
Manish Sisodia
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Not sure if I'm a politician, activist, reader, writer, journalist or.. But l'm an Indian. I like Gandhi, because he always moved ahead of his own identity.
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ये GenZ का आंदोलन है - मोदी जी ने लाठी चलाई - लाठी का मीम बना दिया। मोदी जी ने फ़ास्ट कोर्ट का जुमला चलाया - उसका मीम बना दिया। मोदी जी ने इंस्टा वीडियो बनाया - उसका मीम बना दिया। GenZ एक ही बात पर मानेंगे - धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा। इससे कम तो जो भी दोगे - मीम बनाकर उड़ा देंगे।
Manish Sisodia99,000 просмотров • 1 день назад

तीन साल पहले मोदी जी ने संसद में एक कहानी सुनाई थी। आज वही कहानी सुनाकर वो देश के GenZ को बहलाना चाह रहे हैं। पेपर लीक हो जाये तो मोदी जी के क़ानून की कॉपी जेब में रखना… पेपर लीक नहीं होगा। लेकिन क्या करें मोदी जी … ये बच्चे आपकी कहानियों से नहीं बहकने वाले. इन्हें चाहिए - धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा।
Manish Sisodia45,253 просмотров • 1 день назад

जंतर-मंतर से कनॉट प्लेस तक… एक ही नारा- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो - इस्तीफ़ा दो। मोदी जी, आपको शायद गलतफ़हमी हो गई थी कि GenZ आपकी लाठियों की मार से घरों में वापस घुस जाएंगे… लेकिन GenZ किस मूड में है, ये अंदाज़ा लगाना है तो अपने पुलिस वालों से CP और जंतर-मंतर का इस वक़्त का वीडियो मंगा लीजिए।
Manish Sisodia127,530 просмотров • 3 дней назад

कल 20 जुलाई को शिक्षा क्रांति के समर्थन में प्रोटेस्ट मार्च के लिए मैं भी जंतर मंतर पहुँचूँगा...ये मार्च किसी एक व्यक्ति या संगठन के समर्थन में नहीं है। यह देश के बच्चों के भविष्य के समर्थन में मार्च है। यह भारत को शिक्षा माफिया से आज़ाद कराने का मार्च है। अगर आप अपने बच्चों और देश का अच्छा भविष्य चाहते हैं- तो यह आपकी भी लड़ाई है। 20 जुलाई को इस लड़ाई की आवाज़ बनिए।
Manish Sisodia189,679 просмотров • 5 дней назад

पंजाब के स्कूलों में अब AI हर बच्चे के लिए अनिवार्य विषय होगा। आज शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains जी के साथ इस ऐतिहासिक पाठ्यक्रम को लॉन्च करने का अवसर मिला। इसका उद्देश्य केवल बच्चों को AI का उपयोग करना सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें AI के युग में जीने, सोचने और आगे चलकर AI Creator बनने के लिए तैयार करना है। पूरे देश में, यहाँ तक कि CBSE में भी AI अभी तक अनिवार्य विषय नहीं है। जहाँ भी इसकी शुरुआत हुई है, वहाँ इसे वैकल्पिक विषय के रूप में ही पढ़ाया जाता है। पंजाब ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य की दिशा तय करने का साहसिक कदम उठाया है। शिक्षा में क्रांति घोषणाओं से नहीं, मजबूत नींव पर खड़ी दूरदर्शी तैयारी से आती है। पंजाब उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
Manish Sisodia73,623 просмотров • 3 дней назад

हमने सुना था कि मुग़ल तानाशाह सत्ता से सवाल पूछने वालों पर कोड़े बरसाते थे… हमने सुना था कि अंग्रेज़ों की पुलिस देश की आवाज़ दबाने के लिए अपना विरोध दर्ज करा रहे आम लोगों पर लाठियाँ बरसाती थी… पर नरेंद्र मोदी की पुलिस तो आज़ाद भारत की पुलिस है। फिर वह युवाओं की आवाज़ को इतनी बेरहमी से क्यों दबा रही है?
Manish Sisodia67,930 просмотров • 7 дней назад

जंतर मंतर से संसद की ओर जाने वाली हर सड़क पर आज यही नज़ारा है…
Manish Sisodia45,983 просмотров • 4 дней назад

आंख में आंख डालकर कहते हैं, मोदी सरकार निकम्मी है! धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो
Manish Sisodia44,683 просмотров • 4 дней назад

सड़क जब सूनी हो जाती है, तो संसद आवारा हो जाती है। पर आज युवाओं ने बता दिया कि तानाशाही के तमाम हथकंडों और जनता को डराने, दबाने व कुचलने की तमाम कोशिशों के बावजूद युवाओं में हिम्मत बाकी है। वो सड़कों को सूना नहीं होने देंगे, जिसका सीधा मतलब है कि संसद आवारा नहीं होगी।
Manish Sisodia15,994 просмотров • 4 дней назад

आज Jantar Mantar पर सिर्फ़ Paper Leak के ख़िलाफ़ गुस्सा नहीं देखा… एक-दूसरे के लिए खड़ा हुआ भारत भी देखा। भयंकर उमस और गर्मी में पसीने से तर-बतर, एक-दूसरे से सटकर बैठे हज़ारों युवा। और उसी भीड़ में कुछ युवा खुद गर्मी सहते हुए, खड़े होकर हाथ के पंखों से लगातार दूसरों को हवा कर रहे थे। आंदोलन ऐसे ही बनते हैं… जिस पीढ़ी में अपने हक़ के लिए लड़ने का साहस और दूसरों का पसीना सुखाने की संवेदना- दोनों हों, उस पीढ़ी को कोई हरा नहीं सकता।
Manish Sisodia17,009 просмотров • 5 дней назад

बच्चे निकल पड़े हैं सरकार की परीक्षा लेने… अब देखना ये है कि सरकार इस परीक्षा में पास होती है या फेल?
Manish Sisodia104,749 просмотров • 1 месяц назад

आज ज़रूरत एक ऐसे Education System की है जो बच्चों को सिर्फ़ रटाना नहीं, बल्कि सवाल पूछना, सोचना, समझना और ज़िंदगी की चुनौतियों के लिए तैयार करना सिखाए। लेकिन ये बदलाव अपने आप नहीं आएगा। इसके लिए GenZ को एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी। क्योंकि अगर आज हम नहीं बोले, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी इसी पुराने और नाकाम सिस्टम का बोझ उठाती रहेंगी।
Manish Sisodia15,575 просмотров • 8 дней назад