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Lucky Bisht

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Former Spy | Sniper | Commando देश प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं 🇮🇳 धर्मो रक्षति रक्षितः 🇮🇳🫡

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नेपाल सीमा से सटे इलाकों में ये अचानक क्या हो रहा है? 26 जुलाई की रात सुनसारी के देवानगंज में मंदिर के पास तेज DJ बजाने और धार्मिक झंडा हटाने की बात पर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते 29 जुलाई को यह तनाव इतना बढ़ा कि हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पुलिस फायरिंग के दौरान 24 साल के एक युवक की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। सोचने वाली बात ये है कि ये सिर्फ एक जगह का हाल नहीं है। बीरगंज, नेपालगंज और जनकपुर जैसे शहरों में भी कभी सोशल मीडिया की भड़काऊ पोस्ट को लेकर, कभी मस्जिद-मंदिर के बाहर विवाद तो कभी जुलूसों पर पथराव की वजह से माहौल खराब हो रहा है। नेपाल के तराई इलाके (जो भारत बॉर्डर से बिल्कुल सटे हैं) वहां झगड़े की वजहें हर जगह एक जैसी ही दिख रही हैं। कहीं जबरन धार्मिक झंडे बदले जा रहे हैं, कहीं नफरती अफवाहें फैलाई जा रही हैं, तो कहीं लाउडस्पीकर की आवाज और चुनावों के चक्कर में नेताओं की राजनीति काम कर रही है। अगर समय रहते इन नफरती अफवाहों और विवादों पर रोक नहीं लगी, तो इसका असली नुकसान दोनों तरफ की आम और गरीब जनता को ही उठाना पड़ेगा। #Nepal #Sunsari #Birgunj #Madhesh

नेपाल सीमा से सटे इलाकों में ये अचानक क्या हो रहा है? 26 जुलाई की रात सुनसारी के देवानगंज में मंदिर के पास तेज DJ बजाने और धार्मिक झंडा हटाने की बात पर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते 29 जुलाई को यह तनाव इतना बढ़ा कि हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पुलिस फायरिंग के दौरान 24 साल के एक युवक की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। सोचने वाली बात ये है कि ये सिर्फ एक जगह का हाल नहीं है। बीरगंज, नेपालगंज और जनकपुर जैसे शहरों में भी कभी सोशल मीडिया की भड़काऊ पोस्ट को लेकर, कभी मस्जिद-मंदिर के बाहर विवाद तो कभी जुलूसों पर पथराव की वजह से माहौल खराब हो रहा है। नेपाल के तराई इलाके (जो भारत बॉर्डर से बिल्कुल सटे हैं) वहां झगड़े की वजहें हर जगह एक जैसी ही दिख रही हैं। कहीं जबरन धार्मिक झंडे बदले जा रहे हैं, कहीं नफरती अफवाहें फैलाई जा रही हैं, तो कहीं लाउडस्पीकर की आवाज और चुनावों के चक्कर में नेताओं की राजनीति काम कर रही है। अगर समय रहते इन नफरती अफवाहों और विवादों पर रोक नहीं लगी, तो इसका असली नुकसान दोनों तरफ की आम और गरीब जनता को ही उठाना पड़ेगा। #Nepal #Sunsari #Birgunj #Madhesh

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14 अगस्त 2026 को, बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर ज़ियाउल्लाह लंगौ बलूच स्वतंत्रता सेनानियों के एक हमले में बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके अंगरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। अत्यधिक बौखलाहट में, पाकिस्तान की कठपुतली सरकार और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफ़राज़ अहमद बुगती ने स्थानीय बलूच परिवारों और निर्दोष बच्चों की आजीविका के मुख्य स्रोत राजमार्गों, फलों के पेड़ों और फसलों को नष्ट करने के लिए सेना तैनात कर दी है। अमेरिका ने 20 वर्षों तक अफ़गानिस्तान पर कब्ज़ा बनाए रखा, लेकिन उसने कभी भी आम अफ़गान नागरिकों के फलों के पेड़ों, बुनियादी खाद्य स्रोतों और आजीविका को नष्ट नहीं किया। दूसरी ओर, पाकिस्तान जो खुद को एक 'इस्लामिक देश' कहता है, बलूचिस्तान गणराज्य के नागरिकों पर इस तरह के अमानवीय और क्रूर अत्याचार ढा रहा है। मवेशियों को मारने के बाद अब पाकिस्तानी बलों ने बलूच लोगों के फलों के पेड़ों और फसलों को नष्ट करना शुरू कर दिया है, जिसे बलूच लोग इस्लामाबाद का आर्थिक आतंकवाद करार दे रहे हैं। जब कोई हमलावर सेना किसी दूसरे राष्ट्र के बच्चों के मुंह से निवाला छीनने पर उतर आए, तो दुनिया भला ऐसे शासन पर कभी कैसे भरोसा कर सकती है? #luckybisht #balochistan #pakistan

14 अगस्त 2026 को, बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर ज़ियाउल्लाह लंगौ बलूच स्वतंत्रता सेनानियों के एक हमले में बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके अंगरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। अत्यधिक बौखलाहट में, पाकिस्तान की कठपुतली सरकार और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफ़राज़ अहमद बुगती ने स्थानीय बलूच परिवारों और निर्दोष बच्चों की आजीविका के मुख्य स्रोत राजमार्गों, फलों के पेड़ों और फसलों को नष्ट करने के लिए सेना तैनात कर दी है। अमेरिका ने 20 वर्षों तक अफ़गानिस्तान पर कब्ज़ा बनाए रखा, लेकिन उसने कभी भी आम अफ़गान नागरिकों के फलों के पेड़ों, बुनियादी खाद्य स्रोतों और आजीविका को नष्ट नहीं किया। दूसरी ओर, पाकिस्तान जो खुद को एक 'इस्लामिक देश' कहता है, बलूचिस्तान गणराज्य के नागरिकों पर इस तरह के अमानवीय और क्रूर अत्याचार ढा रहा है। मवेशियों को मारने के बाद अब पाकिस्तानी बलों ने बलूच लोगों के फलों के पेड़ों और फसलों को नष्ट करना शुरू कर दिया है, जिसे बलूच लोग इस्लामाबाद का आर्थिक आतंकवाद करार दे रहे हैं। जब कोई हमलावर सेना किसी दूसरे राष्ट्र के बच्चों के मुंह से निवाला छीनने पर उतर आए, तो दुनिया भला ऐसे शासन पर कभी कैसे भरोसा कर सकती है? #luckybisht #balochistan #pakistan

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#Paperleak JAMIA ENTRANCE TEST LEAK EXPOSED! 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:30 PM से 2:00 PM के बीच आयोजित JMI Entrance Test [Bachelor of Hotel Management / Tourism / Food Production (S/F)] में भारी धांधली और पेपर लीक का मामला सामने आया है! यह परीक्षा 26 तारीख को तय समय पर थी, लेकिन पेपर एक दिन पहले ही लीक कर दिया गया। यह कोई साधारण वित्तीय घोटाला नहीं, बल्कि संस्था के भीतर बैठे कुछ लोगों द्वारा एक खास वर्ग और विचारधारा से जुड़े पसंदीदा उम्मीदवारों को ही यूनिवर्सिटी में एंट्री दिलाने की सोची-समझी साजिश है। जनता के सामने सबूत और जांच का ऑफर: मैं इस पोस्ट के साथ डिजिटल एविडेंस (Digital Evidences) नीचे अटैच कर रहा हूँ, जिन्हें जनता खुद देख सकती है। मेरे पास वे सभी संदिग्ध मोबाइल नंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिन पर परीक्षा से 24 घंटे पहले पेपर्स भेजे गए थे। यदि जांच एजेंसियां चाहें, तो इन नंबरों का पूरा बैकअप और डेटा रिकवर करवाकर इस पूरे सिंडिकेट को बेनकाब किया जा सकता है। जो छात्र संगठन जैसे AISF (All India Students' Federation), SFI (Students' Federation of India) और JNU (Jawaharlal Nehru University) के बड़े-बड़े एक्टिविस्ट पेपर लीक को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे, क्या वे अब जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में हुए इस पेपर लीक के खिलाफ भी आवाज़ उठाएंगे? NOTE: आप एडमिट कार्ड में एग्जाम की डेट देख सकते हैं और जो वीडियो मैं शेयर कर रहा हूँ, उसमें पेपर किस तारीख और कितने बजे लीक हुआ है, वह भी पूरे डेट एंड टाइम (Date & Time) के साथ चेक कर सकते हैं। #JamiaMilliaIslamia #JMI #PaperLeakExposed #JamiaEntrance2026 #EducationScam #InvestigateJMI #AISF #SFI #JNU #JusticeForStudents #EducationIntegrity

#Paperleak JAMIA ENTRANCE TEST LEAK EXPOSED! 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:30 PM से 2:00 PM के बीच आयोजित JMI Entrance Test [Bachelor of Hotel Management / Tourism / Food Production (S/F)] में भारी धांधली और पेपर लीक का मामला सामने आया है! यह परीक्षा 26 तारीख को तय समय पर थी, लेकिन पेपर एक दिन पहले ही लीक कर दिया गया। यह कोई साधारण वित्तीय घोटाला नहीं, बल्कि संस्था के भीतर बैठे कुछ लोगों द्वारा एक खास वर्ग और विचारधारा से जुड़े पसंदीदा उम्मीदवारों को ही यूनिवर्सिटी में एंट्री दिलाने की सोची-समझी साजिश है। जनता के सामने सबूत और जांच का ऑफर: मैं इस पोस्ट के साथ डिजिटल एविडेंस (Digital Evidences) नीचे अटैच कर रहा हूँ, जिन्हें जनता खुद देख सकती है। मेरे पास वे सभी संदिग्ध मोबाइल नंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिन पर परीक्षा से 24 घंटे पहले पेपर्स भेजे गए थे। यदि जांच एजेंसियां चाहें, तो इन नंबरों का पूरा बैकअप और डेटा रिकवर करवाकर इस पूरे सिंडिकेट को बेनकाब किया जा सकता है। जो छात्र संगठन जैसे AISF (All India Students' Federation), SFI (Students' Federation of India) और JNU (Jawaharlal Nehru University) के बड़े-बड़े एक्टिविस्ट पेपर लीक को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे, क्या वे अब जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में हुए इस पेपर लीक के खिलाफ भी आवाज़ उठाएंगे? NOTE: आप एडमिट कार्ड में एग्जाम की डेट देख सकते हैं और जो वीडियो मैं शेयर कर रहा हूँ, उसमें पेपर किस तारीख और कितने बजे लीक हुआ है, वह भी पूरे डेट एंड टाइम (Date & Time) के साथ चेक कर सकते हैं। #JamiaMilliaIslamia #JMI #PaperLeakExposed #JamiaEntrance2026 #EducationScam #InvestigateJMI #AISF #SFI #JNU #JusticeForStudents #EducationIntegrity

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Dave Eubank पहले US Special Forces में था। 1997 में उसने Free Burma Rangers नाम का एक ग्रुप बनाया। ऊपर से ये एक humanitarian organization है, जो म्यांमार के war zones में जाकर घायलों का इलाज करता है, फंसे लोगों को निकालता है और खाने पीने व दवाइयों की मदद देता है। लेकिन ग्राउंड पर कहानी थोड़ी अलग है। ये लोग सिर्फ मदद नहीं करते, बल्कि rebel इलाकों में रहते हैं, उनके साथ चलते हैं, उनको पूरा Technical Support में पूरी HELP करते है म्यांमार में सालों से Ethnic Groups और military के बीच सिविल वॉर चल रहा है। वहीं कई insurgent groups भी एक्टिव हैं, जो भारत के नॉर्थ ईस्ट में अस्थिरता फैलाने और भारत को डिस्टर्ब करने में शामिल हैं। Eubank ने खुद को उन्हीं इलाकों में सेट कर लिया है। वो जंगलों में रहता है, लोकल लोगों के साथ strong नेटवर्क बना चुका है और वहीं से काम करता है। US SF Forces बैकग्राउंड होने की वजह से दुनिया भर के ex-soldiers और foreign fighters उससे जुड़ते जा रहे हैं human rights के नाम पर आते है, और कुछ लोग तो सिर्फ combat experience लेने आते हैं। सीधी बात ये है कि वो खुद को humanitarian बताता है, लेकिन म्यांमार सरकार उसे अपने खिलाफ काम करने वाला मानती है। Bottom line म्यांमार उसके लिए सिर्फ एक mission नहीं है, बल्कि एक active war zone है, जहाँ असली खेल सीधे जमीन पर चल रहा है। USA 🤔

Dave Eubank पहले US Special Forces में था। 1997 में उसने Free Burma Rangers नाम का एक ग्रुप बनाया। ऊपर से ये एक humanitarian organization है, जो म्यांमार के war zones में जाकर घायलों का इलाज करता है, फंसे लोगों को निकालता है और खाने पीने व दवाइयों की मदद देता है। लेकिन ग्राउंड पर कहानी थोड़ी अलग है। ये लोग सिर्फ मदद नहीं करते, बल्कि rebel इलाकों में रहते हैं, उनके साथ चलते हैं, उनको पूरा Technical Support में पूरी HELP करते है म्यांमार में सालों से Ethnic Groups और military के बीच सिविल वॉर चल रहा है। वहीं कई insurgent groups भी एक्टिव हैं, जो भारत के नॉर्थ ईस्ट में अस्थिरता फैलाने और भारत को डिस्टर्ब करने में शामिल हैं। Eubank ने खुद को उन्हीं इलाकों में सेट कर लिया है। वो जंगलों में रहता है, लोकल लोगों के साथ strong नेटवर्क बना चुका है और वहीं से काम करता है। US SF Forces बैकग्राउंड होने की वजह से दुनिया भर के ex-soldiers और foreign fighters उससे जुड़ते जा रहे हैं human rights के नाम पर आते है, और कुछ लोग तो सिर्फ combat experience लेने आते हैं। सीधी बात ये है कि वो खुद को humanitarian बताता है, लेकिन म्यांमार सरकार उसे अपने खिलाफ काम करने वाला मानती है। Bottom line म्यांमार उसके लिए सिर्फ एक mission नहीं है, बल्कि एक active war zone है, जहाँ असली खेल सीधे जमीन पर चल रहा है। USA 🤔

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आईटीबीपी डीजी शत्रुजीत कपूर ने सिर्फ इतना कहा कि चीन अपनी सेना और सैन्य तकनीक पर भारत से अधिक पैसा खर्च करता है और उसके पास एडवांस हथियार हैं। उन्होंने यह कहीं नहीं कहा कि भारत चीन को हरा नहीं सकता। लेकिन पश्चिमी मीडिया इसी बात को लेकर प्रोपेगेंडा चला रही है। याद रखिए, भारत की असली सैन्य ताकत का अंदाज़ा सिर्फ उन हथियारों से नहीं लगाया जा सकता, जिन्हें दुनिया देख चुकी है। भविष्य में अगर कभी युद्ध की स्थिति आई, तो भारतीय सेना अपनी क्षमता, अपने साहस और अपनी ताकत से दुनिया को भारत की शक्ति का एहसास कराएगी। हमारी सैन्य क्षमताओं के कई पहलू सार्वजनिक नहीं हैं, और हर देश अपनी सामरिक जानकारी दुनिया के सामने नहीं रखता। हिंदुस्तान को कमज़ोर समझने की भूल मत करना। 🇮🇳 जय हिंद! भारत माता की जय!

Lucky Bisht

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28 जनवरी 2026 से पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्राइवेट ब्लैक जेट खड़ा है, और हैरानी की बात ये है कि नेपाल सरकार को इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं। आज भी पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पूरा कंट्रोल चीन के पास है। इसी जेट से ब्रिटेन के बिज़नेसमैन लॉर्ड अशक्रॉफ्ट नेपाल आए हैं जिन्हें सिर्फ उद्योगपति कहना आधा सच है। ये दुनिया भर में सरकारें बनाने-बिगाड़ने में भूमिका निभाते हैं और MI6 के एजेंट है । इस वक्त उनकी नज़दीकियाँ केपी ओली से हैं, जिन्हें नेपाल की जनता सत्ता से बाहर कर चुकी है। 5 मार्च 2026 से नेपाल में दोबारा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे संवेदनशील समय में लॉर्ड अशक्रॉफ्ट की मौजूदगी सिर्फ इत्तेफाक नहीं लगती। सवाल साफ है क्या नेपाल की राजनीति के पीछे कोई अदृश्य खेल खेला जा रहा है? #LuckyBisht #NepalPolitics #NepalElections #Geopolitics

Lucky Bisht

225,616 Aufrufe • vor 9 Monaten

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24 जून को भोजपुर के एसपी पुलिस बल के साथ भरत तिवारी के घर पहुंचते हैं और भरत तिवारी के परिवार को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनको न्याय मिलेगा और संविधान के हिसाब से कार्रवाई होगी और वह कहते हैं कि परिवार पर लगे हुए केस को भी जल्दी वापस ले लिया जाएगा। इसे सारी दुनिया ने देखा लेकिन पर्दे की कहानी कुछ अलग है। भोजपुर एसपी श्री राज भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी को अकेले में लेकर जाते हैं और उन्हें धमकी देते हैं कि यह जो सब कुछ चल रहा है इसको जितनी जल्दी हो सके बंद करो और कहते हैं कि तुम्हारा भाई भरत तिवारी एक अपराधी था। उसने पुलिस को हथियार दिखाया इसलिए वह मारा गया। लेकिन क्या सच में यह धमकी सिर्फ एसपी दे रहे थे या एसपी भी किसी और के ऑर्डर को फॉलो कर रहे हैं? #BharatTiwari #Bhojpur #JusticeForBharatTiwari

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