
जाट समाज
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ध्रुव राठी हमारा बच्चा है किसी ने हाथ भी लगाया तो घर से निकाल ले गए - किसान नेता #जाट_समाज
जाट समाज499,958 просмотров • 22 дней назад

पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बालियान का बयान E20 को लेकर !! #KisaanEkta #EthanolE20
जाट समाज1,093,803 просмотров • 3 месяцев назад

सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फौगाट के एशियन गेम्स ट्रायल के लिए आदेश पारित किया । अब ज्यादती देखो सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मजाक बनाकर अपनी पॉवर एक्सरसाइज कर रहे है। ओर वो लोग जो 50 किलो में विनेश के लड़ने पर उसे दोष दे रहे थे।जवाब मांग रहे थे।अब जब वो मां भी बनी है और उसने 57 किलो में लड़ने की इच्छा जताई थी। तो बोल रहे है आप 50 किलो में ट्रायल दो। इतनी ज्यादती!!!!!!! हद नहीं हो रही है ये..... मतलब कि आप चाहे सुप्रीम कोर्ट जाओ या कही जाओ सब इनकी जूती नीचे है और इनकी ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर आपको रौंद दिया जाएगा... अपनी मर्जी से रातों रात नियम बना रहे है....... बस अपनी ताकत का प्रदर्शन करके बताओ के अच्छे खिलाड़ी को खत्म करने है क्योंकि उसने इनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई है। पहलवान कितने वजन में लड़ेगा वो पहलवान तय करेगा। ओर अगर वो सबको हराने का माद्दा रखता हो तो देश की गरिमा ऐसे ही पहलवानों को आगे भेजने में है। न कि मनमर्जी ओर पावर एक्सरसाइज में उसे टॉर्चर करके खत्म करने की घटिया राजनीति हो। Vinesh Phogat
जाट समाज321,833 просмотров • 5 месяцев назад

गुर्जर समाज के भाई ओम नागर ने समझदारी की बात कही है! गुर्जर समाज से होने के बावजूद ओम नागर जिस परिपक्वता और तर्क के साथ अपनी बात रख रहे हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। आज सोशल मीडिया पर कुछ गुर्जर पेज जाट समाज के खिलाफ लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और एक रियलिटी शो के विवाद को दो समाजों की लड़ाई बनाने में लगे हैं। ऐसे लोगों को ओम नागर भाई की यह वीडियो जरूर देखनी चाहिए। समाज का सम्मान किसी रियलिटी शो में हुई धक्का-मुक्की से नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और देश के लिए हासिल की गई उपलब्धियों से बढ़ता है। जाट समाज अपनी पहचान किसी शो की लड़ाई से नहीं, बल्कि सेना में बलिदान, खेल के मैदान में पदक, शिक्षा में सफलता और किसानों के संघर्ष से बनाता आया है। हमें किसी दूसरे समाज को नीचा दिखाकर खुद को ऊँचा साबित करने की जरूरत नहीं है। प्रतिस्पर्धा करनी है तो शिक्षा में करो, खेलों में करो, सरकारी परीक्षाओं में करो और देश के लिए कुछ बड़ा करके दिखाओ। सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को गालियाँ देने से न किसी समाज का भविष्य बनेगा और न किसी का वास्तविक सम्मान बढ़ेगा। एक टीवी शो के विवाद को समाजों की लड़ाई मत बनाइए। किसी व्यक्ति की गलती के लिए पूरे समाज को जिम्मेदार ठहराना भी गलत है। लेकिन जो लोग जाट समाज को गाली देकर व्यूज़ और लाइक्स बटोरना चाहते हैं,तो जाट समाज ऐसे लोगों का ईलाज करना भी जानता है। ढुल जाट समाज का सम्मानित गोत्र है। किसी व्यक्ति के व्यवहार को उसके पूरे गोत्र या समाज से जोड़कर अपमानजनक टिप्पणी करना गलत है। किसी गोत्र के बारे में उल्टा-सीधा बोलकर विवाद बढ़ाने की कोशिश भी मत करो। नफरत फैलाने वालों से सावधान रहिए और समाज को आगे बढ़ाने वाले मुद्दों पर बात कीजिए। #जाट_समाज
जाट समाज28,891 просмотров • 13 дней назад

यह हैं हरियाणा के मोहित जाट, जो दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। मोहित का कहना है कि जब उन्हें पता चला कि छात्र जंतर-मंतर से संसद तक प्रदर्शन करेंगे, तो उन्होंने पहले ही मेडिकल लीव ले ली। छुट्टी खत्म होने के बाद उन्हें कई बार ड्यूटी जॉइन करने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। जब उन पर लगातार दबाव बढ़ा, तो उन्होंने दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर पद से इस्तीफा देना उचित समझा और छात्रों के बीच जंतर-मंतर पहुंच गए। उनका कहना था— "मैं अपने भाई-बहन जैसे छात्रों पर लाठी नहीं उठा सकता। मेरे शिक्षकों ने मुझे इस काबिल बनाया है कि मैं मेहनत करके अपना पेट पाल लूंगा।" पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर जाट पुलिसकर्मियों को उनकी जाति के नाम पर लगातार निशाना बनाया जा रहा था, मानो हर जाट पुलिसकर्मी एक जैसा हो। आज मोहित के फैसले ने यह साबित कर दिया कि किसी व्यक्ति का चरित्र उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके अपने फैसलों और सिद्धांतों से तय होता है। किसी भी समाज या जाति को एक घटना के आधार पर कटघरे में खड़ा करना गलत है।सवाल सत्ता से करो, आदेश देने वालों से करो, नीतियों से करो। पूरे समाज को बदनाम करके अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश मत करो। #StudentPower #StudentProtest
जाट समाज172,780 просмотров • 3 месяцев назад

सुबह के 4 बजे जब पूरा प्रदेश गहरी नींद में था, तब घड़साना टोल पर एक नेता अपने किसान भाइयों के साथ उनके हक़ की लड़ाई लड़ रहा है। जहाँ चुनाव जीतने की रणनीतियाँ बननी चाहिए थीं, वहाँ हनुमान बेनीवाल जी किसानों के बीच बैठकर उनके दर्द को अपना दर्द बना रहे थे। सोचिए, जब चुनाव सिर पर हों, पंचायत चुनाव RLP के लिए कितने महत्वपूर्ण हों, उस वक्त अपनी राजनीतिक तैयारियों को छोड़कर 30 दिनों से सड़क पर बैठे किसानों के बीच पहुँचना और यह कहना कि “आपकी मांगों पर फैसला करवाए बिना मैं यहाँ से वापस नहीं जाऊँगा” — यह सिर्फ एक वादा नहीं, बल्कि किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश है। सच तो यह है कि नेता की असली पहचान मंच पर दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि उस वक्त होती है जब जनता मुश्किल में हो और उसे सहारे की जरूरत हो। चुनाव तो पाँच साल बाद फिर आ जाएंगे, कुर्सियाँ फिर मिल सकती हैं, सत्ता के रास्ते फिर खुल सकते हैं… लेकिन जिस किसान की आँखों में अपने हक़ के लिए आँसू हैं, उसके दर्द को कल पर नहीं छोड़ा जा सकता। जिस मिट्टी में किसान अपना खून-पसीना बहाकर पूरे देश का पेट भरता है, उसी किसान को अपने हक़ के लिए 30 दिनों तक सड़क पर बैठना पड़े, तो यह सिर्फ किसानों की नहीं, हम सबकी चिंता होनी चाहिए। आज सवाल यह नहीं है कि आप किस पार्टी को वोट देंगे… सवाल यह है कि जब किसान संकट में था, तब कौन उसके साथ खड़ा था? वोट जरूर अपनी पसंद की पार्टी को देना, लेकिन एक बार अपने दिल से पूछना कि आपकी अंतरात्मा किसके संघर्ष की गवाही देती है। क्योंकि राजनीति में विचार अलग हो सकते हैं, पार्टियाँ अलग हो सकती हैं, लेकिन किसान का दर्द किसी पार्टी का मोहताज नहीं होता। किसान पहले था, किसान आज भी पहले है और किसान के सम्मान से बढ़कर कोई चुनाव नहीं हो सकता। सलाम है उस जज़्बे को, जो चुनावी फायदे से ऊपर अन्नदाता के दर्द को रखता है। किसान के हक़ की लड़ाई में साथ खड़ा होना ही असली राजनीति है। न्याय योद्धा HANUMAN BENIWAL #HanumanBeniwal #RLP #घड़साना #किसान_एकता
जाट समाज35,747 просмотров • 22 дней назад

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहीं है।इसमें क्या मामला है, कोई बता सकता है कि ये कहाँ से है?
जाट समाज117,173 просмотров • 2 месяцев назад

अगर "The Kashmir Files" में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार दिखाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, तो "Satluj" में पंजाब के उस दौर की घटनाओं को दिखाना गलत कैसे हो गया? जब किसी फिल्म में ऐसे मामले दिखाए जाते हैं जिनकी जांच Central Bureau of Investigation ने की हो और जिनमें Supreme Court of India ने भी दोषियों की सज़ा बरकरार रखी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर वही तथ्य पर्दे पर दिखाए जाएँ तो उनसे डर किसे है? इंसानी स्वभाव यही है कि जो सच हमारे पक्ष में हो उसे इतिहास कहा जाता है, और जो सच असहज करे उसे विवाद बना दिया जाता है। लेकिन सच को छिपाने से वह मिटता नहीं, बल्कि लोगों के मन में और बड़े सवाल छोड़ जाता है। अगर फिल्म में तथ्य गलत हैं तो उनका जवाब तथ्यों से दिया जाना चाहिए। लेकिन अगर एक फिल्म को बिना खुली बहस के हटा दिया जाए, तो सबसे बड़ा नुकसान सच जानने के अधिकार और अभिव्यक्ति की आज़ादी का होता है। समझ नहीं आया कि सतलुज फिल्म चलने से किसको नुकसान होता और किसको फायदा होता? किसने हटवाई होगी यह फिल्म? #punjab95 #Satluj
जाट समाज74,825 просмотров • 3 месяцев назад

ढिल्लों खाप के प्रधान चौ. सुरेंद्र सिंह जी ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई में ढिल्लों खाप विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। Surender Singh Dhillon Congress Rahul Gandhi
जाट समाज17,578 просмотров • 24 дней назад

पंजाब यूनिवर्सिटी में अंकित बिढ़ान की शानदार जीत। जींद जिले के गांव पेगा निवासी अंकित बिढ़ान ने पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) के अध्यक्ष पद का चुनाव 513 वोटों के बड़े अंतर से जीतकर न केवल अपने गांव और जिले, बल्कि पूरे हरियाणा एवं जाट समाज का गौरव बढ़ाया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से चुनाव मैदान में उतरे अंकित बिढ़ान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराकर यह महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। छात्र राजनीति के इतने प्रतिष्ठित मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देकर अंकित ने यह साबित किया है कि जाट समाज की युवा शक्ति शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में भी निरंतर नए मुकाम हासिल कर रही है। वर्ष 2021 से ABVP से जुड़े अंकित ने पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग से कानून की पढ़ाई की और वर्तमान में शोधार्थी के रूप में अपनी शिक्षा को आगे बढ़ा रहे हैं। जाट समाज की ओर से अंकित बिढ़ान को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं। #जाट_समाज
जाट समाज38,092 просмотров • 2 месяцев назад

जाट की सीधी बात है। जो जाटों का अपमान करेगा उसे गद्दी से हटा देंगे। #जाट_समाज
जाट समाज48,380 просмотров • 7 месяцев назад

The Question of Selective Solidarity When a movement needs support, old rivalries suddenly disappear. But when the same community stands alone, where does that solidarity go? The statement by Rajput Leader Mahipalsingh Makrana has reignited a bigger question: Why is Jat support being sought today when Jats have so often been opposed, criticised or isolated during their own movements? Solidarity cannot be a one-way street. If you remember a community only when you need its numbers, strength or political influence, that isn't brotherhood; it is convenience. Jats have their own history of struggle, sacrifice & mobilisation. They don't need anyone's permission to remember it & they shouldn't be expected to forget how they were treated when they stood alone. If you want solidarity today, ask yourself: where was that solidarity yesterday?
जाट समाज18,004 просмотров • 2 месяцев назад

विनेश और ज्योति दोनों ही हमारी बेटी है, खेल में हार जीत होती रहती है। लगभग दो वर्षों बाद मैट पर लौटीं विनेश ने ज्योति को 7-1 से हराकर दमदार आगाज़ किया। विनेश की हर एक जीत WFI में बैठे जालसाजो के मुँह पर तमाचा जड़ रहीं है। शाबाश विनेश! देश को आप पर गर्व है। 🇮🇳💪 #VineshPhogat
जाट समाज32,238 просмотров • 5 месяцев назад

राजनीति में राजकुमार भाटी हैं, उनका परिवार नहीं! उसी प्रकार ये भी समझ लो - राजनीति में राजकुमार भाटी है, समाज की माँ-बहने नहीं। किसी कार्यक्रम/मंच से समाज की औरतों के लिए एसी बात कहना कतई भी सही नहीं। और जो आस-पास बैठ कर दाँत दिखा रहे थे, हंसने वाली बात तो ये राजकुमार भाटी का संदर्भ समझने के बाद भी नहीं लग रही।
जाट समाज29,465 просмотров • 5 месяцев назад