
Jitu Rajoriya
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अब युवा वर्ग पूरी तरह से जागरूक हो चुका हैं और अपना हक मांगना शुरू कर दिया है क्योंकि अब युवा वर्ग जान चुका है कि शांत से नहीं क्रांति से हक मिलेगा। राजस्थान के जालौर जिले में एक शासकीय स्कूल में शिक्षक की कमी से छात्रों में रोष व्याप्त हुआ तो स्कूल के बाहर घंटों तक धरना प्रदर्शन किया और जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों समझाईश देकर धरना प्रदर्शन समाप्त कराया और अधिकारियों ने स्कूल में चार शिक्षकों को नियुक्त करने का आदेश जारी किया और बाकी तीन शिक्षकों को दस दिनों के भीतर नियुक्ति का आदेश दिया।
Jitu Rajoriya355,330 Aufrufe • vor 1 Monat

बयान ऐसा दो कि पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर गालियाँ दे। एक मोदी भक्त राम मंदिर की चढ़ावा चोरी को लेकर कह रहा है कि “चोरी नहीं हुई है बल्कि राम जी के यहाँ पर कृष्ण के रूप में एक यादव जने थे उनकी जाति यादव थी कैसे कृष्ण जी माखन चुराते थे वैसे ही भगवान श्री राम के यहाँ पर माखन के रूप थोड़ा बहुत चुरा लिया इसे चोरी मत कहिए।
Jitu Rajoriya51,144 Aufrufe • vor 13 Tagen

लड़का अनुसूचित जाति का है और अपनी कावड़ में जय भीम का झंडा लगाकर 61 लीटर पानी कंधे पर रखकर हरकी पैड़ी से बागपत तक परिवार की सूख समृद्धि के लिए संघर्ष करते हुए पहुंचेगा। लड़के की उम्र अभी 16 साल की है, इसलिए अभी ये रील की दुनिया में खोया हुआ है इसने जय भीम के अर्थ को नहीं समझा है और ना ही बाबा साहेब के विचारों से प्रभावित हुआ हैं, जिस दिन प्रभावित होगा उस दिन शिक्षा को प्राथमिकता देगा। बाकी इस युवा की इच्छा पूरी हो और अगले साल इस ब्लॉगर की भोले बाबा इच्छा पूरी करें ताकि ये भी ऐसे कावड़ उठाकर अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करेगा क्योंकि इस साल इस पर कृपा नहीं हुई है इसलिए इस कावड़ नहीं उठाई है।
Jitu Rajoriya103,547 Aufrufe • vor 1 Monat

ये है अखिलेन्द्र मिश्रा जो कि फ़िल्म और टेलीविज़न कलाकार हैं ये कुछ दिनों पहले राजधानी लखनऊ में एक होटल में ठहरे जहाँ इनको उस होटल से बसपा सरकार में बने विशाल और ख़ूबसूरत पार्क जिसे “अंबेडकर पार्क” कहा जाता है जहाँ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी के अनुयायिओं की आस्था का केंद्र भी कहा जाता है वह इनको दृश्य दिखाई दिया और इन्होंने कैमरे क़ैद करते हुए सोशल मीडिया पर भी शेयर किया और जमकर तारीफ़ की। बहन मायावती जी ने प्रदेश में ऐसा विकास किया था जहाँ राजनीतिक ही नहीं बल्कि ग़ैर राजनीतिक लोग भी जब बहनजी के जन कल्याणकारी कार्यों को लेकर तारीफ़ करते हैं शानदार एक्सप्रेस वे, यूनिवर्सिटी, कॉलेज स्कूल पार्क और तमाम योजनाएँ के साथ साथ बेहतरीन क़ानून व्यवस्था स्थापित की थी।
Jitu Rajoriya110,710 Aufrufe • vor 1 Monat

“कोरी और च मारों को बढ़ने नहीं देंगे,इनका जूता मारकर आरक्षण खत्म कराएँगे” ये शब्द एक जालौन जिले के जातिवादी दुकानदार के जो सरेआम जातिवादी शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दलितों गालियाँ देते हुए धमकी दे रहा है और आरक्षण ख़त्म करने की बात कर रहा हैं। इन जातिवादियों को अच्छे से मालूम हैं कि आरक्षण की ढाल बनकर रक्षा करने के लिए च मार ही आगे आते हैं और अभी तक इन जैसे जातिवादियों को मुंहतोड़ जबाव भी चमार ही देते हैं इसलिए आरक्षण की बात हो या एससी एसटी एक्ट की बात हो सबसे पहले ये जातिवादी चमारों को ही टारगेट करते हैं। च मारों इन जातिवादियों के कूल्हे ढीले कर दिए हैं इसलिए पूरी तरह बौखलाए हुए हैं।
Jitu Rajoriya15,236 Aufrufe • vor 6 Tagen

एक भारतीय महिला जब ऑस्ट्रेलिया पहुँची तो उसने एक ऑस्ट्रेलियाई महिला से जाति और धर्म के बारे में पूछा कि आपके यहाँ जाति या धर्म क्या महत्व है? इस पर ऑस्ट्रेलियाई महिला ने बड़े गर्व से कहा कि मैं किसी भी धर्म पर विश्वास नहीं करती हूँ और ना ही वर्तमान में किसी भी धर्म से जुड़ी हूँ और यहाँ पर जाति का कोई स्थान या महत्व नहीं हैं यहाँ पर इंसान को इंसान की नज़रों से देखा जाता हैं। ये बात सुनकर भी भारतीय महिला को आश्चर्यचकित लगा होगा क्योंकि भारत में तो जाति को विशेष महत्व दिया गया है क्योंकि यहाँ पर जातीय भेदभाव, अपमान, अत्याचार और शोषण की घटनाएं सामने आती रहती हैं यहाँ पर नाम के साथ उसका सरनेम तक पूछा जाता हैं और बिना सरनेम पूछे या बताए बगैर तो चर्चा आगे बढ़ ही नहीं सकती हैं।
Jitu Rajoriya36,248 Aufrufe • vor 17 Tagen

कैब ड्राइवर का आरोप है कि चार रेलवे कर्मचारी बैठे थे जिनमे से किसी ने “चमार साले” कहकर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया। जहाँ कैब ड्राइवर ने तुरंत कैमरा चालू किया और जातिसूचक शब्द के विरोध में उन रेलवे कर्मचारियों को ऐसी फटकार लगाई कि उनका चेहरा उतर गया और मुझे लगता अब कभी जीवन में ये लोग जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। कैब ड्राइवर सच में बहादुर था उसने समाज के अपमान को बर्दाश्त नहीं ना उस जातिगत अपमान को जहर की तरह पिया बल्कि अकेला ही उन चारों से भिड़ गया और तरीके से फटकार लगाई।
Jitu Rajoriya47,340 Aufrufe • vor 24 Tagen

non aesthetic things Here we won even while playing the game
Jitu Rajoriya784,818 Aufrufe • vor 2 Jahren

@ThebestFigen saying hii to mommy he always love's visiting him momma's resting place.
Jitu Rajoriya733,441 Aufrufe • vor 2 Jahren

गुटखा खाने वाले लोग इस वीडियो को गौर से देखिए। फैसला आपके हाथ में है।
Jitu Rajoriya535,332 Aufrufe • vor 2 Jahren

राजस्थान में जातिवादी कितना हावी है। देखिए एक पंजाबी ब्लॉगर एक चाय की दुकान से चाय मंगवाता है जहाँ एक छोटा बच्चा चाय बेच रहा होता हैं जो तुरंत चाय देते हुए पंजाबी ब्लॉगर से उसी जाति पूछ लेता हैं तो जब ब्लॉगर कहता हैं कि जाति कुछ नहीं होती है धंधे में जाति नहीं पैसा देखो तो लड़का कहता है कि पैसा तो यही रह जाएगा और जाति चलती रहेगी। सोचिए इस बच्चे के अंदर कितना जाति घमंड इतना है तो इनके माता पिता और आस पड़ोस में जाति का बोल बाला होगा।
Jitu Rajoriya153,782 Aufrufe • vor 8 Monaten

पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक पॉडकास्ट में कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रही मायावती जी ने हमे पूरी तरह से फ्री हैंड दे रखा था और आदेश दिया कि अपराधी कोई भी हो मंत्री हो विधायक हो मेरा या पराया हो किसी को बख़्शाना नहीं है। ऐसे ही नहीं थोड़ी न बसपा की सरकार में क़ानून व्यवस्था एक दम चुस्त थी क़ानून द्वारा क़ानून का राज चलता था और इसलिए ही आज भी लोग बसपा के लॉ एंड ऑर्डर याद करते हैं। प्रदेश की जनता को फिर से बसपा की सरकार बनाना चाहिए और मायावती जी सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहिए तभी प्रदेश में महिला सुरक्षा की बात होगी तभी कानून का राज स्थापित होगा।
Jitu Rajoriya56,984 Aufrufe • vor 2 Monaten

बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह ने जो रसड़ा विधानसभा क्षेत्र की ही नहीं बल्कि पूरे बलिया जिले की जनता के लिए जो कार्य किया किए शायद ही पूरे प्रदेश में कोई ऐसा विधायक हो जो इनकी तरह काम करके दिखाया हो। मुझे याद है जब विधायक उमाशंकर सिंह जब बलिया जिले के एक मेडिकल कॉलेज की सदन में बात रख रहे थे तब उन्होंने कहा कि सरकार को अगर मेडिकल कॉलेज बनवाने के लिए 30 बीघा ज़मीन जनहित के लिए सरकार को देने के लिए तैयार हूँ। मुझे याद है कोरोना काल में जब बलिया में कोरोना से लड़ाई लड़ रहे लोग ऑक्सीजन के लिए भटक रहे थे तब बसपा विधायक उमाशंकर सिंह उन लोगों के लिए एक मसीहा बनकर सामने आए जिन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की और लोगों स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई कमी न होने दी। मुझे याद है कुछ ही समय पहले जब बलिया में बाढ़ के कारण कई परिवार प्रभावित हो गए थे तब बाढ़ पीड़ित परिवारों को मदद करने के लिए विधायक उमाशंकर सिंह सबसे आगे खड़े थे और कहा कि आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है आपकी इस मुसीबत की घड़ी में मैं आपके साथ खड़ा हूँ। सच में नेता विधायक तो बहुत देखे लेकिन उमाशंकर सिंह जी के जैसा विधायक नहीं देखा अपने क्षेत्र अपने जिले की जनता को लेकर उतने ही चिंतित रहते थे जैसे कोई जिम्मेदार पारिवारिक व्यक्ति अपने परिवार को लेकर चिंतित रहता हो।
Jitu Rajoriya22,481 Aufrufe • vor 29 Tagen