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Dr. Dileep Maurya

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M.Phil, Ph.D. (JNU)| Journalist| Political Commentator| Content Writer| United Nations Follower| Public Relations Executive| Assistant Professor in DU

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इंसानियत आज भी जिंदा है ❤️ स्कूल से घर लौट रही एक बच्ची के पैर में अचानक कील घुस गई। दर्द में बच्ची परेशान थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे आकर कील निकाल दी। मुश्किल वक्त में किसी अनजान की मदद के लिए आगे आ जाना ही सच्ची इंसानियत है। ❤️ #NHCFoodsBullish #10YearsOfUPI #GodMorningTuesday #हनुमानजी

इंसानियत आज भी जिंदा है ❤️ स्कूल से घर लौट रही एक बच्ची के पैर में अचानक कील घुस गई। दर्द में बच्ची परेशान थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे आकर कील निकाल दी। मुश्किल वक्त में किसी अनजान की मदद के लिए आगे आ जाना ही सच्ची इंसानियत है। ❤️ #NHCFoodsBullish #10YearsOfUPI #GodMorningTuesday #हनुमानजी

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आजकल सोशल मीडिया के दौर में कई बच्चे भावनाओं में बहकर गलत फैसले ले लेते हैं, जिसका असर बाद में पूरे परिवार को झेलना पड़ता है। इसी से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बेटी को इंस्टाग्राम पर किसी बात को लेकर उसके पिता नाराज दिखाई देते हैं। हालांकि, बच्चों की गलती पर माता-पिता का नाराज होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें समझाने के लिए हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। प्यार, धैर्य और सही संवाद के जरिए बच्चों को बेहतर तरीके से समझाया जा सकता है। वीडियो में मां का वीडियो बनाना भी सवाल खड़े करता है। ऐसे संवेदनशील मामलों को कैमरे पर रिकॉर्ड करने के बजाय परिवार को शांतिपूर्वक बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। #GudMorningFriday

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पत्नी करीब तीन घंटे से अपनी मां से फोन पर बात कर रही थी, और इधर पति इस उम्मीद में इंतजार कर रहा था कि शायद अब खाना मिल जाएगा। लेकिन इंतजार खत्म हुआ, खाना नहीं मिला! वैसे एक बात समझने वाली है किसी भी शादीशुदा जिंदगी में जरूरत से ज्यादा बाहरी दखल कई बार रिश्तों में तनाव पैदा कर देता है। हर छोटी-बड़ी बात मायके में बताना और फिर हर फैसले में सलाह लेना, पति-पत्नी के बीच गलतफहमियों को बढ़ा सकता है। दिन के कई घंटे फोन पर ससुराल की बातें मायके में बताने के बजाय, बेहतर है कि पति-पत्नी आपस में बैठकर अपनी समस्याएं सुलझाएं। मां से बात करना गलत नहीं है, लेकिन हर बात में उनकी सलाह को रिश्ते के बीच लाना भी ठीक नहीं। रिश्ता तभी मजबूत होता है, जब उसकी बातें पहले घर के अंदर समझदारी से सुलझाई जाएं। मायके से प्यार और बातचीत बनी रहनी चाहिए, लेकिन अपने नए घर की जिम्मेदारियों को भी उतनी ही प्राथमिकता देना जरूरी है। #GodMorningSunday #SpiritualSunday

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