
Swami Anand Swaroop
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peethadhipati || shambhvi Peetham ||founder of kali Sena || social worker || president Shankracharya parishad ||
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जहाँ भरत तिवारी शहीद हुवे थे उस स्थान पर अब “भरत तिवारी महास्मारक” बन रहा है मैंने शिलान्यास कर दिया है । सफेद मार्बल से बनेगा स्मारक , मार्बल आज से पहुँचना शुरू हो गया है , ब्रह्मभोज तक वहाँ स्मारक बन कर तैयार हो जाएगा ऐसा मेरा प्रयास है । जिस गांव के लिए भरत तिवारी शहीद हुआ उस गांव का नाम अब भरत तिवारी नगर कर दिया गया है । अति पिछड़े , अति दलित लोग कितने वफादार होते हैं वो आज भी भरत तिवारी के लिए जान देने के लिए तैयार हैं , उसके लिए बिलख रहे हैं । मेरा भी संकल्प है जब तक सांस है भरत तिवारी के अधूरे कार्यों को पूरा करता रहूँगा। #shambhavipeeth #amarshaheedbharatbhushantiwari #bharattiwarinagar #JusticeForBharatTiwari #ShaheedKoShradhanjali #nationwithmartyrs #MartyrsOfIndia
Swami Anand Swaroop51,833 просмотров • 5 дней назад

🚨 बहुत गंभीर स्थिति आज पुलिस स्वामी जी को उनके ही घर से बाहर निकलने के लिए कह रही है। सवाल यह है कि स्वामी जी ने ऐसा क्या अपराध किया है? क्या अब इस देश में संत अपने घर में भी नहीं रह सकता? क्या भगवान हनुमान के भक्तों और संतों की आवाज़ को दबाने की कोशिश हो रही है? लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और अपने घर में रहने का अधिकार है। संतों के साथ ऐसा व्यवहार बेहद चिंताजनक है। हम प्रशासन से पूछना चाहते हैं — स्वामी जी का अपराध क्या है? #8March_Ramleela_Maidan #IndiaFirst
Swami Anand Swaroop121,191 просмотров • 3 месяцев назад

मैं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों को खुला चैलेंज देता हूँ। मैं जल्द मुंबई आऊंगा और वहीं खड़े होकर हिंदी में बोलूंगा देखता हूँ कौन रोकता है! मराठी, तमिल, मलयालम, भोजपुरी या हिंदी हर भाषा भारत माता की संतान है, और हर भारतीय को अपनी भाषा में बोलने का अधिकार है। दिल्ली आने पर इनके सांसदों और नेताओं का कालिख पोतकर स्वागत किया जाएगा।
Swami Anand Swaroop318,088 просмотров • 1 год назад

पंचतीर्थ के बाद अब 'अंबेडकर धाम'! MP की मोहन यादव सरकार ने हनुमान मंदिर की ही 12 एकड़ ज़मीन में अंबेडकर धाम बना दिया है। जिस अंबेडकर ने भगवान राम-कृष्ण को "काल्पनिक" कहा, जिनकी विचारधारा सनातन के मूल को झुठलाती है उनके नाम पर मंदिर भूमि के पास "धाम"? क्या ये श्रद्धा का अपमान नहीं? जनता अब समझने लगी है कि भाजपा की नीतियाँ किस दिशा में जा रही हैं और यह हिंदू भावनाओं से किया गया समझौता है। अब जनता जाग रही है और जल्द ही जवाब भी देगी!
Swami Anand Swaroop214,571 просмотров • 1 год назад

राजनीतिक दलों की दलाली करने वालों को संत कहना संत समाज का अपमान है। चोले में छिपे ये कालनेमी न धर्म की बात करते हैं, न न्याय की, न परंपरा की। इनका साध्य केवल सत्ता की चाटुकारिता और सुविधाओं का भोग है। सच्चे संत सत्ता के नहीं, सत्य के साथ खड़े होते हैं। #BreakingNews #TrendingNow #ViralVideo #IndiaSpeaks #DeshKiBaat #GroundReport #PublicVoice #SocialMediaBuzz #SachSamne #janawaaz
Swami Anand Swaroop58,729 просмотров • 5 месяцев назад

अजीत भारती Ajeet Bharti को हाउस अरेस्ट क्यों किया गया? वह सवर्ण समाज की आवाज़ उठाने वाले एक योद्धा हैं। उन्हें घर में ही रोक देना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है। क्या अपनी बात रखना अब अपराध हो गया है? यह सरकार की ओर से एक चिंताजनक कदम है। हम पूछते हैं — अजीत भारती का अपराध क्या है? #8March_Ramleela_Maidan #IndiaFirst
Swami Anand Swaroop39,932 просмотров • 3 месяцев назад

अंबेडकर के नाम पर इस देश में धर्मांतरण का अलग गोरखधंधा चल रहा है । अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञा कि मैं ब्रह्म , विष्णु , महेश को नहीं मानूँगा आज से मैं अन्न खाने की जगह मैला खाऊँगा । आदि आदि । सरकार इसपर रोक क्यों नहीं लगाती ?? क्या अंबेडकर के नवबुद्धिज्म को सरकार ने मान्यता दे दिया है ?? सरकार इसपर रोक लगाये नहीं तो पानी अब सर से ऊपर जा रहा है । #संविधान_निर्माता_BN_राव #bnraorealframer #संविधान_का_सच्चा_नायक #truthofconstitution #drbnrao #boldtruth
Swami Anand Swaroop104,580 просмотров • 1 год назад

धर्मध्रोही स्वामी प्रसाद मौर्य को पीटने वाले शिवम यादव और रोहित द्विवेदी को सिटी मजिस्ट्रेट ने जेल भेज दिया है । लेकिन इन दोनों को बुरी तरह पीटने वाले स्वामी प्रसाद के गुंडों पर अभी तक एफआई आर तक नहीं हुई । UP POLICE रायबरेली पुलिस तुरंत इन दोनों बालकों की लिंचिंग कराने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य और उनके गुंडों पर तत्काल मुकदमा पंजीकृत करके कार्यवाही कीजिए ।
Swami Anand Swaroop70,248 просмотров • 10 месяцев назад

मनुस्मृति जलाने पर चुप्पी और प्रतिक्रिया करने वालों पर कार्रवाई—यह न्याय नहीं, पक्षपात है। ग्वालियर में हुई गिरफ्तारी सवाल खड़े करती है कि कानून सबके लिए बराबर है या नहीं। अगर क्रिया पर कार्रवाई नहीं होगी, तो प्रतिक्रिया पर भी एकतरफा दमन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह आवाज दबेगी नहीं—अन्याय के खिलाफ संघर्ष और तेज होगा। #Gwalior #MPPolitics #LawAndOrder #JusticeForAll #SelectiveAction #Sanatan #HinduVoice #ConstitutionalRights #FreeSpeech #PublicInterest #groundreport
Swami Anand Swaroop42,897 просмотров • 5 месяцев назад

।।बाबा जी रॉक ।। एंकर को तो आप लोग पहचान लिए होंगे ?? बाबा तो बहुत पहले से खुला बोल रहे हैं फिर चित्रा अग्रवाल को अभी क्यों बुरा लगा?? सनातन धर्म कभी भी यूरोप की संस्कृति से नहीं चल सकता इस लिए लिव-इन में रहना वेश्यावृत्ति ही है उसको और कोई दूसरा नाम नहीं दिया जा सकता । #चित्रा_अग्रवाल_माफ़ी_माँगो
Swami Anand Swaroop63,184 просмотров • 10 месяцев назад

मध्यप्रदेश के मुरैना में सवर्ण समाज के नौजवानों ने भारत बंद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर बजट देख रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को सबक सिखाया कुर्सियां तोड़ दी गई । मोदी जी सवर्ण युवा अब भाजपा को देखना नहीं चाहता इसकी एक बानगी है । मोदी जी अभी भी समय है यदि आप चाहें तो ये एक्ट वापस कर लें नहीं तो परिणाम भयानक होंगे जिसकी कल्पना आप नहीं कर पाएंगे ।
Swami Anand Swaroop32,699 просмотров • 4 месяцев назад

आज का दृश्य सच में दिल को छू लेने वाला था। राज शेखावत जी (Dr Raj Shekhawat ) और संगीता सिंह जी जब पुलिस की कार्रवाई से निकलकर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जी से मिले, तो यह साफ दिखा कि हम सब एक परिवार की तरह साथ खड़े हैं। राज शेखावत जी सबके बेहद प्रिय हैं। पिछले कई दिनों से उन्होंने दिन-रात मेहनत करके सोशल मीडिया और हर ग्रुप में लोगों को जोड़े रखा। उन्होंने हमें यह एहसास कराया कि हम सिर्फ लोग नहीं — एक परिवार हैं। आज पूरा समाज एक परिवार की तरह खड़ा है और रामलीला मैदान के लिए तैयार है। कुछ लोग हमें रोक सकते हैं, लेकिन हमारी आवाज़ को नहीं रोक सकते। #8March_Ramleela_Maidan #UGCRollBack
Swami Anand Swaroop25,710 просмотров • 3 месяцев назад

पूज्य स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जी द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन करते हुए देश को यह स्मरण कराया गया कि— 🇮🇳 “हम, भारत के लोग…” न्याय, समानता और अधिकार केवल शब्द नहीं, बल्कि हर नागरिक का जन्मसिद्ध अधिकार हैं। ⚖️ जब संविधान सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक न्याय की बात करता है, तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या हमारी वर्तमान शिक्षा नीतियाँ वास्तव में इस भावना के अनुरूप हैं? 📚 UGC की कुछ नीतियों को लेकर देशभर में चिंता और सवाल उठ रहे हैं— क्या ये नीतियाँ समान अवसर और न्याय सुनिश्चित कर रही हैं? 🚨 हम यह मांग करते हैं: • शिक्षा में पूर्ण समानता लागू हो • कमजोर वर्गों के अधिकार सुरक्षित रहें • सभी नीतियाँ संविधान की प्रस्तावना की भावना के अनुरूप हों ✊ अब समय है जागने का, सवाल करने का और अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का। 🤝 आइए, संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। #न्याय_समानता_अधिकार #शिक्षा_सुधार #UGC_पर_संवाद
Swami Anand Swaroop20,530 просмотров • 3 месяцев назад