
खुरपेंच Satire
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ना नेता का चेला , ना पार्टी का गुलाम , हर झांसे पे लुटा हुआ एक आम इंसान || विचार : सतरंगी झण्डा के समर्थक || सदस्य : खुरपेंच स्टाफ ||
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दिल्ली से देहरादून 2 घंटे में दिल्ली से हरिद्वार 2 घंटे में दिल्ली से जयपुर 2 घंटे में दिल्ली से चंडीगढ़ 2.5 घंटे में दिल्ली अमृतसर 4 घंटे में दिल्ली से कटरा 6 घंटे में दिल्ली से श्रीनगर 8 घण्टे के दिल्ली से मुम्बई 12 घंटे में और चेन्नई से बंगलौर 2 घंटे में लखनऊ से कानपुर 35 मिनट में 🤡
खुरपेंच Satire34,739 次观看 • 13 天前
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रीच और एंगेजमेंट के नाम पर बच्चों को गड्ढों में कूदवा-कूदवा कर ट्रेनिंग दी जा रही है , मगर मेरे कुछ सवालों का जवाब कौन देगा? 1. अगर मिट्टी खिसक गई और कोई बच्चा घायल हो गया या उसकी जान चली गई ... तो ज़िम्मेदारी किसकी होगी? (किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी .... या सब दुर्घटना बताकर रफा-दफा.?) 2. ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं.? (कोई मेडिकल सपोर्ट है या सिर्फ जुर्माना नहीं लगेगा वाला भरोसा?) 3. इस तरह की उल्टी-सीधी ट्रेनिंग देने का लाइसेंस किसने दिया? (या खुद ही YouTube देखकर ट्रेनर बन बैठे हैं.?) 4. ये लोग कौन-सी SOP (Standard Operating Procedure) फॉलो कर रहे हैं? (या SOP का मतलब ही सिर्फ़ ओर प्रचार समझ लिया गया है.?) 5. अब तक मध्यप्रदेश सरकार ने इस पर कोई गाइडलाइन क्यों नहीं जारी की.? (क्या सरकार सो रही है या किसी वायरल वीडियो के इंतज़ार में है.?) 6. क्या जब किसी की जान चली जाएगी या कोई बच्चा ज़िंदगी भर के लिए अपंग हो जाएगा , तब सरकार की नींद खुलेगी.? (या फिर उस वक़्त भी बयान यही होगा — हम जांच करवा रहे हैं.?)
खुरपेंच Satire780,227 次观看 • 1 年前
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कॉकरोच जनता पार्टी को खान सर की सलाह , Face सामने मत लाइए क्योंकि फेस सामने लाते ही तुम्हारी जाती क्या है ?? तुम्हारा धर्म क्या है ? तुम पाकिस्तानी एजेंट हो तुम बोस्टन में रहकर इंडिया में चुनाव कैसे लड़ोगे, तुम्हारे ज्यादातर फॉलोअर पाकिस्तानी है। वैसे ये खेल बीजेपी के IT सेल वाले और कुछ paid ट्वीटधारी शुरू कर चुके है। लेकिन बिना फेस के चुनाव कैसे लड़ेंगे??
खुरपेंच Satire59,923 次观看 • 1 个月前

डॉक्टरों को सिर्फ सैलरी नहीं , टारगेट भी दिए जाते हैं – कितने ऑपरेशन , कितनी सर्जरी , मतलब जिस मरीज को ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं , उसका भी ऑपरेशन किया जाता है ताकि बिल बने। जिस महिला का नॉर्मल डिलीवरी से सुरक्षित प्रसव हो सकता है, उसे भी जबरन सी-सेक्शन करवाया जाता है क्योंकि उसमें ज़्यादा पैसा है। अब सवाल ये है 👇 क्या डॉक्टर अब हीलर नहीं, सेल्समैन बन चुके हैं? मरीज की जान कम और रेवेन्यू ज़्यादा जरूरी हो गया है? मेडिकल एथिक्स कहां गई? हेल्थ डिपार्टमेंट और मेडिकल काउंसिल इन सब पर चुप क्यों हैं? प्राइवेट हॉस्पिटल्स पर कोई ऑडिट और निगरानी क्यों नहीं?
खुरपेंच Satire189,551 次观看 • 7 个月前