
Mayur Waghela I.N.D.I.A 🇮🇳
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विज्ञापन या सरकारी प्रचार...?? जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा..?? पिछले 11 वर्षों के उपलब्ध सरकारी/RTI आंकड़ों को एक साथ रखिए, तस्वीर काफी बड़ी दिखाई देती है। केंद्र सरकार 2014-15 से 2024-25: सरकारी आंकड़ों के आधार पर विज्ञापनों पर कुल ₹5,987.46 करोड़ खर्च हुए यानी औसतन करीब ₹1.5 करोड़ प्रतिदिन। इसमें प्रिंट, टीवी, रेडियो, डिजिटल और अन्य माध्यम शामिल हैं। फिर 2020-21 से 2025-26 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार से जुड़े विज्ञापनों पर RTI के जरिए सामने आया आंकड़ा है ₹2,586 करोड़। इसमें लगभग ₹796 करोड़ प्रिंट, ₹936 करोड़ टीवी/रेडियो, करीब ₹584 करोड़ आउटडोर और लगभग ₹276 करोड़ डिजिटल, सोशल मीडिया पर बताए गए हैं। यानी ₹2,586 करोड़ को लगभग 2,190 दिनों में बांटें तो करीब ₹1.18 करोड़ प्रतिदिन बैठता है। और राज्यों की तस्वीर..?? उत्तर प्रदेश के 2017-18 से 2024-25 के बजट आंकड़ों के विश्लेषण में ₹6,811.94 करोड़ सूचना एवं जनसंपर्क/प्रचार संबंधी खर्च दर्ज किया गया है,लगभग ₹2.32 करोड़ प्रतिदिन। विभाग का खर्च सरकारी योजनाओं, जन-जागरूकता और अन्य सूचना गतिविधियों पर भी होता है। इसी कुल राशि में ₹5,658.16 करोड़ Advertising & Visual Publicity मद में बताए गए हैं। अब असली सवाल यहीं से शुरू होता है... जनता टैक्स देती है विकास के लिए या सरकारों की ब्रांडिंग के लिए? सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए विज्ञापन जरूरी हो सकते हैं। लेकिन जब हजारों करोड़ रुपये विज्ञापन और प्रचार पर खर्च हों, तो सवाल पूछना भी उतना ही जरूरी है... कितना पैसा जनहित की सूचना पर गया? कितना उपलब्धियों के प्रचार पर? कितना प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री की तस्वीर और राजनीतिक ब्रांडिंग वाले विज्ञापनों पर? किन अखबारों, चैनलों, वेबसाइटों और एजेंसियों को कितना मिला? और सबसे बड़ा सवाल... सरकारी विज्ञापन का पैसा सरकार का नहीं, जनता का पैसा है। इसलिए हर सरकार से एक ही मांग होनी चाहिए..? पूरा खर्च सार्वजनिक करो। माध्यमवार खर्च सार्वजनिक करो। एजेंसीवार भुगतान सार्वजनिक करो। विज्ञापनवार विवरण सार्वजनिक करो। और यह भी बताओ कि किस विज्ञापन का वास्तविक जनहित उद्देश्य क्या था। लोकतंत्र में सरकार का काम जनता तक सूचना पहुंचाना है, जनता के पैसे से अपनी छवि चमकाना नहीं...!! #सरकारीविज्ञापन #जनताकापैसा #PublicMoney #Accountability #RTI #GovernmentAdvertising
Mayur Waghela I.N.D.I.A 🇮🇳15,493 Aufrufe • vor 22 Tagen

यूपी का पुलिसिया- पहले इंसान को मार देगा और फिर ऐसी तैसी भी करेगा-- आखिर सिंह जो लिखा है पीछे... तेरे पर जो दिखाए वो कर लेना... यह तेवर उत्तरप्रदेश के दरोगा के है। मामला लखीमपुर खीरी का है। जहाँ दो दिन पहले पुलिस कस्टडी में युवक की मौत हो गई। इस मामले में मृतक के परिजनों की मांगे थी, जिसे लेकर वह मृतक का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। धौरहरा थाना के दरोगा पीपी सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे जहाँ मृतक के परिजनों को सांत्वना देने की जगह धमकाते नजर आए...!!😧
Mayur Waghela I.N.D.I.A 🇮🇳57,261 Aufrufe • vor 1 Jahr

Ministry of Defence, Government of India लश्कर ए मीडिया...!!😧👇👇
Mayur Waghela I.N.D.I.A 🇮🇳48,904 Aufrufe • vor 1 Jahr
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