
MANISH PANDEY
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यहाँ व्यक्त किये गए विचार मेरे हैं , संस्थान या संस्था से उसका कोई लेना देना नही है Managing Editor K News ,Ex Resident Editor News 1 india,Hindi Khabar.
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गोरखपुर के सांसद ने एक फोन घुमाया और एक गरीब मरीज के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से 16 लाख रुपया स्वीकृत कराया। अगर सभी जनप्रतिनिधि इस तरह की संजीदगी दिखाने लगे तो कोइ गरीब बिना इलाज के न रह जाय। माहदेव अइसहीं कपार पर चढ़ल रहें हमरे सांसद Ravi Kishan जी के। हर हर महादेव..
MANISH PANDEY467,170 次观看 • 1 年前

पिछले कई दिनों से लगातार यह सुन रहा हूँ कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की पूरी व्यवस्था किसी नौकरशाह के अधीन कर दी जानी चाहिए। यह विचार कभी भी मेरे गले के नीचे नहीं उतरा। अयोध्या के पूज्य संतों को सुनने का अवसर बहुत कम मिलता है। हाँ, कभी-कभार पूज्य आचार्य श्री मिथिलेश जी का कोई छोटा-सा वक्तव्य सुनने को मिल जाता है। दुर्भाग्य से न उनका कोई यूट्यूब चैनल है और न ही ऐसी कोई टीम, जो उनके विचारों को व्यापक रूप से लोगों तक पहुँचा सके। इसलिए साल में एक-दो बार जब कहीं उनकी कोई छोटी-सी क्लिप दिख जाती है, तो उसे पूरे मन से सुनता हूँ। अयोध्या में हाल के दिनों में जिस विवाद ने जन्म लिया, उसका अत्यंत सरल, संतुलित और व्यावहारिक समाधान आचार्य जी ने अपने इस संक्षिप्त संबोधन में रखा है। उन्हें सुनने के बाद मेरे मन में भी यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि इस विवाद का समाधान किस दिशा में खोजा जाना चाहिए। मुझे लगता है कि आचार्य जी के ये विचार नीति-निर्माताओं तक अवश्य पहुँचने चाहिए। और मेरा विश्वास है कि केवल अयोध्या ही नहीं, देश के अधिकांश पूज्य संतों की भावना भी इससे अलग नहीं होगी। आप भी इस छोटे से वक्तव्य को सुनिए। संभव है, अयोध्या के इस पूरे विवाद को देखने का आपका दृष्टिकोण भी बदल जाए। जय श्री राम 🙏
MANISH PANDEY44,810 次观看 • 1 个月前

बड़ी बड़ी बिल्डिंगों में सफेद कपड़े पहनकर खुद को धरती का भगवान कहने वाले प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक एक भी कोई ऐसा देवता नहीं मिला जो 12 साल के सचिन प्रजापति का इलाज करवा सके ! अब बच्चा अपने घर पर है , दलित और पिछड़ों पर राजनीति करने वाला एक भी नेता अब तक आगे नहीं आया जो इस बच्चे की जिम्मेदारी उठा सके । संविधान की दुहाई देने वाला एक भी संगठन और राजनीतिक दल सामने नहीं आया जो इस बच्चे का इलाज करवा सके यूपी में शर्तिया इलाज के नाम पर बड़े बड़े दावे करने वाला एक भी अस्पताल सामने नहीं आया जो इस बच्चे का इलाज कर सके लखनऊ के के जी एम यू , राम मनोहर लोहिया , कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट, पी जी आई सब जगह भटकने के बाद अब ये बच्चा तड़पने के लिए मजबूर है । कुछ देर पहले दिल्ली के एक चिकित्सक ने मुझसे बच्चे की पूरी रिपोर्ट्स मांगी है जो मैने भेज दी है , ईश्वर से प्रार्थना करिए की शायद उनका प्रयास सचिन को बचा ले ... वैसे बता दू की सचिन यूपी के पिछड़े वर्ग से आता है जिसकी हिमायत प्रदेश से लेकर देश में बड़े बड़े नेता करते है , सरकार में तो पिछड़े वर्ग के कई कई मंत्री है लेकिन उनका नेटवर्क इतना कमजोर है कि उनकी जाति बिरादरी वाला एक बच्चा तड़प रहा है , इलाज के अभाव में दम तोड़ने वाला है लेकिन जिस जाति के दम पर उनकी राजनीति चलती है , उस वर्ग के एक गरीब बच्चे की मदद करने के लिए वो हाथ आगे नहीं बढ़ा सकते । थू है ऐसी व्यस्था पर .. थू है ऐसे नेताओ पर.. थू है ऐसे सिस्टम पर .. और आखिरी में इसी व्यस्था का खामियाजा उठा रही है यूपी में बीजेपी की सरकार , अभी नहीं सुधरी तो आने वाले वक्त में इतिहास बन के रह जाएगी जो लोग सिर्फ पढ़ेंगे .. पोस्ट पढ़ने के बाद आप इसे शेयर जरूर करें, क्या पता किसी देवता की नजर पढ़ जाए इस बच्चे पर जो इसे बचा ले ( ये नंबर +91 63071 38990 सचिन प्रजापति के पिता रामधनी प्रजापति का है , सुविधा के लिए शेयर कर रहा हू , जो भी सरकार, संगठन या चिकित्सक इस बच्चे की मदद कर सके प्लीज सीधे उससे बात कर ले )
MANISH PANDEY433,619 次观看 • 2 年前

बिजली महकमे में एक इंजीनियर साहब हैं नाम हैं जुनैद आलम.. जुनैद साहब नें अपनी एक चहेती फर्म जिसका नाम मेसर्स अनीस खान को लाखों का क़ाम दिया.. अब आगे की कहानी सुनिए.. जिस फर्म को उन्होंने क़ाम दिया उसका GST नंबर सस्पेंड था.. इसके बावजूद जुनैद साहब नें 48 लाख रूपये का भुगतान कर दिये.. अब जब हमारी टीम नें इस बारें में मध्यांचल के बड़े अफसरों से सवाल किया तो उनका कहना हैं की लिखा पढ़ी की गई हैं.. इंतजार करिये अरे काहें का इंतजार ये वो वाले इंजिनियर साहब का कारनामा हैं जो एक दिन में अपनी सरकारी गाड़ी में फर्जी तरीके से डीजल के भुगतान के लिये भी चर्चा में रहे हैं.. कुल मिलाकर सरकारी धन को ससुराल का माल समझते हैं.. ऐसी चर्चा हैं विभाग में इनके बारें में 😊
MANISH PANDEY35,303 次观看 • 2 个月前

ये सब उन्ही मैडम की तस्वीरें है जो गोरखपुर के सांसद जी को अपनी पुत्री का पिता बताकर मीडिया के सामने अपना हक मांग रही है । देखकर अंदाजा लगाइए की इनको देखकर ऐसा लगता तो नहीं की इनके साथ ज्यादती हुई होगी । कुल मिलाकर चुनाव के बीचों बीच कोई बड़ी वाली डील तो नही कर ली है मैडम ने सांसद जी के चरित्र हनन की ...
MANISH PANDEY218,112 次观看 • 2 年前

गणेश पाण्डेय उस ग्राम सभा के प्रधान हैं जहाँ पूरी पंचायत में ब्राह्मणों के मात्र दो परिवार हैं, जबकि बाकी आबादी विभिन्न अन्य बिरादरियों से आती है। इसके बावजूद उन्होंने सभी वर्गों का विश्वास जीतकर नेतृत्व स्थापित किया। उनका कहना है कि वे वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी द्वारा घोषित अधिकृत उम्मीदवार का समर्थन किया और उन लोगों का विरोध किया जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर बगावत का रास्ता चुना। गणेश पाण्डेय का आरोप है कि उसी राजनीतिक संघर्ष की कीमत उन्हें आज चुकानी पड़ रही है। उनका दावा है कि एक प्रभावशाली भाजपा विधायक की नाराज़गी के चलते उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। शासन और संगठन के बड़े-बड़े पदाधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और अब उनके विरुद्ध कथित तौर पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। यदि गणेश पाण्डेय के आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं का प्रश्न है जो पार्टी के आधिकारिक निर्णयों के साथ खड़े रहते हैं। ऐसे में सत्ता और संगठन के शीर्ष नेतृत्व का दायित्व बनता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और किसी भी निर्दोष कार्यकर्ता के साथ अन्याय न होने दिया जाए। पार्टी की ताकत बड़े नेताओं से नहीं, बल्कि बूथ और गाँव स्तर पर खड़े उन कार्यकर्ताओं से बनती है जो हर परिस्थिति में संगठन का झंडा उठाए रखते हैं। यदि ऐसे लोगों का मनोबल टूटता है, तो नुकसान केवल एक व्यक्ति का नहीं, पूरे संगठन का होता है। BJP Uttar Pradesh Pankaj Chaudhary
MANISH PANDEY26,373 次观看 • 2 个月前

सात महीने तक तहसील के चक्कर काटती रही महिला, लेकिन अफसरों के कानों में भनक तक न पहुँची। आज जब गाड़ी के पहिए के आगे लेट गई तो व्यवस्था के पहिए अचानक रुक गए और साहब का हृदय भी "पिघल" गया। लगता है हमारे सिस्टम में फरियाद सुनने का नियम ही उल्टा है "कागज़ पर लिखो तो रद्दी, पैरों में गिरो तो गारंटी" अब सवाल ये है कि क्या इंसाफ पाने के लिए हर किसी को गाड़ी के आगे लेटना पड़ेगा? या फिर ये नया फॉर्मूला है “पहले थकाओ, फिर झुकाओ, तब जाकर सुनो।” वीडियो बाराबंकी जनपद कि हैं !
MANISH PANDEY90,983 次观看 • 1 年前

(मुझे नही लगता की अभी तक किसी भी नेता ने संविधान और आरक्षण खत्म करने वाले बयान का इतना जबरदस्त काउंटर किया होगा , जितना सदन में आज सी एम Yogi Adityanath ने किया होगा , मौका मिले तो जरूर सुनिए और पसंद आए तो रीपोस्ट जरूर करिएगा ) लोग कहते हैं की मोदी जी तीसरी बार अगर आयेंगे तो संविधान खत्म कर देंगे , मोदी जी तो दस वर्षो से हैं ।मोदी जी ने जितना सम्मान बाबा साहब भीम राव अंबेडकर का किया है आज तक उतना किसी ने नहीं किया , उन्होंने बाबा साहब के " पंच तीर्थ " का निर्माण करवाया : सी एम योगी
MANISH PANDEY157,722 次观看 • 2 年前

“योगी से टकराने की कोशिश थी, निशाना कहीं और साधा गया था।” एक सोची-समझी रणनीति के तहत CM योगी आदित्यनाथ को ऐसे मुद्दे में उलझाने की कोशिश की गई, जहाँ बोलना भी मुश्किल और चुप रहना भी महँगा हो। UGC का नया नियम सिर्फ शिक्षा से जुड़ा फैसला नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक जाल था जिसका असली मक़सद योगी की सामाजिक संतुलन वाली छवि को नुकसान पहुँचाना था। नीति बनाने वालों को यह भली-भाँति पता था कि उत्तर प्रदेश सिर्फ एक वर्ग से नहीं चलता। अगर योगी विरोध करते तो सवर्ण समाज और सनातन विचारधारा से जुड़े लोग आहत होते। अगर समर्थन करते तो दूसरे वर्गों में गलत संदेश जाता। यानी हर हाल में नुकसान की पटकथा लिख दी गई थी। लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। UGC के मुद्दे पर जब विरोध खड़ा हुआ, तो सनातन समाज ने इसे योगी के खिलाफ साजिश के रूप में पहचाना और खुलकर उनके साथ खड़ा हो गया। जो समर्थन पर्दे के पीछे माना जाता था, वह सड़कों और सोशल मीडिया पर साफ दिखने लगा। यह प्रकरण एक बात साफ कर गया योगी अकेले नहीं हैं, उनकी विचारधारा के साथ खड़ा एक जागरूक समाज है, जिसे मोहरे की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश मे योगी आदित्यनाथ का समर्थन अब सिर्फ राजनीति नहीं , लोगों के लिये आत्मसम्मान का प्रश्न बन चुका है । जब जब इन्हे बदनाम करने की साजिशे हुई हैं ये योगी आदित्यनाथ की चमक और बढ़ी है...
MANISH PANDEY51,769 次观看 • 6 个月前