
Vijender Chauhan
@masijeevi • 77,249 subscribers
Educator, Interviewer, Motivational Speaker, Media Analyst
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आरक्षण गरीबी हटाने की योजना नहीं है, बल्कि उस सामाजिक भेदभाव का जवाब है जो पीढ़ियों से लोगों के अवसर छीनता रहा है। अगर आर्थिक स्थिति सुधर जाने से जाति खत्म हो जाती, तो शायद आरक्षण की बहस भी खत्म हो जाती। सवाल है क्या आज भी समाज किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर देखना बंद कर चुका है? आरक्षण पर राय देने से पहले उसके उद्देश्य को समझना जरूरी है। #Reservation #CasteDiscrimination #SocialJustice #India
Vijender Chauhan346,900 次观看 • 2 个月前

साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT Bombay के शुरुआती बयान ने एक गंभीर सवाल खड़ा किया—जाँच पूरी होने से पहले किसी मृत छात्र की कहानी सार्वजनिक रूप से तय करने की इतनी जल्दी क्यों? जब छात्र खुद जवाब देने के लिए मौजूद नहीं है, तब उसकी गरिमा और सच की जिम्मेदारी किसकी है? #IITBombay #SahilWakade #StudentRights #InstitutionalAccountability
Vijender Chauhan117,772 次观看 • 1 个月前

राष्ट्रवाद को चोट सरकार से सवाल पूछने पर लगती है या जवानों के पास आधुनिक हथियार न होने पर? देशभक्ति का मतलब सत्ता की चुप्पी है या सेना की मजबूती? #NationalSecurity #ModiGovernment #IndianArmy #DefenceModernisation #IndiaChinaBorder #PoliticalAccountability #राष्ट्रवाद #देशभक्ति
Vijender Chauhan23,025 次观看 • 8 天前

जब छात्र सड़कों पर अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हों, तब मीडिया का काम सत्ता से कठिन सवाल पूछना है, न कि सत्ता के लिए सवालों को आसान बनाना। NEET जैसे मुद्दों पर लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर हो, तो कैमरे छात्रों की आवाज दिखाएँगे या सिर्फ़ सरकार का पक्ष? अगर पत्रकारिता सत्ता से सवाल नहीं पूछेगी, तो फिर सवाल कौन पूछेगा? #Journalism #Media #StudentProtest #JantarMantar #NEET #GodiMedia
Vijender Chauhan127,763 次观看 • 3 个月前

गरीबी की परिभाषा भी अजब है। ₹8 लाख कमाने वाला OBC में "क्रीमी लेयर" हो जाता है, लेकिन वही ₹8 लाख EWS में "आर्थिक रूप से कमजोर" कहलाता है। सवाल किसी उम्मीदवार की योग्यता पर नहीं है। सवाल यह है कि अगर IIT, MNC और महंगी कोचिंग तक पहुँच रखने वाले भी EWS हैं, तो फिर असली गरीब कहाँ है? कहीं ऐसा तो नहीं कि हमने गरीबी की परिभाषा इतनी फैला दी कि गरीब ही उसमें गुम हो गया? #EWS #UPSC #SocialJustice
Vijender Chauhan88,814 次观看 • 4 个月前

लोकतंत्र में सवाल पूछना पत्रकार का काम है और जवाब देना सत्ता की ज़िम्मेदारी। लेकिन अगर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री unscripted press conferences से बचते हुए सिर्फ चुनिंदा मंचों, तय सवालों और नियंत्रित माहौल में ही दिखाई दें, तो बहस सिर्फ़ एक नेता की नहीं, लोकतांत्रिक जवाबदेही की भी होती है। लोकतंत्र में सबसे मजबूत नेता वही होता है, जो सबसे कठिन सवालों का सामना कर सके। #Modi #NarendraModi #PressFreedom #MediaFreedom #Journalism #Democracy #Accountability #FreePress #India #Politics
Vijender Chauhan53,431 次观看 • 3 个月前

संविधान सिर्फ संसद, अदालतों और किताबों में नहीं रहता। कभी-कभी उसकी सबसे ताकतवर आवाज उस युवा के गले से निकलती है, जिसके पास न सत्ता है, न मंच — सिर्फ अपने अधिकारों पर भरोसा है। NEET पेपर लीक के विरोध में इरफ़ान का प्रस्तावना पढ़ना सिर्फ़ एक पाठ नहीं था। वह सवाल था— क्या न्याय, समानता और बंधुत्व सचमुच हर नागरिक के लिए हैं? संविधान मनाने की चीज नहीं, जीने और अपने हक के लिए आवाज़ उठाने का दस्तावेज़ है। #Constitution #NEET #StudentProtest #Justice #Equality
Vijender Chauhan43,549 次观看 • 3 个月前