ThePoliTechs's banner
ThePoliTechs's profile picture

ThePoliTechs

@ForSuraaj • 10,855 subscribers

An अवर्ण graduated from BIT मिश्रा |Data Analyst |Loves Probability |JSP Supporter|Only वक्ता, Not प्रवक्ता। Luck grows in proportion to your karma & hard work

Shorts

बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा यह बता देगा कि बिहार में अब कुत्ते को रोटी और बिल्ली को मुफ्त दूध नहीं मिलेगा। अब बिहार में जन सुराज का ही इक्का चलेगा।

बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा यह बता देगा कि बिहार में अब कुत्ते को रोटी और बिल्ली को मुफ्त दूध नहीं मिलेगा। अब बिहार में जन सुराज का ही इक्का चलेगा।

12,166 Aufrufe

सम्राट चौधरी ने यह कहा था कि कोई हमारी पुलिस पर बंदूक तानने की हिम्मत कैसे कर सकता है। — प्रशांत किशोर

सम्राट चौधरी ने यह कहा था कि कोई हमारी पुलिस पर बंदूक तानने की हिम्मत कैसे कर सकता है। — प्रशांत किशोर

11,366 Aufrufe

Videos

ForSuraaj's profile picture

प्रशांत किशोर का उन लोगों को जवाब, जो पटना और बिहार में विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं: 1. पहले पटना शाम 6 बजे तक लगभग बंद हो जाता था, अब 10 बजे तक खुला रहता है। कुछ लोग इसे ही विकास मानते हैं। उनका तर्क है कि अब 6 बजे के बाद घर से निकलो तो कोई गोली नहीं मार देगा। 😀 ऐसे लोगों को एक बार बेंगलुरु जाकर रात 10 बजे का ट्रैफिक देखना चाहिए। 😀 2. लोग कहते हैं कि पटना एयरपोर्ट कितना विकसित हो गया है। सच यह है कि जब बना था तब पटना एयरपोर्ट बेंगलुरु के किसी बस स्टैंड जैसा लगता था, और आज यह बेंगलुरु में बने एसएमवीटी रेलवे स्टेशन जैसा ही दिखाई देता है। 3. कुछ लोग सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों की संख्या को बिहार के विकास का प्रमाण बताते हैं। लेकिन एक तथ्य जान लीजिए, देश में औसतन लगभग 8% लोगों के पास निजी वाहन हैं, जबकि बिहार में यह संख्या केवल 2% है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में यह आंकड़ा 25% से भी अधिक है। सोचिए, जब सिर्फ 2% लोगों के पास वाहन होने पर पटना और बिहार के अन्य शहरों में ट्रैफिक की यह हालत है, तो अगर यह संख्या राष्ट्रीय औसत तक पहुंच जाए तो क्या होगा? असल समस्या यह है कि यहाँ के नेताओं ने हमें कुएँ का मेंढक बना दिया है। हमारी सोच इतनी सीमित कर दी गई है कि शाम 6 बजे के बाद घर से बाहर निकल पाना ही हमें विकास लगने लगा है। मेरे दोस्त, देश और दुनिया बहुत आगे निकल चुकी हैं। हम बहुत पीछे छूट गए हैं, अब जागने का समय आ गया है । जागो बिहार, जागो!

ThePoliTechs

23,333 Aufrufe • vor 4 Monaten

ForSuraaj's profile picture

पत्रकार कुमार प्रबोध पर संपत्ति से जुड़ी खबरों को लेकर रोशनी कुमारी का दबाव अब कई सवाल खड़े करता है। रिकॉर्डेड कॉल्स के मुताबिक, चित्रगुप्त नगर की निलंबित थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी ने पत्रकार कुमार प्रबोध को देर रात 14 बार फोन किया, जिसमें उन्होंने अपनी घोषित संपत्ति को लेकर चल रही खबरों पर आपत्ति जताई। वहीं रोशनी कुमारी ने अपनी संपत्ति को स्त्रीधन बताते हुए इसे निजता का उल्लंघन कहा और बातचीत के दौरान यह भी कहा— “वरना हम आपको देख लेंगे।” यह कुछ अहम सवाल खड़े करता है: • क्या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की घोषित संपत्ति निजी होती है? • क्या आधिकारिक सूचनाओं की रिपोर्टिंग पर पत्रकारों को डराया जा सकता है?

ThePoliTechs

27,395 Aufrufe • vor 8 Monaten