
Jitu Rajoriya
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बसपा की रैली को लेकर एक रिपोर्टर ने BJP पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से सवाल पूछा तो सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बसपा जब भी रैली करती हैं तब उनकी रैली ऐसी होती हैं क्योंकि उनके पास समर्पित कार्यकर्ता हैं, उनके पास कैडर हैं और मजबूत संगठन हैं अगर बसपा चाहे तो इससे भी बड़ी रैली कर सकती हैं। बीजेपी के लोगों को अच्छे से मालूम है कि बसपा की ताकत क्या है और क्या कर सकती हैं बस यही ताकत बहुजन समाज के लोग समझ जाएँ तो समझ लीजिए उसी दिन बीजेपी बाहर का रास्ता ढूँढ लेगी।
Jitu Rajoriya41,396 просмотров • 4 дней назад

अब युवा वर्ग पूरी तरह से जागरूक हो चुका हैं और अपना हक मांगना शुरू कर दिया है क्योंकि अब युवा वर्ग जान चुका है कि शांत से नहीं क्रांति से हक मिलेगा। राजस्थान के जालौर जिले में एक शासकीय स्कूल में शिक्षक की कमी से छात्रों में रोष व्याप्त हुआ तो स्कूल के बाहर घंटों तक धरना प्रदर्शन किया और जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों समझाईश देकर धरना प्रदर्शन समाप्त कराया और अधिकारियों ने स्कूल में चार शिक्षकों को नियुक्त करने का आदेश जारी किया और बाकी तीन शिक्षकों को दस दिनों के भीतर नियुक्ति का आदेश दिया।
Jitu Rajoriya366,842 просмотров • 2 месяцев назад

करणी सेना के अध्यक्ष सूरज पाल अम्मू का बेहूदा बयान : मेरी बेटी (रोहिणी घावरी) मायावती से दर्जे सुंदर और पढ़ी लिखी है, इस बयान को रोहिणी घावरी बड़ी ही बेशर्मी से सुन रही थी एक बार भी सूरज पाल को टोका कि ये व्यक्तिगत बयान मत दीजिए क्योंकि मायावती दलितों की बड़ी लीडर है। खैर बहन कुमारी मायावती जी क्षत्रिय, ब्राह्मण वैश्य सहित जाति एवं सभी धर्म के लोगों का सम्मान करती हैं और हित की बात करती हैं और करणी सेना और रोहिणी घावरी की जिससे व्यक्तिगत रूप या वैचारिकी रूप से लड़ाई उसका नाम या विचारों को लेकर बयान बाज़ी करें हमे कोई आपत्ति नहीं आपको संविधान पूरी आज़ादी देता हैं लेकिन मुख्य बात ये है कि चेहरे की सुंदरता से ज़्यादा मायने रखता हैं व्यक्ति के कार्य और विचार और उस दृष्टि से रोहिणी घावरी मायावती जी के आगे शून्य है और आपकी करणी सेना भी शून्य है। बाक़ी बहन मायावती जी रोहिणी घावरी की उम्र में लाख गुना चेहरे भी सुंदर थी लेकिन उन्होंने इस सुंदरता से ज़्यादा सामाजिक न्याय और सत्ता परिवर्तन की लड़ाई पर ज़ोर दिया गाँव-गाँव भीगती भागती बारिश में तपती धूप में समाज को जगाने का काम किया उन्हें जागरूक किया। पता नहीं करणी सेना वाले किसकी तुलना बहन कुमारी मायावती जी से कर रहे हैं मुझे तो करणी सेना वालों पर हँसी आती हैं और सूरज पाल के संघठन उसके समाज के लोग भी ये बयान सुन कर सूरज पाल अम्मू पर हंस रहे होंगे।
Jitu Rajoriya68,133 просмотров • 1 месяц назад

कैसा टोपीबाज़ आदमी है!🤧 ख़ुद को वंदे मातरम् नहीं आता है, लेकिन दूसरों से कह रहा है कि जो वंदे मातरम् नहीं बोलेगा वह देशद्रोही है।
Jitu Rajoriya124,495 просмотров • 2 месяцев назад

ये है अखिलेन्द्र मिश्रा जो कि फ़िल्म और टेलीविज़न कलाकार हैं ये कुछ दिनों पहले राजधानी लखनऊ में एक होटल में ठहरे जहाँ इनको उस होटल से बसपा सरकार में बने विशाल और ख़ूबसूरत पार्क जिसे “अंबेडकर पार्क” कहा जाता है जहाँ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी के अनुयायिओं की आस्था का केंद्र भी कहा जाता है वह इनको दृश्य दिखाई दिया और इन्होंने कैमरे क़ैद करते हुए सोशल मीडिया पर भी शेयर किया और जमकर तारीफ़ की। बहन मायावती जी ने प्रदेश में ऐसा विकास किया था जहाँ राजनीतिक ही नहीं बल्कि ग़ैर राजनीतिक लोग भी जब बहनजी के जन कल्याणकारी कार्यों को लेकर तारीफ़ करते हैं शानदार एक्सप्रेस वे, यूनिवर्सिटी, कॉलेज स्कूल पार्क और तमाम योजनाएँ के साथ साथ बेहतरीन क़ानून व्यवस्था स्थापित की थी।
Jitu Rajoriya110,726 просмотров • 2 месяцев назад

लड़का अनुसूचित जाति का है और अपनी कावड़ में जय भीम का झंडा लगाकर 61 लीटर पानी कंधे पर रखकर हरकी पैड़ी से बागपत तक परिवार की सूख समृद्धि के लिए संघर्ष करते हुए पहुंचेगा। लड़के की उम्र अभी 16 साल की है, इसलिए अभी ये रील की दुनिया में खोया हुआ है इसने जय भीम के अर्थ को नहीं समझा है और ना ही बाबा साहेब के विचारों से प्रभावित हुआ हैं, जिस दिन प्रभावित होगा उस दिन शिक्षा को प्राथमिकता देगा। बाकी इस युवा की इच्छा पूरी हो और अगले साल इस ब्लॉगर की भोले बाबा इच्छा पूरी करें ताकि ये भी ऐसे कावड़ उठाकर अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करेगा क्योंकि इस साल इस पर कृपा नहीं हुई है इसलिए इस कावड़ नहीं उठाई है।
Jitu Rajoriya103,691 просмотров • 2 месяцев назад

non aesthetic things Here we won even while playing the game
Jitu Rajoriya785,502 просмотров • 2 лет назад

@ThebestFigen saying hii to mommy he always love's visiting him momma's resting place.
Jitu Rajoriya733,441 просмотров • 2 лет назад

गुटखा खाने वाले लोग इस वीडियो को गौर से देखिए। फैसला आपके हाथ में है।
Jitu Rajoriya535,332 просмотров • 2 лет назад

बयान ऐसा दो कि पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर गालियाँ दे। एक मोदी भक्त राम मंदिर की चढ़ावा चोरी को लेकर कह रहा है कि “चोरी नहीं हुई है बल्कि राम जी के यहाँ पर कृष्ण के रूप में एक यादव जने थे उनकी जाति यादव थी कैसे कृष्ण जी माखन चुराते थे वैसे ही भगवान श्री राम के यहाँ पर माखन के रूप थोड़ा बहुत चुरा लिया इसे चोरी मत कहिए।
Jitu Rajoriya51,381 просмотров • 1 месяц назад

कैब ड्राइवर का आरोप है कि चार रेलवे कर्मचारी बैठे थे जिनमे से किसी ने “चमार साले” कहकर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया। जहाँ कैब ड्राइवर ने तुरंत कैमरा चालू किया और जातिसूचक शब्द के विरोध में उन रेलवे कर्मचारियों को ऐसी फटकार लगाई कि उनका चेहरा उतर गया और मुझे लगता अब कभी जीवन में ये लोग जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। कैब ड्राइवर सच में बहादुर था उसने समाज के अपमान को बर्दाश्त नहीं ना उस जातिगत अपमान को जहर की तरह पिया बल्कि अकेला ही उन चारों से भिड़ गया और तरीके से फटकार लगाई।
Jitu Rajoriya47,374 просмотров • 2 месяцев назад

राजस्थान में जातिवादी कितना हावी है। देखिए एक पंजाबी ब्लॉगर एक चाय की दुकान से चाय मंगवाता है जहाँ एक छोटा बच्चा चाय बेच रहा होता हैं जो तुरंत चाय देते हुए पंजाबी ब्लॉगर से उसी जाति पूछ लेता हैं तो जब ब्लॉगर कहता हैं कि जाति कुछ नहीं होती है धंधे में जाति नहीं पैसा देखो तो लड़का कहता है कि पैसा तो यही रह जाएगा और जाति चलती रहेगी। सोचिए इस बच्चे के अंदर कितना जाति घमंड इतना है तो इनके माता पिता और आस पड़ोस में जाति का बोल बाला होगा।
Jitu Rajoriya153,793 просмотров • 9 месяцев назад

एक भारतीय महिला जब ऑस्ट्रेलिया पहुँची तो उसने एक ऑस्ट्रेलियाई महिला से जाति और धर्म के बारे में पूछा कि आपके यहाँ जाति या धर्म क्या महत्व है? इस पर ऑस्ट्रेलियाई महिला ने बड़े गर्व से कहा कि मैं किसी भी धर्म पर विश्वास नहीं करती हूँ और ना ही वर्तमान में किसी भी धर्म से जुड़ी हूँ और यहाँ पर जाति का कोई स्थान या महत्व नहीं हैं यहाँ पर इंसान को इंसान की नज़रों से देखा जाता हैं। ये बात सुनकर भी भारतीय महिला को आश्चर्यचकित लगा होगा क्योंकि भारत में तो जाति को विशेष महत्व दिया गया है क्योंकि यहाँ पर जातीय भेदभाव, अपमान, अत्याचार और शोषण की घटनाएं सामने आती रहती हैं यहाँ पर नाम के साथ उसका सरनेम तक पूछा जाता हैं और बिना सरनेम पूछे या बताए बगैर तो चर्चा आगे बढ़ ही नहीं सकती हैं।
Jitu Rajoriya36,248 просмотров • 2 месяцев назад

पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक पॉडकास्ट में कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रही मायावती जी ने हमे पूरी तरह से फ्री हैंड दे रखा था और आदेश दिया कि अपराधी कोई भी हो मंत्री हो विधायक हो मेरा या पराया हो किसी को बख़्शाना नहीं है। ऐसे ही नहीं थोड़ी न बसपा की सरकार में क़ानून व्यवस्था एक दम चुस्त थी क़ानून द्वारा क़ानून का राज चलता था और इसलिए ही आज भी लोग बसपा के लॉ एंड ऑर्डर याद करते हैं। प्रदेश की जनता को फिर से बसपा की सरकार बनाना चाहिए और मायावती जी सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहिए तभी प्रदेश में महिला सुरक्षा की बात होगी तभी कानून का राज स्थापित होगा।
Jitu Rajoriya56,984 просмотров • 4 месяцев назад