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|| किसान पुत्र || पोस्ट और RP मेरे निजी विचार है || My leader My pride @Hanumanbeniwal । Proud to Be 101 ♥️।
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पीठासीन :- आप अपने क्षेत्र की बात करिए .. हनुमान बेनीवाल:- बीच में टोको मत , डिˈस्टब् कर देते हो …आप बता दो नहीं बोलना है तो मैं चला जाता हूँ … पीठासीन: - 4 मिनट हो गए …. हनुमान बेनीवाल:- तो क्या हुआ कल तो लोग 9-9 मिनट रगड़ गए , आप कहो तो बैठ जाता हूँ । पीठासीन :- नहीं ,नहीं । आप अपनी बात रखिए । हनुमान बेनीवाल:- तो क्षेत्र की बात मत कीजिए मेरी अपनी पार्टी है मैं पूरे देश की बात करूँगा ।
MP Saharan149,262 次观看 • 5 个月前

सभापति - हनुमान जी आप आपनी बात को 3 मिनट में रखें ! हनुमान बेनीवाल जी - 3 मिनट हम नहीं बोलेंगे … सभापति- आप शुरू तो कीजिए प्लीज … हनुमान बेनीवाल जी - नहीं आप ऐसा करिए हमारा टाइम कांग्रेस को दे दीजिए उसी में मान लेंगे … सभापति- प्लीज़ हनुमान जी मेरा आग्रह है आपसे बोलिए आप ।
MP Saharan41,884 次观看 • 1 个月前

रविंद्र सिंह भाटी जी, कल आपकी ट्विटर टीम द्वारा थानसिंह डोली के विवाह समारोह जैसे पवित्र आयोजन को लेकर जिस तरह संगठित रूप से चर्चा कर अभद्र टिप्पणियाँ की गईं और हनुमान बेनीवाल जी के नाबालिग पुत्र आशुतोष को साजिशन निशाना बनाकर बुली किया गया, वह न केवल घोर निंदनीय है बल्कि आपकी राजनीति की दिशा और सोच पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है कि क्या यही आपकी राजनीति है ? , क्या यही आपका नेतृत्व है ? , क्या यही आपके संस्कार हैं कि बच्चों और पारिवारिक आयोजनों को भी राजनीतिक कीचड़ में घसीटा जाए ? आपकी टीम जिस तरह योजनाबद्ध तरीके से समाज को बांटने और एक-दूसरे के खिलाफ ज़हर घोलने का काम कर रही है, वह विरोध नहीं बल्कि सुनियोजित सामाजिक विघटन है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि आपकी राजनीति अब मुद्दों से नहीं, बल्कि व्यक्ति और परिवारों को निशाना बनाकर आगे बढ़ रही है। Ravindra Singh Bhati जी क्या आपकी टीम यह सब आपके इशारे पर कर रही है या फिर आपने अपनी ही टीम पर से नियंत्रण खो दिया है ? राजनीति में विरोध स्वीकार्य है, पर मर्यादा का उल्लंघन इतिहास माफ नहीं करता। जो आज ताली बजाकर देख रहे हैं, वही कल इसका हिसाब भी मांगेंगे। लोकतंत्र में घृणा नहीं, विचार चलते हैं और जो नेता इस मर्यादा को लांघते हैं, उनके परिणाम भी उतने ही कठोर होते हैं ।आपसे निवेदन है कि अपनी टीम को लगाम दीजिए, सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट कीजिए और यह साबित कीजिए कि आप समाज को जोड़ने वाले नेता हैं, तोड़ने वाले नहीं। आपकी जानकारी के लिए आपकी टीम के ग्रुप की स्क्रीन रिकॉर्डिंग पोस्ट कर रहा हूँ ।
MP Saharan65,364 次观看 • 9 个月前

क्या राजस्थान में अब गाँव की समस्याएँ उठाना भी गुनाह हो गया है ? मैं मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी और राजस्थान सरकार से पूछना चाहता हूँ। हमारा परिवार प्रवासी राजस्थानी है, लेकिन अपनी जन्मभूमि लाछड़सर से लगाव की वजह से मेरे पिताजी आज भी अधिकतर समय गाँव में रहकर लोगों की समस्याओं और विकास के मुद्दों के लिए आवाज़ उठाते हैं। हाल ही में गाँव में आयोजित कैम्प के दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में जलभराव, गौरव पथ के कथित गलत निर्माण और एक निजी उद्योग के लिए पूरे गाँव की बिजली काटे जाने जैसे जनहित के मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। लेकिन समस्याओं का समाधान करने के बजाय, खुद को सरपंच प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने खुलेआम "काम तमाम कर दूँगा" जैसी धमकी दी। सबसे दुखद बात यह है कि जिस व्यक्ति ने सरकारी स्कूलों के उत्थान, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और लैपटॉप वितरण जैसे सामाजिक कार्य किए हों, और जिन्हें इन कार्यों के लिए तीन बार जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया जा चुका हो, आज उसी व्यक्ति को सच बोलने और गाँव की समस्याएँ उठाने की कीमत जान से मारने की धमकियों के रूप में चुकानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी, क्या आपकी सरकार में जनहित के मुद्दे उठाना अपराध है ? क्या एक आम नागरिक को अधिकारियों के सामने अपने गाँव की समस्याएँ रखने का अधिकार भी नहीं है ? यदि खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जाती है, तो कानून का भय आखिर किसे है ? मैं Rajasthan Police और Rajasthan Police HelpDesk से आग्रह करता हूँ कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जाँच कर दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मेरे पिताजी की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित की जाए। यह सिर्फ मेरे परिवार का मामला नहीं है, बल्कि हर उस नागरिक की आवाज़ का सवाल है जो अपने गाँव, अपने समाज और अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने का साहस करता है। लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, धमकियाँ नहीं।
MP Saharan11,732 次观看 • 2 个月前

यह माताएं बहने हमारे नागौर के कुचेरा गांव की राजपूत समाज की है इन्होंने एक एक रुपया अपने खून पसीने की कमाई जोड़कर शहर में एक प्लॉट लिया था ताकि आने वाले समय में जरूरत पड़े तो इसको बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करले बच्चों के पीले हाथ कर दें इनके वह दिन आ भी गया बच्चियों की शादी तय हो गई जब इन्होंने अपना प्लाट बेचने का फैसला लिया वहां पर जाकर देखा तो प्लांट पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया था ! भू माफिया ने यह कहकर इनको भाग दिया जो तुमसे बन पड़े कर लो यह प्लॉट तो अब हमारा है जो इनके घर में थोड़ी देर पहले खुशियों का माहौल था वह एकदम गम में बदल गया इन्होंने पूरा प्रयास किया थक हार कर बैठ गए कहीं कुछ बात नहीं बनी, किसी समझदार आदमी ने इनको ढांढस और भरोसा दिलाया और कहा आप श्री हनुमान बेनीवाल का नाम रखा और कहा आप उनके पास चले जाओ वह आपकी जरुर मदद करेंगे महिलाओं ने कहा हमने हनुमान बेनीवाल को कभी वोट नहीं दिए ना हम उन को जानते हैं वह हमारी कैसे मदद करेंगे तब उस आदमी ने कहा आप एक बार जाओ तो सही हनुमान बेनीवाल के पास जान पहचान की जरूरत नहीं है जो उनके दरवाजे पर जाता है वह सब की मदद करते हैं महिलाओं ने ऐसा ही किया वह सीधा श्री हनुमान बेनीवाल के नागौर आवास पर पहुंच गई और एक कोने में जाकर बैठ गई ! हनुमान बेनीवाल जनसुनवाई कर रहे थे जैसे ही उनकी नजर इन महिलाओं पर पड़ी वह जनसुनवाई छोड़कर इनके पास में आ गए उनके आते ही महिलाएं अपना दुख नहीं बता सकी रोने लग गई सांसद साहब ने बड़े विनम्र भाव से कहा आप पहले बैठो चाय पियो पानी पियो और आराम से मुझे बताओ बात क्या हुई महिलाओं ने अपनी पूरी पीड़ा कहानी सांसद साहब को सुना दी उनकी पीड़ा सुनते ही साब का चेहरा आग बबुल हो गया उन्होंने अपना फोन घुमाया पता नहीं किसको कॉल किया , सांसद साहब ने उन महिलाओं को कहा आपके पास गाड़ी है क्या उन्होंने कहा साहब हम किराए की गाड़ी लेकर आई है ! सांसद साहब ने फिर कहा आप एक काम करो अपने प्लाट पर जाओ आपको कोई कुछ नहीं कहेगा और आप अपना प्लांट जिसको बेचना चाहते हो उसको भेज दो मैं हूं ना आपके साथ देखता हूं कौन क्या करता है ! महिलाएं अपनी गाड़ी लेकर जैसे ही प्लांट पर पहुंची प्लांट पर पहले से ही उनका इंतजार पुलिस कर रही थी पुलिस प्रशासन ने भी अपना फिर काम किया और उन भू माफिया को कहा यह महिलाएं सांसद साहब के पास जाकर आईं हैं देख लेना सांसद साहब का नाम आ जाए किसी फिर किसी की मजाल है कोई नाटक कर दे जैसे उनको सांप सुघ गया हो वह हालत हो गई भू माफिया की माताएं बहनों ने राहत की सांस ली ! महिलाओं ने अपना प्लाट बेचकर अपना पैसा पास में लेकर सांसद साहब को धन्यवाद बोलने गई साब को कहा आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमको बचा लिया ! सांसद साहब ने उनको कहा यह मेरा दायित्व है आपने मुझे अपने जिले का मालिक बनाया है और आपकी पीड़ा में ही नहीं सुनूंगा तो कौन सुनेगा आप चिंता ना करें अपनी बच्चियों की शादी बड़े ही धूमधाम से करें आगे कोई भी दिक्कत हो तो मुझे फोन कर देना फिर दोबारा उन्होंने कहा मैं हूं ना 5100 रुपए कन्यादान देकर महिलाओं को विदा किया ! ✊🔰यह है हमारे लाडले नागौर के सांसद श्री हनुमान बेनीवाल✊ CP:- रणजीत जी
MP Saharan24,635 次观看 • 5 个月前

सत्ता में मोह में मदमस्त मंत्री जी …. फरियाद लेकर पहुंचे परिवादी की बात पर बीकानेर में भड़के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ! मंत्री खर्रा ने कहा- तुम जैसे कई आते हैं जाते है , तुम्हारे पेट में दर्द हे तो आ जाओ ऐसे नहीं चलता है । परिवादी गोपाल किराडू अपने दस्तावेजों के खो जाने की पीड़ा लेकर पहुंचे थे सर्किट हाउस , बोले- अधिकारी दस्तावेजों के एवज में कट मनी की करते हैं डिमांड !! #bikaner #rajasthan
MP Saharan16,235 次观看 • 3 个月前

न्याय देवता HANUMAN BENIWAL भाई सूरज माली को मिला न्याय , सभी मांगों पर बनी सहमति । 1. 25 लाख की आर्थिक सहायता सरकार की तरफ़ से जिसमे से 20 लाख तुरंत कैश दिए गए । 2. एक दुकान का आँवटन ! 3. परिवार में से एक संविदा पर नौकरी ! 4. मामले की जांच Sog द्वारा ऑफिसर स्कीम में ! 5. भाई सूरज माली के इलाज का सम्पूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी । 6. RLP पार्टी की तरफ़ से 1 लाख की आर्थिक मदद पिछले 13 दिनों से धरना चल रहा है अलग - अलग नेता आए , पूर्व मुख्यमंत्री भी आए लेकिन आखिरकार न्याय दिलाया हनुमान बेनीवाल जी ने ।
MP Saharan41,227 次观看 • 11 个月前
