Dr. Laxman Yadav's banner
Dr. Laxman Yadav's profile picture

Dr. Laxman Yadav

@DrLaxman_Yadav313,270 subscribers

Author of the Best-Selling books 'Professor ki Diary' & 'Jaati Janaganana', Socialist, Constitutionalist, Political Analyst, Intercessor of Social Justice.

Shorts

अपने विवेक को सबसे बड़ा मार्गदर्शक बनाइए।

अपने विवेक को सबसे बड़ा मार्गदर्शक बनाइए।

86,117 görüntüleme

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक युवक मोटर साइकिल पर अपनी मां को बैठाकर बाजार जा रहा था. कि बीच रास्ते में ही तीन मोटर साइकिलों पर सवार आधा दर्जन से अधिक युवकों ने रोक लिया। मारपीट कर तमंचे के बल पर अगवा कर लिया और फिर उसको बेरहमी से पीटा. लेकिन किसी टीवी चैनल में इतनी हिम्मत नहीं हो रही कि इसे जंगलराज बोल दे.

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक युवक मोटर साइकिल पर अपनी मां को बैठाकर बाजार जा रहा था. कि बीच रास्ते में ही तीन मोटर साइकिलों पर सवार आधा दर्जन से अधिक युवकों ने रोक लिया। मारपीट कर तमंचे के बल पर अगवा कर लिया और फिर उसको बेरहमी से पीटा. लेकिन किसी टीवी चैनल में इतनी हिम्मत नहीं हो रही कि इसे जंगलराज बोल दे.

1,260,353 görüntüleme

बिहार में भी अमृतकाल आ गया है... भरोसा न हो तो ये बानगी देख लीजिए!

बिहार में भी अमृतकाल आ गया है... भरोसा न हो तो ये बानगी देख लीजिए!

75,426 görüntüleme

देश में बेरोज़गारी, महंगाई और भर्ती घोटालों की चर्चा है, लेकिन प्रधानमंत्री जी फिर विदेश दौरे पर हैं - शायद भारत की समस्याएँ अब फ्रांस और स्लोवाकिया से ही हल होंगी।

देश में बेरोज़गारी, महंगाई और भर्ती घोटालों की चर्चा है, लेकिन प्रधानमंत्री जी फिर विदेश दौरे पर हैं - शायद भारत की समस्याएँ अब फ्रांस और स्लोवाकिया से ही हल होंगी।

69,676 görüntüleme

कावँड यात्रा के रास्ते पर बैरिकेडिंग बांधते मुसलमान।

कावँड यात्रा के रास्ते पर बैरिकेडिंग बांधते मुसलमान।

743,461 görüntüleme

झूठे वादे, झूठा प्रचार - भाजपा करती बारंबार!

झूठे वादे, झूठा प्रचार - भाजपा करती बारंबार!

21,471 görüntüleme

ये खेल भावना का सम्मान है. #OlimpiadasParis2024

ये खेल भावना का सम्मान है. #OlimpiadasParis2024

663,658 görüntüleme

ये कितना दुर्भाग्यपूर्ण है देश के लिए!

ये कितना दुर्भाग्यपूर्ण है देश के लिए!

666,464 görüntüleme

ये वीडिओ रुड़की का बताया जा रहा है. ख़बरों के मुताबिक कांवड़ियों से ई-रिक्शा साइड से 'टच' हो गया था. और कांवड़ियों ने ई-रिक्शा का ये हाल कर दिया। इन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि सरकार और प्रशासन का ज़रा भी भय नहीं है इनके अंदर। ये ऐसा क्यों कर पा रहे हैं, इसका जवाब कौन देगा?

ये वीडिओ रुड़की का बताया जा रहा है. ख़बरों के मुताबिक कांवड़ियों से ई-रिक्शा साइड से 'टच' हो गया था. और कांवड़ियों ने ई-रिक्शा का ये हाल कर दिया। इन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि सरकार और प्रशासन का ज़रा भी भय नहीं है इनके अंदर। ये ऐसा क्यों कर पा रहे हैं, इसका जवाब कौन देगा?

559,884 görüntüleme

सबूत तो चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में लाइव मिल चुका था, हुआ क्या? सबूत तो Samajwadi Party के नेता Akhilesh Yadav जी ने 18,000 सबूत Election Commission of India को भिजवाए थे कि धांधली हुई है. मगर हुआ क्या? इस बार एटम बम तो फूटा है, देखना दिलचस्प है कि क्या होता है.

सबूत तो चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में लाइव मिल चुका था, हुआ क्या? सबूत तो Samajwadi Party के नेता Akhilesh Yadav जी ने 18,000 सबूत Election Commission of India को भिजवाए थे कि धांधली हुई है. मगर हुआ क्या? इस बार एटम बम तो फूटा है, देखना दिलचस्प है कि क्या होता है.

287,726 görüntüleme

"गुलामों को गुलामी का एहसास करा दो, वह अपनी जंजीरें खुद तोड़ देगा." :- महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले #Bangladesh

"गुलामों को गुलामी का एहसास करा दो, वह अपनी जंजीरें खुद तोड़ देगा." :- महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले #Bangladesh

504,934 görüntüleme

शिक्षा का बजट- 2013 - 4.77% 2023 - 2.50% और ये प्रधानमंत्री रहते किया है इन्होंने। डंका बज रहा है न?

शिक्षा का बजट- 2013 - 4.77% 2023 - 2.50% और ये प्रधानमंत्री रहते किया है इन्होंने। डंका बज रहा है न?

482,633 görüntüleme

दिल्ली के ओल्ड राजेन्द्र नगर में कल रात Rau's IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट की लाइब्रेरी में नाले का पानी भरने का वीडियो सामने आया है। बेसमेंट में पानी भरने से 3 छात्रों की दर्दनाक मौत।

दिल्ली के ओल्ड राजेन्द्र नगर में कल रात Rau's IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट की लाइब्रेरी में नाले का पानी भरने का वीडियो सामने आया है। बेसमेंट में पानी भरने से 3 छात्रों की दर्दनाक मौत।

453,254 görüntüleme

सारे एक्ज़ामों पर सवाल उठाना सदन के लिए उचित नहीं, तो सड़क पर विद्यार्थी सवाल उठा रहे हैं अध्यक्ष महोदया। CBI जाँच हो रही है, साज़िश करने वाले पकड़ा रहे हैं, लाखों रुपए में पेपर मिल रहे, नौकरी बिक रही और आप हैं कि हर बार दिल ही जीत लेते हैं।

सारे एक्ज़ामों पर सवाल उठाना सदन के लिए उचित नहीं, तो सड़क पर विद्यार्थी सवाल उठा रहे हैं अध्यक्ष महोदया। CBI जाँच हो रही है, साज़िश करने वाले पकड़ा रहे हैं, लाखों रुपए में पेपर मिल रहे, नौकरी बिक रही और आप हैं कि हर बार दिल ही जीत लेते हैं।

416,784 görüntüleme

मुझे नहीं पता कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर किस बात का दबाव है? लेकिन इनके बयान पर मुझे नायक फ़िल्म का ये एक दृश्य याद आ गया, जिसे मैं आपसे साझा कर रहा हूँ.

मुझे नहीं पता कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर किस बात का दबाव है? लेकिन इनके बयान पर मुझे नायक फ़िल्म का ये एक दृश्य याद आ गया, जिसे मैं आपसे साझा कर रहा हूँ.

382,753 görüntüleme

अब लगता है सरकार को पुलिस की सुरक्षा का भी इंतेजाम करना पड़ेगा!

अब लगता है सरकार को पुलिस की सुरक्षा का भी इंतेजाम करना पड़ेगा!

374,819 görüntüleme

सोशल मीडिया के मुताबिक़ यह दृश्य एक अकादमिक संस्थान का है. अगर ये सही है तो सोचें कि शैक्षणिक संस्थानों के भीतर भी वही वाला धर्म घुस गया है, जिसमें डीजे पर शास्त्र सम्मत भक्तिश्लोक बजाए जा रहे हैं.

सोशल मीडिया के मुताबिक़ यह दृश्य एक अकादमिक संस्थान का है. अगर ये सही है तो सोचें कि शैक्षणिक संस्थानों के भीतर भी वही वाला धर्म घुस गया है, जिसमें डीजे पर शास्त्र सम्मत भक्तिश्लोक बजाए जा रहे हैं.

287,467 görüntüleme

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसा बेहद दिल दहला देने वाला है। इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों और क्रू मेंबर्स के परिजनों के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है, जिसका दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। हम इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ खड़े हैं। यह शोक केवल उनका नहीं, हम सबका है। सरकार से हमारी अपील है कि वहाँ फँसे लोगों के लिए सर्वोच्च स्तरीय बचाव, राहत और चिकित्सा सुविधाएँ तुरंत सुनिश्चित की जाएँ।

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसा बेहद दिल दहला देने वाला है। इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों और क्रू मेंबर्स के परिजनों के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है, जिसका दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। हम इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ खड़े हैं। यह शोक केवल उनका नहीं, हम सबका है। सरकार से हमारी अपील है कि वहाँ फँसे लोगों के लिए सर्वोच्च स्तरीय बचाव, राहत और चिकित्सा सुविधाएँ तुरंत सुनिश्चित की जाएँ।

175,528 görüntüleme

संसद में बोला गया वह वाक्य, जो देश के सामने आने वाले दिनों के सबसे बड़े ख़तरे की तरफ़ इशारा करता है।

संसद में बोला गया वह वाक्य, जो देश के सामने आने वाले दिनों के सबसे बड़े ख़तरे की तरफ़ इशारा करता है।

240,405 görüntüleme

Videos

DrLaxman_Yadav's profile picture

"झूठ बोलकर बच निकलने का दौर अब आसान नहीं रहा।" समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट कृष्ण कन्हैया पाल ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को जवाब देते हुए कहा: "जिस पोस्ट को निशिकांत दुबे ने रीपोस्ट किया, वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक थी। मैंने पार्टी के संवैधानिक पदाधिकारी और अधिवक्ता के नाते कानूनी नोटिस भेजा। यदि उन्हें लगता है कि मेरी मानहानि कैसे हुई, तो उन्हें अपने कानूनी विशेषज्ञों से इसकी सलाह लेनी चाहिए।" यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि सोशल मीडिया पर आरोप उछालना आसान है, लेकिन अदालत और कानून के सामने हर शब्द का हिसाब देना पड़ता है। भाजपा की राजनीति में झूठ, आधी-अधूरी जानकारी और प्रोपेगेंडा के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब ऐसे दावों की कानूनी जांच होती है, तो वही लोग सफाई देते और खेद जताते दिखाई देते हैं। लोकतंत्र झूठ के शोर से नहीं, बल्कि सच, सबूत और संविधान के राज से चलता है।

Dr. Laxman Yadav

85,682 görüntüleme • 4 gün önce

DrLaxman_Yadav's profile picture

कारसेवकों पर गोली चली - भाजपा 35 साल से इस एक घटना को बार-बार दोहराती रही है। लेकिन क्या भाजपा अयोध्या का पूरा इतिहास बताने का साहस करेगी? क्या वह बताएगी कि 1990 में अदालत का आदेश क्या था और प्रशासन के सामने परिस्थितियाँ क्या थीं? क्या वह 1992 में सुप्रीम कोर्ट को दिए गए आश्वासनों और उसके बाद हुए विध्वंस की कहानी भी उतनी ही जोर से सुनाएगी? क्या वह बताएगी कि सुप्रीम कोर्ट ने उस विध्वंस पर क्या टिप्पणी की थी? और सबसे दिलचस्प सवाल - 1990 में मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था के केंद्र में रहे नृपेंद्र मिश्रा आगे चलकर भाजपा के इतने भरोसेमंद कैसे बने कि नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपना प्रधान सचिव बनाया और बाद में वही राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष बने? भाजपा की राजनीति की सबसे बड़ी ताकत शायद यही रही है - इतिहास से अपने काम के पन्ने निकालो, बाकी छिपा दो और आधे सच को बार-बार दोहराकर पूरा सच बना दो। इस वीडियो में नारा नहीं, पूरी कहानी है। 1990 भी है, 1992 भी। अदालत के आदेश भी हैं और भाजपा से वे सवाल भी, जिनके जवाब उसके भाषणों में नहीं मिलते। वीडियो देखिए और साझा कीजिए - क्योंकि इतिहास आधा नहीं, पूरा बताया जाना चाहिए।

Dr. Laxman Yadav

66,952 görüntüleme • 10 gün önce

DrLaxman_Yadav's profile picture

जब एक छोटी-सी बच्ची कैमरे के सामने खड़े होकर कहती है - "हम पढ़ना चाहते हैं, लेकिन हमारे गाँव में स्कूल नहीं है" - तो यह सिर्फ़ एक बच्चे की आवाज़ नहीं, बल्कि देश के लाखों ग्रामीण बच्चों की पीड़ा है। किसी को 10 किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते स्कूल जाना पड़ता है, किसी के गाँव में स्कूल ही नहीं है, कहीं बिजली नहीं है, कहीं शिक्षक नहीं हैं। फिर भी मंचों से "विश्वगुरु" और "विकसित भारत" के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। अगर बच्चों को शिक्षा पाने के लिए सुरक्षा, सड़क, स्कूल और बुनियादी सुविधाओं की भीख माँगनी पड़े, तो यह किसी भी लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है। सरकार को नारों से नहीं, स्कूलों से जवाब देना होगा। क्योंकि देश का भविष्य भाषणों से नहीं, कक्षाओं से बनता है। हर बच्चे को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना कोई कृपा नहीं, उसका संवैधानिक अधिकार है।

Dr. Laxman Yadav

23,480 görüntüleme • 3 gün önce

DrLaxman_Yadav's profile picture

"We don't want Phunsukh Wangdu to die." ऐसे समय में जब ज़्यादातर बड़े फ़िल्मी सितारे और नामचीन सेलिब्रिटी चुप हैं, 3 Idiots में चतुर का किरदार निभाने वाले ओमी वैद्या की यह अपील और भी ज़्यादा मायने रखती है। जब देश का एक सम्मानित नवप्रवर्तक 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठा हो, तब चुप्पी भी एक संदेश देती है। लगता है कि सत्ता के सामने सच बोलने का साहस धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। ऐसे दौर में वही लोग याद रखे जाते हैं जो डर या सुविधा नहीं, बल्कि इंसानियत के साथ खड़े होने का फैसला करते हैं। सोनम वांगचुक के लिए उठी यह आवाज़ सिर्फ़ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवाद की संस्कृति के लिए भी है।

Dr. Laxman Yadav

28,286 görüntüleme • 4 gün önce

DrLaxman_Yadav's profile picture

लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में तक़रीबन डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाही सुनिए—यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं, हमारे समय की एक भयावह सच्चाई है। इस आग में कुछ लोग जलकर मारे गए, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया? रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की जगह समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। एक आग इमारतों को जलाती है, दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को। हम जैसे लोग बरसों से चेतावनी देते आ रहे हैं कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता। मगर अगर अब भी नहीं संभले, अगर अब भी असली मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे, तो सिर्फ़ इमारतें नहीं जलेंगी—सपने जलेंगे, भविष्य जलेगा, और एक पूरा समाज राख में बदलता चला जाएगा। वक़्त अभी भी है। तय करना हमें है कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।

Dr. Laxman Yadav

104,948 görüntüleme • 25 gün önce

हावड़ा में बीजेपी के गुंडों द्वारा टीएमसी नेता श्यामलाल मित्रा के साथ की गई बर्बर मारपीट लोकतंत्र पर सीधा हमला है। लेकिन विडंबना देखिए - देश का तथाकथित “मुख्यधारा” मीडिया इस सच को दिखाने से कतराता है। सत्ता की चाटुकारिता में इतना डूब चुका है कि उसे न हिंसा दिखाई देती है, न अन्याय। अभी वे चुनावी जीत के जश्न में मशगूल हैं और नरेंद्र मोदी व भाजपा को बधाइयाँ देने में व्यस्त हैं। जब मीडिया सत्ता का पहरेदार बनने के बजाय उसका प्रवक्ता बन जाए, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। यह सिर्फ एक घटना नहीं है - यह उस खामोशी का प्रमाण है, जो सच के खिलाफ खड़ी कर दी गई है।
0:23

Sensitive content

This media may contain sensitive content.