
Aadil Mansoori | عادل منصوري
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Muslim First | One Voice. One Mission: Unity. | ReTweets ≠ Endorsement | Vision = Unity
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मौलाना अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी साहब ने कहा कि अगर किसी के पास से ढाई सौ ग्राम योगी जी की अम्मा यानी गाय का गोश्त पाया जाए तो उसको सज़ा मिलती है लेकिन अगर कोई ज़िना (बलात्कार) करे तो उसके लिए क्या सज़ा? कुछ नही? इसपर उत्तरप्रदेश में 84 थानों में केस दर्ज होने के बाद उन्हें यूपी STF द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया। अल्लाह उन्हें रिहाई अता फ़रमाए और तमाम बलाओं मुसीबतों से उनकी हिफाज़त फ़रमाए, आमीन
Aadil Mansoori | عادل منصوري71,193 次观看 • 2 个月前
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जिहादी नहीं होते तो ये देश भारत अंग्रेजों से कभी आज़ाद नहीं होता। 1857 की आज़ादी की पहली लड़ाई में मुसलमानों ने सबसे आगे बढ़कर हिस्सा लिया। मौलाना फ़ज़्ले हक़ खैराबादी ने अंग्रेजी शासन के ख़िलाफ़ जिहाद का फतवा दिया। मौलाना हुसैन अहमद मदनी के साथ सैकड़ों उलेमा ने क्विट इंडिया मूमेंट में भाग लिया। बहादुर शाह ज़फर आखिरी मुगल बादशाह को क्रांतिकारियों ने हिंदुस्तान का बादशाह घोषित किया। मौलवी अहमदुल्लाह शाह (फैजाबाद) ने ब्रिटिश सेना को कई जगहों पर करारी शिकस्त दी और “अमीरुल मुजाहिदीन” कहलाए। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, बिहार और रुहेलखंड सहित पूरे देश में उलेमा ने जिहाद का फतवा जारी किया और खुद मैदान में उतरे। मुसलमानों ने न सिर्फ सैन्य नेतृत्व किया बल्कि हजारों की संख्या में शहीद भी हुए। हक़ीक़त ये है कि बिना मुसलमानों (जिहादियों) के 1857 की क्रांति अधूरी रह जाती। फिर भी आज कुछ लोग कहते हैं “मुसलमानों ने देश के लिए किया क्या है?”
Aadil Mansoori | عادل منصوري16,076 次观看 • 1 个月前