजनीति चमकाने के लिए किसी जाती का अपमान करना ना केवल असंवैधानिक है बल्कि अनैतिक भी है। और ऐसा व्यक्ति किसी ज़िम्मेदार पद पर बीतने के लायक़ नहीं होता। जिन पेड़ों की छाँव में ये मोहतरमा बोल रहीं है, इन्हें ये नहीं भूलना चाहिए कि इन्ही पेड़ों कि रक्षा के लिये हमारा महान समाज सदियों से अपने प्रणों की परवा किये बिना रक्षा कर रहा है।
Kuldeep Bishnoi150,806 次观看 • 3 年前

आज नई दिल्ली स्थित आवास पर मेरे संघर्ष के अनेक साथियों का स्नेहपूर्ण आगमन हुआ। आप सभी के चेहरे पर वही पुराना अपनापन, वही अटूट विश्वास और वही स्वाभिमान के लिए समर्पण देखकर मन अत्यंत भावुक हो उठा। युगपुरुष चौधरी भजन लाल जी के मान-सम्मान और मेरे स्वाभिमान की रक्षा के लिए जिस प्रकार हर साथी ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की, वह केवल समर्थन नहीं, बल्कि परिवार के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। कठिन समय में जिस मजबूती, निष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव के साथ आप सभी मेरे साथ खड़े रहे, उसने मुझे भीतर तक भावुक भी किया और नई ऊर्जा, शक्ति एवं आत्मविश्वास से भी भर दिया। मेरे लिए राजनीति से ऊपर हमेशा रिश्ते, सम्मान और साथियों का विश्वास रहा है। नेताओं, कार्यकर्ताओं और जानता का प्रेम, उनका समर्पण और उनका साथ ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आप सभी का यह स्नेह मुझे हर परिस्थिति में जनसेवा, संघर्ष और स्वाभिमान की राह पर और अधिक मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हम सब मिलकर युगपुरुष चौधरी भजन लाल जी के अधूरे सपनों को पूरा करने, हर कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा करने और जनता की आवाज को और मजबूती से बुलंद करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे। “स्वाभिमान हमारा संकल्प है… और जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत।”🙏🏻
Kuldeep Bishnoi12,583 次观看 • 2 个月前

“शहंशाही नहीं ईसानियत अदा कर मेरे प्रभु , मुझे लोगो पर नहीं दिलो पर राज करना है।” मैंने ईमानदारी से पिछले 12 वर्षों से अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। निजी कारणों की वजह से अब मैं संरक्षक पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ। सभी साधु संतों और समाज के सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने स्व. चौ. भजनलाल जी के बाद मुझ पर विश्वास जताया। समाज के लिए आगे भी मैं 24 घंटें तैयार रहूंगा।🙏
Kuldeep Bishnoi38,499 次观看 • 1 年前

पहली बार विधानसभा सत्र में पहुंचे Bhavya Bishnoi का स्वागत करने पर विधानसभा स्पीकर श्री ज्ञानचंद गुप्ता जी का बहुत-बहुत आभार। भव्य को आज विधानसभा में देखना गौरवमयी एवं भावुक पल था। किसी भी माता-पिता के लिए बहुत ही फक्र की बात होती है कि उसकी संतान सफलता की सीढिय़ों पर आगे बढ़े।
Kuldeep Bishnoi58,982 次观看 • 3 年前

खेजड़ी का पेड़ हमारी सांस्कृतिक धरोहर, पहचान और भावनाओं का प्रतीक है। खेजड़ी सहित पर्यावरण संरक्षण के संस्कार हमें हमारे पूर्वज़ों से मिले हैं। प्रकृति का संरक्षण हमारी विरासत भी हैऔर हमारी जिम्मेदारी भी। मेरी सभी से प्रार्थना की संयम रखें। मेरी बात केंद्रीय नेतृत्व से चल रही है। भाई परस राम जी एवं कमेटी के सदस्यों की भी भूरी भूरी प्रशंसा करता हूँ। बोलो गुरु महाराज की जय🙏🏻
Kuldeep Bishnoi10,846 次观看 • 6 个月前

आप सभी को शुभ सुबह। हमेशा की तरह आज भी शिवालय धाम, सीसवाल और पिता जी स्वर्गीय युगपुरुष चौधरी भजन लाल जी से आशीर्वाद लेकर दिन की शुभ शुरुआत की। आप सब भी लोकतंत्र के लिए और अपनी मज़बूती के लिए अपने मत का इस्तेमाल ज़रूर करें। ईश्वर की कृपा हम सब पर बनी रहे। “ॐ नमः शियाय”🙏
Kuldeep Bishnoi13,284 次观看 • 1 年前
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