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रख विश्वास तू है शिव का दास 🚩
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किसी के भी शारीरिक रूप-रंग को लेकर उस पर उंगली नहीं उठानी चाहिए, खासकर जब वह एक महिला हो। एक महिला की पहचान उसके बाहरी रूप से नहीं, बल्कि उसके साहस, मेहनत और आत्मविश्वास से होती है। वह घर संभाल सकती है, अपने बच्चों की परवरिश कर सकती है और समाज में अपनी जिम्मेदारियाँ भी बखूबी निभा सकती है। उसमें हर कठिन परिस्थिति का सामना करने और उससे बाहर निकलने की अद्भुत शक्ति होती है। इसलिए किसी का मूल्यांकन उसके रूप से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और व्यक्तित्व से करना चाहिए। 🌸💪✨
Shivansh🔱442,454 görüntüleme • 2 ay önce

आजकल ऑनलाइन का दौर है। घर बैठे सामान मंगाना आसान और सुविधाजनक जरूर है, लेकिन हमें अपने आसपास के उन दुकानदारों का भी ख्याल रखना चाहिए, जो वर्षों से हमारी जरूरतों के समय हमारे साथ खड़े रहे हैं। आपके मोहल्ले की छोटी-सी दुकान सिर्फ एक दुकान नहीं होती, किसी परिवार की रोज़ी-रोटी होती है। आपकी छोटी-सी खरीदारी उनके घर का चूल्हा जलाने में योगदान दे सकती है। जो लोग आपके लिए हमेशा मौजूद रहते हैं, उनके लिए आपका थोड़ा-सा सहयोग भी बहुत मायने रखता है। ❤️ ऑनलाइन खरीदारी करें, लेकिन कभी-कभी अपने आसपास के दुकानदार से भी जरूर खरीदें। स्थानीय व्यापार को बढ़ावा दें, अपने लोगों का साथ दें। 🙏 #LocalBusiness #VocalForLocal #SupportLocal #अपनों_का_साथ
Shivansh🔱109,214 görüntüleme • 27 gün önce

इस दुनिया में कई ऐसे लोग मौजूद हैं, जो अपनी पूरी ज़िंदगी सिर्फ़ पैसों की कमी से जूझते हुए गुज़ार देते हैं। 💔 उन्हें कभी यह देखने का मौका ही नहीं मिलता कि भीड़-भाड़ और रोज़मर्रा की भागदौड़ से बाहर भी एक दुनिया है, जहाँ सुकून, रिश्ते और छोटी-छोटी खुशियाँ मिलती हैं। ❤️ और अफ़सोस… कई बार वे अपने बच्चों को भी यह एहसास नहीं करा पाते कि ज़िंदगी सिर्फ़ कमाने का नाम नहीं, जीने का नाम भी है। पैसा ज़रूरी है, लेकिन सुकून और अपनों के साथ बिताया समय भी उतना ही कीमती है। 🙏 #Life #Sukoon #Family #Zindagi #Reality
Shivansh🔱65,058 görüntüleme • 24 gün önce

Same story, same status… but different judgments. एक ही रिश्ते की कहानी, किसी के लिए Divorce है, किसी के लिए Reality Check, और किसी के लिए Second Chance। सच ये है कि हर रिश्ते की पूरी कहानी बाहर से दिखाई नहीं देती। लोग अक्सर कुछ पन्ने पढ़कर पूरी किताब पर फैसला सुना देते हैं। कभी रिश्ता बचाना समझदारी होता है, कभी अलग हो जाना। और कभी दोबारा शुरुआत करना ही जिंदगी का सबसे खूबसूरत फैसला बन जाता है। ❤️ हर कहानी का फैसला समाज नहीं, उसे जीने वाले लोग करें। 🌿 #Divorce #Reality #SecondChance #Relationships #LifeLessons
Shivansh🔱74,612 görüntüleme • 28 gün önce

इतिहास के सबसे बड़े master mind -- "Chankya " को क्यों जिंदा जला दिया गया , आइए समझते है 💬😡
Shivansh🔱74,579 görüntüleme • 2 ay önce

जीवनसाथी ऐसा हो… ❤️ जो हमारे कहे बिना भी दिल की बात समझ जाए, चेहरे की मुस्कान के पीछे छिपी उलझन पहचान जाए। जिसे हर बात बतानी न पड़े, बस एक नज़र मिले और वह समझ जाए कि कुछ ठीक नहीं है। 🫶 सच्चा रिश्ता वही है, जहाँ शब्द कम और समझदारी ज़्यादा हो। जहाँ साथ सिर्फ खुशियों में नहीं, बल्कि हर दुविधा और मुश्किल में भी महसूस हो। ❤️✨ #जीवनसाथी #रिश्ते #प्यार #सच्चाप्यार
Shivansh🔱30,312 görüntüleme • 1 ay önce

"जगत् के नाथ जगन्नाथ प्रभु ने अपने सबसे प्रिय भक्त हनुमान को क्यों सोने की जंजीरो से बांधा ?" मान्यता है कि जब भगवान जगन्नाथ पुरी में विराजमान हुए, तब समुद्र की प्रचंड लहरें बार-बार मंदिर क्षेत्र तक आ जाती थीं। भगवान ने अपने परम भक्त हनुमान जी को समुद्र की निगरानी और मंदिर की रक्षा का दायित्व सौंपा। लेकिन हनुमान जी समय-समय पर भगवान राम के दर्शन और सेवा के लिए चले जाते थे। उनके अनुपस्थित रहने पर समुद्र आगे बढ़ जाता था। तब भगवान जगन्नाथ ने प्रेमपूर्वक हनुमान जी को वहीं रहने के लिए स्वर्ण (सोने) की जंजीरों से बांध दिया, ताकि वे अपना स्थान न छोड़ें और मंदिर की रक्षा करते रहें। इसी कारण पुरी में बेड़ी हनुमान मंदिर प्रसिद्ध है। "बेड़ी" का अर्थ होता है "बंधन" या "जंजीर"। मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को बंधनयुक्त रूप में दर्शाया गया है, जो इस कथा की स्मृति है। जय जगन्नाथ। जय बजरंगबली। 🚩🙏
Shivansh🔱29,380 görüntüleme • 2 ay önce

भगवान जगन्नाथ के हर वर्ष लगभग 15 दिनों तक बीमार होने की परंपरा को "अनवसर" (Anasara/Anavasara) कहा जाता है। यह रथयात्रा से पहले होने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण लीला मानी जाती है। बीमार होने के पीछे की कथा : ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का स्नान पूर्णिमा उत्सव मनाया जाता है। इस दिन उन्हें 108 कलशों के पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। मान्यता है कि इतने विशाल स्नान के बाद भगवान को ज्वर (बुखार) हो जाता है। इसलिए वे 15 दिनों तक विश्राम करते हैं और भक्तों को दर्शन नहीं देते । जय jगन्नाथ प्रभु 🚩
Shivansh🔱12,241 görüntüleme • 2 ay önce

"जब हनुमान जी ने अपने बल का केवल 10% ही प्रकट किया, तब भी बाली उन्हें टस से मस नहीं कर सका। यही है पवनपुत्र की अपार शक्ति। 🚩🔥" इससे दो संदेश दिए जाते हैं: * हनुमान जी का बल असाधारण था — उन्होंने अपनी शक्ति का केवल एक अंश ही प्रकट किया, फिर भी वे अजेय रहे। * सच्चा सामर्थ्य विनम्र होता है — हनुमान जी कभी अपने बल का अहंकार नहीं करते थे। आवश्यकता पड़ने पर ही वे अपनी शक्ति दिखाते थे। #JaiBajrangbali 🚩
Shivansh🔱11,224 görüntüleme • 2 ay önce
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