
Prof. Gourav Vallabh
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PT Member-EAC PM, Prof.-Finance, Chartered Accountant, Company Secretary, Ph.D., https://t.co/kLEKNkMJd2. (Gold Medalist), FRM, Columnist. BJP Worker, RTs are not endorsements
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किसी भी मात्रा की वृद्धि दर निकालने का मूल सूत्र यही है: वृद्धि दर = (वर्तमान मात्रा में परिवर्तन ÷ प्रारंभिक मात्रा) × 100 इस गणना की अनिवार्य शर्त है कि अंश और हर (numerator and denominator), दोनों को एक ही आधार वर्ष और समान कीमतों पर मापा गया हो। यदि हर (denominator) में GDP को 2011–12 के आधार वर्ष पर लिया जाए, लेकिन अंश (numerator) में GDP का परिवर्तन 2022–23 के आधार वर्ष पर मापा जाए, तो यह दो अलग अलग पैमानों की तुलना होगी। ऐसी वृद्धि दर न अर्थशास्त्र की दृष्टि से सही होगी, न गणित की कसौटी पर टिकेगी और न ही सामान्य तर्क के अनुरूप होगी। सही तरीका यह है कि दोनों वर्षों के GDP आंकड़ों को पहले एक ही आधार वर्ष पर मापा जाए और उसके बाद उनकी वृद्धि दर निकाली जाए। आधार वर्ष 2011–12 हो या 2022–23, अंश और हर का पैमाना समान होना अनिवार्य है। इसलिए Q1 की नॉमिनल GDP वृद्धि दर निकालते समय दोनों अवधियों के आंकड़े एक ही श्रृंखला, समान पैमाने और समान गणना पद्धति पर होने चाहिए। इस सही और समरूप तुलना के आधार पर Q1 में नॉमिनल GDP की वृद्धि दर 10.3 प्रतिशत है, न कि 2.6 प्रतिशत। 2.6 प्रतिशत का दावा अलग अलग आधारों पर तैयार किए गए आंकड़ों को मिलाकर की गई त्रुटिपूर्ण गणना का परिणाम है।
Prof. Gourav Vallabh85,245 次观看 • 3 天前

A new GDP series does much more than replace a price reference. It introduce -new surveys and GST data -better company and government records -a change inthe coverage of economic activities -the removal of duplication -updated ratios -and improved methods of estimating value addition IndiaToday
Prof. Gourav Vallabh15,446 次观看 • 3 天前

सुशील कुमार शिंदे जी ने कहा कि जब वे गृह मंत्री थे, तब उन्हें कश्मीर जाने में डर लगता था. जब गृह मंत्री ही अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हो तब उस समय जम्मू-कश्मीर के निवासी कितना असुरक्षित महसूस करते होंगे? लेकिन शिंदे जी डरिए मत, अब डरना मना है, क्योंकि ये समृद्ध व खुशहाल जम्मू-कश्मीर है.
Prof. Gourav Vallabh389,725 次观看 • 2 年前

2004–14 के दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था की पहचान उच्च मुद्रास्फीति (High Inflation) और निम्न विकास दर (Low Growth) से होती थी। आज, अभूतपूर्व वैश्विक और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था उच्च विकास दर (High Growth) और नियंत्रित मुद्रास्फीति (Low Inflation) के मजबूत आधार पर खड़ी है। #IndianEconomy #ModiNomics
Prof. Gourav Vallabh39,928 次观看 • 2 个月前

2004 में भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था व 2014 में भी 11वें ही स्थान पर रहा अर्थात्, 2004-14 के बीच दुनिया जितनी तेज़ी से बढ़ रही थी, भारत की अर्थव्यवस्था भी उसी गति से बढ़ रही थी 2026 में भारत अब दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज़ पर पहुँच चुका है
Prof. Gourav Vallabh47,036 次观看 • 7 个月前
