
Bhupendra Singh Rathore
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𝗠𝗲𝗱𝗶𝗰𝗼 | 𝗟𝗲𝗮𝗿𝗻𝗲𝗿 | 𝗧𝗵𝗶𝗻𝗸𝗲𝗿 | 𝗙𝗼𝘂𝗻𝗱𝗲𝗿 @marwar_times
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यह भोजन अब सिर्फ गांव में ही मिलता है शहरों में विलुप्त हो रहा हैं #मारवाड़
Bhupendra Singh Rathore526,207 просмотров • 10 месяцев назад

मेजर ऋषभ सिंह...! जम्मू के डोगरा राजपूत मेजर ऋषभ सिंह संव्याल... राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ए.डी.सी. के रूप में सेवा कर रहे हैं..! भारतीय सेना के यह बहादुर अधिकारी देश की वीर डोगरा सैन्य परंपरा के गौरवशाली प्रतीक हैं। कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण की अद्भुत मिसाल 🇮🇳❤️🙏#IndianArmy | #DroupadiMurmu | #RishabhSinghSambyal
Bhupendra Singh Rathore265,430 просмотров • 6 месяцев назад

उदय राम जी जाट..! उदयपुर की सुबह की कड़ाके की ठंड में जहाँ लोग रज़ाई से बाहर नहीं निकलते, वहाँ उदय राम जाट जी का जुनून कुछ और ही है। सुबह 5:30 बजे, 100 फ़ीट गहरी फ़तेहसागर झील में उतर कर तैरना... वो भी जनवरी की इस ठिठुरती सर्दी में! जहाँ दूसरों को ठंड से बचने के लिए तीन-तीन जैकेट कम पड़ जाएँ, वहीं वे झील के ठंडे पानी में तैरते नजर आते हैं। उदय राम जाट जी के इस अद्भुत जज़्बे को सलाम। वाकई, #मेवाड़ ने झड़े गाड़ रखे हैं 🚩🚩
Bhupendra Singh Rathore242,931 просмотров • 6 месяцев назад

ऑस्ट्रेलिया में चल रही है बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में रविन्द्र जड़ेजा के अर्द्धशतक पर तलवार जश्न को देख अंग्रेज कॉमेंटेटर पूछ रहा है..? कि यह जश्न मनाने का अनोखा तरीका कहां से आया ।। जवाब में रवि शास्त्री हर्षा भोगले बता रहे है कि रविन्द्र जड़ेजा राजस्थान की लड़का क़ौम (राजपूत) से संबंध रखता है वहीं से आया है ।। Ravindrasinh jadeja #RavindraJadeja #Rajput
Bhupendra Singh Rathore350,071 просмотров • 1 год назад

विधानसभा टिकट... पदम श्री... राजनीति और सम्मान (पद्म श्री) की भूख इंसान से क्या-क्या नहीं करवाती! छोटू सिंह रावण का एजेंडा केवल राजनीति में प्रवेश करना है। लेकिन याद रहे.. दूसरों की लकीर छोटी करके अपनी लकीर बड़ी नहीं की जा सकती। अगर राजनीति करनी है, तो दूसरों पर कीचड़ उछालने के बजाय अपनी योग्यता और व्यक्तित्व के दम पर आगे बढ़ें।
Bhupendra Singh Rathore77,521 просмотров • 3 месяцев назад

बड़े-बड़े गुंडे और हिस्ट्रीशीटर राजस्थान पुलिस के सामने रहम की भीख मांगते हुए नजर आते हैं पिछले दिनों उदयपुर में बैंकॉक की लड़की को गोली मारने वाला स्वरूपगंज का हिस्ट्रीशीटर राहुल गुर्जर को थाने ले जाते टाइम सुखेर CI हिमांशु सिंह राजावत के पैरों में पड़कर गिड़गिड़ाते देखा गया। मान गए गुरु #RajasthanPolice #Jaipur #rajawat
Bhupendra Singh Rathore288,437 просмотров • 1 год назад

"हनुमान बेनीवाल के इस कृत्य ने नीचता की सारी हदें पार कर दीं।"
Bhupendra Singh Rathore208,043 просмотров • 1 год назад

शाहपुरा ठिकाना के एक राजकुमार की शाही शादी पिछले हफ्ते जयपुर के पास हुई। इस वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं, उनके पास पूरे राजस्थान और बाहर लगभग 150 से अधिक किले हैं। भारत और विदेश में कई होटल और रिसॉर्ट्स हैं। हज़ारों एकड़ ज़मीन है। घोड़े, प्राचीन वस्तुएं (antiques), और न जाने क्या-क्या है। इन सबसे ऊपर, उनके पास पूर्व-शाही परिवार की एक बड़ी पहचान है। लेकिन, जरा अंतर देखिए कि वे अपने इस भव्य दिन को कैसे मना रहे हैं और कैसे दिखावटी आम लोगों ने अपनी शादियों को क्या से क्या बना दिया है। हम जिन शादियों में जाते हैं, वहां परिवार वाली वह भावना ही गायब मिलती है। इस वीडियो में मौजूदा मंत्री, उपमुख्यमंत्री, कई शाही घराने, उद्योगपति, अधिकांश राजपूत अभिजात वर्ग (elites) और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद हैं। दूल्हे ने व्यक्तिगत रूप से सभी से मुलाकात की, आशीर्वाद लिया और सम्मान व्यक्त किया। वरमाला जैसी चीजों में कोई फिजूल का दिखावा नहीं है, समारोह भव्य होते हुए भी एक निजी आयोजन जैसा लग रहा है। यह किसी के लिए कोई सबक या उपदेश नहीं है। यह सिर्फ एक observation है कि अंततः परिवारों की जीत होनी चाहिए। पीढ़ियों का यह बंधन आपके इन इवेंट वालों और 20 कैमरामैनों पर भारी पड़ना चाहिए। अपने रीति-रिवाजों की कद्र करें। ❤️🙌
Bhupendra Singh Rathore44,698 просмотров • 2 месяцев назад

अफसरशाही किस कदर हावी है, यह उसका एक छोटा सा उदाहरण है। नोट: हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते। #राजस्थान
Bhupendra Singh Rathore54,974 просмотров • 4 месяцев назад

पूरा सुनिए... पढ़ाई सिर्फ एग्जाम के लिए नहीं... जिंदा रहने के लिए ज़रूरी है।
Bhupendra Singh Rathore75,107 просмотров • 6 месяцев назад

एक सिंह आया है, सिंह के बुलावे पर! राष्ट्रकथा महोत्सव के पावन मंच से अध्यात्म और राष्ट्रनीति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी ने ब्रजभूषण सिंह जी को अपना पुत्र बताते हुए जो कहा, वह केवल शब्द नहीं बल्कि संस्कारों की घोषणा थी।
Bhupendra Singh Rathore63,585 просмотров • 6 месяцев назад

जब इतिहास खुद को दोहराता है, तो विरोध के तरीके भी ऐतिहासिक हो जाते हैं। कभी अलवर के महाराजा जयसिंह ने रॉल्स रॉयस जैसी वैश्विक कंपनी को कचरा गाड़ी बनाकर उसकी औकात याद दिलाई थी, और आज बीकानेर की धरती पर महिंद्रा कंपनी के साथ भी कुछ ऐसा ही अनोखा नजारा देखने को मिला है। #राजस्थान के बीकानेर में ग्राहकों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने महिंद्रा कंपनी की लाखों रुपये की लग्जरी गाड़ियों को कचरे से भर दिया और शोरूम के सामने खड़े होकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। तकनीकी खराबी, खराब सर्विस और महीनों तक समाधान न मिलने से नाराज ग्राहकों का यह तरीका पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। • विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजहें.. * खराब सर्विस और तकनीकी समस्याएं: ग्राहकों का आरोप है कि गाड़ियों में लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं और कंपनी महीनों तक उनकी सही सर्विस नहीं करती है। * समाधान की कमी: गाड़ी मालिकों का कहना है कि वे लगातार परेशान हो रहे हैं, लेकिन स्थानीय डीलरशिप और कंपनी की तरफ से कोई ठोस समाधान नहीं दिया जा रहा है। * एजेंसी का अड़ियल रवैया: स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीकानेर की महिंद्रा एजेंसी के कर्मचारियों का व्यवहार बेहद खराब है और वे ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनते। * यह घटना सीधे तौर पर #अलवर के महाराजा जयसिंह के उस ऐतिहासिक वाकये की याद दिलाती है, जब ब्रिटेन में रॉल्स रॉयस के शोरूम में उनका अपमान किया गया था। अपमान का बदला लेने के लिए महाराजा ने एक साथ कई रॉल्स रॉयस गाड़ियां खरीदीं और उन्हें अलवर भेजकर नगरपालिका को सौंप दिया, ताकि उनसे शहर का कचरा साफ कराया जा सके। आज बीकानेर के आम नागरिकों ने भी महिंद्रा की लग्जरी गाड़ियों में कचरा भरकर कॉरपोरेट कंपनियों को यह कड़ा संदेश दिया है कि उपभोक्ता की संतुष्टि ही सबसे ऊपर है।
Bhupendra Singh Rathore26,019 просмотров • 2 месяцев назад

#REET की बात होती है तो सबसे पहले गहलोत जी याद आते हैं -सुभाष चारण सर
Bhupendra Singh Rathore55,931 просмотров • 6 месяцев назад