
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj
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पत्रकार इजरायल में फंस गया है जान बचाकर भाग रहा है लेकिन मजाल है कि मोदी भक्ति में एक फीसदी भी कमी भी रह जाए 🤣#iran
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj307,446 просмотров • 5 месяцев назад

जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई, यासिर अराफात फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने कहा — "मेरी बहन चली गई।" ग़ाज़ा पट्टी में कई घरों में उस दिन खाना नहीं बना। ईरान, इराक, फिलिस्तीन — हर जगह मातम जैसा शोक था, जैसे कोई अपना चला गया हो। ऐसा था भारत का स्थान पश्चिम एशिया में। ऐसी थी इंदिरा गांधी की विदेश नीति। आज सोनिया गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर जो सवाल उठाए हैं, वो सिर्फ आलोचना नहीं थी — वो उस नीति की हत्या पर शोक था, जिसने भारत को दुनिया में मज़हबी ध्रुवीकरण से ऊपर उठाकर न्याय और संतुलन की मिसाल बनाया था। उन्होंने बिल्कुल सही कहा — “भारत की दशकों पुरानी संतुलित और स्पष्ट विदेश नीति को धूल-धूसरित कर दिया गया है।” इंदिरा गांधी न तो धर्म देखकर विदेश नीति तय करती थीं, न ही वोटबैंक देखकर देश की दिशा तय करती थीं। उन्होंने यासिर अराफात को सिर्फ एक मज़हबी नेता नहीं, एक स्वतंत्रता सेनानी माना। जब दुनिया उन्हें आतंकवादी मान रही थी, भारत ने उन्हें आत्मनिर्णय का हक़ दिलाने की आवाज़ बुलंद की। 1974 में इंदिरा गांधी ईरान गईं। शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। तेहरान की सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी थी। भारत और ईरान ने सिर्फ तेल या व्यापार की बात नहीं की — बल्कि शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति में गहरी साझेदारी की नींव रखी। भारत कभी ईरान के इस्लामिक चरित्र से डरता नहीं था, और ईरान कभी भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर उंगली नहीं उठाता था। और सद्दाम हुसैन? इराक के इस शक्तिशाली और विवादास्पद नेता से भी भारत ने रिश्ते बनाए। क्यों? क्योंकि भारत को तेल चाहिए था, मज़दूरों को रोज़गार चाहिए था, और पश्चिम एशिया में रणनीतिक स्थिरता चाहिए थी। इराक भारत को रियायती दरों पर तेल देता था। हज़ारों भारतीय वहां काम करते थे — सिर्फ पैसे के लिए नहीं, भारत के झंडे के भरोसे के कारण। 1971 में जब पाकिस्तान को भारत ने दो हिस्सों में बांट दिया, तब दुनिया की महाशक्तियाँ भारत पर हमलावर थीं। मगर ईरान, इराक, फिलिस्तीन ने भारत का विरोध नहीं किया। बल्कि समझा — भारत न्याय कर रहा है। और जब अमेरिका का सातवाँ बेड़ा हिंद महासागर में घुसा भारत को डराने, तब सिर्फ रूस नहीं खड़ा हुआ — बल्कि पश्चिम एशिया के मुस्लिम देशों तक ने भारत के खिलाफ माहौल बनने नहीं दिया। क्यों? क्योंकि भारत की विदेश नीति में दोहरापन नहीं था। वो मज़हबी तुष्टिकरण नहीं, साफ़, राष्ट्रहित आधारित नीति थी। और आज… भारत ग़ज़ा पर चुप है। इजरायल की गोद में बैठकर "वसुधैव कुटुम्बकम्" का जाप करता है। शब्द हैं, आत्मा नहीं। इंदिरा होतीं तो भारत दोनों से बात करता — इजरायल से भी, ईरान से भी। दुनिया को याद दिलाता कि भारत न्याय का पक्ष चुनता है, धर्म का नहीं। #घोरकलजुग #IranIsraelConflict
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj741,656 просмотров • 1 год назад

बीजेपी ने जमीन घोटाले के खुलासे के बाद जितनी सफाइयाँ दी थीं, इंडियन एक्सप्रेस के इस नए 5 मिनट के वीडियो ने एक-एक करके सबकी पोल खोल दी। हर दावा... गलत। हर सफाई... बेनकाब। अब सवाल सिर्फ़ एक है—सच से कब तक भागेंगे? #घोरकलजुग #IndianExpress #MohanYadav
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj65,026 просмотров • 1 месяц назад

"पूरा डेटा देखने में 3600 साल लगेंगे" — ये सुनकर तो लगा मानो चुनाव आयुक्त चाँद पर पैदल जाने निकले हों 🤣 भारत में 6,40,930 गांव हैं। अगर हर गांव से सिर्फ 1 आदमी भी देखे… तो 3600 साल = 13,14,000 दिन लोगों की संख्या = 6,40,930 कुल समय = 2 दिन मतलब डेटा 2-3 दिन में देख सकते हैं, लेकिन बहाना… सदियों का! 🤣 #घोरकलजुग #VoteChori #ElectionCommissionOfIndia Rahul Gandhi
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj570,998 просмотров • 11 месяцев назад

मोदी राज में भ्रष्टाचार नहीं होता, सब कुछ "लीगल" तरीके से होता है। मोहन यादव के बाद अब भगीरथ चौधरी ने भी वही "लीगल" रास्ता अपनाया है। और हाँ, मोदी राज में मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते—उन्हें कैबिनेट फेरबदल के नाम पर बस "ड्रॉप" कर दिया जाता है #घोरकलजुग
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj59,575 просмотров • 1 месяц назад

इस महिला पत्रकार को सलाम 👏 जिसने वो सवाल पूछने की हिम्मत की, जो पूरी दुनिया पूछने से डरती है। तालिबान के विदेश मंत्री मुत्ताक़ी से सीधा सवाल — "जब ईरान, सऊदी, सीरिया और देवबंद तक में लड़कियाँ पढ़ती हैं, तो अफ़ग़ानिस्तान में क्यों नहीं?" और साथ ही पत्रकार दानिश सिद्दीकी की निर्मम हत्या पर जवाब भी मांगा। ऐसी पत्रकारिता ही असली पत्रकारिता है — सत्ता के सामने सवाल, सच के साथ खड़ी आवाज़ #Taliban #घोरकलजुग
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj266,400 просмотров • 9 месяцев назад

#SIR केस में Yogendra Yadav ने सुप्रीम कोर्ट में 25 मिनट तक तर्क रखे—इतने धारदार कि जज ने प्रशंसा कर धन्यवाद दिया। कई मुद्दों पर असहमति है, पर उनका विश्लेषण, भाषा-कौशल और लोकतांत्रिक सोच बेमिसाल है। ऐसे लोग का राजनीति में होना जरूरी बेहद जरूरी है #VoteChori #घोरकलजुग
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj277,292 просмотров • 11 месяцев назад

भारत की बेटी का सवाल सीधा था 👇 👉 "आपरेशन सिंदूर में आपने कहा था—ख़ून और पानी साथ नहीं बह सकते… तो फिर क्रिकेट क्यों खेल रहे हैं?" लेकिन देखिए बेशर्म बीजेपी सांसद का जवाब— "ख़ून–पानी कहा था, क्रिकेट का नहीं!" यही है नया इंडिया… जहाँ शहादत का दर्द भी सत्ता के लिए मज़ाक बन चुका है। #घोरकलजुग #indiaVsPakistan
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj253,819 просмотров • 10 месяцев назад

देख रहे हैं विनोद टेली प्रॉम्पटर के बगैर बोलना कितना कठिन होता हैं 🤣🤣 #घोरकलजुग
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एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मध्य प्रदेश को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में साइकल यात्रा निकाल रहे है 14 तारीख से प्रदेश का हर युवा इस सरकार को सबक सिखाने के लिए सड़क पर होगा ये यात्रा प्रदेश की राजनीति में गेम चेंजर साबित होगी #jitupatwari
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj21,841 просмотров • 26 дней назад

मैं किसी गाली का समर्थन नहीं करता। लेकिन याद रखिए— मोदी को भीड़ में किसने गाली दी, कोई नहीं जानता। मगर 2019 में राहुल गांधी को BJP के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने मां की गाली दी थी। कार्रवाई तो दूर, बीजेपी ने उन्हें इनाम में विधानसभा टिकट पकड़ा दिया। 👇 #घोरकलजुग
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एक चूहे को मारने की कीमत कितनी हो सकती है? ₹10, ₹20… या ज़्यादा से ज़्यादा ₹100! लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने चूहा मारने के लिए ₹12,000 प्रति चूहा खर्च किए। फिर भी एमवाय अस्पताल में चूहे घुस गए और दो मासूम बच्चियों की अंगुलियाँ कुतर डालीं। 👉 करोड़ों रुपये ठेके पर खर्च हुए, 👉 लेकिन अस्पताल में न स्वच्छता है, न सुरक्षा। यह सिर्फ लापरवाही नहीं — यह भ्रष्टाचार और अमानवीय अपराध है। #घोरकलजुग Rahul Gandhi Jitendra (Jitu) Patwari
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एमपी में अब कानून नहीं, डर और लाठी का राज है। कल जिस इंजीनियर छात्र की पुलिस की पिटाई से मौत हुई, उसका नया वीडियो आया है — उसे पहले अर्धनग्न करके भगाया गया, फिर एक कॉन्स्टेबल ने जूते से पैर कुचला, और पिता ने कहा — बेटे को राइफल की बट से पीटा गया। ये इंसाफ नहीं, जुल्म की हद है। एमपी में अब कानून नहीं, जंगल राज चल रहा है। #घोरकलजुग #MadhyaPradesh Jitendra (Jitu) Patwari
अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj141,823 просмотров • 9 месяцев назад