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Lucky Bisht

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Former Spy | Sniper | Commando देश प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं धर्मो रक्षति रक्षितः 🇮🇳🫡

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Dave Eubank पहले US Special Forces में था। 1997 में उसने Free Burma Rangers नाम का एक ग्रुप बनाया। ऊपर से ये एक humanitarian organization है, जो म्यांमार के war zones में जाकर घायलों का इलाज करता है, फंसे लोगों को निकालता है और खाने पीने व दवाइयों की मदद देता है। लेकिन ग्राउंड पर कहानी थोड़ी अलग है। ये लोग सिर्फ मदद नहीं करते, बल्कि rebel इलाकों में रहते हैं, उनके साथ चलते हैं, उनको पूरा Technical Support में पूरी HELP करते है म्यांमार में सालों से Ethnic Groups और military के बीच सिविल वॉर चल रहा है। वहीं कई insurgent groups भी एक्टिव हैं, जो भारत के नॉर्थ ईस्ट में अस्थिरता फैलाने और भारत को डिस्टर्ब करने में शामिल हैं। Eubank ने खुद को उन्हीं इलाकों में सेट कर लिया है। वो जंगलों में रहता है, लोकल लोगों के साथ strong नेटवर्क बना चुका है और वहीं से काम करता है। US SF Forces बैकग्राउंड होने की वजह से दुनिया भर के ex-soldiers और foreign fighters उससे जुड़ते जा रहे हैं human rights के नाम पर आते है, और कुछ लोग तो सिर्फ combat experience लेने आते हैं। सीधी बात ये है कि वो खुद को humanitarian बताता है, लेकिन म्यांमार सरकार उसे अपने खिलाफ काम करने वाला मानती है। Bottom line म्यांमार उसके लिए सिर्फ एक mission नहीं है, बल्कि एक active war zone है, जहाँ असली खेल सीधे जमीन पर चल रहा है। USA 🤔

Dave Eubank पहले US Special Forces में था। 1997 में उसने Free Burma Rangers नाम का एक ग्रुप बनाया। ऊपर से ये एक humanitarian organization है, जो म्यांमार के war zones में जाकर घायलों का इलाज करता है, फंसे लोगों को निकालता है और खाने पीने व दवाइयों की मदद देता है। लेकिन ग्राउंड पर कहानी थोड़ी अलग है। ये लोग सिर्फ मदद नहीं करते, बल्कि rebel इलाकों में रहते हैं, उनके साथ चलते हैं, उनको पूरा Technical Support में पूरी HELP करते है म्यांमार में सालों से Ethnic Groups और military के बीच सिविल वॉर चल रहा है। वहीं कई insurgent groups भी एक्टिव हैं, जो भारत के नॉर्थ ईस्ट में अस्थिरता फैलाने और भारत को डिस्टर्ब करने में शामिल हैं। Eubank ने खुद को उन्हीं इलाकों में सेट कर लिया है। वो जंगलों में रहता है, लोकल लोगों के साथ strong नेटवर्क बना चुका है और वहीं से काम करता है। US SF Forces बैकग्राउंड होने की वजह से दुनिया भर के ex-soldiers और foreign fighters उससे जुड़ते जा रहे हैं human rights के नाम पर आते है, और कुछ लोग तो सिर्फ combat experience लेने आते हैं। सीधी बात ये है कि वो खुद को humanitarian बताता है, लेकिन म्यांमार सरकार उसे अपने खिलाफ काम करने वाला मानती है। Bottom line म्यांमार उसके लिए सिर्फ एक mission नहीं है, बल्कि एक active war zone है, जहाँ असली खेल सीधे जमीन पर चल रहा है। USA 🤔

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28 जनवरी 2026 से पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्राइवेट ब्लैक जेट खड़ा है, और हैरानी की बात ये है कि नेपाल सरकार को इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं। आज भी पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पूरा कंट्रोल चीन के पास है। इसी जेट से ब्रिटेन के बिज़नेसमैन लॉर्ड अशक्रॉफ्ट नेपाल आए हैं जिन्हें सिर्फ उद्योगपति कहना आधा सच है। ये दुनिया भर में सरकारें बनाने-बिगाड़ने में भूमिका निभाते हैं और MI6 के एजेंट है । इस वक्त उनकी नज़दीकियाँ केपी ओली से हैं, जिन्हें नेपाल की जनता सत्ता से बाहर कर चुकी है। 5 मार्च 2026 से नेपाल में दोबारा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे संवेदनशील समय में लॉर्ड अशक्रॉफ्ट की मौजूदगी सिर्फ इत्तेफाक नहीं लगती। सवाल साफ है क्या नेपाल की राजनीति के पीछे कोई अदृश्य खेल खेला जा रहा है? #LuckyBisht #NepalPolitics #NepalElections #Geopolitics

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225,527 次观看 • 4 个月前

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जैसे 1971 के युद्ध के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने मुक्ति वाहिनी और निर्दोष नागरिकों का नरसंहार करने के लिए 'अल-बद्र' और 'अल-शम्स' जैसे कुख्यात अर्धसैनिक संगठन बनाए थे, ठीक वैसा ही भयावह खेल आज बलूचिस्तान में खेला जा रहा है। आम बलूच नागरिकों को प्रताड़ित करने और बलूच स्वतंत्रता सेनानियों से लड़ने के लिए, आईएसआई और पाकिस्तान सेना ने पिछले 20 वर्षों से 50 से अधिक डेथ स्क्वॉड (डेथ गैंग्स) स्थापित किए हैं। ये कुख्यात डेथ स्क्वॉड राज्य समर्थित मिलिशिया पूर्व पाकिस्तान सेना के जनरल मुशर्रफ के दौरान पूरे बलूचिस्तान गणराज्य में स्थापित किए गए हैं। इस खूनी खेल के पीछे का पूरा सच टेरर नेक्सस (आतंकी सांठगांठ): इन डेथ स्क्वॉड को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ पाक सेना और आईएसआई का सीधा समर्थन प्राप्त है। हाई-टेक फंडिंग: उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ियां, आधुनिक हथियार और सैटेलाइट फोन मुहैया कराए जा रहे हैं, जिस पर पाकिस्तान सालाना 10 बिलियन पाकिस्तानी रुपये फूंक रहा है। बलूचिस्तान की खुली लूट पाकिस्तान अकेले 'सुई' गैस क्षेत्र से हर दिन 42 बिलियन पाकिस्तानी रुपये कमा रहा है। सेना का भ्रष्टाचार: यह सारा पैसा, जो सही मायने में बलूच लोगों का है, सीधे शीर्ष पाकिस्तानी सैन्य जनरलों के विदेशी बैंक खातों में जा रहा है। अकाट्य सबूत: आप 2024 का वह वीडियो देख सकते हैं जिसमें ये सभी आईएसआई समर्थित आतंकवादी दिन के उजाले में पाकिस्तान के आधिकारिक बुलेटप्रूफ वाहनों से बाहर निकलते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। #BalochistanGenocide #SuiGasLoot #PakistanArmy #HumanRights #BLA #StopBalochistanGenocide

Lucky Bisht

13,460 次观看 • 7 天前