
Dinesh Bohra
@dineshbohrabmr • 87,581 subscribers
Journalist | News Reporter | News Anchor @aajtak & @rajasthan_tak | RT’s and Views are personal
Shorts
Videos

अभिषेक चौधरी की पसंद कौन, गहलोत या पायलट ? किसे देखना चाहते हैं मुख्यमंत्री ?
Dinesh Bohra38,676 просмотров • 1 день назад

रोडवेज की वह सीट, जिस पर हमेशा “विधायक/सांसद आरक्षित” लिखा रहता है… आज उसी बस में 45 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच शिक्षा मंत्री आम यात्री की तरह कोटा से बारां पहुंचे। सुबह कैमरामैन दिखने पर उन्हें ट्रोल किया गया, लेकिन दोपहर में वे बिना किसी शोर-शराबे के बस में सफर करते नजर आए। यह नाटक था या नीयत इसका फैसला अब जनता खुद करेगी।
Dinesh Bohra196,550 просмотров • 22 дней назад

हनुमान बेनीवाल के बाद अब निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने भी डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के समर्थन में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि – "किरोड़ी जी बड़े नेता हैं और संघर्षों की भट्टी में तपकर निकले हुए व्यक्ति हैं। आज जो कुछ भी हो रहा है, जिस तरीके से हो रहा है और जो तमाम घटनाएं सामने आ रही हैं, उनका उन्हें पूरा पता है। यह सब कौन करवा रहा है, इसकी भी उन्हें अच्छी तरह जानकारी है। मुझे लगता है कि एक मजबूत नेता के लिए यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। राजनीति में ऐसी बातें पहले भी होती रही हैं और आज भी हो रही हैं। यह सब एक प्रयास है, एक सोची-समझी साजिश और षड्यंत्र है। मेरा मानना है कि आने वाले दिनों में पूरी स्थिति प्रदेश के सामने स्पष्ट हो जाएगी।"
Dinesh Bohra43,713 просмотров • 5 дней назад

4 साल का, 10 साल का और 15 साल का बच्चा ने पाछो तैयार करयो के... थने थारे बाप को, दादे को पाछो बदलो लेनो है ; राजवीर सिंह चलकाेई बाड़मेर में आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जयंती समारोह में मुख्य वक्ता राजवीर सिंह चलकोई ने हर किसी को भाव विभोर कर दिया। राजवीर सिंह ने कहा कि केवल राजाओं और वीर योद्धाओं का स्मरण किया जाता रहा है। लेकिन,मातृ शक्ति का योगदान में उस समय बेहद अहम था आप सोचिए राजस्थान की यह धरती जहां 18 साल तक के बालक एक योद्धा की तरह युद्ध में उतरते थे। यही कारण रहा कि 480 साल तक राजस्थान अकेले ने मुगलों को रोके रखा। किसी घर में 18 साल तक के बच्चे तक नहीं बचे थे। तो मैं इस मौके पर उन माताओं और मातृ शक्ति को भी दंडवत प्रणाम करता हूं।
Dinesh Bohra56,201 просмотров • 9 дней назад

“मैं कांग्रेसी नहीं हूँ, हम सपोर्ट बीजेपी को करते हैं, मगर इनकी इज़्ज़त दिल से करते हैं।” बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन आज अपने निजी कार्यालय में कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और मित्रों के साथ अपना जन्मदिन मना रहे थे। कार्यालय के बाहर भारी भीड़ देखकर कुछ युवतियाँ अपनी गाड़ी मोड़कर उम्मीद के साथ वापस कार्यालय लौट आई। इसी दौरान, मुख्य शहर में पिछले दस दिनों से बाधित जल आपूर्ति की समस्या को लेकर वही युवतियाँ वापस गाड़ी घुमा कर फिर से वहाँ पहुँचीं और अपनी पीड़ा सामने रखी। जन्मदिन के कार्यक्रम के बीच, सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में भी मेवाराम जैन ने संबंधित अधिकारी को फोन किया और जल्द से जल्द इस जल समस्या के समाधान का आग्रह किया। जबकि उनका कहना था कि “मैं कांग्रेसी नहीं हूँ, हम सपोर्ट बीजेपी को करते हैं, मगर इनकी इज़्ज़त दिल से करते हैं।” इसके बावजूद इतने बड़े कार्यक्रम के बीच भी जनता की पीड़ा को प्राथमिकता देते हुए उसका तत्काल संज्ञान लेना और समाधान के लिए प्रयास करना वाकई सराहनीय है।
Dinesh Bohra46,523 просмотров • 9 дней назад

“अभी मैंने उनसे (भजनलाल शर्मा) बात करी, मेरे बर्थडे पे उनका फोन आया था।” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर एयरपोर्ट के बाहर मिडिया को संबोधित करते हुए कहा कि – "सरकार चली गई, मॉनिटरिंग करने का कोई हिसाब ही नहीं है इनका तो। मुख्यमंत्री को पता ही नहीं पड़ता कि ये जो प्रोजेक्ट बन रहे हैं, वो बन क्या रहे हैं? अब जिस मुख्यमंत्री को ही नहीं पता है, वो कैसे उसकी मॉनिटरिंग करेंगे? वो इंटरेस्ट ले ही नहीं रहे।..मेरा दावा है, कोई मीडिया वाला... हम खर्चा देंगे। आप जहां जाना चाहो राजस्थान के किसी गांव में, किसी भी गांव में जाओ, आपको इस सरकार की हकीकत से रूबरू हो जाओगे।”
Dinesh Bohra105,509 просмотров • 21 дней назад

बंगाल चुनाव को लेकर BJP नेताओं पर सांसद हनुमान बेनीवाल का बड़ा तंज हनुमान बेनीवाल बोले ; "बीजेपी के नेताओं का दिमाग खराब हो गया, कह रहे है। बंगाल हमने जिता दिया, तुम खुद तो अपनी सीटों पर जीते नहीं थे...खा पीके होटलों में पड़े रहते थे।" बेनीवाल ने कहा कि आने वाले चुनाव भी तुम हारोगे बुरी तरह से। बंगाल जीताने की बात मत करो...बंगाल कैसे जीता, कैसे नहीं जीता, पूरा देश जानता है।
Dinesh Bohra158,409 просмотров • 1 месяц назад

दुकान की चौखट बैठकर कलेक्टर टीना डाबी ने दुकानदार से करवाई सफाई
Dinesh Bohra1,654,008 просмотров • 1 год назад

"पिछली बार जैसे बाड़मेर मेडिकल कॉलेज है, इसमें 50 सीट प्राइवेट की हैं, 50 सरकारी की हैं। जिसकी फीस ₹1 करोड़ है, और जिसके 720 में से मात्र 170 नंबर आए हैं, वह भी एमबीबीएस (MBBS) कर रहा है क्योंकि वह अमीर घर में पैदा हुआ है। वहीं दूसरी ओर, जिसके 550 नंबर आए थे, उसका 'गुनाह' बस इतना था कि वह गरीब घर में पैदा हुआ, इसलिए वह एमबीबीएस नहीं कर पा रहा है। आखिर यह भेदभाव क्यों?”
Dinesh Bohra87,106 просмотров • 1 месяц назад

“हम सब यदि भविष्यवाणियां करने लग जाएंगे, तो जनता को कौन पूछेगा? ये जो 'एडवांस बुकिंग' वाला मामला है, इसका कोई सर-पैर नहीं है। संगठन की नज़र में जब जो उपयुक्त होगा, उसे वो ज़िम्मेदारी मिलेगी... और न भी मिले। सिर्फ फल प्राप्ति की अगर कोई राजनीति कर रहा है, तो वो ज़्यादातर समय नाखुश ही रहेगा।”
Dinesh Bohra17,089 просмотров • 6 дней назад

"नहीं, हमें पता नहीं था। हमने तो बस उनसे अपनी समस्या बताई थी कि हम नया गांव से आए हैं। हमें यह नहीं मालूम था कि वे कलेक्टर साहब हैं।" कहते हैं, "पता नहीं किस रूप में नारायण मिल जाए।" एक बुजुर्ग दंपति अपनी पेंशन शुरू करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के तीन-तीन चक्कर लगा चुके थे, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा था। जीवन में कई बार ऐसा होता है कि जब सभी रास्ते बंद नजर आते हैं, तभी कोई संयोग बनता है और कोई अनजान व्यक्ति आपकी समस्या का समाधान कर देता है। इसी तरह जब यह बुजुर्ग दंपति दफ्तरों के चक्कर काटते हुए अपनी परेशानी लेकर भटक रहा था, तभी उनकी मुलाकात पाली के जिला कलेक्टर रवींद्र गोस्वामी से हो गई, जो मौके पर औचक निरीक्षण कर रहे थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बुजुर्ग दंपति से कहा, "आज शाम तक आपकी पेंशन शुरू हो जाएगी।" निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी देखा कि बुजुर्ग दंपति अपने कार्य के लिए सीढ़ियां चढ़कर प्रथम तल पर स्थित कार्यालय तक पहुंच रहे थे। वृद्धावस्था में होने वाली इस परेशानी को महसूस करते हुए उन्होंने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को अनावश्यक कठिनाई न हो, इसलिए संबंधित कार्यालय को प्रथम तल से भूतल पर स्थानांतरित किया जाए। बुजुर्ग महिला को यह पता नहीं था कि उनकी बात सुनने वाला व्यक्ति कौन है। लेकिन उनकी संवेदनशीलता और मदद के भाव से प्रभावित होकर वह उनके चरण स्पर्श करने का प्रयास करने लगीं। हालांकि, वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें विनम्रता से ऐसा करने से रोक दिया। कई बार प्रशासनिक पद से अधिक प्रभाव मानवीय संवेदनशीलता का होता है। किसी जरूरतमंद के लिए समय पर मिली सहायता और उसकी पीड़ा को समझने की संवेदना ही प्रशासन की सबसे बड़ी पहचान बन जाती है। ऐसे ही क्षण लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं।
Dinesh Bohra32,233 просмотров • 12 дней назад

नफ़रते हार जाती है, मुहब्बत जीत जाती है। आज इस्लाम धर्म के पवित्र पर्व ईद के अवसर पर यह वीडियो देखकर वास्तव में हृदय गर्व से भर उठता है। जैसलमेर में आज ईद की नमाज़ के बाद मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
Dinesh Bohra47,931 просмотров • 19 дней назад

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना किसी ठोस कारण के खारिज किया गया। पायलट ने कहा कि प्रत्याशी के खिलाफ न कोई FIR है और न ही कोई चार्जशीट, फिर भी नामांकन रद्द कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका विरोध जारी रहेगा।
Dinesh Bohra18,563 просмотров • 7 дней назад