
Mausam_meena
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ज़िंदगी को समझना है तो पीछे देखो, और अगर जीना है तो आगे देखो।"🥰🥰
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सूरत में गरबा खेलते डॉ. कल्पना सवानी की खबर हाल ही में वायरल हुई है। नवरात्रि 2026 के पहले दिन (लगभग 12.30-1 बजे रात) सूरत की माथे हॉस्पिटल-हाई रिस्क प्रेग्नेंसी सेंटर की डॉ. कल्पना सवानी (Savani/Sawani) गरबा खेल रही थीं। अस्पताल से बार-बार कॉल आए कि बार्डोली का एक मरीज ICU में बहुत गंभीर हालत में पहुंचा है। उन्होंने बिना देर किए अकेले Rapido बुक किया और गरबा आउटफिट (चणिया-चोली) में ही हॉस्पिटल पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने मरीज को वेंटिलेटर पर रखा, इलाज किया और स्थिति काबू में लाई। समय पर इलाज मिलने से मरीज होश में आया और जल्द ठीक हो गया। डॉ. कल्पना ने इसे “माताजी का सच्चा आशीर्वाद” बताया। Bhaskarenglish उन्होंने बताया कि बचपन से गरबा का शौक था, लेकिन मेडिकल पढ़ाई और व्यस्त शेड्यूल की वजह से 10-12 साल तक नहीं खेल पाईं। अपना हॉस्पिटल शुरू करने के बाद पिछले दो साल से श्याम गरबा में शामिल हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरबा जिम या कार्डियो से बेहतर एक्सरसाइज है क्योंकि इसमें एक-डेढ़ घंटे तक लगातार ताल पर नाचना पड़ता है और मन भी खुश रहता है
Mausam_meena304,808 görüntüleme • 24 gün önce
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#खतना कराने के बाद लोग कहते हैं — “अब आदमी बन गया।” सवाल ये है कि आदमी बनने का ठेका सिर्फ त्वचा के एक टुकड़े पर क्यों छोड़ दिया गया? जो बिना काटे भी इंसान बने रहे, उनका क्या? और जो कटवा के भी इंसान नहीं बन पाए, उनका भी क्या? मजे की बात ये है कि जो लोग सबसे जोर-शोर से “करवाना जरूरी है” कहते हैं, वही अक्सर खुद के चरित्र, व्यवहार और सोच पर सबसे कम ध्यान देते हैं। काटना आसान है। सुधारना मुश्किल। बाकी, जिस चीज का सबूत सिर्फ “काट दिया गया” से दिया जाए, उस “आदमी” की परिभाषा पर भी एक बार सोचना चाहिए।
Mausam_meena155,958 görüntüleme • 13 gün önce
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भोपाल की मनुआभान टेकरी (लालघाटी) एक पर्यटन और मंदिर वाली जगह है जो लंबे समय से कपल्स के लिए एकांत स्पॉट मानी जाती रही है, इसलिए गरबा खत्म होने के बाद युवा जोड़े या ग्रुप प्राइवेसी के लिए रात देर तक वहाँ पहुँचते हैं। सोशल मीडिया और UB24 जैसी स्थानीय रिपोर्ट में रात 3 बजे तक युवक-युवतियों का जमावड़ा, नशे जैसी गतिविधियों और अँधेरे में गलत काम की आशंका जताई गई है तथा जाँच की माँग की गई है। टेकरी का इतिहास भी चिंताजनक रहा है—2019 का नाबालिग रेप-मर्डर कांड और हाल की कपल लूट जैसी घटनाएँ यहाँ हुई हैं—इसलिए सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को लेकर पुलिस की निगरानी जरूरी है, हालांकि हर जोड़े को बिना सबूत के “गलत काम” कहना उचित नहीं।
Mausam_meena88,525 görüntüleme • 21 gün önce

सही कह रही है दीदी पंडिताइन को पटाने के लिए कलेजा चाहिए जो सबके बस का नहीं होता है
Mausam_meena16,886 görüntüleme • 22 gün önce
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