
Reena N Singh
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संसद में पास वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिका कोर्ट में स्वीकार ही नहीं होनी चाहिए थी,जिस राजनितिक दल के नेता खुलेआम कहते हैं की "15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, हम अपनी ताकत दिखा देंगे"जो खुद को अल्पसंख्यक कहते हैं लेकिन सरकार के बाद देश के सबसे बड़े ज़मींदार हैं, पाकिस्तान, बांग्लादेश, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, कब तक हिन्दू प्रताड़ित होगा?? #WestBengalViolence #HindusUnderAttack #WaqfAct #SupremeCourt
Reena N Singh67,747 次观看 • 1 年前

एक होड़ लगी है राजपूतों का अपमान करने की, सब कहलाना तो राजपूत चाहते हैँ, लेकिन आरक्षण भी चाहिए, आज आप राजपूतों के विरुद्ध षड्यंत्रों का समर्थन कर रहे हैं या चुप बैठे हैं तो याद रखिए, यह हमला केवल एक समुदाय पर नहीं बल्कि पूरे सनातन धर्म और भारत की सांस्कृतिक अखंडता पर है।इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज ने राजपूतों को कमजोर किया,तब-तब देश का विघटन हुआ है,यह लड़ाई सिर्फ एक जाति की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र और उसकी अस्मिता की है,इसलिए राजपूतों के गौरव, उनकी परंपराओं और उनके बलिदानों का सम्मान कीजिए 🚩 जय जय श्री राम! 🚩 #Hindus #Rajput #kshatriya #SanatanDharma #Bharat
Reena N Singh52,901 次观看 • 1 年前

यूजीसी के जिन नियमों पर आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगाई है, वे वास्तव में जातिगत आरक्षण को और ज़्यादा बढ़ाने का प्रयास थे। इससे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी जातिवाद की आग में झोंकने की कोशिश की गई।इसका सबसे ज़्यादा नुकसान सवर्ण समाज के गरीब लोगों को हो रहा है, जो पहले से ही आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं।आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। लाभ सबसे पहले उसी को मिलना चाहिए जो वास्तव में सबसे ज़्यादा गरीब और ज़रूरतमंद हो। #यूजीसी #आरक्षण
Reena N Singh14,855 次观看 • 4 个月前

आरक्षण का पहला और वास्तविक अधिकार उसी को मिलना चाहिए जो वास्तव में गरीब, वंचित और ज़रूरतमंद है न कि उसे जो पहले से ही संपन्न, प्रभावशाली और संसाधनों से युक्त है।यह लड़ाई आसान नहीं है। यह संघर्ष लंबा है और कठिन भी। हमारे सामने कई लोग विपक्ष के रूप में खड़े हैं, जो यथास्थिति बनाए रखना चाहते हैं। परंतु हमें पूर्ण विश्वास है कि हम इस ऐतिहासिक संघर्ष में पीछे नहीं हटेंगे।आज 150 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में सरकार को 85 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह आंकड़ा स्वयं इस बात का प्रमाण है कि देश में गरीबी कितनी गहरी और व्यापक है। जब इतनी बड़ी आबादी आज भी बुनियादी आवश्यकताओं पर निर्भर है, तब आरक्षण जैसी नीतियों का उद्देश्य केवल जाति नहीं, बल्कि गरीबी, भूख और असमानता का उन्मूलन होना चाहिए। हमारी लड़ाई उन लोगों के लिए है जो पंक्ति में सबसे अंत में खड़े हैं, जो आज भी अवसर से वंचित हैं, जो वास्तव में गरीब, लाचार और ज़रूरतमंद हैं। गरीबी को मिटाने की यह लड़ाई केवल नीति परिवर्तन की नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवीय गरिमा की लड़ाई है। यह संघर्ष इतिहास में एक निर्णायक मोड़ सिद्ध होगा। संघर्ष जारी रहेगा। संकल्प अडिग है। और न्याय तक यह यात्रा नहीं रुकेगी। #न्याय #गरीबी #supremecourtofindia #आरक्षण #जातिगतआरक्षण
Reena N Singh14,228 次观看 • 4 个月前

अगर कोई आम आदमी मंच से जाति की बात करे तो उसे तुरंत जातिवादी कह दिया जाता है। लेकिन जब कोई नेता यही बात करता है तो उसे वंचित वर्ग का मसीहा बना दिया जाता है, जब औरों को अपनी जाति के लिए बोलने का हक है, तो हम क्षत्रिय समाज क्यों चुप रहे?आज ज़रूरत है कि क्षत्रिय समाज के नेता सबसे पहले अपने समाज के वोट को एकजुट करें। हमें देखना होगा कि विधानसभा से लेकर लोकसभा तक हमारे जनप्रतिनिधियों की संख्या का ग्राफ हर चुनाव में गिरता जा रहा है। अगर ठाकुर समाज की वोट बैंक कमज़ोर हो जाएगी तो ठाकुर नेताओं को वोट देगा कौन? क्या दूसरी जातियाँ आकर हमारे नेताओं को जिताएँगी? बिल्कुल नहीं!इसलिए अब समय आ गया है कि क्षत्रिय समाज अपनी ताक़त पहचाने, अपनी वोट शक्ति को मज़बूत करे और यह संदेश दे कि बिना ठाकुरों के समर्थन के कोई भी सत्ता की सीढ़ी पर नहीं चढ़ सकता। बिहार चुनाव में क्षत्रिय नेताओं को इस कड़वी सच्चाई पर गंभीरता से गौर करना होगा वरना आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ़ नहीं करेंगी। #BiharElections2025 #क्षत्रिय #thakur #चुनाव #विधानसभा #लोकसभा
Reena N Singh18,288 次观看 • 8 个月前

क्षत्रिय मजबूत तो देश मजबूत, देश के लिए क्षत्रियों द्वारा किये गए बलिदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए न की क्षत्रियो के इतिहास को खंडित किया जाए,जातिगत आरक्षण क्षत्रिय को बर्बाद कर रहा है ,समान नागरिक संहिता में जातिगत आरक्षण भी खत्म होना चाहिए Yogi Adityanath Mrityunjay Kumar
Reena N Singh22,184 次观看 • 2 年前
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