
Vijender Chauhan
@masijeevi • 73,283 subscribers
Educator, Interviewer, Motivational Speaker, Media Analyst
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आरक्षण गरीबी हटाने की योजना नहीं है, बल्कि उस सामाजिक भेदभाव का जवाब है जो पीढ़ियों से लोगों के अवसर छीनता रहा है। अगर आर्थिक स्थिति सुधर जाने से जाति खत्म हो जाती, तो शायद आरक्षण की बहस भी खत्म हो जाती। सवाल है क्या आज भी समाज किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर देखना बंद कर चुका है? आरक्षण पर राय देने से पहले उसके उद्देश्य को समझना जरूरी है। #Reservation #CasteDiscrimination #SocialJustice #India
Vijender Chauhan345,937 Aufrufe • vor 21 Tagen

जब छात्र सड़कों पर अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हों, तब मीडिया का काम सत्ता से कठिन सवाल पूछना है, न कि सत्ता के लिए सवालों को आसान बनाना। NEET जैसे मुद्दों पर लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर हो, तो कैमरे छात्रों की आवाज दिखाएँगे या सिर्फ़ सरकार का पक्ष? अगर पत्रकारिता सत्ता से सवाल नहीं पूछेगी, तो फिर सवाल कौन पूछेगा? #Journalism #Media #StudentProtest #JantarMantar #NEET #GodiMedia
Vijender Chauhan127,585 Aufrufe • vor 1 Monat

गरीबी की परिभाषा भी अजब है। ₹8 लाख कमाने वाला OBC में "क्रीमी लेयर" हो जाता है, लेकिन वही ₹8 लाख EWS में "आर्थिक रूप से कमजोर" कहलाता है। सवाल किसी उम्मीदवार की योग्यता पर नहीं है। सवाल यह है कि अगर IIT, MNC और महंगी कोचिंग तक पहुँच रखने वाले भी EWS हैं, तो फिर असली गरीब कहाँ है? कहीं ऐसा तो नहीं कि हमने गरीबी की परिभाषा इतनी फैला दी कि गरीब ही उसमें गुम हो गया? #EWS #UPSC #SocialJustice
Vijender Chauhan88,729 Aufrufe • vor 2 Monaten

संविधान सिर्फ संसद, अदालतों और किताबों में नहीं रहता। कभी-कभी उसकी सबसे ताकतवर आवाज उस युवा के गले से निकलती है, जिसके पास न सत्ता है, न मंच — सिर्फ अपने अधिकारों पर भरोसा है। NEET पेपर लीक के विरोध में इरफ़ान का प्रस्तावना पढ़ना सिर्फ़ एक पाठ नहीं था। वह सवाल था— क्या न्याय, समानता और बंधुत्व सचमुच हर नागरिक के लिए हैं? संविधान मनाने की चीज नहीं, जीने और अपने हक के लिए आवाज़ उठाने का दस्तावेज़ है। #Constitution #NEET #StudentProtest #Justice #Equality
Vijender Chauhan43,507 Aufrufe • vor 1 Monat

जब लाखों छात्र Paper Leak, Exam Reforms और जवाबदेही की बात कर रहे थे, तब पूरा देश वही सुन रहा था। फिर अचानक टाइमलाइन #ReservationHatao से भर गई। आरक्षण सामाजिक न्याय का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या उसके ख़िलाफ़ खड़ा किया गया नैरेटिव छात्रों के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का माध्यम बन गया? लोकतंत्र में सबसे ज़रूरी सवाल यह नहीं कि क्या ट्रेंड कर रहा है, बल्कि यह है कि ट्रेंड किसके हित में चलाया जा रहा है। #Reservation #PaperLeak #StudentProtest #Education #IndianPolitics #SocialMedia
Vijender Chauhan41,855 Aufrufe • vor 1 Monat

लोकतंत्र में सवाल पूछना पत्रकार का काम है और जवाब देना सत्ता की ज़िम्मेदारी। लेकिन अगर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री unscripted press conferences से बचते हुए सिर्फ चुनिंदा मंचों, तय सवालों और नियंत्रित माहौल में ही दिखाई दें, तो बहस सिर्फ़ एक नेता की नहीं, लोकतांत्रिक जवाबदेही की भी होती है। लोकतंत्र में सबसे मजबूत नेता वही होता है, जो सबसे कठिन सवालों का सामना कर सके। #Modi #NarendraModi #PressFreedom #MediaFreedom #Journalism #Democracy #Accountability #FreePress #India #Politics
Vijender Chauhan53,389 Aufrufe • vor 2 Monaten

आरक्षण का विरोध करने वाले कहते हैं, "योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते।" लेकिन जब योग्य उम्मीदवार मौजूद हों और फिर भी आरक्षित सीटों को "Not Found Suitable (NFS)" बताकर खाली छोड़ दिया जाए, तो सवाल मेरिट पर नहीं, सिस्टम पर उठता है। क्या NFS प्रतिनिधित्व रोकने का नया संस्थागत हथियार बनता जा रहा है? सवाल पूछना जरूरी है। #Reservation #NFS #SocialJustice #HigherEducation #PhD #Representation
Vijender Chauhan44,423 Aufrufe • vor 2 Monaten

वैसे कुछ स्टूडेंट्स को दो बार समझाने से भी समझ नहीं आता 🙂 #Algorithmbias
Vijender Chauhan92,433 Aufrufe • vor 7 Monaten

NEET UG scam 2024 highlights a deep-rooted issue in our education system. Such scams erode the faith of our youth in the integrity of the system. It’s time for comprehensive reforms to ensure transparency and fairness. #NEETScam #EducationReform #YouthTrust
Vijender Chauhan253,800 Aufrufe • vor 2 Jahren

अमित शाह के अंबेडकर अंबेडकर अंबेडकर प्रलाप में अर्थ से भी ज़्यादा पकड़ने की बात टोन है और कोफ़्त है. सबसे अहम बात है कि बात अब खुलकर सामने आ गई है. चुनाव ब्राह्मणवादी “सात जन्म के स्वर्ग” और अंबेडकर अंबेडकर…की बाइनरी के बीच है- आप चुन लीजिए अब इससे ज़्यादा खुलकर नहीं खेल सकते वो. Dilip Mandal तो चुन चुके आप कब चुनेंगे ?
Vijender Chauhan196,248 Aufrufe • vor 1 Jahr