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@movohra • 10,868 subscribers
हम जियेंगे और मरेंगे ए वतन तेरे लिए 🇮🇳 🇮🇳
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'सबका साथ और सबका विनाश, ना पढूँगा और ना किसी को पढ़ने दूँगा'— ये मोदी जी के नारे हो गए हैं आज। 2024 का जब NEET का एग्जाम हुआ, अंजना जी के साथ तमाम शो किए, मैं पेटीशनर था सुप्रीम कोर्ट में। सरेआम पेपर आउट हुआ, सरेआम एग्जाम सेंटर्स जो बीजेपी वालों के थे, वो हाइजैक हुए। वही एपीसेंटर उस समय पर थे— बहादुरगढ़ हो, सीकर हो, तमाम जगह, झज्जर हो। वही NTA का चेयरमैन 2024 में था और वही NTA का चेयरमैन आज भी बैठा हुआ है। किसकी परमिशन से बैठा हुआ है? वो धर्मेंद्र प्रधान एक शब्द नहीं बोलता है, वही 2024 में मंत्री था, वही आज मंत्री है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन पहले लताड़ लगाई इनको कि 7 मेंबर की कमिटी हमने बना कर दी थी, आपने एक भी रिकमेंडेशन उसकी क्यों नहीं माँगी? आज राजनीति नहीं होनी चाहिए? क्योंकि फँस के खड़े हो गए हैं। अरे, माफ़िया पूरे गिरोह भाजपा के और RSS के लोग हैं। तमाम लोग हैं इसीलिए जाँच नहीं होती है। 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल नहीं हुई इनसे। आज एक काम होता है, NEET का पेपर हुआ नहीं, उसके बाद CBSE का हो गया, फिर वो UG वाला हो गया, फिर तीसरा हो गया, फिर SSC का हो गया। कारण क्या है कि एजुकेशन सिस्टम को इन्होंने पूरी तरह से जो इनएफिशिएंट लोग हैं, नॉन-कैपेबल लोग हैं— केवल RSS और बीजेपी की बैकिंग होनी चाहिए, अंधभक्त होने चाहिए— और कोई सवाल उठाए तो उसको पाकिस्तानी कह दो, उसको देशद्रोही कह दो, उसको जॉर्ज सोरोस का एजेंट कह दो, उसको डीप स्टेट कह दो। अरे, तुमसे वेबसाइट हैक हो रही हैं, पेमेंट के मॉडल नहीं खुल रहे हैं, CBSE जैसी संस्थान का भट्टा बैठा दिया। UPSC में एक चेयरमैन आए थे। 1 साल पहले 15 दिन में रिज़ाइन देकर भाग गए। SSC हो, UPSC हो, सबका पूरा इन्होंने पूरी तरह से बेड़ा गर्क कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान को क्यों नहीं हटाते? NTA के ऊपर बुलडोज़र कब चलेगा? किसी के ऊपर भी बुलडोज़र चल जाता है, NTA की बिल्डिंग के ऊपर आज तक बुलडोज़र क्यों नहीं चला? मैं फिर कहूँगा कि आज जो मुद्दा है, वो पूरी तरह से शिक्षा को जिस तरह से पहले भगवाकरण किया और आज भाजपा और RSS के इन इनकैपेबल लोगों को पूरी तरह से सरेंडर कर दिया। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma जी 🔥
M G61,295 次观看 • 2 天前

हालत खराब है देश की। अब आपके कुछ मीडिया के साथी जो हैं, वो दो-दो घंटे मेलोडी पे शो कर रहे हैं आप लोग और 'मेक इन इंडिया' की बात करते हैं फिर। कहाँ जाके रोकोगे? 2047 में? आईएमएफ इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने हमारे आंकड़ों को सी कैटेगरी में रखा है। क्योंकि सारा दिन बैठके आंकड़ों की बाज़ीगरी करते हैं ये लोग। अरे भाई, आंकड़े बहुत अच्छे दिखाते हैं, फिर 80 करोड़ लोगों को राशन देने की ज़रुरत है, रुपया कंट्रोल में नहीं है, बेरोज़गारी चरम पर है, महंगाई चरम पर है, बैलेंस ऑफ़ पेमेंट नेगेटिव चला जा रहा है, इम्पोर्ट बढ़ता चला जा रहा है। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma
M G22,432 次观看 • 4 天前

मैं अन्ना आंदोलन के टाइम हिंदुस्तान में नहीं था। मैं (Cannes festival) देखने के लिए गया था। वहाँ पर अन्ना का मोबाइल पे फ़ोन आया। तब उनका दिल्ली वाला जो अनशन था, तो वो ख़त्म हुआ था। और अन्ना, रेहान के हॉस्पिटल से मेधा पाटकर की मदद लेकर भाग गए थे और रालेगण पहुँचे थे। क्योंकि केजरीवाल चाहते थे वो शहीद हो जाएँ यहीं पे। और अन्ना डर गए थे। तो उन्होंने ये सोचकर मुझे बुलाया कि उनको कोर कमेटी को भंग करना है। अन्ना का प्रॉब्लम क्या था? कि धन का बरसात हो रही थी इनके ऊपर, केजरीवाल, अन्ना इन लोगों पे, देश की। आरएसएस को पॉलिटिकल पावर से मतलब था। इनके एनजीओस (NGOs) थे, केजरीवाल और बेदी मैडम के, तो वो एनजीओस के एफसीआरए (FCRA) थे। कांग्रेस चाहती तो देशद्रोह के मुक़दमे लगा सकती थी, लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया ये। शीला दीक्षित जैसी बेहतरीन मुख्यमंत्री दिल्ली को नहीं मिली आज तक। ये स्थिति थी, कांग्रेस इतना दुर्बल हो चुकी थी कि शीला जी जैसी मुख्यमंत्री होने के बाद यहाँ एफआईआर नहीं लेते थे अरविंद के ख़िलाफ़? तो यानी सरकारी अधिकारी अंदर से संघी ही थे, जो अभी तो पूरी ओपनली काम कर रहे हैं, दिल्ली पुलिस जिस तरह से, वैसे वो उस टाइम भी कर रही थी, आरएसएस की हुकुम वही सर-आँखों पे थी। लेकिन इससे मैं पहले जानता नहीं था ये सब। जब मैं वापस आया और अन्ना के पास गया, तो अन्ना से बात की। तो अन्ना को अपॉर्चुनिज्म (opportunism) ज़्यादा इम्पोर्टेंट था, उसमें पैसे दिख रहे थे अन्ना को शायद, कि बटवारा ठीक से नहीं हो रहा था, केजरीवाल की तरफ़ से। क्योंकि 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम की, जैसे आरएसएस है वही स्ट्रेटेजी थी केजरीवाल की। 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम की कोई संस्था ही नहीं थी कागज़ पे। वरिष्ठ पत्रकार Raju Parulekar जी
M G51,368 次观看 • 18 天前

मोदीजी तो मेलोडी मेलोडी खेल रहे है तो चुनौतियां कहाँ है ? देश प्रेमी वो व्यक्ति होता है जो …………………….. 👊🏽👊🏽👊🏽👊🏽👊🏽 देश प्रेम और देश भक्ति मे क्या फ़र्क़ है वो बीजेपी वालों को पता ही नहीं है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ क्या कर रहा है पूरा देश देख रहा है। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma जी 👊🏽
M G31,614 次观看 • 17 天前

प्रॉब्लम्स बहुत सारी हैं और विपक्ष के पेट में दर्द नहीं है, पूरे देश के पेट में दर्द कर रखा है। केवल अंधभक्तों को दिखाई नहीं देता है। 144 महीने हो गए इस सरकार को। 144 महीनों में से 140 महीने, केवल 4 महीनों को छोड़ दीजिए, तो बैलेंस ऑफ़ पेमेंट नेगेटिव है। जिस मोदी सरकार ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार भर दिए हमने, उसका 144 में से 140 महीने बैलेंस ऑफ़ पेमेंट नेगेटिव है। इसलिए पूरा देश पूछना चाहता है कि भाइयों, बहनों, मित्रों... अच्छे दिन! अच्छे दिन! दिक्कत ये है कि मोदी जी को ये पूरा ब्रह्मज्ञान प्राप्त हुआ जब पूरा देश आर्थिक संकट में झोंक दिया। अभी तक उनको 2.5-3 महीने से जब से युद्ध चल रहा था, उनको कुछ समझ नहीं आ रहा था। राहुल गांधी जी ने जो कहा, वो उनको समझ नहीं आया था क्योंकि वो ब्रह्मज्ञानी हैं, वो तो इंसान हैं ही नहीं, वो तो परमात्मा से पता नहीं क्या-क्या वो कहते रहते हैं। अभी सुधांशु भाई ने कहा कि वहां 2% बढ़ गया, वहां 10%, वहां 20% और भारत में कुछ बढ़ा ही नहीं। ₹1060 कमर्शियल गैस के बढ़ा दिए। एक अगर 1 जनवरी से अगर देखें तो दुगने दाम हो गए। ₹1518 से लेकर वो ₹3100 पर चले गए। इनको इनको percentage calculate करने नहीं आये। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma
M G36,743 次观看 • 28 天前

भारत का स्टैंड दुनिया में कुछ है ही नहीं, न बाएँ है न दाएँ है भारत का स्टैंड तो यह आ रहा है कि जब नरेंद्र मोदी इज़राइल गए, उसके 2 दिन बाद इज़राइल ने ईरान पर हमला कर दिया। भारत के स्टैंड पर यह शर्मनाक स्थिति आ रही है कि हमारा ख़ुफ़िया तंत्र और विदेश नीति बर्बाद हो गई। नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा यह साबित कर रही है कि प्रधानमंत्री बेसुध हैं। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G93,026 次观看 • 3 个月前

*⬆️गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता और गुजरात राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री* *"श्री शंकरसिंह जी वाघेला" ने खुद कैमरे पर स्विकार किया कि गोधरा और गुजरात के दंगों में भाजपा शामिल थी, और गोधरा के ट्रेन कोच को बाहर से गरीब गुजराती मुसलमानों ने नहीं बल्कि कोच के भीतर से संघी बीजेपी के लोगों ने जलाया था क्योंकि वे हिंदू मुस्लिम दंगे कराना चाहते थे और इसके बिना बीजेपी गुजरात में सत्ता में नहीं आ सकती थी.* 😢😢🥵🥵🥵 इतिहास गवाह हैं सत्ता के लिये कुछ भी कर सकता है
M G609,496 次观看 • 2 年前

पिछले डेढ़ साल से जब ईरान के ऊपर पहले इज़राइल ने अटैक किया था, उसी समय से चीन ने अंदाज़ा लगा लिया था, 9 महीने का अपना ऑइल रिज़र्व कर लिया है। ये सिर्फ नरेंद्र मोदी सरकार ने नहीं लगाया। अगर नरेंद्र मोदी सरकार ने अंदाज़ा लगाया होता, तो जो हमें 40% सस्ता तेल मिल रहा था, हमारे पास भी 9 महीने का ऑइल और गैस रिज़र्व होता। सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी सरकार की घुटना टेक विदेश नीति, कॉम्प्रोमाइज़्ड विदेश नीति, कृषि के लिए कॉम्प्रोमाइज़ नीति कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Surendra Rajput जी
M G44,959 次观看 • 2 个月前