
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल
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Executive Editor NDTV India | Anchor 10pm Kacchari | Writes about Hill States Uttarakhand, Himachal, J&K, NE | Ex- AAJTAK, TIMES NOW, STAR NEWS, INDIA TV |
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एग्जिट पोल और चुनाव नतीजों के शोर में केदारनाथ धाम में "थार" की गड़गड़ाहट कहीं दब ना जाए.. तीर्थों में 'फाइव स्टार स्पिरिचुएलिटी' का नया दरबार सजाए जाने पर ये वीडियो तैयार किया है। उत्तराखंड समेत पूरे देश और विदेश में बसे श्रद्धालु इस विषय पर चिंता जाहिर कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उत्तराखंड सरकार, ब्यूरोक्रेसी और केंद्र सरकार को भी इस बारे में फौरी कदम उठाने चाहिए वरना सनातन धर्म के शास्त्रों में दैवीय शक्तियों के स्थान विशेष को त्याग देने की सैंकड़ों कथाएं भरी पड़ी है। *विकास के खिलाफ कोई नहीं है... लेकिन फिलहाल तस्वीर हादसों को न्योता देती ऊपजाऊ जमीन के रुप में विकसित होती ज्यादा दिख रही है। #TharInKedarnath #Uttarakhand
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल504,529 次观看 • 2 年前

जोशीमठ के जिस घर में सबसे पहले दरार आयी वो सकलानी परिवार है। सकलानी जी से जब पूछा कि आपने स्वीकार कर लिया है कि घर अब छोड़ना ही पड़ेगा…. तो सिर्फ़ एक लाइन बोल पाये कि तीनों बेटियों को इसी घर से विदा किया है… और फिर रुँधे गले से आँखें पोछते हुए बाहर चले गये। #JoshimathIsSinking
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल308,500 次观看 • 3 年前

केदारनाथ धाम में बाबा के दर्शन कराने वाले चॉपर्स को मैं “उड़ता ताबूत” या “हवा में कॉफिन” जैसे शब्दों से कभी संबोधित नहीं करूँगी क्योंकि मैंने 80 साल की एक बुजुर्ग महिला (लास्ट स्टेज कैंसर पीड़ित) को “हेली सेवा” से बाबा के दर्शन की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए देखा है, लेकिन सवाल यहाँ पर “सेफ्टी” और मुनाफाखोरी के चक्कर में होने वाली लापरवाही का है। एक डिटेल रिपोर्ट News Beatz पर पब्लिश हुई है जिसका कुछ हिस्सा यहाँ देखिए और ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करिए ताकि ज़रूरी सवाल और तथ्य पीछे ना छूट जाएँ। #KedarnathHelicopterCrash
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल107,001 次观看 • 1 年前

दो दिन पहले हिमाचल प्रदेश के मनाली की तबाही और जम्मू वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर आई आपदा की तस्वीरें देखने के बाद ये वीडियो बनाया था.. और आज सुबह की शुरुआत ही उत्तराखंड में बीती रात बरपे कहर के साथ हुई। टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में बादल फटे और तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही है कि हिमालय को किस कदर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, ओवर टूरिज्म और प्रकृति के दोहन ने छलनी कर दिया है। सवाल आज भी वही है। हिमालयी राज्यों का संकट सिर्फ पहाड़ियों का नहीं है.. पूरे देश का है। जिस राज्य के लोग पेड़ कटने के लिए लड़ गए थे.. पेड़ों से चिपक गए थे। जहां हर विशाल वृक्ष के नीचे कोई ना कोई 'स्थान देवता' प्रतिष्ठित है। जहां अभी तक भी नई दुल्हन को सबसे पहले पानी के सोते पर ले जाकर कलश पूजा की परंपरा है... और नदी के ऊपर से गुजरने से पहले प्रार्थना करके सिक्का डालने की रीत रही है कि 'हे नदी स्वरुप प्रकृति, आदिशक्ति आपको लांघ रहे हैं, अनुमति दो.. आशीर्वाद दो'... जिस देवभूमि में जंगलों को पार करने से पहले वनदेवियों से रक्षा मांगी जाती है... उसी देवभूमि में प्रकृति के साथ जीने की शैली बर्बाद कर दी गई है। और किसलिए..? सिर्फ और सिर्फ अंधे व्यापार और तीर्थाटन को बेचकर पैसा कमाने के नाम पर। शर्मनाक, अफसोसनाक और नुकसान के बाद भी ना सीखने की हनक। #Uttarakhand #manaliFlood2025 #SaveHimalaya
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल32,207 次观看 • 11 个月前

जिस बात की आशंका मैंने केदारनाथ में महिंद्रा थार उतारे जाने को लेकर पिछले वीडियो में जताई थी वो बीते दिन सच हो गई। कल ये वीडियो चैनल पर पोस्ट किया था.. किसी के भक्तिभाव या दर्शनअभिलाषा या श्रद्धा पर सवाल नहीं, धाम की आत्मा को बचाए रखने के लिए धाम में आने वाले लोगों की संख्या सीमीत करना, यात्रियों के लिए व्यवस्था और वीआईपी कल्चर से होने वाली दिक्कतों के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरुरत है। और इस योजना और नीति के केंद्र में सिर्फ और सिर्फ 'हिमालय' होना चाहिए।
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल52,468 次观看 • 2 年前

बीते 6 घंटे में 3 बार पथराव, लाठीचार्ज, गिरफ़्तारियाँ। उत्तराखंड में बेचैनी चरम पर है। युवाओं की ये निराशा, चीख और उग्र रूप एक दिन में नहीं उभरा है। पलायन से पीड़ित राज्य में सरकारी नौकरी ही आम आदमी की एकमात्र सेफ भविष्य की उम्मीद होती है जिसे नक़लमाफिया ने ध्वस्त कर दिया है।
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल70,442 次观看 • 3 年前

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक इंटरव्यू में कहा “आज बांग्लादेश बनाकर इंदिरा गांधी ने जो भूल की है, उसका खामियाजा बिहारी कैसे भोग रहा है, यह सभी को पता है” तो बिहार चुनाव के मौसम में इंदिरा गांधी को कठघरे में खड़ा किया जा रहा। सवाल है ऐसा क्यों ? और इंदिरा गांधी को आज के चुनावी परिदृश्य में लाने का क्या वाकई ज़मीन पर कोई राजनीतिक फ़ायदा मिल सकता है ? News Beatz पर देखिए ये दिलचस्प वीडियो- कंटेंट पसंद आए तो चैनल सब्सक्राइब करना और वीडियो शेयर करना ना भूलें।
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल23,381 次观看 • 1 年前

महाराष्ट्र की राजनीति में राज ठाकरे फिर जिस तरह से सुर्खियों में है, सवाल उठता है कि क्या वो अभी भी प्रासंगिक हैं, या फिर वो मोहरा हैं ? उनके पास एक विधायक नहीं है, बेटे को भी चुनाव नहीं जितवा पाए, उनकी पार्टी MNS की मान्यता और चुनाव निशान तक पर संकट मंडरा रहा है… तो फिर ऐसा क्यों है कि उनके भाषण, बयान और वो ख़ुद राजनीतिक टीका-टिप्पणियों के केंद्र में बने हुए हैं ? News Beatz पर डिटेल वीडियो देखें। फीडबैक का स्वागत है लेकिन सिर्फ़ एक अंश देख कर नहीं, पूरा वीडियो देखकर टिप्पणी दें— #RajThackeray #MaharashtraPolitics #UddhavThackeray
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल14,488 次观看 • 1 年前

#UKSSSCPaperLeak एक गंभीर मामला है लेकिन युवाओं के रोज़गार के अधिकार की रक्षा करने के बजाए उन्हें बदनाम करने के जो हथकंडे सोशल मीडिया पर दिखें, उससे सावधान रहें। और इन सवालों को ना भूलें। कल को आपके बच्चों के साथ भी हो सकता है। Full Story On News Beatz -
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल12,082 次观看 • 10 个月前

महाकुंभ मेला समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मेरी कोशिश थी कि इस विषय पर उन लोगों से बात हो जो वहां जरुरी समय बिताकर आए। इस सीरीज में देश के सुप्रसिद्ध फोटोग्राफर बंदीप सिंह जी से बात की। उन्होंने नागा साधुओं के साथ एक महीने का समय बिताया और अब एक फोटो एग्जिबिशन.. "भस्मांग" दिल्ली के त्रावनकोर सभागार में 24 फरवरी से प्रदर्शित की जाएगी। आप सब जरुर जाएं.. हर तस्वीर के पीछे एक कहानी है। और बंदीप जी के पास वो दृष्टि है, जिसने नागा बाबाओं की संभवत अब तक की सबसे गहरी छवि पकड़ी है। यकीन ना हो तो वन इंडिया हिंदी और News Beatz के कोलेबोरेशन का ये वीडियो देखिए। धर्म, अध्यात्म और ज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए ये Must Watch संवाद है। पूरी बातचीत देखें यहां--
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल14,933 次观看 • 1 年前

उत्तराखंड की बड़ी पहचानों में से एक और पहाड़ी राज्य की संस्कृति, भाषा और आत्मा को लगातार अपनी कला और साहित्य से सींचने वाले 'गढ़रत्न' नरेंद्र सिंह नेगी ने जीवन के 75वें वर्ष में प्रवेश किया और इसी के साथ उनके लेखन के 50 वर्ष भी पूरे हुए हैं। नरेंद्र सिंह नेगी के लेखन के इन 50 वर्षों में 101 विशेष गीतों को चुनकर साहित्यकार ललित मोहन रयाल ने किताब लिखी है। उत्तराखण्ड और भारत के कंधे पर इस कलाकार का ऋण है जो अभी तक चुकाया नहीं जा सका है, लौटाया नहीं जा सका है। नेगी जी का क़द अब वो है कि पद्म पुरस्कार भी उनके नाम के साथ जुड़कर ख़ुद को सम्मानित महसूस करेगा। लेकिन ये तो पूछा ही जाएगा कि क्या सरकारों के दिल इतने छोटे हो गये हैं कि 50 सालों से अनवरत “लोक” और देवभूमि में अपनी कला की संजीवनी फूंक रहे कलाकार को नज़रअन्दाज़ किया जाता रहा। ख़ैर, नेगी जी को सुनने वाले उन्हें हमेशा सेलिब्रेट करेंगे (with or without Padma award)। इस अवसर पर किताब के लेखक ललित मोहन रयाल जी और सीनियर जर्नलिस्ट संजीव कंडवाल के साथ एक लंबी बातचीत News Beatz के लिए रिकॉर्ड की। उसका एक अंश यहाँ देखें। पूरी बात चैनल पर 👉
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल17,649 次观看 • 1 年前

श्रीराम को पर्दे पर साकार करने के लिए पहले एक यात्रा अपने भीतर करनी पड़ी होगी..यूंही रामायण नहीं बन जाया करती। #आदिपुरुष में ईश्वरीय तत्वों के विकृत रुप पर रामानंद सागर जी के बेटे और निर्देशक मोती सागर जी के साथ एक लंबा इंटरव्यू किया है। आंखे खोल देने वाले इस इंटरव्यू को देखिएगा।
Meenakshi Kandwal मीनाक्षी कंडवाल23,403 次观看 • 3 年前
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