
Gaurav Shyama Pandey
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इलाहाबादी. कीबोर्ड पीटक Ex- Khabargaon, The Lallantop, Lokmat, Navbharat Times. Alumnus- @IIMC_India, University of Allahabad
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सांसद अफजाल अंसारी- ये आपकी कृपा पर नहीं है कि आप तय करें कि ये लोग ही मिट्टी देंगे DM- मैं जिला अधिकारी हूं, आपने परमिशन नहीं ली है, हम विधिक कार्रवाई करेंगे सांसद- आप कुछ भी हों, मिट्टी देने के लिए अपने धार्मिक प्रायोजन के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं DM मैडम को बताना चाहिए कि 144 में अंतिम संस्कार के लिए भी परमिशन लेनी पड़ती है क्या?
Gaurav Shyama Pandey548,460 görüntüleme • 2 yıl önce

हरियाणा चुनाव का ऐसा विश्लेषण और कहीं न मिलेगा. अद्भुत एनालिसिस है भइया Abhinav Pandey नमन रहेगा
Gaurav Shyama Pandey355,599 görüntüleme • 1 yıl önce

'देश के शिक्षामंत्री ने आखिरी बार शिक्षा पर कब बात की थी?' Abhinay Maths
Gaurav Shyama Pandey111,113 görüntüleme • 11 ay önce

एम्बुलेंस वाले 1200 रुपए मांग रहे. भगदड़ में चोट लगी थी. रुपया पैसा सामान सब गुम गया. कुम्भ मेले में बने केंद्रीय चिकित्सालय में इलाज हुआ. लेकिन अब बाहर ले जाने के लिए एम्बुलेंस वाले पैसा मांग रहे. पैसा है नहीं. चोट लगी है, पैदल जा नहीं सकते. बताइए, ये है आपका भव्य दिव्य इंतजाम
Gaurav Shyama Pandey87,088 görüntüleme • 1 yıl önce

2022 में MPPSC प्रोटेस्ट के दौरान तेज कुशवाहा मिले. आए थे अफसर बनने. लेकिन हालात ने फल का ठेला लगाने पर मजबूर कर दिया. 2 बार मेन्स लिख चुके थे. इंटरव्यू की तैयारी पूरी थी. लेकिन पेपर लीक, आरक्षण विवाद की वजह से वैकेंसी अटकी पड़ी थी. कल तेज का मैसेज आया, भइया सेलेक्शन हो गया 1/2
Gaurav Shyama Pandey67,452 görüntüleme • 1 yıl önce

साइंटिफिक टेम्परामेंट feat पप्पू यादव - कोरोना बीमारी नहीं, अमेरिका, रूस-चीन का वॉर था - सब जितना (a+b) होल स्क्वायर पढ़ल-लिखल लोग था, थाली बजा रहा - गणेश जी की पूजा करते हैं और सबसे ज्यादा जहर घर में मूस को देते हैं - महीना में 28 दिन गरीब भूखे रहता है, ई साला भगवान कहां है?
Gaurav Shyama Pandey58,567 görüntüleme • 1 yıl önce

अमावस की रात 29 जनवरी की रात मैं संगम नोज पर था. वहां इतना भयावह दृश्य था कि कभी नहीं भूल सकता. असंख्य लोगों की भीड़ थी. और लगातार चली आ रही थी. घाट भरे हुए थे. जो लोग पहले आ गए थे वो वहीं बिछा के सो गए थे. कुछ लोग नागाओं का स्नान देखने के लिए घाट पर डेरा डाले हुए थे. प्रशासन लगातार लोगों से स्नान कर घाट छोड़ने के लिए कह रहा था. लेकिन घाट भरे हुए थे. इधर सारी भीड़ संगम की ही ओर चली आ रही थी. कहीं किसी दूसरे घाट की ओर कोई डायवर्जन नहीं. हर चीज की एक सीमा होती है. संगम घाट की भी है. कितने ही लोग आ पाएंगे. अंतत: वही हुआ जिसका डर था. पीछे कुछ औरतें गिरीं. उन्हें उठाने की कोशिश की. चार-पांच लोग मेरे हाथ पर चढ़ गए. मैं भी गिर गया. मेरी किस्मत अच्छी थी कि मेरे ऊपर कोई नहीं गिरा. हल्की चोट आई, पूरा शरीर पसीने से भीग गया था. मेरे सामने कई महिलाओं को चोट लगी. लगा अब यहां से वापस नहीं लौट पाऊंगा. मेरे साथ के सारे लोग कहीं नहीं दिख रहे थे. वहां से निकलने के बाद भी बहुत समय तक कुछ समझ ही नहीं आ रहा था. आकर परेड ग्राउंड में बैठा. 2.45 से तीन बजे के आसपास अचानक सायरन की आवाज गूंजने लगी. एक के बाद एक लगातार एम्बुलेंस आ-जा रही थी. वीडियो भी शेयर किया था मैंने इसका. समझ गया अनहोनी हो गई है. चार दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी भी वही सब सारा दृश्य घूम रहा है. ये वीडियो 29 की सुबह संगम से लौटने के बाद बनाया था. पोस्ट करने की हिम्मत नहीं थी. लेकिन साथियों का कहना है जो देखा है वो बताओ. देखिए #MahakumbhStampede
Gaurav Shyama Pandey65,795 görüntüleme • 1 yıl önce

लापता पत्रकार एक और नौजवान पत्रकार लापता हो गया. पत्रकारों का लापता हो जाना कोई नई बात नहीं है. अक्सर हो जाते हैं. केवल इसलिए कि वो अपना काम कर रहे होते हैं. और ये किसी त्रासदी से कम नहीं है. क्योंकि जब भी कोई पत्रकार लापता होता है, वो लौटकर वापस घर नहीं आता. उसकी लाश आती है. जो कभी किसी नदी से बरामद होती है, कभी किसी सेप्टिक टैंक से. राजीव की भी लाश नदी से मिली. काशीपुर, उत्तराखंड के राजीव पत्रकार थे. उन्होंने IIMC, नई दिल्ली से पढ़ाई की थी और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते थे. अपना चैनल चलाते थे. उन मुद्दोें पर बात करते थे जो लोगों को प्रभावित करते थे. उनके परिजनों का कहना है कि उत्तराकाशी के अस्पताल पर वीडियो बनाने के बाद से उनको धमकियां मिल रही थीं. कुछ दिनों तक लापता रहने के बाद उनकी लाश मिली है. सरकार ने जांच कराने की बात कही है. न्याय की उम्मीद है. हम देखेंगे... राजीव के चैनल पर उनका ये आखिरी रील मिला
Gaurav Shyama Pandey32,885 görüntüleme • 9 ay önce

इन बच्चों का दर्द सुनिए. UP, बिहार, हरियाणा, राजस्थान के गांवों से आए ये बच्चे SSC के एक फैसले की वजह से SSC CGL 2023 के लिए अयोग्य हो गए. भरी बारिश में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन इनकी बात सुनने को कौन कहे, पुलिस भेजकर इन्हें हटवा दिया गया #SSC_CGL_AGE_RECKONING_1_JAN
Gaurav Shyama Pandey49,051 görüntüleme • 3 yıl önce