
deepak
@budhwardee • 43,769 subscribers
सियासत के बाजार में मेरी एक दुकान है चुटकुलों की,दोस्तो कुछ खरीदो न खरीदो, मोल भाव तो कर ही जाया करो.😛 😄😄
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बैंक लूटकर नीरव भागा सोता चौकीदार कुछ भी पूछो एक ही उत्तर नेहरू ज़िम्मेदार जोगीरा सारा रा रा😎
deepak58,752 views • 4 months ago

एक राजा ने रफूगर रखा हुआ था, जिसका काम कपड़ा रफू करना नहीं बल्कि बातें रफू करना था. राजा जब कभी बड़ा बड़ा फेंकता , रफ़ूगर उसे अपने दिमाग औऱ तर्क शक्ति से सही साबित करने की कोशिश करता । एक दिन राजा दरबार लगाकर जनता को अपनी शिकार की कहानी सुना रहे थे । अचानक कहानी सुनाते हुए राजा जोश में आकर बोले - एक बार तो ऐसा हुआ कि मैंने आधे किलोमीटर से निशाना लगाकर जो एक हिरन को तीर मारा तो तीर सनसनाता हुआ हिरन की बाईं आंख में लगकर दाएं कान से होता हुआ पिछले पैर के दाएं खुर में जा लगा. जनता ने कोई वाहवाही नहीं की क्योंकि कोई भी इस बात पर यकीन करने को तैयार ही नहीं था . उधर राजा भी समझ गया कि उसने ज़रूरत से ज़्यादा लम्बी छोड़ दीऔर फिर वो अपने रफूगर की तरफ देखने लगा, उसके बाद रफूगर उठा और कहने लगा हज़रात, मैं इस वाक़ये का चश्मदीद गवाह हूँ, दरअसल राजा साहब एक पहाड़ी के ऊपर खड़े थे औऱ हिरन काफी नीचे था, हवा भी मुआफ़िक चल रही थी, वरना तीर आधा किलोमीटर कहाँ जाता है.जहां तक बात है 'आंख' , 'कान' और 'खुर' की, तो अर्ज़ कर दूँ , जिस वक्त तीर लगा था उस वक़्त हिरन दाएं खुर से दायाँ कान खुजला रहा था, इतना सुनते ही जनता जनार्दन ने दाद के लिए तालियां बजाना शुरू कर दीं औऱ राजा साहब की वाह वाही होने लगी । अगले दिन रफूगर अपना बोरिया बिस्तरा बांधकर जाने लगा. राजा साहब ने परेशान होकर पूछा, कहाँ चले? रफूगर बोला राजा साहब गुस्ताख़ी माफ़ , मैं सिर्फ़ छोटी मोटी रफ्फूगिरी कर लेता हूँ , शामियाना सिलवाना हो तो गोदी मीडिया वालों को रख लीजिए !!😀
deepak39,709 views • 6 months ago

सांप को कौन से अच्छे कर्म करने चाहिए कि वो इंसान बन सके. जावेद साहब आप भी सुनिए. 😀
deepak14,218 views • 5 months ago
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