किसी जिले के स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक के लिए परिवार में गंभीर बीमारी का मतलब अब तक एक ही था: एक ऐसा आर्थिक संकट जो सालों तक पीछा करे। बचत खत्म। कर्ज लिया। और उस कर्ज के साए में जिंदगी आगे बढ़ती रही। इलाज की सुविधा थी लेकिन उसे बिना टूटे इस्तेमाल करने की आर्थिक ताकत नहीं थी। नीयत यह थी कि जो शिक्षक अपने छात्रों को सब कुछ देने की उम्मीद रखता है, वो खुद इस कमजोरी में न जिए। नीति में सरकारी और सचिस से जुड़े निजी अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के 5 लाख रुपये तक का सालाना कैशलेस इलाज मिलेगा। स्थायी शिक्षकों के लिए 1 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा भी। नतीजा 12 लाख शिक्षण और शिक्षणेतर कर्मचारी और उनके परिवार होंगे जो अस्पताल के काउंटर पर सुरक्षित होंगे, सिर्फ कागज पर नहीं। #YogiCashlessChikitsa
10,832 views
Give an Oscar to Editor🔥📷
81,535 views
Smile on his face says everything🙂 #ElvishYadav #ElvishAmry