
Ilyas
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My Silence Spoke Louder Than My Return Ever Will
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ट्रेन में सफर कर रहे एक मुस्लिम बुजुर्ग काफी देर से भीड़ में खड़े थे, लेकिन कुछ तंदुरुस्त युवक सीट पर आराम से फैले बैठे रहे। तभी वहां मौजूद रेलवे पुलिसकर्मी संतोष की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी बहस के युवकों को प्यार से थोड़ा खिसकाया और बुजुर्ग को इज्जत के साथ बैठने के लिए जगह दिलाई। आज के दौर में ऐसी छोटी-छोटी इंसानियत ही समाज को खूबसूरत बनाती है, जहां वर्दी सिर्फ कानून नहीं बल्कि मानवता का फर्ज भी निभाती नजर आती है।
Ilyas157,595 görüntüleme • 12 gün önce

This has happened for the first time in Bengal. Such a scene was never seen in Bengal before.
Ilyas119,853 görüntüleme • 1 ay önce

ये पुलिसकर्मी अमरोहा से मुनासिब अल्वी हैं, जो अपने कर्तव्य के साथ साथ इंसानियत की मिसाल भी पेश करते नजर आते हैं। गर्मी के इस मौसम में रेलवे स्टेशन पर ये कभी यात्रियों को शरबत पिलाते हैं तो कभी ठंडे पानी की बोतल बाँटकर उन्हें राहत पहुंचाते हैं। आलोचना करने वाले अपनी बात करते रहेंगे, लेकिन कुछ लोग अपने छोटे छोटे अच्छे कामों से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं और मुनासिब अल्वी उन्हीं में से एक हैं।
Ilyas50,802 görüntüleme • 13 gün önce

एक मुस्लिम व्यक्ति की टू व्हीलर हाईवे पर पेट्रोल खत्म होने के कारण धक्का देकर ले जा रहे थे, तभी एक हिंदू युवक प्रज्वल वहां पहुंचा। प्रज्वल न केवल उनके लिए पेट्रोल लेकर आया, बल्कि पीने का पानी भी साथ लाया। जब उस व्यक्ति ने पेट्रोल के पैसे देने चाहे, तो प्रज्वल ने लेने से साफ मना कर दिया। इस देश को ऐसे हजारों प्रज्वल और दीपक कुमार की जरूरत है, जो धर्म नहीं बल्कि इंसानियत देखकर लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं। यही लोग समाज की असली ताकत हैं
Ilyas27,034 görüntüleme • 8 gün önce

पश्चिम बंगाल की दूसरी “ममता” कही जाने वाली सायनी घोष इस वक्त चुनाव प्रचार में छाई हुई हैं। वह अपनी सुरीली आवाज में गाने गाते हुए विपक्षी दलों पर तंज कसती हैं इलेक्शन में "वादा करो, नहीं छोड़ोगे तुम मेरा साथ” से शुरुआत करते हैं और फिर बाद में जनता, "क्या हुआ तेरा वादा” सुनाकर निशाना साधती हैं।
Ilyas144,173 görüntüleme • 1 ay önce

गुजरात के कच्छ में गौहत्या के आरोप में मुस्लिम समाज के दो युवकों की गिरफ्तारी के बीच, 85 वर्षीय रबारी समाज के एक बुजुर्ग एसपी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने कहा कि दोनों युवक निर्दोष हैं, उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। साथ ही निष्पक्ष जांच कर उन्हें रिहा करने की मांग भी की।
Ilyas175,548 görüntüleme • 2 ay önce

मुंबई के रिक्शा ड्राइवर रोहन कांबले की रिक्शा में एक रोज़ेदार मुस्लिम महिला बैठीं। जब रोहन को पता चला कि वह रोज़ा रखे हुए हैं, तो उन्होंने उनसे किराया लेने से मना कर दिया। मुस्कुराते हुए रोहन ने कहा, “ऐसे ही ऊपर वाले की दुआ लो और ज़िंदगी में खुश रहो।” ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं और इंसानियत पर भरोसा और भी मजबूत कर देते है।
Ilyas209,106 görüntüleme • 3 ay önce

उत्तराखंड के दीपक वही शख़्स हैं जो एक बुज़ुर्ग मुस्लिम चाचा के सामने चट्टान बनकर खड़े हुए और नफ़रत फैलाने वालों को डटकर भगा दिया। इस वीडियो में वही दीपक अपना बयान दे रहे हैं। सच में, हिंदुस्तान को ऐसे ही दीपक रोशन करते हैं। आज के दौर में ऐसे लोगों की बहुत ज़रूरत है।
Ilyas233,668 görüntüleme • 4 ay önce

गोवा के अरोम्बोल बीच पर घूमने गए कुछ देशी पर्यटक विदेशी महिला पर्यटक को देखकर सेल्फी लेने लगे। विदेशी महिलाए इस दौरान असहज महसूस कर रही थी। उसी वक्त एक अन्य व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने पर वे पर्यटक उलझने की कोशिश करने लगे। कृपया इस मामले का संज्ञान लिया जाए ऐसे लोगों की हरकतें देश की छवि को खराब करती हैं। Goa Police
Ilyas368,182 görüntüleme • 7 ay önce

बहादुर दीपक कुमार के साथ एक और बहादुर व्यक्ति विजय रावत भी मौजूद थे। विजय रावत ने कहा, “मेरा धर्म किसी भी धर्म को गाली देना नहीं सिखाता। जो लोग हमें आपस में बाँटना चाहते हैं, उन्हें रोका जाना चाहिए। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूँ। हमारा देश सभी धर्मों के साथ मिलकर चलता है। हमें नफरत नहीं, बल्कि प्रेम बाँटना चाहिए।
Ilyas189,980 görüntüleme • 4 ay önce

लोग सामान ऑर्डर करते हैं या अपने परिवारवालों को मिठाई वगैरह भेजते हैं, जिन्हें रेलवे के माध्यम से पार्सल के रूप में भेजा जाता है। लेकिन इन पार्सलों को पटरी पर जिस तरह फेंका जा रहा है, वह बेहद गलत है। ऐसा लगता है कि शायद कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर तनाव हुआ हो और इसका गुस्सा पार्सलों पर निकाल दिया गया हो।
Ilyas229,441 görüntüleme • 6 ay önce

आलीशान मकानों और ऊंची इमारतों की चमक सिर्फ सीमेंट और रंगों से नहीं बनती, उसके पीछे गरीब मजदूर का खून-पसीना और जोखिम भरी मेहनत छिपी होती है। जो इंसान दूसरों के सपनों का महल खड़ा करता है,वो खुद रोज मौत के साये में काम करता है, ताकि शाम को मिलने वाली मजदूरी से उसके घर का चूल्हा जल सके। एक छोटी सी चूक उसकी जान ले सकती है, मगर पेट की मजबूरी इंसान से हर खतरा उठवा देती है।
Ilyas29,983 görüntüleme • 21 gün önce

बहादुर दीपक कुमार को जब थाने में बुलाया तब और उन पर जो फरियाद हुई विषय पर बात करते हुए ब्यान सुनिये मुस्लिम बुजुर्ग की तबियत उस वक्त ठीक नही थी अगर वे ज्यादा बततमीजी करते तो शायद बुजुर्ग की तबियत ज्यादा बिगड़ती दीपक कुमार और विजय रावत आप पर पूरे हिंदुस्तान को गर्व है
Ilyas143,697 görüntüleme • 4 ay önce

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते हुए भी दो मुस्लिम भाइयों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हिन्दू भाइयो की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। गुजरात के देवगढ़ बारिया में मानसरोवर तालाब के पास एक कार अचानक बेकाबू होकर तालाब में गिर गई, जिसमें तीन युवक सवार थे। घटना देखते ही अशफ़ाक और आमिर नाम के दो बहादुर युवकों ने बिना एक पल गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। रोज़ा होने के बावजूद उन्होंने डूब रहे युवकों को बाहर निकालकर बचाया।
Ilyas93,129 görüntüleme • 2 ay önce

सूरत अमरेली में सोनी संभु ठठेरा ने राष्ट्रगान गाते हुए राष्ट्रीय ध्वज जलाया, साथ ही वीडियो में यह भी सुना गया "तू मुसलमान है क्या जो झंडा जला रही है?" हजारों वीडियो में मुसलमान देशभक्ति और तिरंगे का ससम्मान करते मिलेंगे , लेकिन यह घटिया, साम्प्रदायिक और राष्ट्रविरोधी मानसिकता की शर्मनाक पराकाष्ठा है। वीडियो बनाने वाला भी इसी जहर को बढ़ावा देने वाला साथी है। क्या ऐसे लोगों को सजा नही मिलनी चाहिए ?
Ilyas239,624 görüntüleme • 8 ay önce