
छोटी कविता
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जितनी छोटी हो कविता उतना ही ज्यादा बसेगी मन में। साहित्य। सिनेमा। संगीत। जीवन।
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1989 में दूरदर्शन पर ‘इसी बहाने’ नामक एक सस्पेंस सीरियल प्रसारित होता था। इसमें प्रमुख भूमिकाओं में किरण खेर, सईद जाफ़री, सुष्मिता मुखर्जी और लिलिपुट जैसे कलाकार थे। यह सीरियल काफ़ी लोकप्रिय रहा था। आइए, इसी सीरियल की एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल, ‘हम हैं कुछ अपने लिए, कुछ हैं ज़माने के लिए’ सुनते हैं। इसे चित्रा सिंह ने अपनी आवाज़ दी है जबकि बोल निदा फ़ाज़ली के हैं।
छोटी कविता64,594 次观看 • 7 天前

ये बेंजामिन सिस्टर्स हैं, जो अपने गीतों के कारण 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के शुरुआती वर्षों में पाकिस्तान में बेहद मशहूर हुईं। उत्तर भारत में भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं थी। तीन बहनों का यह समूह 1987 के बाद मंच पर गाना लगभग बंद कर दिया, जब उनमें से एक की शादी हो गई। दिलचस्प बात यह है कि उस समय यह ग्रुप अपनी लोकप्रियता के शिखर पर था।
छोटी कविता71,054 次观看 • 3 个月前
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इस गाने के लिए रेशमा जी ने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जी से अनुरोध किया था कि वे न्यूनतम संगीत का प्रयोग करें, क्योंकि वह ऑर्केस्ट्रा संगीत की आदी नहीं थीं। रिकॉर्डिंग के समय, रेशमा जी ने फर्श पर बैठकर, माइक ज़मीन पर रखकर और मटका बजाते हुए यह गाना रिकॉर्ड किया था। फिर यह गाना इतिहास में दर्ज हो गया।
छोटी कविता113,037 次观看 • 1 年前