
Krishna Kant
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सत्यमेव जयते 🇮🇳 'तथ्य, तथ्य होते हैं, वे आपकी पसंद के हिसाब से गायब नहीं हो जाएंगे।' - पंडित नेहरू
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"DRDO के साथी बताते हैं कि हम जो भी टेक्नोलॉजी डेवलप करते हैं, बाहर वाले आकर उसे तहस-नहस करवा देते हैं। हमारी लीडरशिप इतनी भ्रष्ट और बिकाऊ है कि वह सिर्फ अपने बारे में सोचती है। टेक्नोलॉजी विकसित करनी है तो उच्च शिक्षा चाहिए जिसे ये नष्ट कर रहे हैं। ये सवाल उठाने की इजाजत नहीं देते और सवाल उठाने बिना नये आविष्कार नहीं होते। हमारे लिए सबसे जरूरी है शिक्षा जिसे ये बर्बाद कर रहे हैं।" ~ प्रो. अरुण कुमार, अर्थशास्त्री
Krishna Kant461,075 次观看 • 20 天前

"मोदी सरकार को मालूम था कि एक दिन चुनाव आयोग के भीतर का खेल बाहर आएगा और जनता चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने की मांग करेगी। इसीलिए दिसंबर 2023 में मोदी सरकार ने कानून बनाया कि चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यह कानून तब बना जब दोनों सदनों के 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। सदन में कोई विपक्ष ही नहीं था। अब समझ में आ रहा है कि वह कानून किसलिए बनाया गया था।"
Krishna Kant242,749 次观看 • 18 天前

"मैंने दोस्त को 1 लाख UPI किया, कोई पैसा नहीं लगेगा। मैंने एक दुकानदार को 2500 पेमेंट किया, उसके पैसे लगेंगे? इसका क्या लॉजिक है? कोई मुझे बताए कि इसमें सरकार का कौन सा खर्च आता है? RBI ने अपना 3 लाख करोड़ का सरप्लस सरकार को सौंपा है। सारे बैंकों का मुनाफा 2026 में 4 लाख करोड़ है। NPCI का प्रीटैक्स प्रॉफिट 1900 करोड़ है। जब नुकसान किसी को नहीं है तो फिर दुकानदारों से वसूली किस बात की होगी? मैंने इससे बड़ी सरकारी मूर्खता देखी नहीं।" - अश्नीर ग्रोवर, भारत पे के पूर्व एमडी
Krishna Kant272,589 次观看 • 26 天前

यूपीए सरकार थी। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। दो बड़े आंदोलन हुए। एक आरएसएस का प्रायोजित आंदोलन और दूसरा निर्भया केस के खिलाफ। हम लोग खुद राष्ट्रपति भवन तक टहल रहे थे। कोई रोक टोक नहीं। यहां देखिए। चुने हुए एमपी जंतर-मंतर जाना चाहते हैं। वहां धरना देना चाहते हैं। जंतर-मंतर को चारों तरफ से बंद कर दिया गया है। इसीलिए कहता हूं कि मोदी कायर है। लोकतंत्र का तो इनको कुछ अता पता है नहीं, इनको ऐसी-ऐसी बातों से डर लगता है जिससे छोटे बच्चे भी न डरें। बस डींग हांकने में बहुत तेज हैं।
Krishna Kant34,190 次观看 • 4 天前

वोट चोर गिरोह ने हरियाणा में वोटिंग के दिन बताया कि 61.19% पोलिंग हुई है अगले दिन यानी 6 अक्टूबर को बताया कि 65.65% पोलिंग हुई फिर 7 अक्टूबर को बताया कि 67.9% वोट पड़े और 8 को रिजल्ट आ गया EVM बंद हो गई। सील करके रखवा दी कई। तो फिर दो दिन बाद, काउंटिंग से 12 घंटे पहले 2.25% वोट कहां से आ गए? इन डकैतों ने हरियाणा में हर विधानसभा में औसतन 15,175 वोट बढ़ा दिए।
Krishna Kant110,231 次观看 • 17 天前

महाराष्ट्र में 5 बजे के बाद 76 लाख वोटों की पोलिंग दिखाई गई। इस पर सवाल उठे। शाम पांच बजे तक मतदान प्रतिशत 58.22 था। अगली सुबह आखिरी आंकड़ा आया 66.05 प्रतिशत। यानी 7.83 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी, जो करीब 76 लाख वोटों के बराबर है। RTI में पूछा गया कि कितना वोट पड़ा, रिकॉर्ड दीजिए। चुनाव आयोग ने कहा कि उनके पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। न लोकसभा का, न विधानसभा का। अब सवाल है कि नियम के बावजूद रिकॉर्ड क्यों नहीं रखा? नियम क्यों तोड़ा गया? रिकॉर्ड नहीं रखा तो अगले दिन वोट प्रतिशत बढ़ाया कैसे? वोट चोरों! जवाब कब दोगे?
Krishna Kant74,195 次观看 • 14 天前

महाराष्ट्र चुनाव के भयानक आंकड़े जिससे वोट चोरी पकड़ी गई 👇 👉2019 - जून 2024: 5 साल में 32 लाख वोटर जुड़े 👉जून 2024-नवंबर 2024: सिर्फ 5 महीने में 39 लाख वोटर कैसे जुड़ गए? 👉टोटल वोटर: 9.70 करोड़ जबकि वयस्क आबादी 9.54 करोड़ ही है। वयस्क आबादी से ज्यादा वोट कहां से आए? 👉5.30 बजे शाम के बाद 65 लाख लोगों की वोटिंग दिखाई गई। राहुल गांधी ने पूछा है कि क्या सुबह 2 बजे तक वोटिंग हुई? जवाब नहीं मिला। 👉वीडियोग्राफी मांगने पर चुनाव आयोग ने वीडियो देने की जगह सरकार के साथ मिलकर नियम बदल दिए जिसके बाद वीडियो सबूत नहीं मांगा जा सकता। चुनाव आयोग को कब्जे में लेने से लेकर, डिजिटल साक्ष्य के नियम बदलने तक - हर तरह से वोटों की डकैती का रास्ता क्यों साफ किया गया? लोकतंत्र के लुटेरे जवाब कब देंगे?
Krishna Kant72,387 次观看 • 14 天前

बिहार में 150 घुसपैठियों को पकड़ने के लिए 8 करोड़ बिहारियों पर जुल्म किया गया SIR का उल्लेख संविधान में कहीं नही है। रिप्रिजेन्टेशन पीपुल एक्ट में भी SIR का उल्लेख नही है। इलेक्शन रूल्स ऑफ 1960 में भी SIR का उल्लेख नही है। बिहार में घुसपैठियों को पकड़ने के लिए SIR किया गया। 8 करोड़ लोगों को दौड़ाने के बाद सिर्फ 500 घुसपैठिये मिले, इनमें 150 बांग्लादेशी थे और 350 नेपाल से ब्याह होकर आयी हिंदू लड़कियां। सिर्फ 150 घुसपैठियों के लिए पूरे बिहार पर सितम ढाया गया। - डॉ एसवाई कुरैशी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
Krishna Kant43,809 次观看 • 14 天前

ज्ञानेश ने जितने कांड किए हैं, उनका हिसाब होगा तो दिमाग हिल जाएगा अचानक इन भाई साहब को इल्हाम हुआ कि बिहार में बहुत घुसपैठिये आ गए हैं। फटाफट SIR हो गया। वोटर लिस्ट पर कुल आपत्ति - 3.75 लाख विदेशी होने के कुल केस - 1087 इनमें से डिलीट हुए - 390 इनमें मुसलमान - 76 जिस सीमांचल में घुसपैठिया होने का हव्वा खड़ा किया, वहां विदेशी होने के नाम पर सिर्फ 3 लोग पाए गए। SIR के बाद सामने आया कि राज्य में 1 करोड़ से ऊपर फर्जी पते दर्ज हैं। फिर SIR किया क्यों? जवाब है - वोट चोरी के लिए। फर्जी वोटर बनाने के लिए। SIR वोट चोरी का कानूनी और संगठित रूप था। संवैधानिक डकैती। मोदी और ज्ञानेश इसके मास्टरमाइंड हैं।
Krishna Kant46,145 次观看 • 16 天前

"वॉट्सएप यूनिवर्सिटी पर हमें पढ़ाया गया कि सोनिया गांधी दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं। समय के साथ सामने आया कि पूरे गांधी परिवार के पास अपना घर तक नहीं है। राहुल गांधी का घर खाली करवा लिया तो उनके रहने को घर नहीं था। गांधी परिवार को छोड़कर, स्विस बैंक में सबके खाते मिल रहे हैं।" - शीतल पी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
Krishna Kant29,753 次观看 • 10 天前

महाराष्ट्र में बालिग जनसंख्या से ज़्यादा मतदाता कहां से आए थे? हिमाचल प्रदेश के बराबर नये वोटर जोड़ दिए गए, ये कहां से आए? जितने नये वोटर जुड़े, उतने ही वोट से बीजेपी जीती, यह कैसा संयोग था? ज्ञानेश आयोग ने ये सब कमाल कैसे किया? विपक्ष के तमाम गंभीर सवालों का कभी जवाब क्यों नहीं दिया गया? हरियाणा और महाराष्ट्र में उठे इस तरह के सवालों के बाद, SIR लाकर लाखों लाख वोट काटने और फर्जी वोट जोड़ने का सिलसिला क्यों और किसके कहने पर शुरू हुआ?
Krishna Kant43,336 次观看 • 16 天前

परिसीमन का खेल समझिए 👇 तमिलनाडु में 39 सीट हैं। यूपी में 80 सीट हैं। 50% बढ़ाने के बाद तमिलनाडु में होंगी 59 सीटें, जबकि यूपी में होंगी 120 सीटें। अभी दोनों राज्यों में अंतर 41 सीट का है जो बढ़कर 61 हो जाएगा। इस तरह दक्षिणी राज्यों की सीटें घटेंगी और उत्तरी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी। बीजेपी महिला आरक्षण बिल की आड़ में लोकतंत्र के अपहरण का खेल खेल रही है। खतरनाक विचारधारा है। हर काम के पीछे इनकी नीयत में खोट और दिल में साजिश होती है।
Krishna Kant318,915 次观看 • 6 个月前

अब ये वाला टैलेंट राहुल गांधी कहां से लाएंगे? कहां डेढ़ हजार भाषाओं के जानकार नरेंद्र मोदी, कहां टेलीप्रॉन्प्टर पढ़ने वाले राहुल गांधी! टेलीप्रॉन्प्टर लुल तो बत्ती गुल - दोनों की कोई तुलना है भला? एक गलतियों से भरा साधारण मनुष्य है दूसरा परमपिता का भी पितामह, जो भगवान को लाया, जिनके पहले न कुछ था, न बाद में कुछ होगा। बीजे पार्टी का हैंडल किसी दिमागी नक्सल के हाथ लग गया है। महाप्रभु का महिमागान छोड़कर, गलत सलत आदमी का जिक्र कर रहा है।
Krishna Kant94,420 次观看 • 1 个月前