
Shivansh🔱
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रख विश्वास तू है शिव का दास 🚩
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किसी के भी शारीरिक रूप-रंग को लेकर उस पर उंगली नहीं उठानी चाहिए, खासकर जब वह एक महिला हो। एक महिला की पहचान उसके बाहरी रूप से नहीं, बल्कि उसके साहस, मेहनत और आत्मविश्वास से होती है। वह घर संभाल सकती है, अपने बच्चों की परवरिश कर सकती है और समाज में अपनी जिम्मेदारियाँ भी बखूबी निभा सकती है। उसमें हर कठिन परिस्थिति का सामना करने और उससे बाहर निकलने की अद्भुत शक्ति होती है। इसलिए किसी का मूल्यांकन उसके रूप से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और व्यक्तित्व से करना चाहिए। 🌸💪✨
Shivansh🔱436,427 次观看 • 24 天前

"जगत् के नाथ जगन्नाथ प्रभु ने अपने सबसे प्रिय भक्त हनुमान को क्यों सोने की जंजीरो से बांधा ?" मान्यता है कि जब भगवान जगन्नाथ पुरी में विराजमान हुए, तब समुद्र की प्रचंड लहरें बार-बार मंदिर क्षेत्र तक आ जाती थीं। भगवान ने अपने परम भक्त हनुमान जी को समुद्र की निगरानी और मंदिर की रक्षा का दायित्व सौंपा। लेकिन हनुमान जी समय-समय पर भगवान राम के दर्शन और सेवा के लिए चले जाते थे। उनके अनुपस्थित रहने पर समुद्र आगे बढ़ जाता था। तब भगवान जगन्नाथ ने प्रेमपूर्वक हनुमान जी को वहीं रहने के लिए स्वर्ण (सोने) की जंजीरों से बांध दिया, ताकि वे अपना स्थान न छोड़ें और मंदिर की रक्षा करते रहें। इसी कारण पुरी में बेड़ी हनुमान मंदिर प्रसिद्ध है। "बेड़ी" का अर्थ होता है "बंधन" या "जंजीर"। मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को बंधनयुक्त रूप में दर्शाया गया है, जो इस कथा की स्मृति है। जय जगन्नाथ। जय बजरंगबली। 🚩🙏
Shivansh🔱29,380 次观看 • 20 天前

"जब हनुमान जी ने अपने बल का केवल 10% ही प्रकट किया, तब भी बाली उन्हें टस से मस नहीं कर सका। यही है पवनपुत्र की अपार शक्ति। 🚩🔥" इससे दो संदेश दिए जाते हैं: * हनुमान जी का बल असाधारण था — उन्होंने अपनी शक्ति का केवल एक अंश ही प्रकट किया, फिर भी वे अजेय रहे। * सच्चा सामर्थ्य विनम्र होता है — हनुमान जी कभी अपने बल का अहंकार नहीं करते थे। आवश्यकता पड़ने पर ही वे अपनी शक्ति दिखाते थे। #JaiBajrangbali 🚩
Shivansh🔱11,172 次观看 • 17 天前
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