
Rreena N Singh
@mreenasingh • 16,167 subscribers
Advocate Supreme Court, Solicitor UK
Videos

आज सबसे ज़्यादा शोषित गरीब सवर्ण युवा है #UGC #Reservation
Rreena N Singh63,176 görüntüleme • 7 ay önce

हिंदुत्व के गौरव, महाराणा संग्राम सिंह पर अपमाजनक टिपण्णी करने के लिए सपा सांसद रामजीलाल सुमन के विरुद्ध मेरे और Kaushal Kishor Thakur Ji 🇮🇳 जी द्वारा मथुरा न्यायालय मे स्पेशल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है, वीर भोग्या वसुंधरा #राजपूत #RanaSanga
Rreena N Singh102,281 görüntüleme • 1 yıl önce

एक होड़ लगी है राजपूतों का अपमान करने की, सब कहलाना तो राजपूत चाहते हैँ, लेकिन आरक्षण भी चाहिए, आज आप राजपूतों के विरुद्ध षड्यंत्रों का समर्थन कर रहे हैं या चुप बैठे हैं तो याद रखिए, यह हमला केवल एक समुदाय पर नहीं बल्कि पूरे सनातन धर्म और भारत की सांस्कृतिक अखंडता पर है।इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज ने राजपूतों को कमजोर किया,तब-तब देश का विघटन हुआ है,यह लड़ाई सिर्फ एक जाति की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र और उसकी अस्मिता की है,इसलिए राजपूतों के गौरव, उनकी परंपराओं और उनके बलिदानों का सम्मान कीजिए 🚩 जय जय श्री राम! 🚩 #Hindus #Rajput #kshatriya #SanatanDharma #Bharat
Reena N Singh52,922 görüntüleme • 1 yıl önce

यूजीसी के जिन नियमों पर आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगाई है, वे वास्तव में जातिगत आरक्षण को और ज़्यादा बढ़ाने का प्रयास थे। इससे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी जातिवाद की आग में झोंकने की कोशिश की गई।इसका सबसे ज़्यादा नुकसान सवर्ण समाज के गरीब लोगों को हो रहा है, जो पहले से ही आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं।आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। लाभ सबसे पहले उसी को मिलना चाहिए जो वास्तव में सबसे ज़्यादा गरीब और ज़रूरतमंद हो। #यूजीसी #आरक्षण
Rreena N Singh14,881 görüntüleme • 7 ay önce

आरक्षण का पहला और वास्तविक अधिकार उसी को मिलना चाहिए जो वास्तव में गरीब, वंचित और ज़रूरतमंद है न कि उसे जो पहले से ही संपन्न, प्रभावशाली और संसाधनों से युक्त है।यह लड़ाई आसान नहीं है। यह संघर्ष लंबा है और कठिन भी। हमारे सामने कई लोग विपक्ष के रूप में खड़े हैं, जो यथास्थिति बनाए रखना चाहते हैं। परंतु हमें पूर्ण विश्वास है कि हम इस ऐतिहासिक संघर्ष में पीछे नहीं हटेंगे।आज 150 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में सरकार को 85 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह आंकड़ा स्वयं इस बात का प्रमाण है कि देश में गरीबी कितनी गहरी और व्यापक है। जब इतनी बड़ी आबादी आज भी बुनियादी आवश्यकताओं पर निर्भर है, तब आरक्षण जैसी नीतियों का उद्देश्य केवल जाति नहीं, बल्कि गरीबी, भूख और असमानता का उन्मूलन होना चाहिए। हमारी लड़ाई उन लोगों के लिए है जो पंक्ति में सबसे अंत में खड़े हैं, जो आज भी अवसर से वंचित हैं, जो वास्तव में गरीब, लाचार और ज़रूरतमंद हैं। गरीबी को मिटाने की यह लड़ाई केवल नीति परिवर्तन की नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवीय गरिमा की लड़ाई है। यह संघर्ष इतिहास में एक निर्णायक मोड़ सिद्ध होगा। संघर्ष जारी रहेगा। संकल्प अडिग है। और न्याय तक यह यात्रा नहीं रुकेगी। #न्याय #गरीबी #supremecourtofindia #आरक्षण #जातिगतआरक्षण
Reena N Singh14,228 görüntüleme • 7 ay önce

जिस देश का बटवारा धर्म के नाम पर हुआ वहां जाति के नाम पर बार बार क्यों बाँटा जा रहा है?? क्या भारत में लोकतंत्र धीरे-धीरे सिर्फ़ काग़ज़ों में सिमट कर रह जाएगा ?क्या जनता की आवाज़ अब कोई नहीं सुनेगा?? और सबसे बड़ा प्रश्न की देश की विपक्षी पार्टियाँ कहाँ हैं? क्या उनका काम केवल चुनावी बयान देना रह गया है, क्यों हमारा लोकतंत्र विपक्ष विहीन बनता जा रहा है?आज UGC की तथाकथित “Equity Conditions” के नाम पर देश के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है, यदि आज हम चुप रहे, तो कल हमारी शिक्षा, हमारी मेहनत और हमारा आत्मसम्मान सब अर्थहीन कर दिए जाएंगे।मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करती हूँ की अपने क्षेत्र के MLA और MP के दरवाज़े पर जाएँ, उनसे सीधा सवाल करें की हमारे बच्चों का भविष्य किसके हाथों गिरवी रखा जा रहा है? क्यों अब कॉलेज यूनिवर्सिटी में भी जातिवाद का जहर घोला जा रहा है? सरकार तुरंत UGC की ये “Equity Conditions” वापिस ले ताकि देश के भविष्य को बचाया जा सके #UGCEquity
Rreena N Singh13,514 görüntüleme • 7 ay önce

अगर कोई आम आदमी मंच से जाति की बात करे तो उसे तुरंत जातिवादी कह दिया जाता है। लेकिन जब कोई नेता यही बात करता है तो उसे वंचित वर्ग का मसीहा बना दिया जाता है, जब औरों को अपनी जाति के लिए बोलने का हक है, तो हम क्षत्रिय समाज क्यों चुप रहे?आज ज़रूरत है कि क्षत्रिय समाज के नेता सबसे पहले अपने समाज के वोट को एकजुट करें। हमें देखना होगा कि विधानसभा से लेकर लोकसभा तक हमारे जनप्रतिनिधियों की संख्या का ग्राफ हर चुनाव में गिरता जा रहा है। अगर ठाकुर समाज की वोट बैंक कमज़ोर हो जाएगी तो ठाकुर नेताओं को वोट देगा कौन? क्या दूसरी जातियाँ आकर हमारे नेताओं को जिताएँगी? बिल्कुल नहीं!इसलिए अब समय आ गया है कि क्षत्रिय समाज अपनी ताक़त पहचाने, अपनी वोट शक्ति को मज़बूत करे और यह संदेश दे कि बिना ठाकुरों के समर्थन के कोई भी सत्ता की सीढ़ी पर नहीं चढ़ सकता। बिहार चुनाव में क्षत्रिय नेताओं को इस कड़वी सच्चाई पर गंभीरता से गौर करना होगा वरना आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ़ नहीं करेंगी। #BiharElections2025 #क्षत्रिय #thakur #चुनाव #विधानसभा #लोकसभा
Rreena N Singh18,932 görüntüleme • 1 yıl önce

बाकी लोग अपने जाति की बात करें तो ठीक, क्षत्रिय करें तो वो जातिवादी है #kshatriya #Rajput
Rreena N Singh25,672 görüntüleme • 2 yıl önce

क्षत्रिय मजबूत तो देश मजबूत, देश के लिए क्षत्रियों द्वारा किये गए बलिदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए न की क्षत्रियो के इतिहास को खंडित किया जाए,जातिगत आरक्षण क्षत्रिय को बर्बाद कर रहा है ,समान नागरिक संहिता में जातिगत आरक्षण भी खत्म होना चाहिए Yogi Adityanath Mrityunjay Kumar
Reena N Singh22,184 görüntüleme • 3 yıl önce
Daha fazla içerik yok.