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काश/if Kakvi

@KashifKakvi16,955 subscribers

Reporter since 2015 | Investigation & research | Azim Premji Fdn Fellow. @reporters_co's Investigative Fellow. Looking for perfection in imperfection.

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#Bulldozer #MP "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा! " मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया। गांव की आबादी करीब दो हजार है, जिसमें केवल चार मुस्लिम परिवार हैं। सबसे करीब स्कूल पांच किलो मीटर दूर है। चुकी बच्चों को शिक्षा की भारी कमी है, इसलिए नईम ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई। लेकिन तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं। गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा। अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया। जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया। नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था। लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था। जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।" गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे। जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं। आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया। घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही। जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे। सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !

#Bulldozer #MP "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा! " मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया। गांव की आबादी करीब दो हजार है, जिसमें केवल चार मुस्लिम परिवार हैं। सबसे करीब स्कूल पांच किलो मीटर दूर है। चुकी बच्चों को शिक्षा की भारी कमी है, इसलिए नईम ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई। लेकिन तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं। गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा। अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया। जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया। नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था। लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था। जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।" गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे। जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं। आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया। घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही। जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे। सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !

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MP | Triggering | It is frightening to watch what a young #interfaith couple in India is going through - just to marry legally. As law-abiding citizens, they follow provisions of the Special Marriage Act, but their details get leaked from the Court. When an interfaith couple came to marry in Bhopal Court on Friday afternoon, their details were already out in public. Subsequently, R/W supported lawyers, called VHP and other fanatics, who brutally assaulted the Muslim youth inside the Court premises. Now, the Police are investigating the couple, as usual, not the assailants. Yes ! You heard it right. Same incident reported in Uttrakhand two days ago.

MP | Triggering | It is frightening to watch what a young #interfaith couple in India is going through - just to marry legally. As law-abiding citizens, they follow provisions of the Special Marriage Act, but their details get leaked from the Court. When an interfaith couple came to marry in Bhopal Court on Friday afternoon, their details were already out in public. Subsequently, R/W supported lawyers, called VHP and other fanatics, who brutally assaulted the Muslim youth inside the Court premises. Now, the Police are investigating the couple, as usual, not the assailants. Yes ! You heard it right. Same incident reported in Uttrakhand two days ago.

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Sidhi | पेशाब कांड आरोपी प्रवेश शुक्ला के समर्थन में ब्राह्मण समाज ने सीधी में बड़ी सभा कर DM को ज्ञापन दिया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप भारद्वाज ने कहा "चेहरे पर पेशाब करना कौन सा अपराध है?" ख़बर है कि सीधी MLA के पुत्र भी इस सभा में शामिल हुए थे।

Sidhi | पेशाब कांड आरोपी प्रवेश शुक्ला के समर्थन में ब्राह्मण समाज ने सीधी में बड़ी सभा कर DM को ज्ञापन दिया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप भारद्वाज ने कहा "चेहरे पर पेशाब करना कौन सा अपराध है?" ख़बर है कि सीधी MLA के पुत्र भी इस सभा में शामिल हुए थे।

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दतिया, मध्य प्रदेश दतिया ज़िले के सिविल लाइन थाने में पदस्त कॉन्स्टेबल राहुल बौद्ध का जन्मदिन था। जन्मदिन की पार्टी में दो डांसर बुलाई गई। वहां कांस्टेबल साहब के मित्र ASI संजीव गौड़ भी पहुंचे। फ़िर शराब और शबाब की मदहोशी में जो हुआ, उसके दो सुबूत आपके सामने है। वीडियो दो सितंबर का बताया जा रहा है। खैर, इनके डांस का वीडियो इतना उत्तेजक था कि SP सूरज कुमार ने उन्हें तुरंत सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। कैमरा 21वी सदी का बड़ा हथियार है। बस सबके समझ में नहीं आता। ख़ैर, बाक़ी प्रदेश में शांति है।

दतिया, मध्य प्रदेश दतिया ज़िले के सिविल लाइन थाने में पदस्त कॉन्स्टेबल राहुल बौद्ध का जन्मदिन था। जन्मदिन की पार्टी में दो डांसर बुलाई गई। वहां कांस्टेबल साहब के मित्र ASI संजीव गौड़ भी पहुंचे। फ़िर शराब और शबाब की मदहोशी में जो हुआ, उसके दो सुबूत आपके सामने है। वीडियो दो सितंबर का बताया जा रहा है। खैर, इनके डांस का वीडियो इतना उत्तेजक था कि SP सूरज कुमार ने उन्हें तुरंत सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। कैमरा 21वी सदी का बड़ा हथियार है। बस सबके समझ में नहीं आता। ख़ैर, बाक़ी प्रदेश में शांति है।

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#MPElection2023 | #PollingDay | दिमनी विधानसभा में मतदाताओं के साथ मार पीट की ख़बर, वोट नहीं डालने की शिक़ायत। भारतीय नौसेना में सिपाही के पद पर पदस्थ रघुनाथ शर्मा का आरोप है कि उनके साथ मार पीट की गई। बुजुर्ग औरतों को भी पीटा गया।

#MPElection2023 | #PollingDay | दिमनी विधानसभा में मतदाताओं के साथ मार पीट की ख़बर, वोट नहीं डालने की शिक़ायत। भारतीय नौसेना में सिपाही के पद पर पदस्थ रघुनाथ शर्मा का आरोप है कि उनके साथ मार पीट की गई। बुजुर्ग औरतों को भी पीटा गया।

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#ValentinesDay #Indore Imagine this. The college threw a party to celebrate pre-Valentine's Day. Management students and professors are mingling amid loud music. Suddenly, a herd of Bajrang Dal men, armed with sticks and religious slogans in defense, barged into the campus and attacked whatever they saw. They vandalized the building wreaking havoc in the campus. Students run for their safety. And when the police intervened, they let go of the assailants, claiming to take action based on CCTV footage. Police, however, grilled the college admin for not informing about the event. It means, institutions need to secure permission or prior information from city Police to hold activities inside the campus? This is something new. Maybe, they need to take permission to hold examinations, in future. It happened at Indore's Narsee Monjee Institute of Management Studies. Welcome to India's cleanest city.

#ValentinesDay #Indore Imagine this. The college threw a party to celebrate pre-Valentine's Day. Management students and professors are mingling amid loud music. Suddenly, a herd of Bajrang Dal men, armed with sticks and religious slogans in defense, barged into the campus and attacked whatever they saw. They vandalized the building wreaking havoc in the campus. Students run for their safety. And when the police intervened, they let go of the assailants, claiming to take action based on CCTV footage. Police, however, grilled the college admin for not informing about the event. It means, institutions need to secure permission or prior information from city Police to hold activities inside the campus? This is something new. Maybe, they need to take permission to hold examinations, in future. It happened at Indore's Narsee Monjee Institute of Management Studies. Welcome to India's cleanest city.

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#Bulldozer #Death #MP "10 Minute Me Dukan Khali Karo..." Manoj Aggarwal (37) and his brother Mintu Aggarwal (39), a cloth trader from Jabalpur's Bargi locality, were preparing to open the shop when two bulldozers knocked on the door. Revenue officials, accompanied by police personnel, gave a 10-mint ultimatum to vacate the shop. "We were never informed. Give us at least two hours," Manoj pleaded with the officials. Meanwhile, the owner arrived with the papers. His wife showed the stay order from the High Court and pointed out that notice didn't address the owner but someone else. Besides, there is a High Court stay on the property. The officials did not pay heed to her arguments and the Court order. They allegedly started the countdown to vacate the premises. "5 mint... 2 minutes...." Mintu, who was shifting the goods with brother and other staff, suddenly collapsed. When he was rushed to the Hospital, the shop was razed to the ground turning into debris. He was declared dead due to cardiac arrest in the Hospital. Enraged traders and locals carried the body to the police station, demanding an FIR against the officials for culpable homicide and compensation of Rs 10 lakh to the family. The protest died down late night after receiving assurance from authorities.

#Bulldozer #Death #MP "10 Minute Me Dukan Khali Karo..." Manoj Aggarwal (37) and his brother Mintu Aggarwal (39), a cloth trader from Jabalpur's Bargi locality, were preparing to open the shop when two bulldozers knocked on the door. Revenue officials, accompanied by police personnel, gave a 10-mint ultimatum to vacate the shop. "We were never informed. Give us at least two hours," Manoj pleaded with the officials. Meanwhile, the owner arrived with the papers. His wife showed the stay order from the High Court and pointed out that notice didn't address the owner but someone else. Besides, there is a High Court stay on the property. The officials did not pay heed to her arguments and the Court order. They allegedly started the countdown to vacate the premises. "5 mint... 2 minutes...." Mintu, who was shifting the goods with brother and other staff, suddenly collapsed. When he was rushed to the Hospital, the shop was razed to the ground turning into debris. He was declared dead due to cardiac arrest in the Hospital. Enraged traders and locals carried the body to the police station, demanding an FIR against the officials for culpable homicide and compensation of Rs 10 lakh to the family. The protest died down late night after receiving assurance from authorities.

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MP, Sagar | सेंट्रल इंडिया के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय - हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर - के कश्मीरी छात्र आफताब हुसैन को गरबे में जाने पर कथित बजरंग दल से जुड़े लोगों ने पीटा। जबकि विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टल में संघ की शाखा लगती है।

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MP, Sagar | सेंट्रल इंडिया के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय - हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर - के कश्मीरी छात्र आफताब हुसैन को गरबे में जाने पर कथित बजरंग दल से जुड़े लोगों ने पीटा। जबकि विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टल में संघ की शाखा लगती है।

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#Bhopal | #Offbeat क्या भोपाल में सक्रिय है अंडकोष चोर गैंग? भोपाल का एक 17 वर्षीय किशोर 6 अगस्त को लापता हुआ। गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ। पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में उसकी लाश मिली। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने शव की पहचान कि। पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और खुलासा किया कि, प्रथम दृष्टि में पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने मृतक किशोर को कथित अपना अंडकोष बेचने पर ₹2 करोड़ का लालच दिया था। जिसे विदेश भेजने की योजना थी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से अंडकोष नहीं मिला। फिलहाल पुलिस इस कथित सौदे के पीछे शामिल लोगों और विदेश भेजने की पूरी योजना की गहराई से जांच कर रही है। इस से पूर्व भी एक डेड बॉडी बिना अंडकोष के मिली थी। बाइट: शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, भोपाल

काश/if Kakvi

425,594 次观看 • 19 天前

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#Bulldozer #MP "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा! " मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया। गांव की आबादी करीब दो हजार है, जिसमें केवल चार मुस्लिम परिवार हैं। सबसे करीब स्कूल पांच किलो मीटर दूर है। चुकी बच्चों को शिक्षा की भारी कमी है, इसलिए नईम ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई। लेकिन तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं। गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा। अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया। जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया। नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था। लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था। जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।" गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे। जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं। आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया। घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही। जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे। सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !

काश/if Kakvi

905,239 次观看 • 7 个月前

वार्निंग: कमोज़ दिल वाले यह वीडियो ना देखें! 📍 उज्जैन उज्जैन में जलती चिता से कथित मांस खाने का वीडियो ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में सनसनी पैदा कर दी है। वीडियो में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर काली उर्फ नंद गिरी श्मशान घाट में जलती चिता से कुछ निकालकर खाते दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज के कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए इसे शव की मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जोड़कर आपत्ति दर्ज कराई है। कुछ संतों ने पुलिस से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। महत्वपूर्ण: वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल आवश्यक है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
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वार्निंग: कमोज़ दिल वाले यह वीडियो ना देखें! 📍 उज्जैन उज्जैन में जलती चिता से कथित मांस खाने का वीडियो ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में सनसनी पैदा कर दी है। वीडियो में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर काली उर्फ नंद गिरी श्मशान घाट में जलती चिता से कुछ निकालकर खाते दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज के कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए इसे शव की मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जोड़कर आपत्ति दर्ज कराई है। कुछ संतों ने पुलिस से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। महत्वपूर्ण: वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल आवश्यक है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

काश/if Kakvi

20,203 次观看 • 5 天前

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MP Court Convicted 14 in Mob Lynching Case ! मध्य प्रदेश ने सिवनी मालवा तहसील में 3 अगस्त 2022 को गो तस्करी के आरोप में अमरावती (महाराष्ट्र) निवासी नजीर अहमद को भीड़ ने पीट पीट कर मार दिया (मॉब लिंचिंग) था। घटना के चार साल बाद शुक्रवार को सिवनी मालवा की एडीजे कोर्ट ने 14 आरोपियों को दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ! सजा सुनते ही कोर्ट परिसर में मौजूद आरोपियों के परिजनों की चीखें निकल गईं। आरोपियों को जेल ले जाने के लिए पुलिस जब वाहन में बैठा रही थी, तभी परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ परिजन पुलिस वाहन के सामने लेट गए और आरोपियों को ले जाने से रोकने लगे। पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की व झूमाझटकी की नौबत आ गई। परिजनों ने वाहन को हाथों से रोकने का भी प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और सभी दोषियों को जेल रवाना किया। परिजनों का कहना था कि कुछ लोग बच्चों को बहका कर गौसेवा के उद्देश्य से ले गए थे, लेकिन यह घटना हो गई।

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183,050 次观看 • 2 个月前

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केरल की एक मुस्लिम आयुर्वेद डॉक्टर संजना एस. ए. (42) 6 माह पहले भोपाल में Phd करने आई। 15 मई को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। एक हफ़्ते के बाद ब्रेन हैमरेज से उनकी मौत हो गई। हॉस्पिटल ने परिवार से ऑर्गन डोनेशन की गुजारिश की। उनकी दो बेटियां हैं, पति बंगलुरू में IT सेक्टर में मैनेजर हैं। चुकी भोपाल आने से पहले उन्होंने केरल में मरणोपरांत अंगदान करने की कथित गुजारिश की थी, उनके पति राज़ी हो गए। उस अंगदान से तीन लोगों की जान बची। उनके पति ने कहा, हमें इस से फ़र्क नहीं पड़ता है कि मरीज़ किस जात या धर्म का है। उनके बचे शरीर को केरल ले जाया गया। विदाई से पहले प्राइवेट हॉस्पिटल ने ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश की और भोपाल पुलिस ने गार्ड ऑफ़ हॉनर दिया। अलविदा संजना एस. ए. एक बुझे चराग़ ने, तीन महलों को रौशन कर दिया। जय हिंदी ! Video - WhatsApp

काश/if Kakvi

208,713 次观看 • 3 个月前

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#Bhopal | #BulldozerJustice | भोपाल के नारियलखेड़ा [फ़िज़ा कॉलोनी] में कल ज़िला प्रशासन ने एक जिनी भूमि से कब्ज़ा हटाया। बुलडोजर सुबह छः बजे पहुंचा। तब कोई स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था तो कोई दूध लाने जा रहा था। तभी क्षेत्र की बिजली काट दी गई। बैरीकेडिंग कर रास्तो को ब्लॉक कर दिया गया। ना अंदर के लोग बाहर जा सकते हैं, ना बाहर के लोग अंदर। कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए गए। कोई नहीं समझ पा रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। कुछ घंटों के अंदर एक एक कर लगभग 40+ मकान और दो दर्जन दुकानें तोड़ दी गई। अंदाज़ लगाइये कि बुलडोजर आपके दरवाजे पर हो और आपको पता तक नहीं हो के अगला घर/दुकान आपका है। लोगों को सामना निकालने तक कि मोहलत नहीं मिली। ऐसा मंज़र था जैसे सुबह सुबह भूकंप आ गया हो और मल्बे में दबे हुए सामान और बेबस लोग रो रहे हैं। जो बच्चे सुबह स्कूल जा पाए जब वह लौटे तो उनका घर टूट चुका था और मां-बाप सड़कों पर बैठे रो रहे थे। ज़िला प्रशासन ने दलील दी के कोर्ट के आदेश पर 78 डेसिमल ज़मीन से 35 साल पुराने कब्ज़े हटाए गए। मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित थी। ज़्यादातर मैनस्ट्रीम मीडिया ने ज़िला प्रशासन का ही पक्ष लिया। कुछ के लिए यह खबर ही नहीं थी। उसका एक मुख्य कारण यह भी था कि पीड़ित पक्ष मुस्लिम थे। वह भी लेबर क्लास। ख़ैर, भोपाल कि मीडिया तो इस मुद्दे को पचा गई मगर #GenZe सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने काफ़ी हिम्मत दिखाई और अपने चैनलों के ज़रिए उन्होंने इस बुलडोजर जस्टिस की सच्चाई दिखाई। उन्होंने लोगों से बात कर कई तथ्य सामने लाए :- - पीड़ितों को पूर्व सूचना नहीं दी गई। - सामान निकालने तक की मोहलत नहीं मिली। - जो लोगों मेहनत कर कुछ सामान निकाल पाए, उनका सामान तक चोरी हो गया। - पीड़ितों की माने तो वह 40-50 सालों से वहां रह रहे हैं। उन्होंने यह ज़मीन प्राइवेट बिल्डर से ली थी।जमीन रजिस्ट्री हुई, घर बन गया, तब ज़िला प्रशासन कहा था। - जहाँ सरकार पकड़ पकड़ कर पीएम आवास के तहत लोगों को घर दे रही है, बुलडोजर चलाने से पहले इनका पुनर्वास नहीं किया गया। - जिस तरह कोर्ट के आदेशों का पालन करना ज़िला प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है। ठीक उसी तरह, नागरिकों को सुरक्षा देना, उनका भरना पोषण करना और उनके साथ न्याय करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। - लोगों का कहना था कि हाई कोर्ट में चुनाव चल रहे हैं जिस वजह कर हम कोर्ट नहीं जा पाए। - सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुलडोजर कार्यवाही की गाइडलाइन का पूरी तरह से अनदेखा किया गया। मन मुताबिक काम हुआ। - भोपाल में पिछले दो हफ्तों से मूसलाधार बारिश हो रही है। कई क्षेत्र जलमग्न है। ऐसे में यह 40+ परिवार के पास ना रहने के लिए जगह है, और ना गुज़रा करने के लिए खाना। - चुनाव के दौरान लोगों के पैर के काटे को अपने दांतों से निकालने वाले नेता भी पीड़ितों के साथ खड़े नहीं दिखे। वीडियो थ्रेड 🧵

काश/if Kakvi

35,279 次观看 • 16 天前

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#Bhopal #Communalism हबीबगंज रेलवे स्टेशन (RKMP) पर शनिवार रात दो बजे GRP के हेड कॉन्स्टेबल नजर दौलत खान ड्यूटी पर तैनात थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गश्त के दौरान उन्होंने कुछ युवको को कार में शराब पीते देखा और वहाँ से जानें के लिए कहा। इस बात पर शराबी खफ़ा हो गए। और दोनों में बहस होने लगी। इसी बीच शराबियों ने उसका मुस्लिम नाम देख कर गाली गलौज शुरू कर दिया और फ़िर हमला कर दिया और कपड़े फाड़ दिए। जब हेड कॉन्स्टेबल को अन्य पुलिसकर्मी बचाने आए तो एक आरोपी ने कहा, "तुम हिंदू भाई हो, हट जाओ।" घटना का वीडियो रविवार को सामने आया। हालांकि इस घटना पर भोपाल पुलिस या GRP पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फ़िल्हाल मामला ठंडे बेस्ट में जाता दिख रहा है।

काश/if Kakvi

397,617 次观看 • 1 年前