
Er. Firoz Naik Mirza
@MrFirozKhan • 1,666 subscribers
NGO Chairman | Editor-in-Chief @ The Media of India | Social Media Activist | Serving Society & Truth | Dreaming of The Camford University | RTs ≠ Endorsements
Shorts
Videos
1:56
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

A Heartbreaking Reality! 💔 Although this video is from a while back, the horrific ground reality in Eastern DRC hasn't changed at all. The brutal torture and cruelty that innocent mothers and sisters are subjected to every single day is beyond heartbreaking. The Pain They Endure: Public Humiliation: Women and mothers are publicly dragged, beaten, and degraded in the most inhumane ways. Loss of Innocent Lives: They are ruthlessly targeted and killed for no fault of their own. A Continuous Nightmare: Countless families have been forced out of their homes, living without basic shelter, food, or safety. Imagine the agony of watching your loved ones suffer like this while the world stays silent. How long will humanity turn a blind eye? Speak up before it's too late! 🙏 #DRC #HumanRights #StopViolence #StandWithWomen #JusticeForDRC #HumanityFirst #viralvídeo
Er. Firoz Naik Mirza212,509 次观看 • 1 个月前

नेपाल हिंसा: नेपाल के सिराहा इत्यादि जगहों में चुन-चुन कर मुस्लिमों पर अटैक किया जा रहा है, उनके घरों, दुकानों और मस्जिदों को आग के हवाले किए जा रहे हैं, मीनारों पर भगवा झंडा लगाया जा रहा है, कुरआन को जलाया जा रहा है। इंडिया जैसी हालत पैदा हो गई है। आख़िर इन दंगाइयों को कौन ऑपरेट कर रहा है नेपाल सरकार को तत्काल जांच करनी चाहिए। #Nepal #BalenShah #NepalCommunalViolence #Hindu #Muslim
Er. Firoz Naik Mirza158,909 次观看 • 1 个月前

"मेरे जैसा व्यक्ति, जो एक यूनिवर्सिटी का फाउंडर है, एक ऐसा मेडिकल कॉलेज बनाया है... आप देखेंगे तो राष्ट्रपति भवन शायद अच्छा न लगे। जहाँ बच्चे पढ़ेंगे... जहाँ प्रधानमंत्री जी बैठे हैं, उस जैसा हो। तकरीबन 500 एकड़ ज़मीन पर एशिया का लगभग सबसे खूबसूरत विश्वविद्यालय है। और यह मैंने इस तरह बनाया है मान्यवर... हाथ और दामन फैलाकर। मेरे बच्चों के चार CBSE बोर्ड के स्कूल चलते हैं। ₹300-₹350 की फीस लेता हूँ। जिनके माँ-बाप नहीं हैं, उन्हें मुफ्त पढ़ाता हूँ, उन्हें ड्रेस मुफ्त देता हूँ, उन्हें किताबें मुफ्त देता हूँ। सड़क पर पत्थर तोड़ने वाला, रिक्शा चलाने वाला, मजदूरी करने वाले का बच्चा और बच्ची पढ़ता है तो मात्र ₹20 दिए जाते हैं। लेकिन मेरे जैसे व्यक्ति के साथ जो बर्ताव हुआ, उसने आज़ादी की सांसों को बहुत कम कर दिया है। और मैं यह कहना चाहता हूँ... सदन के उन तमाम साथियों से और उत्तर प्रदेश के जो जीतकर आए हैं, वो मुझसे व्यक्तिगत तौर पर वाकिफ हैं। और मैं इस सदन में कहना चाहता हूँ कि मेरे पूरे राजनीतिक जीवन में... अगर सूई की नोक के बराबर भी कहीं बेईमानी, रिश्वत और कोई भ्रष्टाचार या व्यक्तिगत रूप से किसी के साथ कोई ज़्यादती की गई हो... सरकारी कलम के साथ हो... तो मैं अभी इसी सदन को छोड़ने के लिए एलान करूँगा।" #AzamKhan #MohammadAliJauharUniversity #UttarPradesh #Rampur
Er. Firoz Naik Mirza181,465 次观看 • 2 个月前
0:32
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

मध्य प्रदेश के मंदसौर का मामला है जिसमें ससुराल पक्ष ने 2 महीने की प्रेग्नेंट महिला को इतना मारा पीटा कि उसकी याददाश्त ही चली गई। महिला का दिमागी संतुलन बिगड़ गया और अजीब हरकतें करने लगीं। घरवालों का कहना है कि सिर्फ़ हमारी बेटी को दहेज के चंद रुपयों और सामान के लालच के चक्कर में पीटा और टॉर्चर किया गया। जिस बेटी को "माता-पिता" ने प्यार से विदा किया था। आज वो इस हाल में ज़िंदगी और मौत से जूझ रही हैं। परिजन न्याय की उम्मीद लेकर ताल थाने पहुँचे हैं। आखिर कब तक बेटियां दहेज और लालच के लिए अपनी जान देकर कीमत चुकाती रहेंगी? Chief Minister, MP Dr Mohan Yadav Madhya Pradesh Police #MadhyaPradesh #Dowry #Mandsaur #viral #दहेज़
Er. Firoz Naik Mirza86,771 次观看 • 1 个月前
0:30
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

⚠️ Sensitive Content ‼️ उत्तर प्रदेश के बहराइच के ग्राम पंचायत रोलिया में मगरमच्छ के हमले में 12 वर्षीय सुनील की मौत के बाद सामने आई तस्वीर ने हर किसी को भावुक कर दिया। पोस्टमॉर्टम के दौरान बच्चे के चाचा विजयराज सिंह अपने भतीजे के निर्जीव शरीर को गोद में उठाकर मॉर्चुरी के भीतर ले गए। चाचा ने बताया कि हमले के दौरान उन्होंने करीब सात मिनट तक सुनील का हाथ पकड़कर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ उसे गहरे पानी में खींच ले गया। ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। करीब पांच घंटे तक चले खोज अभियान के बाद बच्चे का शव बरामद हुआ। जिसमें खरोच आई हुई है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार और इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के अनुसार, प्रशासन की मौजूदगी में मगरमच्छ का पेट चीरकर उसके अंदर से बच्चे के शव निकाले गए। हालांकि, इस दावे की प्रशासन या वन विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया में दोनों मगरमच्छ का वीडियो वायरल हो रहा है। इसलिए दोनों पोस्ट में जोड़ा हूं। अब दोनों में से सही कौनसा है या दोनों अलग वीडियो है इसकी पुष्टि नहीं है। #UttarPradesh #Bahraich #Raulia #SensitiveContent #Viral
Er. Firoz Naik Mirza110,571 次观看 • 2 个月前
0:29
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

हिजाब पहने यह मुस्लिम लड़की एक्सरसाइज कर रही है और ट्रेनर उसे सहारा देने के लिए उसके बिल्कुल पीछे खड़ा है। इस दौरान दोनों के शरीर पूरी तरह एक-दूसरे से सटे हुए हैं। आख़िर यह कौन-सी एक्सरसाइज है? मैं भी 15 सालों से जिम कर रहा हूं लेकिन हमने तो यह सब बकैती नहीं किया। जिससे कि समाज में गलत इम्पैक्ट पड़े। जिम में अक्सर देखा जाता है कि कुछ ट्रेनर ट्रेनिंग के नाम पर लड़कियों से एक्सरसाइज करवाते समय उनके बेहद करीब रहते हैं। और लड़कियों को भी इससे कोई आपत्ति होती नहीं होती है। लेकिन हमें परवरिश की पहचान जरूर दिखती है। जिम कल्चर समाज को बर्बाद कर रहा है। लोग बेशर्म होते जा रहे हैं। लानत हो ऐसे लोगों पर। #Gym #Exercise #GymTrainer #workout #muslim #viral
Er. Firoz Naik Mirza82,501 次观看 • 1 个月前

बिहार: छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज (Chhapra Engineering College) के गर्ल्स हॉस्टल से बेहद गंभीर और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। छात्राओं का आरोप है कि शाम 7 बजे हॉस्टल के दरवाजे बंद हो जाने के बाद, प्रिंसिपल का ड्राइवर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर जबरन हॉस्टल परिसर में प्रवेश करता है। जब छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर और इस अवांछित प्रवेश का विरोध किया, तो उन्हें झूठे मामलों और मुकदमों में फंसाने की धमकियाँ दी जाने लगीं। छात्रा की अनुपस्थिति में और बिना किसी पूर्व सूचना के उसके कमरे का ताला तोड़ना, सामान बाहर फेंकना और जबरन दूसरे छात्रों को शिफ्ट कर देना प्रशासनिक तानाशाही को दर्शाता है। उच्च शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा के कड़े इंतजामों का दावा किया जाता है, लेकिन हॉस्टल के भीतर इस प्रकार की घुसपैठ और धमकी भरे माहौल ने छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। संस्थागत पदों की आड़ में इस प्रकार के दुर्व्यवहार और धमकियों के आरोपों ने प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। #bihar #chhapra #chhapraengineeringcollege #governmentengineeringcollegechhapra #viral #viralreelschallenge
Er. Firoz Naik Mirza60,156 次观看 • 1 个月前

"प्रिंसिपल बोले जिंदगी बर्बाद हो जाएगा तुमलोगों का" बिहार: दरभंगा जिले के नूर नगर, जीवछ घाट स्थित फ़ख़रुद्दीन अली अहमद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में छात्राओं द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि वाइवा (Viva) के नाम पर ₹5,000 और फ़ॉर्म के नाम पर मनमानी राशि वसूली जा रही है, वह भी बिना किसी रसीद के! #FakhruddinAliTeachersTrainingCollege #Darbhanga #Bihar #BEd #DElEd #viral
Er. Firoz Naik Mirza20,732 次观看 • 1 个月前

Urgent Help 📢‼️ हैदराबाद की शबनम बेगम को नौकरी का झांसा देकर ओमान ले जाने का आरोप, विदेश मंत्रालय से मदद की अपील हैदराबाद के पहाड़ी शरीफ की रहने वाली शबनम बेगम के परिवार ने दावा किया है कि एक स्थानीय एजेंट ने उन्हें मस्कट (ओमान) में हाउसमेड की नौकरी और 200 ओमानी रियाल महीना सैलरी का वादा करके भेजा था। परिवार के मुताबिक, 26 मार्च 2026 को ओमान पहुंचने के बाद शबनम बेगम से अलग-अलग घरों में 12–15 घंटे तक काम कराया गया, उन्हें न तो सही खाना और रहने की सहूलियत दी गई और न ही चार महीने तक कोई सैलरी दी गई। परिवार का आरोप है कि लगातार ज़ुल्म और बदसलूकी से तंग आकर शबनम बेगम वहां से निकलने में कामयाब रहीं और इस वक्त भारतीय दूतावास, मस्कट में मौजूद हैं, जहां उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। शबनम बेगम के शौहर मोहम्मद चांद ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से अपील की है कि उनकी पत्नी की महफ़ूज़ वतन वापसी सुनिश्चित की जाए और कथित तौर पर झूठे वादों के ज़रिए उन्हें भेजने वाले एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नोट: यह जानकारी परिवार की शिकायत और सोशल मीडिया पर साझा की गई अपील के आधार पर है। Dr. S. Jaishankar India in Oman (Embassy of India, Muscat) #Oman #India #Help #ShabnamBugum #Muscat #Hyderabad #MEAIndia
Er. Firoz Naik Mirza18,824 次观看 • 2 个月前

🇮🇳 इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ भारत की बेटी का नाम! कन्याकुमारी से कश्मीर तक की 4,167 किलोमीटर की बेहद कठिन और ऐतिहासिक दौड़ पूरी कर भारत की मशहूर अल्ट्रा-मैराथन धाविका सूफिया सूफी ने इतिहास रच दिया है! 🏃♀️ उन्होंने यह दूरी महज़ 68 दिन और 23 घंटे में पूरी कर अपने नाम छठा (6th) Guinness World Record भी दर्ज करा लिया है! श्रीनगर में फिनिश लाइन पार करते ही उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े, एक ऐसा भावुक पल जिसने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया! लेकिन यह फिनिश लाइन नहीं, नई शुरुआत है! (Next Target Updates) कश्मीर फतह करने के बाद सूफिया सूफी रुकी नहीं हैं, उनका यह सफर अब "Mighty Karakoram" की ओर बढ़ चुका है! Day 77 और 4,500 KM की बड़ी अपडेट: 4,500 KM पूरे: सूफिया अब तक 4,500 किमी की दौड़ पूरी कर चुकी हैं और काराकोरम से महज़ 500 किमी दूर हैं! Day 77 का कारनामा: 77वें दिन उन्होंने पतली हवा और माइनस तापमान में दो ऊंचे पहाड़ी दर्रों (High Passes) को पार करते हुए 56 किमी की दौड़ लगाई। अगला पड़ाव: 30 जुलाई को लेह (Leh) रन और फिर सीधे माइटी काराकोरम! कड़ाके की ठंड, पथरीले रास्ते, पतली होती हवा और शारीरिक थकान जैसी हर चुनौती के आगे उन्होंने अपने बुलंद इरादों को झुकने नहीं दिया। राजस्थान के अजमेर की रहने वाली सूफिया सूफी हम सभी के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं होता! सूफिया सूफी के इस अदम्य जज़्बे और हिम्मत को सलाम! Sufiya Sufi Runner 👏❤️ #SufiyaSufi #KanyakumariToKashmir #KanyakumariToKarakoram #UltraMarathon #GuinnessWorldRecord #RunAcrossIndia #Day77 #MightyKarakoram #IndianRunners #WomenEmpowerment #Inspiration #ProudIndia #Motivation #Rajathan #Ajmer
Er. Firoz Naik Mirza13,381 次观看 • 1 个月前

नई दिल्ली: रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को अवैध घोषित कर गिराने के आदेश का विरोध अब देश की राजधानी तक पहुंच गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP प्रोटेस्ट के बीच छात्रों ने इस कार्रवाई के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। यूनिवर्सिटी तेरे सम्मान में, हम आ गए मैदान में जैसे नारे लगाए गए। क्या है मामला? रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने कैंपस के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए 15 दिन में खुद हटाने का अल्टीमेटम दिया है, ऐसा न करने पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर पर यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और इससे हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने इस आदेश को तुरंत वापस लेने और छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित न करने की मांग की है। #DelhiJantarMantar #Rampur #UttarPradesh #MohammadAliJauharUniversity #cjpprotest
Er. Firoz Naik Mirza13,689 次观看 • 2 个月前
没有更多内容可加载