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काशी की छवि ✨

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गंगा के घाट 🏜️पर उतरी हुई शाम की तरह .. बेहतरीन हूँ मैं अपने नाम की तरह 🥰

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"लोगों को दावे करने की आदत है, वफ़ा निभाने की फितरत नहीं।" ~ छवि ‘वीथिका’

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moral of the video किसी का वीडियो नहीं ख़राब करना चाहिए 😭

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बंद करो ये सब प्रथाएँ 🙄🙄😡 मिथिला का एक ऐसा पर्व; जिसमें नवविवाहिताओं के घुटने पर जलते दीपक से दागा जाता है, जितना बड़ा छाला होगा, उतना ज्यादा मिलेगा जीवन साथी का साथ मधुश्रावणी का महत्व मैथिल नवविवाहिता के दाम्पत्य जीवन में विशेष स्थान रखता है. मिथिला में प्रचलित पारंपरिक पर्व मधुश्रावणी के लिए विशेष रूप से चुने जानेवाले फूल-पत्तियों के बीच कांटां की चुभन विवाहित युवतियों को जीवन में आसन्न विघ्न बाधाओं का पूर्वाभास भी कराती है. इसके साथ ही नवविवाहिता को जलती बाती (टेमी दगाई ) से घुटने सहित दोनों पांवों के ऊपरी भाग को दागकर उसे औरस पुत्रों की माता होने के योग्य बताये जाने की प्रथा वर्षों से चली आ रही हैं. कहा जाता है कि विवाहिता के दोनों घुटनों तथा पांवों के ऊपर टेमी से दागने पर कम से कम दो फफोले पड़ेंगे. इस बारे में मिथिलांचल की बुजुर्ग महिलाओं का मानना है कि यह साबित करता है कि विवाह से पूर्व उक्त युवती का आचरण निष्कलंक होगा. अध्यापिका सीमा कुमारी कहती हैं कि टेमी दगाय के बाद नवविवाहिताओं के घुटने पर फफोला आ जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह फफोला जितना बड़ा होता है पति की आयु उतनी ही लंबी होती है। यह विधि स्त्री के वीरत्व को दर्शता है।

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133,535 просмотров • 8 месяцев назад

अगर आपका उधार कोई वापस नहीं कर रहा तो 🙌🏻 इसे आज़माएँ 😈
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Ladke Dhyan de 😕

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60,906 просмотров • 1 год назад

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Hamko phone chahiye apple wala 😭

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54,366 просмотров • 1 год назад

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