
T.N.Mishra
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⚔शठे शाठ्यम समाचरेत ⚔ शम्भू 🙏 जय सिया राम🚩
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ये हैं संविधान के रक्षक द ग्रेट चमार लोग। इनकी हरकते देखो और सोचो जब ये अध्यापकों को गाली बक रहे हैं तो ये यूनिवर्सिटी कैंपस में UGC एक्ट का किस तरह दुरुपयोग कर सकते हैं। २६ जनवरी के दिन किसी स्कूल के बच्चे तिरंगा रैली निकाल रहे थे तो ये चमार लोग जबरन भीम का झंडा घुसेड़ रहे थे। अध्यापकों ने आपत्ति जताई और कहा आज भीम जयंती नहीं २६ जनवरी है। तो ये गाली गलौज और मारपीट पर उतर आए। बाकी वीडियो में स्वतः देख लो।
T.N.Mishra110,268 просмотров • 6 месяцев назад
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टीना कोतवाल और लालटेनी भारती आपस मे लडकियों पर गंभीर चर्चा करते हुये । सुबह-सुबह आत्मा तृप्त कर लो 😂
T.N.Mishra189,721 просмотров • 1 год назад

आज अम्बेडकरवा जिंदा होता तो हिंद की इस बेटी लेफ्टिनेंट कर्नल "सोफिया कुरैशी"🫡 की बातें सुनकर बहुत ही ईर्ष्या करता । कारण जान लिजिए 👇 अम्बेडकर:- Indian Muslim Can't be loyal to India. सोफिया कुरैशी :- हमारी दादी जी वीरांगना लक्ष्मी बाई के साथ युद्ध लडीं। हमारे दादा जी यजुर्वेद की एक सूक्ति - "वयं राष्ट्रम जागृयाम पुरोहिता:" बार बार दोहराते थे । जिससे हमे प्रेरणा मिली। हिंदू मान्यताओं और मुसलमानो के प्रति नफरत भरे लेख लिखने वाला अम्बेडकर ये सब बर्दाश्त कर पाता ? अब आप तय कीजिए अम्बेडकर को महान बताना उचित है या सोफिया कुरैशी जी को? मेरी नजर मे तो "सोफिया कुरैशी 🇮🇳🫡" ही महान है । जय हिंद जय भारत 🙏
T.N.Mishra185,211 просмотров • 1 год назад

भीमराव सकपाल ड्राफ्टिंग कमेटी का चेयरमैंन नहीं था !🚨! 🔹क्योंकि संविधान सभा में "ड्राफ्टिंग कमेटी" थी ही नहीं बल्कि .... 🔹"प्रारूप संविधान की समीक्षा" करने वाली कमेटी थी। 🔹संविधान का सारा ड्राफ्ट "Sir B N Rau" साहब ने ही बनाए इसमें अंबेडकर/सकपाल का कोई योगदान नहीं था । 🔹संविधान का ड्राफ्ट बनाना सकपाल की औकात के बाहर था। 🔹प्रारूप समीक्षा कमेटी में सकपाल व अन्य माननीयों का काम केवल समीक्षा कर सुझाव प्रस्तुत करना था। अर्थात संविधान निर्माता Sir B N Rau साहब के परिश्रम को सकपाल के नाम थोप कर प्रचारित कर Sir B N Rau साहब के साथ अन्याय किया गया।
T.N.Mishra49,977 просмотров • 6 месяцев назад

सुनो गोल्डी यादव: ये वीडियो अपलोड नहीं करना चाहता था पुरानी है और इसपर कार्रवाई भी हो चुकी है। फिर भी जब उल्टा चोर कोतवाल को डांटे यह कहावत चरितार्थ करने लगे तुम तो अपलोड कर तुम अहीरों का चाल चरित्र दिखाना जरूरी समझा। किसी ब्राह्मण ने अहीर समाज के प्रति ऐसी जंगली मानसिकता का प्रदर्शन आज तक नहीं किया। मगर तुम लोग मानते नहीं अपने व्यवहार से आपनी जातीयता प्रदर्शित कर ही देते हो। फिर कहते हो लोग गाली देते हैं। और Khesari Lal Yadav (खेसारी) जी को टैग कर उन्हें खरी खोटी सुनाते हो। हिप्पोक्रेसी की भी सीमा होती है।
T.N.Mishra54,106 просмотров • 8 месяцев назад

सबसे अगर लतीहड़ कौम है तो वो है पासी! -: भीमकथा वाचक भीमकथा वाचक कह रहा है : दिल्ली जाता हूं तो हमारे चमार भाई जहां तक बसे हैं वहां तक तो बहुत अच्छी साफ़ सफाई है। जहां से हमारे पासी भाई के मकान है वहां से देख लो पता नहीं कैसे आंगन में बैठ कर खाना खा लेते हैं। इनके लड़कों के जब बियाह बारात वाले आते होंगे तो न जाने कैसे इन्हीं की तरह वो भी मइला कुचैला बने होते हैं। भीम कथा वाचक के उपरोक्त बयानों की मैं घोर निंदा और भर्त्सना करता हूं। भीम कथा-वाचन के मंच से किसी समुदाय को गाली देना इनकी आदत है हमेशा से ब्राह्मण समाज को टारगेट करते आए हैं आज सफ़ाई–गंदगी के नाम पर पासी समाज पर तंज कस रहे हैं —ये कथा नहीं , खुला जातिवाद है। भीमकथा वाचन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। यही बात कोई गैर Sc बोला होता तो आज Sc St act में जेल में सड रहा होता ।
T.N.Mishra41,892 просмотров • 6 месяцев назад

तुम्हारे बाबा साहब को हम नहीं मानते । -: खटीक समाज अम्बेडकर सिर्फ़ चमार समाज तक सीमित हैं यह आज सत्यापित भी हो गया। इसलिए मोदी और योगी अब अम्बेडकर को समस्त समाज पर थोपना बंद कर दें क्योंकि समस्त समाज अब अम्बेडकर के विरुद्ध मुखर हो रहा है। और चमार समाज को भी चहिए की अपने अम्बेडकर को दूसरे समाज पर ना थोपे ताकि अम्बेडकर की इज्जत और समाज भाईचारा बना रहे।
T.N.Mishra52,942 просмотров • 9 месяцев назад

UGC रेगुलेशन 2026 के नीले झंडाबरदारों तुम्हारे लिए आईना लाया हूं! इस डोम समाज की बच्ची के साथ विद्यालय में जातीय भेदभाव करने वाला अध्यापक कोई ठाकुर बाभन बनिया नहीं "द ग्रेट चमार" जाती का विजेन्दरवा है। लेकिन जब अपराधी तुम्हारे अपने खेमे का निकलता है, तब तुम्हारी आवाज़ गले में अटक जाती है, तब तुम्हारा संविधान, तुम्हारा सामाजिक न्याय, तुम्हारी नैतिकता सब अचानक लकवाग्रस्त हो जाती है। कितने निर्लज्जता से ऑन कैमरा कहते हो सवर्णों को फंसाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया तो न्यायाधीश जी को ही ब्राह्मणवादी बता कर उन्हें आक्षेप के कटघरे में खड़ा कर दिए। यह कानून पूर्णतः पक्षपाती है अपराधी मानसिकता के बड़ी आबादी के लिए सुरक्षा कवच तो न्यायिक विचार के सवर्णों को जन्मसिद्ध अपराधी घोषित करती है। इसलिए १ फरवरी को भारत बंद का आवाहन किया जा रहा है । 👇 #Feb1BharatBandAgainstUGC
T.N.Mishra31,524 просмотров • 6 месяцев назад