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@movohra • 11,356 subscribers
जो करे इनको जुदा मज़हब नहीं इल्ज़ाम है। I was, am and always will be a student… the day I stop learning is the day I die
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पेलेट गन चली, इसका हवाला रिपोर्ट्स दे रही हैं। पहले जितेन्द्र सिंह ने सदन में डिनाई किया, फिर इस सरकार ने माना चली, और अब ये फिर से डिनायल करेंगे टीवी पर बैठकर और झूठ बोलेंगे। जिसका आँख गया, जिस लड़की का कान गया, जो एक लड़की वेंटिलेटर पे पहुँची, वो किसके चलते पहुँची? सारा देश आपसे पूछ रहा है और 30 सेकंड में उसका जवाब मिल सकता है। क्या पेलेट गन आपके आदेश से चली? अगर वो हाँ कहते हैं, तो वो दोषी हैं, उन्होंने बर्बरता की युवाओं के साथ, उनको रिज़ाइन करना चाहिए। अगर वो कहते हैं नहीं, मेरे आदेश से नहीं चली, तो पेलेट गन किसके आदेश से चली? अगर इस देश का गृह मंत्री जानता ही नहीं है, तो वो बिल्कुल विफल है, ही इज़ इनकॉम्पिटेंट टू बी द होम मिनिस्टर (He is incompetent to be the Home Minister)। दोनों सूरतों में वो उस पोजीशन पर बने रहने लायक ही नहीं हैं। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Supriya Shrinate 🔥
M G114,683 views • 4 days ago

मैं आपको पहले गुजरात का बता देता हूं। इस बार हमें 25 हजार वोट मिले हैं और भाजपा को सिर्फ 55 हजार वोट मिले हैं। हमारे वोट 6 हजार बढ़े हैं और उनके वोट 67 या 68 हजार घटे हैं। अब आप अंदाजा लगा लीजिए, तो हम बढ़ रहे हैं वो घट रहे हैं गुजरात में। दूसरी आपने बिहार की बात करी। भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक संघर्ष का और जेएनयू आंदोलन के बाद की ये पहला उपचुनाव था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी बुरी तरीके से नाकामयाब हुई है। इनका जो राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपनी सीट और अपना बूथ हार जाता है। तो आपको समझ में आना चाहिए कि जो इन्होंने नीतीश कुमार के नाम पर जनता से धोखाधड़ी की, और सम्राट चौधरी को बता दिया, जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को तो ये अपहरण करके ले गए, लेकिन जनता दल यूनाइटेड के वर्कर ने बता दिया इनको कि ये लोग कहां पर हैं। औकात दिखा दी। इसके बाद आप आ जाइए दतिया में। पूरी की पूरी भारतीय जनता पार्टी का मंत्रिमंडल, उनके मुख्यमंत्री, उनके 25 कैबिनेट मिनिस्टर, और पैसा उन लोगों ने पानी की तरीके से बहाया, और एक तीसरे उम्मीदवार को भी खड़ा किया, जो आजाद समाज पार्टी से था, उसको पूरी तरीके से फंड किया। लेकिन उसके बाद भी घनश्याम सिंह जी वहां से चुनाव जीते और चुनाव जीत कर के भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश की सरकार के मुंह पर करारा तमाचा मारा। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G65,504 views • 13 days ago

NTA की कौन सी कंपनी है, ऑर्गनाइजेशन है जो पूरी सिक्योरिटी को देखती है? TCS को हटाके इनोवेटिव व्यू को दिया गया। वो विनीत जोशी के नजदीकियो की कंपनी थी। इसीलिए कल विनीत जोशी नप गए। आप लोग केवल मोदी नामा पढ़ने के लिए एंकर बने हैं क्या? NTA में लोगों का चयन किसने किया? पाकिस्तान ने किया क्या? NTA में सारे RSS, BJP के लोग किसने भरे? कांग्रेस ने भरे क्या? CBI की जांच जो 2024 में हुई उसमें 90 दिन तक चार्जशीट फाइल नहीं हुई, उसमें नेपाल ने रोका था क्या? ये सिस्टम क्या अमेरिका चला रहा है क्या? 100 से ज्यादा बच्चे हॉस्पिटल में पड़े हैं आप लोगों को शर्म नहीं आती। 22 बच्चे सुसाइड कर गए। 2024 में CBI का डायरेक्टर यही धर्मेंद्र प्रधान था... कितने लोगों को सजा मिली? जो 2024 में कानून बना वो 25 में लागू क्यों हुआ? कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma जी
M G96,068 views • 23 days ago

झारखंड में बिहार और वेस्ट बंगाल से बच्चे ट्रकों में भर-भर के लाए गए। साफ़ कह रहे हैं ये लोग हम बीजेपी के कहने पे आए हैं। छात्र कह रहे हैं कि कुछ असामाजिक तत्व हमारे आंदोलन में घुस गए हैं। और हम इनको आइडेंटिफाई कर रहे हैं। और ये जो असामाजिक तत्व घुसे हैं ये बीजेपी और आरएसएस के गुंडे हैं। छात्र अपील कर रहे हैं कि हमारे पास इतना भोजन आ गया है कि अब आप लोग ऑनलाइन और ज़्यादा मत कीजिए। एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस ने वहाँ पर लंगर लगाया। सीबीआई का कितना गंदा ट्रैक रिकॉर्ड है वो आपने भी देखा हमने भी देखा। जब सीआईडी वहाँ पर अच्छा काम कर रही है, सीबीआई क्योंकि केंद्र की एजेंसी है। इसमें जो आजसू के जो नेता थे जो बीजेपी के अलायंस पार्टनर हैं वहाँ पर, उसके बेटे का क्या रोल है उसको बचाने के लिए चाहते हैं बीजेपी वाले कि सीबीआई की जाँच हो जाए। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma जी
M G17,652 views • 6 days ago

मोहन भागवत जी के लिए एक शेर है कि- 'इकबाल बड़ा मनमोहक है, मन बातों से मोह लेता है। गुफ्तार का गाज़ी बन तो गया, किरदार का गाज़ी बन न सका।' ये सब गुफ्तार के गाज़ी हैं। ये लोग बातचीत में ही सिर्फ बतोले फोड़ा करते हैं। अगर बातचीत में ये लोग बतोले नहीं फोड़ते हैं, तो आज की डेट में अमित शाह जी से माफी क्यों नहीं मंगवा देते? क्यों भगोड़े हो रहे हैं अमित शाह जी संसद के? क्यों भगोड़े हो रहे हैं नरेंद्र मोदी जी संसद के? अरे अभिनंदन का काम किया है तो संसद में अभिनंदन करा दो। पेलेट गन चलवाना अभिनंदन का काम है? लाठी चलवाना अभिनंदन का काम है? पुलिस के साथ सादी वर्दी में पता नहीं कौन आतंकवादी थे, गुंडे थे, संघ के कार्यकर्ता थे, या बजरंग दल के कार्यकर्ता थे, जिन्होंने छात्रों को लाठी-लाठी मार करके गिरा दिया? जिन्होंने महिलाओं के, बच्चियों के कपड़े फाड़ दिए, जिन्होंने छोटी-छोटी बच्चियों के पीछे लाठी... क्या-क्या मतलब मैं कह नहीं पा रहा हूं क्या दुस्साहस किया उन लोगों ने। आंदोलन संवाद का माध्यम है, ये मोहन भागवत जी कह रहे हैं। लेकिन आंदोलन का अपमान कौन कर रहा है? आंदोलन का अपमान कर रही है भारतीय जनता पार्टी। बकायदा वीडियो कॉल पर बात की है। उनकी मांगों को समर्थन दिया है। और हेमंत सोरेन जी ने चार कैबिनेट मिनिस्टर की सदस्यीय समिति बना दी है। 11 सदस्यीय समिति छात्रों की बन गई है। हमने छात्रों से पूछा है कि बताइए, आपके धरना स्थल पर आकर के बात करनी है, कि आप कहां आएंगे, या आप न्यूट्रल जगह पर आएंगे? छात्रों ने कहा है कि हमें एक दिन का समय दीजिए। हम एक दिन के समय में आपको बताते हैं। बॉल छात्रों के कोर्ट में है। तो सारी की सारी बातें छात्रों के साथ संवाद चल रहा है। आप, आप बताइए कि जब यहां पर धरना, आमरण अनशन शुरू हुआ था, आमरण अनशन से पहले से लेकर के और 20 दिन तक, क्या एक भी बार भी छात्रों के साथ नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने संवाद किया क्या? जब आमरण अनशन के 20 दिन हो गए तब भी संवाद किया क्या? ये असंवेदनशील सरकार है। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G21,915 views • 9 days ago

*दारू मुर्गा खाओगे....500 में बिक जाओगे, तो ऐसा हीं रोड पाओगेl 😆 😆 सभी मतदातांओ को समर्पितl 🙏💐*
M G1,143,232 views • 2 years ago

'सबका साथ और सबका विनाश, ना पढूँगा और ना किसी को पढ़ने दूँगा'— ये मोदी जी के नारे हो गए हैं आज। 2024 का जब NEET का एग्जाम हुआ, अंजना जी के साथ तमाम शो किए, मैं पेटीशनर था सुप्रीम कोर्ट में। सरेआम पेपर आउट हुआ, सरेआम एग्जाम सेंटर्स जो बीजेपी वालों के थे, वो हाइजैक हुए। वही एपीसेंटर उस समय पर थे— बहादुरगढ़ हो, सीकर हो, तमाम जगह, झज्जर हो। वही NTA का चेयरमैन 2024 में था और वही NTA का चेयरमैन आज भी बैठा हुआ है। किसकी परमिशन से बैठा हुआ है? वो धर्मेंद्र प्रधान एक शब्द नहीं बोलता है, वही 2024 में मंत्री था, वही आज मंत्री है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन पहले लताड़ लगाई इनको कि 7 मेंबर की कमिटी हमने बना कर दी थी, आपने एक भी रिकमेंडेशन उसकी क्यों नहीं माँगी? आज राजनीति नहीं होनी चाहिए? क्योंकि फँस के खड़े हो गए हैं। अरे, माफ़िया पूरे गिरोह भाजपा के और RSS के लोग हैं। तमाम लोग हैं इसीलिए जाँच नहीं होती है। 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल नहीं हुई इनसे। आज एक काम होता है, NEET का पेपर हुआ नहीं, उसके बाद CBSE का हो गया, फिर वो UG वाला हो गया, फिर तीसरा हो गया, फिर SSC का हो गया। कारण क्या है कि एजुकेशन सिस्टम को इन्होंने पूरी तरह से जो इनएफिशिएंट लोग हैं, नॉन-कैपेबल लोग हैं— केवल RSS और बीजेपी की बैकिंग होनी चाहिए, अंधभक्त होने चाहिए— और कोई सवाल उठाए तो उसको पाकिस्तानी कह दो, उसको देशद्रोही कह दो, उसको जॉर्ज सोरोस का एजेंट कह दो, उसको डीप स्टेट कह दो। अरे, तुमसे वेबसाइट हैक हो रही हैं, पेमेंट के मॉडल नहीं खुल रहे हैं, CBSE जैसी संस्थान का भट्टा बैठा दिया। UPSC में एक चेयरमैन आए थे। 1 साल पहले 15 दिन में रिज़ाइन देकर भाग गए। SSC हो, UPSC हो, सबका पूरा इन्होंने पूरी तरह से बेड़ा गर्क कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान को क्यों नहीं हटाते? NTA के ऊपर बुलडोज़र कब चलेगा? किसी के ऊपर भी बुलडोज़र चल जाता है, NTA की बिल्डिंग के ऊपर आज तक बुलडोज़र क्यों नहीं चला? मैं फिर कहूँगा कि आज जो मुद्दा है, वो पूरी तरह से शिक्षा को जिस तरह से पहले भगवाकरण किया और आज भाजपा और RSS के इन इनकैपेबल लोगों को पूरी तरह से सरेंडर कर दिया। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma जी 🔥
M G62,284 views • 2 months ago

*⬆️गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता और गुजरात राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री* *"श्री शंकरसिंह जी वाघेला" ने खुद कैमरे पर स्विकार किया कि गोधरा और गुजरात के दंगों में भाजपा शामिल थी, और गोधरा के ट्रेन कोच को बाहर से गरीब गुजराती मुसलमानों ने नहीं बल्कि कोच के भीतर से संघी बीजेपी के लोगों ने जलाया था क्योंकि वे हिंदू मुस्लिम दंगे कराना चाहते थे और इसके बिना बीजेपी गुजरात में सत्ता में नहीं आ सकती थी.* 😢😢🥵🥵🥵 इतिहास गवाह हैं सत्ता के लिये कुछ भी कर सकता है
M G609,537 views • 3 years ago

ये वाला VDO मस्त है सॉरी सर अन्फॉर्चूनेटली टेलीप्रोम्प्टर भी नहीं होगा 🤣🤣
M G385,272 views • 2 years ago

भारत का स्टैंड दुनिया में कुछ है ही नहीं, न बाएँ है न दाएँ है भारत का स्टैंड तो यह आ रहा है कि जब नरेंद्र मोदी इज़राइल गए, उसके 2 दिन बाद इज़राइल ने ईरान पर हमला कर दिया। भारत के स्टैंड पर यह शर्मनाक स्थिति आ रही है कि हमारा ख़ुफ़िया तंत्र और विदेश नीति बर्बाद हो गई। नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा यह साबित कर रही है कि प्रधानमंत्री बेसुध हैं। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G93,057 views • 5 months ago

मैं अन्ना आंदोलन के टाइम हिंदुस्तान में नहीं था। मैं (Cannes festival) देखने के लिए गया था। वहाँ पर अन्ना का मोबाइल पे फ़ोन आया। तब उनका दिल्ली वाला जो अनशन था, तो वो ख़त्म हुआ था। और अन्ना, रेहान के हॉस्पिटल से मेधा पाटकर की मदद लेकर भाग गए थे और रालेगण पहुँचे थे। क्योंकि केजरीवाल चाहते थे वो शहीद हो जाएँ यहीं पे। और अन्ना डर गए थे। तो उन्होंने ये सोचकर मुझे बुलाया कि उनको कोर कमेटी को भंग करना है। अन्ना का प्रॉब्लम क्या था? कि धन का बरसात हो रही थी इनके ऊपर, केजरीवाल, अन्ना इन लोगों पे, देश की। आरएसएस को पॉलिटिकल पावर से मतलब था। इनके एनजीओस (NGOs) थे, केजरीवाल और बेदी मैडम के, तो वो एनजीओस के एफसीआरए (FCRA) थे। कांग्रेस चाहती तो देशद्रोह के मुक़दमे लगा सकती थी, लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया ये। शीला दीक्षित जैसी बेहतरीन मुख्यमंत्री दिल्ली को नहीं मिली आज तक। ये स्थिति थी, कांग्रेस इतना दुर्बल हो चुकी थी कि शीला जी जैसी मुख्यमंत्री होने के बाद यहाँ एफआईआर नहीं लेते थे अरविंद के ख़िलाफ़? तो यानी सरकारी अधिकारी अंदर से संघी ही थे, जो अभी तो पूरी ओपनली काम कर रहे हैं, दिल्ली पुलिस जिस तरह से, वैसे वो उस टाइम भी कर रही थी, आरएसएस की हुकुम वही सर-आँखों पे थी। लेकिन इससे मैं पहले जानता नहीं था ये सब। जब मैं वापस आया और अन्ना के पास गया, तो अन्ना से बात की। तो अन्ना को अपॉर्चुनिज्म (opportunism) ज़्यादा इम्पोर्टेंट था, उसमें पैसे दिख रहे थे अन्ना को शायद, कि बटवारा ठीक से नहीं हो रहा था, केजरीवाल की तरफ़ से। क्योंकि 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम की, जैसे आरएसएस है वही स्ट्रेटेजी थी केजरीवाल की। 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम की कोई संस्था ही नहीं थी कागज़ पे। वरिष्ठ पत्रकार Raju Parulekar जी
M G51,368 views • 2 months ago

वॉर रुकवा दी पोपा अगर आप ने वरुण 🇮🇳 को नहीं सुना तो फिर क्या सुना 🤣🤣👍👍👍
M G276,387 views • 2 years ago

सवाल उठाए गए हैं। और वो गृह मंत्री का ही मुद्दा है, वो गृह मंत्री का ही विभाग है। और सवाल सीधे उन्हीं से पूछे जाएंगे। लेकिन आज बहुत ही कमजोर गृह मंत्री देश को मिले हैं। वैसे तो अपने आप को चाणक्य कहते हैं लेकिन संसद को वो फेस नहीं कर पा रहे हैं। अपने विभाग से जुड़े हुए तमाम इश्यूज के ऊपर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर पा रहे हैं वो। 20 तारीख से आज 29 तारीख हो गई, लगभग 10 दिन हो गए आज। 10 दिन तक गृह मंत्रालय की तरफ से किसी मुद्दे पर कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है। वैसे तो वो प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी साहब तो कभी करते ही नहीं हैं। गृह मंत्री साहब एक बार आके प्रेस कॉन्फ्रेंस करते। इनकी पुलिस बार-बार टाइम मांगती है, झूठ बोलते हैं। जिस व्यक्ति ने अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा की तरफ से किया उसने भी झूठ बोले। उसने कहा कि AK-47 से कोई गोली नहीं चली और तमाम मीडिया चैनल्स के स्क्रीन पर चला। फिर उस चलाने वाले को सस्पेंड कर दिया गया, उस पर इंक्वायरी बैठा दी गई, एसपी डीएम ने मान लिया। पैलेट गन भी चला। जब तक वो बच्चा राहुल गांधी जी के साथ आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं खड़ा हुआ, जिसकी आंख चली गई, जिसके ऊपर तमाम छर्रे लगे हुए थे, तब तक भाजपा डिनाई करती रही। तो डिनाई और डाइवर्ट तो इनका पुराना मुद्दा है ना। मुद्दे की बात ये है कि आज तक गृह मंत्री महोदय ने 10 दिन में एक बार भी जवाब क्यों नहीं दिया? जिस दिन 20 तारीख को ये पूरा हंगामा हुआ उस दिन तो प्रधानमंत्री किरण रिजिजू जी के साथ बड़े ठहाके लगा रहे थे संसद परिसर के अंदर ही। उसके बाद आज तक उनकी कोई जवाबदेही नहीं है। मतलब झालमुड़ी और मेलोडी के ऊपर तो बात कर सकते हैं लेकिन वो बच्चों के ऊपर इतना बुरा लाठी चार्ज हुआ उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं। पूरे हिंदुस्तान के मीडिया ने, विश्व के मीडिया ने दिखाया किस तरह से एक बच्ची के पीछे एक एसएचओ डंडा पूरी तरह से कैसे वो गुप्तांगों के अंदर चलाने का प्रयास कर रहा है। क्या पूरे देश ने नहीं देखा? क्या कपड़े फाड़ने की घटना पूरे देश ने नहीं देखी? एक नहीं तमाम लड़कियों ने बयान नहीं दिए? लेकिन बेशर्मी की हद है। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma जी 👍🏽
M G11,326 views • 18 days ago

पिछले डेढ़ साल से जब ईरान के ऊपर पहले इज़राइल ने अटैक किया था, उसी समय से चीन ने अंदाज़ा लगा लिया था, 9 महीने का अपना ऑइल रिज़र्व कर लिया है। ये सिर्फ नरेंद्र मोदी सरकार ने नहीं लगाया। अगर नरेंद्र मोदी सरकार ने अंदाज़ा लगाया होता, तो जो हमें 40% सस्ता तेल मिल रहा था, हमारे पास भी 9 महीने का ऑइल और गैस रिज़र्व होता। सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी सरकार की घुटना टेक विदेश नीति, कॉम्प्रोमाइज़्ड विदेश नीति, कृषि के लिए कॉम्प्रोमाइज़ नीति कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G60,850 views • 4 months ago


