लहज़ा बदल गया है,चिढ़-चिड़ा सा रहता हूँ थोड़े दिन खराब चल रहे है,और कोई बात नही लोगो को शिकायत रहती है मैं पहले सा नही रहा मैं पहले कैसा था,ये मुझे भी याद नही !!
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बेरंग हो गया वो खुद जो हर महफ़िल में रंग भरता था चुप-चाप रहने लगा है वो शख्स जो बहुत ज्यादा बोलता था !!