
फ़ितूर ✍️
@FiturZindgi • 38,333 subscribers
काग़ज़ो पर लिख के जो जाया कर दु मैं वो शक्स नहीं वो शायर हूँ जिसें दिलो पर लिखनें का हुनर आता है ❣️महादेव 🙏
Shorts
Videos

तेरे साथ हर लम्हा जैसे जन्नत का एहसास, तेरी बाहों में खोकर खुद को भुलाने की।
फ़ितूर ✍️83,514 Aufrufe • vor 1 Jahr

पुरूष को कोई समझने वाला चाहिये स्त्री से कही ज्यादा खूबसूरत एक पुरुष होता है जो परिवार की जरूरतो को बिना मोलभाव के पुरा करता है एक स्त्री बोल भी दे की मेरे पास पैसा नही है,पर एक पुरुष कभी नही बोलता वो पैसे किस तरह और कितनी मेहनत से कमाता है बस उसे अपनो की चिंता रहती है
फ़ितूर ✍️90,819 Aufrufe • vor 1 Jahr

न ख्वाहिश न जुस्तजू बस आइना है रू-ब-रू तेरे वास्ते मैं कुछ नहीं मेरे वास्ते बस तू ही तू
फ़ितूर ✍️65,991 Aufrufe • vor 1 Jahr

बहुत ख़ुबसूरत रिश्ता है तेरा और मेरा..... ना तुमने कभी बांधा,,, ना हमने कभी छोड़ा !!!!!
फ़ितूर ✍️48,568 Aufrufe • vor 1 Jahr

इश्क़ का वरदान है साहब... हारे हुए आशिक जीते हुए आशिकों से ज्यादा खुश दिखेंगे!! ख़ैर… ❤️🩹
फ़ितूर ✍️60,548 Aufrufe • vor 1 Jahr

कामयाब पुरुष के पीछे एक बाप की पूरी जवानी होती है स्त्री ने तो अधिकतर कामयाब पुरुष को ही चुना है
फ़ितूर ✍️73,365 Aufrufe • vor 2 Jahren

नहीं है शिकवे किसी की बे रूखी से ग़ालिब.. शायद हम ही ना थे दिलों में बसने के काबिल.. 🖤
फ़ितूर ✍️43,761 Aufrufe • vor 1 Jahr

कुछ तो बाकी होगा ना हमारे नाम का कही, यूं ही नही हैं जिंदा उसकी…दुनिया में हम..!!
फ़ितूर ✍️40,845 Aufrufe • vor 1 Jahr

दस हजार पत्नियाँ मिलकर भी एक प्रेमिका की बराबरी नहीं कर सकती.!! प्रेमिका एक प्राकृतिक रिश्ता और उड़ने की आजादी है,और प्यार को पंख देती है जबकि पत्नी एक सामाजिक..रिश्ता के साथ साथ सामाजिक बंधन है !!! हालाकि दोनो का अपना अपना अलग अलग अस्तित्व है। प्रेमिकाओं को कहा गया संघर्षों के साथी,और पत्नी बनी दांपत्य जीवन की दामिनी। यही कारण है भगवान कृष्ण से विवाह होने के बाद भी रुक्मणि कभी राधा का जगह नही ले पाई।।
फ़ितूर ✍️55,403 Aufrufe • vor 1 Jahr

इस बेचैन दिल का सुकून है तू । बस इतना जान ले मेरा जुनून है तू ।।
फ़ितूर ✍️51,951 Aufrufe • vor 1 Jahr
0:31
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

तुझे सोचूँ फिर एक बात लिखू जज्बात लिखू या हालात लिखू.! तेरे इश्क को अपने साथ लिखू या तुझको अपनी बुनियाद लिखू.! तुझे देखूं फिर तेरी याद लिखू तारीफ लिखू या फरियाद लिखू.! तेरा साथ अपने साथ लिखू या हम साथ नही अब, कहो,अधूरे ही वो सारे अपने खयालात लिखू.! ख़ैर, तुम ही कहो क्या लिखू
फ़ितूर ✍️36,497 Aufrufe • vor 1 Jahr